(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
ॢबह(cid:4)र गजट
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 1 चै(cid:21) 1939 (श0) सं(cid:8)या 12 पटना, बुधवार, ———————— 22 माच! 2017 (ई0) $वषय-सूची पृ(ठ भाग-1—(cid:1)नयुि-त, पद0थापन, बदल(cid:15), शि-त, छु 4ी और अ7य 8यि-तगत सूचनाएं। 2-2 भाग-1-क—0वयंसेवक गु=म> के समादे(टाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मैB(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Fाओं के पर(cid:15)Fा-फल, काय!Hम, छा(cid:21)वृिIत Jदान, आKद।
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भाग-1-ग—LशFा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Fाफल आKद ---
भाग-2—Mबहार-राOयपाल और काया!PयF> Qवारा (cid:1)नकाले गये $व(cid:1)नयम, आदेश, अRधसूचनाएं और (cid:1)नयम आKद। 3-5 भाग-3—भारत सरकार, पिSचम बंगाल सरकार और उUच 7यायालय के आदेश, अRधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राOय गजट> के उXरण। ---
भाग-4—Mबहार अRध(cid:1)नयम ---
पृ(ठ भाग-5—Mबहार $वधान मंडल म[ पुर:0था$पत $वधेयक, उ-त $वधान मंडल म[ उप0था$पत या उप0था$पत ]कये जानेवाले Jवर सLम(cid:1)तय> के J(cid:1)तवेदन और उ-त $वधान मंडल म[ पुर:0थापन के पूव! JकाLशत $वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अRध(cid:1)नयम िजनपर रा(Bप(cid:1)त क^ Oये(ठ अनुम(cid:1)त Lमल चुक^ है। ---
भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:0था$पत $वधेयक, संसद म[ उप0था$पत Jवर सLम(cid:1)तय> के J(cid:1)तवेदन और संसद म[ उप0था$पत Jवर सLम(cid:1)तय> के J(cid:1)तवेदन और संसद म[ पुर:0थापन के पूव! JकाLशत $वधेयक। ---
भाग-9—$व`ापन
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भाग-9-क—वन $वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—(cid:1)न$वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, 7यायालय सूचनाएं और सव!साधारण सूचनाएं इIयाKद। ---
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पूरक
पूरक-क 6-92 Mबहार गजट, 22 माच! 2017
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०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
15 मार्च 2017
सं॰ 6/सं-1-01/2016-903/(वा॰कर)—बिहार वित्त सेवा के अधोलिखित पदाधिकारियों को वाणिज्य-कर पदाधिकारी (9300-34,800गे्रड पे 5, 400रु॰) के पद पर उनके नाम के सामने कॉलम-5 में अंकित तिथि से सेवा सम्पुष्ट किया जाता हैः-
| क्र॰ सं॰ | पदाधिकारी का नाम | वर्त्तमान पदस्थापन | जन्म तिथि | सम्पुष्टि की तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री सिकन्दर साव | दरभंगा अंचल, दरभंगा। | 05.07.1979 | 20.11.15 |
| 2 | श्री सुकेश कुमार | अन्वेषण ब्यूरो तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर। | 01.03.1984 | 16.12.15 |
| 3 | श्री उमापति नारायण | गेपालगंज अंचल, गोपालगंज। | 02.01.1981 | 22.11.15 |
| 4 | श्री मुकेश कुमार चौधरी | समेकित जॉच चौकी कर्मनाशा। | 19.04.1978 | 29.11.15 |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट(ह॰) अस्पष्ट(ह॰) अस्पष्ट(ह॰) अस्पष्ट, , , , उप-सचिव।
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[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
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ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 1-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?
Website: http://egazette.bih.nic.in
3 Mबहार गजट, 22 माच! 2017भ(cid:2)ग(cid:4)2
ॢबह(cid:2)र(cid:4)र(cid:2)Îयप(cid:2)ल jर क(cid:2)य(cid:2)Z8य¡9 ह(cid:2)र(cid:2) ०नक(cid:2)ल: गय: ॢव०नयम(cid:12) \द:श(cid:12) [०धस३चन(cid:2)e $ jर ०नयम \ॢद?
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सं॰ स्था॰1/वि॰3-72/2016/368
योजना एव ंविकास विभाग
(अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय)
——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प
1 मार्च 2017
योजना एवं विकास विभाग के अन्तर्गत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के अराजपत्रिात कर्मचारियों के नियमित प्रोन्नति एवं बिहार राज्य सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना नियमावली, 2003 तथा रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना 2010 के तहत वित्तीय उन्नयन के लाभ की स्वीकृति, हेतु प्रोन्नति-सह-स्क्रीनिंग समिति का पुर्नगठन निम्न प्रकार किया जाता हैः-
1. प्रधान सचिव/सचिव, योजना एवं विकास विभाग - अध्यक्ष 2. निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय - सदस्य 3. वरीय संयुक्त निदेशक, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय - सदस्य 4. आंतरिक वित्तीय सलाहकार, योजना एवं विकास विभाग - सदस्य 5. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मनोनीत
अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति के पदाधिकारी - सदस्य
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सुरेन्द्र कुमार राम, संयुक्त सचिव।
———
सं॰ 10 नि0 (यो0) 04/2016-2414(नि॰)
i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx
¼i'kqikyu½
——— ladYi
4 अक्तूबर 2016
पशुपालन प्रक्षेत्रा के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों पर तकनीकी परामर्श देनेे हेतु एक तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाता है। इस समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य निम्न प्रकार होंगे। यह समिति अगले आदेश/नये तकनीकी समिति के गठन तक प्रभावी रहेगा।
1. संयुक्त निदेशक (मु0), पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना। - अध्यक्ष 2. निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना। - सदस्य 3. परियोजना निदेशक, बी0एल0डी0ए0, पटना। - सदस्य 4. महाप्रबंधक, केन्द्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्रा, पटना। - सदस्य4 Mबहार गजट, 22 माच! 2017 5. शोध पदाधिकारी (सामान्य रोग) पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना। - सदस्य 6. शोध पदाधिकारी (अवि एवं अजा) पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना। - सदस्य 7. विभागाध्यक्ष, (एस0पी0एम0), बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय, पटना। - सदस्य 8. विभागाध्यक्ष, (गर्भ विज्ञान विभाग), बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय, पटना। - सदस्य 9. विभागाध्यक्ष, (शल्य चिकित्सा विभाग), बिहार पशु चिकित्सा महाविद्यालय, पटना। - सदस्य lfefr dk dk;Z ,oa nkf;Ro %&
(1) पशु बिमारियों का आकलन कर पशु दवा, औषधियों, उपकरण आदि पर विभाग को परामर्श देना।
(2) पशु दवा, टीकौषधि, उपकरण आदि की सूची दिया जाना ताकि प्राथमिकता के आधार पर उसकी उपलब्धता पर निर्णय लिया जा सके।
(3) पशु टीकाकरण कार्यक्रम पर वार्षिक कैलेन्डर का निर्धारण।
(4) उपर्युक्त सामानों का निर्धारण में उसके फारमेकोलिजकल नाम की अनुशंसा की जायेगी न कि उसके टे्रड का नाम का।
(5) समय-समय पर विभाग की आवश्यकतानुसार परामर्श दिया जाना।
(6) पूर्व से गठित तकनीकी विशेष समिति अवक्रमित समझी जायेगी।
vkns'k %& आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को राजपत्रा के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी एक सौ प्रतियाँ विभाग को उपलब्ध करायी जाय।
fcgkj&jkTiky ds vkns'k ls]
( ह0) अस्पष्ट, अवर सचिव।
———
पथ निर्माण विभाग
———
अधिसूचना
17 दिसम्बर 2016
सं॰ प्र॰-6/नियम-07/2008 (छाया संचिका) 10242(S)—बिहार लोक कार्य संविदा विवाद माध्यस्थम् न्यायाधिकरण अधिनियम, 2008 की धारा-21 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल बिहार लोक कार्य संविदा विवाद माध्यस्थम् न्यायाधिकरण नियमावली, 2009 में निम्नलिखित संशोधन दिनांक 01.04.2015 के प्रभाव से करते है :-
संशोधन
उक्त नियमावली, 2009 के नियम 12 का उप-नियम (2) निम्नलिखित संशोधन द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगाः- (2) "राज्य सरकार बिहार प्रशासनिक सेवा अथवा न्यायिक सेवा संवर्ग के पदाधिकारी/बिहार प्रशासनिक सेवा अथवा बिहार न्यायिक सेवा के सेवा निवृत्त पदाधिकारी को सचिव के पद पर प्रतिनियुक्ति कर सकेगी, जो बिहार सरकार में अपर सचिव/विशेष सचिव पंक्ति का पदाधिकारी या राज्य सरकार के अपर सचिव/विशेष सचिव के स्तर के सेवा निवृत्त पदाधिकारी होगा"।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ॰/
( ह0) अस्पष्ट, सचिव।
The 17th December 2016
No. Sec-6/Rule-07/2008 (Chhaya Sanchika) 10242(s)—In exercise of the power conferred in proviso of section-21 of Bihar Public Works Contracts Disputes Arbitration Act, 2008, the Governor of Bihar is pleased to make the following amendment in Bihar Public Works Contracts Disputes Arbitration Tribunal Rules, 2009 with effect from 01.04.2015.
5 Mबहार गजट, 22 माच! 2017Amendment
Sub-rule (2) of Rule 12 of the said Rules, 2009 shall be substituted by the following :- (2) "The State Government may depute officers from Bihar Administrative Service or Bihar Judicial Services cadre or retired officer of Bihar Administrative Service or Bihar Judicial Service as Secretary, who may be an officer of the rank of Additional Secretary/ Special Secretary or a retired officer of the rank of Additional Secretary/Special Secretary to the state Government ".
By order of the Governor of Bihar, (Sd.), Illezible, Secretary.
—————
[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?
ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 1-571+100(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?
Website: http://egazette.bih.nic.in
6 Mबहार गजट, 22 माच! 2017ॢबह(cid:4)र गजट
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प३रक(cid:13)[(cid:15)(cid:16) (cid:17)(cid:4)०धक(cid:4)र(cid:20) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:17)क(cid:4)०शत
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-26/2016-354 मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ——— संकल्प 25 जनवरी 2017
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री प्रियरंजन, प्रभारी अधीक्षक उत्पाद, गोपालगंज के विरूद्ध दिनांक 16.08.2016 को गोपालगंज जिला में हुई जहरीली कांड में अवैध शराब का निर्माण एवं चौर्य बिक्री, व्यापार पर प्रतिबंध लगाने पर असफल, कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतना तथा प्रभावकारी पर्यवेक्षण एवं अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण का अभाव आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है। 2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री प्रियंरजन के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। 3. श्री प्रियरंजन के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री जीतेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री प्रियरंजन से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
———
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-27/2016-355
———
संकल्प
25 जनवरी 2017
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री संजय कुमार चौधरी, निरीक्षक उत्पाद, गोपालगंज के विरूद्ध दिनांक 16.08.2016 को गोपालगंज जिला में हुई जहरीली कांड में अवैध शराब का निर्माण एवं चौर्य व्यापार पर प्रतिबंध लगाने में असफल, कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता का अभाव तथा प्रभावकारी पर्यवेक्षण का अभाव आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री संजय कुमार चौधरी के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए, श्री श्रीकृष्ण पासवान,7 Mबहार गजट, 22 माच! 2017 उपायुक्त उत्पाद, पटना-सह-मगध प्रमंडल, पटना (सम्प्रति मुख्यालय में प्रतिनियुक्त) को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री संजय कुमार चौधरी के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में श्री जीतेन्द्र सिंह, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हे।
4. श्री संजय कुमार चौधरी से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अभय राज, विषेष सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-21/2015-395
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संकल्प
30 जनवरी 2017
विभागीय संकल्प संख्या-1489 दिनांक 16.03.2016 द्वारा श्री अरूण कुमार मिश्र, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर सम्प्रति अधीक्षक उत्पाद कटिहार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी श्री जगदीश गहलौत, अवर सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के दिनांक 31.01.2017 से सेवा निवृत्त होने के कारण उनके स्थान पर श्री रविन्द्र कुमार शर्मा, उपायुक्त उत्पाद, दरभंगा-सह-कोशी-सह-पूर्णियॉ प्रमण्डल, दरभंगा (सम्प्रत्ति मुख्यालय) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
2. संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, देवकी नंदन दास, उप-सचिव।
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सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-30/2014-403
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संकल्प
31 जनवरी 2017
विभागीय संकल्प संख्या-5479 दिनांक 16.12.2014 द्वारा श्री अजय कृष्ण मिश्र, तत्कालीन सहायक निबंधन महानिरीक्षक, मगध प्रमण्डल, गया सम्प्रति निलंबित मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी श्री जगदीश गहलौत, अवर सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के दिनांक 31.01.2017 से सेवा निवृत्त होने के फलस्वरूप उनके स्थान पर श्री अयाज अहमद खॉ, सहायक निबंधन महानिरीक्षक (मुख्यालय) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
2. संकल्प की अन्य शत्र्ते यथावत रहेगी। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, देवकी नंदन दास, उप-सचिव।
———
अधिसूचना
9 फरवरी 2017
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-25/2015-536—श्री रामसुन्दर प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, लखीसराय सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध कत्र्तव्य के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता के कारण चौर्य बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के फलस्वरूप सरकारी राजस्व की क्षति, पर्यवेक्षण का अभाव, नियंत्रण की कमी, आदेश का उल्लंघन, वरीय पदाधिकारियों को गुमराह करना, चौर्य बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखने में विफलता एवं निरीक्षण का अभाव, अनाधिकृत रूप में अनुपस्थित रहकर आवश्यक कार्यो से व्यवधान उत्पन्न करना एवं अधीनस्थ पदाधिकारियों पर प्रभावी नेतृत्व रखने में अक्षम, अनुचित लाभ के लिए बकाये राशि की वसूली नहीं कर राजस्व की8 Mबहार गजट, 22 माच! 2017 क्षति पहुॅचाना, कत्र्तव्यहीनता एवं आपराधिक गठजोड़ कर राजस्व की क्षति पहुॅचाना, स्पष्टीकरण देने में अनावश्यक विलंब कर निदेशों का उल्लंघन करना आदि आरोपों के लिए विभागीय संकल्प संख्या-3034 दिनांक 27.06.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-प्रभारी संयुक्त आयुक्त उत्पाद, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 08.08.2016 से विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन विभाग में समर्पित किया गया। जॉच प्रतिवेदन में आरोप संख्या-2, 3, 5, 6, 7 प्रमाणित नही एवं आरोप संख्या-01 को प्रमाणित तथा 04 को आंशिक रूप से प्रमाणित बताया गया है।
3. संचालन पदाधिकारी द्वारा अधीनस्थ पदाधिकारियों की कर्मी दर्शाकर दुकानों पर निगरानी एवं नियंत्रण की मुख्य जवाबदेही अवर निरीक्षक उत्पाद एवं निरीक्षक उत्पाद का बताकर, अनुज्ञप्ति के शर्त्तो के उल्लंघन के लिए अनुज्ञप्तिधारियों को जिम्मेवार बताकर आरोपी पदाधिकारी को आरोपों से मुक्त बताया जाना उचित प्रतीत नही होता है। अपने अधीनस्थ पदाधिकारी की कमी के कारण कार्यालय प्रधान के रूप में अधीक्षक उत्पाद की भूमिका कम नही हो सकती है। वस्तुतः कार्यालय प्रधान होने के नाते उनकी यह जिम्मेवारी हो जाती है कि वे स्वंय अवैध शराब के चौर्य बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण रखते, परंतु उनके द्वारा समुचित प्रयास नही किया गया। अतएव उक्त आरोप के लिए दोषी प्रतीत होते है। जिसके लिए विभागीय पत्रांक-4238 दिनांक 07.09.2016 द्वारा आरोपी पदाधिकारी से द्वितीय बचाव बयान की मांग की गयी। आरोपी पदाधिकारी द्वारा 27.09.2016 को अपना बचाव बयान विभाग में समर्पित किया गया जिसमें आरोपों से मुक्त करने हेतु अनुरोध किया गया है।
4. उक्त के आलोक में आरोपी पदाधिकारी से प्राप्त बचाव बयान एवं संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के पूर्ण विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 (V) के तहत लघु दण्ड के रूप में ''दो वार्षिक वेतनवृद्धियॉ असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड'' अधिरोपित किया जाता है। 5. श्री राम सुन्दर प्रसाद, जिन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-V/ई1-103/2015-4997 दिनांक 02.12.2015 द्वारा निलंबित किया गया था। निलंबन से मुक्त करते हुए उक्त दण्ड के साथ विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है। 6. इस पर समक्ष प्राधिकार की स्वीकृति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, देवकी नंदन दास, उप-सचिव।
———
सं॰ 8/आ0(राज0उ0)-2-30/2016-569
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संकल्प
10 फरवरी 2017
चूँकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने के कारण है कि श्री आनन्द कुमार, तत्का0 प्रभारी सहायक आयुक्त उत्पाद, रोहतास सम्प्रति प्रतिनियुक्त सहायक आयुक्त उत्पाद, गया के विरूद्ध श्री चन्द्रमणि, अवर निरीक्षक उत्पाद, रोहतास को अपने पद का दुरूपयोग कर निलंबित करने एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रतिकूल आचारण आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में वर्णित है।
2. अतएव बिहार के राज्यपाल ने यह निर्णय लिया है कि श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में विनिर्दिष्ट आरोपों के जाँच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) में विहित रीति में विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री श्रीकृष्ण पासवान, उपायुक्त उत्पाद, ई0आई0बी मुख्यालय को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
3. श्री आनन्द कुमार के विरूद्ध उक्त विभागीय कार्यवाही में प्रशाखा पदाधिकारी, प्रशाखा-7 को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता हैे।
4. श्री आनन्द कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव बयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, देवकी नंदन दास, उप-सचिव।9 Mबहार गजट, 22 माच! 2017
cामीण $वकास $वभाग
———
अRधसूचना
7 माच! 2017
सं0 cा0$व0-14(द0)मधु0-03/2015-302990/cा0$व0—eी शLशका7त शमा!, तIकाल(cid:15)न Jखंड $वकास पदाRधकार(cid:15), झंझारपुर, मधुबनी के $वgX उनके पद0थापन काल म[ अपने कIत!8य के J(cid:1)त घोर लापरवाह(cid:15), सरकार के आदेश क^ अवहेलना, 0वेUछाचाaरता के कारण 0थानीय जनJ(cid:1)त(cid:1)नRधय> एवं सरकार(cid:15) कLम!य> के बीच कटु ता फै लाकर $वRध-8यव0था क^ गंभीर ि0थ(cid:1)त उIप7न करने आKद जैसे गंभीर आरोप जैसा ]क िजला पदाRधकार(cid:15), मधुबनी के प(cid:21)ांक- 519/िज00था0 Kदनांक 29.03.2015 Qवारा J(cid:1)तवेKदत है, के संदभ! म[ $वभागीय काया!लय आदेश सं(cid:8)या- 226220 Kदनांक 31.03.2015 Qवारा eी शमा! को (cid:1)नलिlबत करते हुए उनके $वgX $वभागीय काय!वाह(cid:15) संचाLलत क^ गई।
2. $वभागीय काय!वाह(cid:15) संचालन के पSचात ् संचालन पदाRधकार(cid:15) Qवारा सम$प!त जाँच J(cid:1)तवेदन क^ $वभागीय समीFोपरा7त eी शमा! के $वgX एक आरोप आंLशक Jमाoणत पाया गया िजसके Lलए इ7ह[ Mबहार सरकार(cid:15) सेवक (वगpकरण, (cid:1)नयं(cid:21)ण एवं अपील) (cid:1)नयमावल(cid:15), 2005 के भाग-5 क^ कं qडका-14 के तहत $वभागीय काया!लय आदेश सं0- 265780 Kदनांक 14.03.2016 Qवारा (cid:1)नलंबनमु-त करते हुए '(cid:1)न7दन' क^ सजा अRधरो$पत क^ गयी। 3. eी शमा! के (cid:1)नलlबन अवRध के संबंध म[ Mबहार सरकार(cid:15) सेवक (वगpकरण, (cid:1)नयं(cid:21)ण एवं अपील) (cid:1)नयमावल(cid:15), 2005 के (cid:1)नयम 11 (क) एवं (ख) के आलोक म[ कोई (cid:1)नण!य नह(cid:15)ं Lलया जा सका। eी कु मार Qवारा सम$प!त अrयावेदन Kदनांक 06.08.2016 पर $वचारोपरा7त Mबहार सरकार(cid:15) सेवक (वगpकरण, (cid:1)नयं(cid:21)ण एवं अपील) (cid:1)नयमावल(cid:15), 2005 के (cid:1)नयम 11 (5) एवं (9) के आलोक म[ (cid:1)नलlबन अवRध Kदनांक 31.03.2015 से 14.03.2016 को कIत!8य अवRध मानते हुए eी शमा! को उस समय Lमलनेवाले वेतन एवं भIते का 75 (पचहIतर J(cid:1)तशत) का भुगतान ]कये जाने का (cid:1)नण!य Lलया गया।
4. उ-त के आलोक म[ eी शमा! को (cid:1)नलlबन अवRध क^ उपरो-त राLश भुगतान क^ 0वीकृ (cid:1)त द(cid:15) जाती है। भुगतेय राLश म[ से eी शमा! को द(cid:15) गयी राLश को समायोिजत कर शेष राLश भुगतेय होगी।
5. उ-त आदेश पर सFम JाRधकार का अनुमोदन Jाsत है।
अनुलuनक- यथो-त।
Mबहार-राOयपाल के आदेश से, महे7t भगत, उप-सRचव।
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[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?