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एस0ओ0 14 दिनांक 16 मार्च 2017
——— vf/klwpuk,a 16 ekpZ 2017 14 दिनांक 16 मार्च 2017—'बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, 2016) की धारा-84 की उप धारा-(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, लोकहित में, पटना उच्च 2016) की धारा-84 की उप धारा-(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, लोकहित में, पटना उच्च 2016) की धारा-84 की उप धारा-(1) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार, लोकहित में, पटना उच्च
और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, 2016) के अंतर्गत सभी न्यायालय के परामर्श से, 'बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, 2016) के अंतर्गत सभी न्यायालय के परामर्श से, 'बिहार मद्यनिषेध अपराधों के प्रयोजनार्थ दायर वादों के विचारण हेतु राज्य के संबंधित सत्र खंड के मुख्यालय में पदस्थापित एवं कार्यरत, अपराधों के प्रयोजनार्थ दायर वादों के विचारण हेतु राज्य के संबंधित सत्र खंड के मुख्यालय में पदस्थापित एवं कार्यरत, अपराधों के प्रयोजनार्थ दायर वादों के विचारण हेतु राज्य के संबंधित सत्र खंड के मुख्यालय में पदस्थापित एवं कार्यरत, वरीयता क्रम में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय को विशेष न्यायालय के रूप में अभिहित करती है; वरीयता क्रम में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय को विशेष न्यायालय के रू प में अभिहित करती है;
जहाँ केवल एक ही अपर सत्र न्यायाधीश पदस्थापित एवं कार्यरत होंगे वहाँ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश का 2. जहाँ केवल एक ही अपर सत्र न्यायाधीश पदस्थापित एवं कार्यरत होंगे वहाँ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश का जहाँ केवल एक ही अपर सत्र न्यायाधीश पदस्थापित एवं कार्यरत होंगे वहाँ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, 2016) के अंतर्गत दायर वादों के न्यायालय, 'बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, 2016) के अंतर्गत दायर वादों के बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016' (बिहार अधिनियम 20, 2016) के अंतर्गत दायर वादों के विचारणार्थ अभिहित विशेष न्यायालय होगा;
ालय होगा;
संबंधित अपर सत्र न्यायाधीश अपने सामान्य कार्यों के अतिरिक्त उपर्युक्त अभिहित विशेष न्यायालय का भी 3. संबंधित अपर सत्र न्यायाधीश अपने सामान्य कार्यों के अतिरिक्त उपर्युक्त अभिहित विशेष न्यायालय का भी संबंधित अपर सत्र न्यायाधीश अपने सामान्य कार्यों के अतिरिक्त उपर्युक्त अभिहित विशेष न्यायालय का भी 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 16 माच(cid:17) 2017 16 ekpZ 2017 एस0ओ0 15, एस0ओ0 14 दिनांक 16 मार्च 2017 का अंगे्रजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार-राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड(3) के अधीन उसका प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
¼la0la0&,0@,DV&3@2016&1365@ts0½
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, lqjsUnz izlkn 'kekZ] सरकार के सचिव।
The 16th March 2017
S.O. 14, dated 16th March 2017—In exercise of the powers conferred by sub-section (1) of section 84 of 'The Bihar Prohibition And Excise Act, 2016' (Bihar Act 20 of 2016) the State Government, in the public interest and in consultation with the High Court of Judicature at Patna, is pleased to designate the Court of Additional Sessions Judge, second in seniority, posted and working in the Headquarters of respective Sessions Division of the State, as Special Court for the purpose of trial of all offences under 'The Bihar Prohibition And Excise Act 2016' (Bihar Act 20 of 2016);
2. Where there is only one Additional Sessions Judge posted and working, the Court of First Additional Sessions Judge will be the Designated Special Court for the trial of the cases filed under the 'The Bihar Prohibition And Excise Act, 2016' (Bihar Act 20 of 2016);
3. The Additional Sessions Judge concerned will discharge the duties of the