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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 29 March 2017

Published 29 March 2017

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-03-29.13
Languages
English, Hindi

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(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

ॢबह(cid:4)र गजट

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 8 चै(cid:21) 1939 (श0) सं(cid:8)या 13 पटना, बुधवार, ———————— 29 माच" 2017 (ई0) %वषय-सूची पृ)ठ भाग-1—(cid:1)नयुि.त, पद1थापन, बदल(cid:15), शि.त, छु 5ी और अ8य 9यि.तगत सूचनाएं। 2-6 भाग-1-क—1वयंसेवक गु>म? के समादे)टाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मैC(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Gाओं के पर(cid:15)Gा-फल, काय"Iम, छा(cid:21)वृिJत Kदान, आLद।

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भाग-1-ग—MशGा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Gाफल आLद ---

भाग-2—Nबहार-राPयपाल और काया"QयG? Rवारा (cid:1)नकाले गये %व(cid:1)नयम, आदेश, अSधसूचनाएं और (cid:1)नयम आLद। ---

भाग-3—भारत सरकार, पिTचम बंगाल सरकार और उVच 8यायालय के आदेश, अSधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राPय गजट? के उYरण। ---

भाग-4—Nबहार अSध(cid:1)नयम ---

पृ)ठ भाग-5—Nबहार %वधान मंडल म\ पुर:1था%पत %वधेयक, उ.त %वधान मंडल म\ उप1था%पत या उप1था%पत ^कये जानेवाले Kवर सMम(cid:1)तय? के K(cid:1)तवेदन और उ.त %वधान मंडल म\ पुर:1थापन के पूव" KकाMशत %वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अSध(cid:1)नयम िजनपर रा)Cप(cid:1)त क_ Pये)ठ अनुम(cid:1)त Mमल चुक_ है। ---

भाग-8—भारत क_ संसद म\ पुर:1था%पत %वधेयक, संसद म\ उप1था%पत Kवर सMम(cid:1)तय? के K(cid:1)तवेदन और संसद म\ उप1था%पत Kवर सMम(cid:1)तय? के K(cid:1)तवेदन और संसद म\ पुर:1थापन के पूव" KकाMशत %वधेयक। ---

भाग-9—%व`ापन

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भाग-9-क—वन %वभाग क_ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—(cid:1)न%वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, 8यायालय सूचनाएं और सव"साधारण सूचनाएं इJयाLद। 7-7

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पूरक

पूरक-क 8-142 Nबहार गजट, 29 माच" 2017

भ(cid:2)ग(cid:4)1

०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $

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सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग

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अधिसूचनाएं

23 जनवरी 2017

सं॰ 1/रा॰स्था॰वि॰स॰से॰ पद 27/2007-258— श्री आलोक रवि, व्याख्याता-सह-प्रभारी प्राचार्य सहकारिता प्रशिक्षण केन्द्र पूसा, समस्तीपुर को स्वंय की चिकित्सा हेतु दिनांक 09॰05॰2016 से 05॰08॰2016 तक उपभोगित चिकित्सा अवकाश को महालेखाकार के पत्रांक 957 दिनांक 19॰12॰2016 द्वारा प्रेषित अवकाश आदेयता के आलोक में दिनांक 09॰05॰2016 से 23॰06॰2016 तक उपार्जित अवकाश एवं दिनांक 24॰06॰2016 से 05॰08॰2016 तक रूपांतरित अवकाश के रूप में स्वीकृति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।

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25 जनवरी 2017

सं॰ सह॰2/राज॰(स्था॰)-16/2009 (खण्ड-I)-293—सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-9000 दिनांक 24.06.2016 द्वारा श्री विजय कुमार तिवारी, प्रषाखा पदाधिकारी, वाणिज्यकर विभाग, बिहार, पटना को बिहार सचिवालय सेवा के अवर सचिव/समकक्ष कोटि के वेतन बैण्ड 15600-39100/- ग्रेड वेतन 6000/- में औपबंधिक प्रोन्नति देते हुए सहकारिता विभाग, बिहार, पटना में अवर सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है।

उक्त के आलोक में श्री विजय कुमार तिवारी, नवप्रोन्नत अवर सचिव का सहकारिता विभाग में दिनांक 06.01.2017 के पूर्वाह्‌न में स्वतः प्रभार प्रतिवेदन स्वीकृत किया जाता है।

बिहार के राज्यपाल के आदेष से, दिनेष कुमार चन्द्रेष, दिनेष कुमार चन्द्रेष, दिनेष कुमार चन्द्रेष, दिनेष कुमार चन्द्रेष, अवर सचिव।

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30 जनवरी 2017

सं॰ 01/रा॰स्था॰ (2) प्रो॰-09/2010 सह॰-327—बिहार राज्य कर्मचारी सेवा र्शा (रूपातरित सुनिष्चित वृाि उन्नयन योजना) नियमावली 2010 के प्रावधानों के तहत सहकारिता सेवा (प्रषासनिक प्रभाग) के निम्न पदाधिकारियों जो वेतनमान PB-3, ग्रेड पे-6600 धारित करते है को उनके नाम के सामने स्तम्भ 4 में अकित तिथि से वेतनमान PB-3, ग्रेड पे-7600 रू॰ में द्वितीय रूपांतरित सुनिष्चित वृाि उन्नयन योजना की स्वीकृति प्रदान की जाती है :-

क्र क्र॰॰॰॰ क्र क्र पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता क्रमांक र्वामान धारित पद द्वितीय रूपांतरित सुनिष्चित द्वितीय रूपांतरित सुनिष्चित वृाि उन्नयन वृाि उन्नयन योजना के लाभ वृाि उन्नयन वृाि उन्नयन योजना के लाभ स्वीकृति की तिथि
1 2 3 4
1 श्री सतीश कुमार सिंह -295/06 जिलासहकारिता पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ जमुई 01.04.2010 से
2 श्री ललन शर्मा- 296/06 उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, कोशी प्रमण्डल, सहरसा 01.01.2009 से
3 मो॰ हामिद-429/06 उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, ईख, बिहार, पटना 10.11.2010 से
4 श्री बबन मिश्र-439/06 प्रबंध निदेशक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक गोपालगंज 30.10.2010 से
5 श्री शशि शेखर सिन्हा -440/06 विशेष पदाधिकारी (उपभोक्ता), बिहार, पटना 08.11.2010 से
6 श्री कृष्णा चौधरी -450/06 संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, मगध प्रमंडल, गया 01.11.2010 से
क्र क्र॰॰॰॰ क्र क्र पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता पदाधिकारी का नाम एवं वरीयता क्रमांक  र्वामान धारित पद द्वितीय रूपांतरित सुनिष्चित द्वितीय रूपांतरित सुनिष्चित वृाि उन्नयन वृाि उन्नयन योजना के लाभ वृाि उन्नयन वृाि उन्नयन योजना के लाभ स्वीकृति की तिथि
1 2 3 4
7 श्री सुरेश दास -453/06 प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना 29.10.2010 से
8 श्री मनोज कुमार सिंह -540/06 जिला सहकारिता पदाधिकारी, भोजपुर 27.07.2015 से
9 श्री आलोक रवि -543/06 व्याख्याता सहकारिता प्रशिक्षण केन्द्र पूसा 03.08.2015 से
10 श्री अभय झा-551/06 माननीय मंत्री मानव संसाधन बिहार के आप्त सचिव 11.12.2015 से
11 श्री ललन कुमार शर्मा -553/06 प्रबंध निदेशक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, सीतामंढी 21.11.2015 से
12 श्री संजय कुमार -557/06 उप महाप्रबंधक, बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना 25.04.2016 से
13 श्री विकास कुमार बरियार-558/06 सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (अवकाश/प्रशिक्षण रक्षित) 14.12.2015 से
14 श्री विकास रंजन प्रसाद -561/06 माननीय मंत्री परिवहन बिहार के आप्त सचिव 28.11.2015 से
15 मो॰ निसार अहमद -564/06 उप महाप्रबंधक, बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, पटना 06.12.2015 से
16 श्री सत्येन्द्र कुमार प्रसाद -567/06 प्रबंध निदेशक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, सीवान 01.12.2015
17 श्रीमती अंजली मेहता -571/06 सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (खादी) बिहार, पटना 29.11.2015 से
18 श्री भरत कुमार-579/06 महाप्रबंधक, आई॰सी॰डी॰पी॰ बिहार, पटना 27.12.2015 से
19 श्री राम नरेश पाण्डेय -555/06 प्रबंध निदेशक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, कटिहार 01.12.2015 से
3 Nबहार गजट, 29 माच" 2017

2. विाीय उन्नयन के फलस्वरूप पदाधिकारियों का वेतन निर्धारण रूपातरित सुनिष्चित वृाि उन्नयन योजना नियमावली के नियम परिषिष्ट I के प्रावधानो एवं समय-समय पर इस संबंध में विा विभाग द्वारा निर्गत अनुदेषों के अनुरूप किया जायेगा।

3. गैर संवर्गीय/बाध्य सेवा र्शाो/सहकारी संस्थाओं में पदस्थापन अवधि का एम॰ए॰सी॰पी॰लाभ स्वीकृति के फलस्वरूप बकाया राषि का भुगतान संबंधित संस्थाओं द्वारा किया जायेगा।

4. एम॰ए॰सी॰पी॰ का लाभ स्वीकृति में किसी कारणों से भविष्य में संषोधन की आवष्कता होने पर संबंधित पदाधिकारी को स्वीकृत लाभ से संबंधित अधिसूचना को रद्‌द/संषोधित किया जा सकेगा तथा उन्हें भुगतान की गई अधिक राषि की वसूली/प्रतिर्पूाि की जा सकेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।

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2 फरवरी 2017

सं॰ 01/रा॰स्था॰वि॰स॰से॰(स्थानान्तरण)-04/10-355—बिहार सहकारिता सेवा के स्तंभ-02 में अंकित निम्नांकित

क्र॰क्र॰क्र॰क्र॰ सं॰सं॰सं॰सं॰ पदाधिकारी का नाम/ वर्तमान पदस्थापन पदाधिकारी का नाम/ वर्तमान पदस्थापन पदाधिकारी का नाम/ वर्तमान पदस्थापन पदाधिकारी का नाम/ वर्तमान पदस्थापन (अतिरिक्त प्रभार सहित) पदस्थापित स्थान (अतिरिक्त प्रभार सहित)
1 2 3
1. श्री जमाल जावेद आलम, प्रभारी संयुक्त निबंधक, स॰स॰, पटना प्रमंडल, पटना संयुक्त निबंधक, स॰स॰, पटना प्रमंडल, पटना (अतिरिक्त प्रभार संयुक्त निबंधक, स॰स॰, भागलपुर)
2. श्री ललन शर्मा, उप निबंधक, स॰स॰ कोशी प्रमंडल, सहरसा संयुक्त निबंधक, स॰स॰, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ (अतिरिक्त प्रभार उप निबंधक, स॰स॰, कोशी प्रमंडल, सहरसा)
3. श्री मुकुल क ुमार सिन्हा, राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰ (अतिरिक्त प ्रभार संयुक्त निबंधक, स॰स॰ (पणन), बिहार, पटना, प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट टुबैको ग्रोवर्स को-ऑप॰ फेड॰लि॰, पटना) संयुक्त निबंधक, स॰स॰ (पणन), बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार, राज्य अनुश्रवण पदाधिकारी, आई॰सी॰डी॰पी॰ संयुक्त निबंधक, स॰स॰(गव्य), बिहार, पटना, प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट टुबैको ग्रोवर्स को-ऑप॰फेड॰लि॰, पटना)
4. श्री चन्द्रशेखर सिंह, प्रभारी संयुक्त निबंधक, स॰स॰, सारण प्रमंडल, छपरा (अतिरिक्त प्रभार जिला सहकारिता पदाधिकारी, सारण) संयुक्त निबंधक, स॰स॰, सारण प्रमंडल, छपरा
5. श्री अशोक कुमार रजक, उप निबंधक, स॰स॰, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा (अतिरिक्त प्रभार संयुक्त निबंधक, स॰स॰, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा) उप निबंधक, स॰स॰, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा, (अतिरिक्त प्रभार संयुक्त निबंधक, स॰स॰ दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा, संयुक्त निबंधक, स॰स॰, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर)
6. श्री राकेश शर्मा, सहायक निबंधक, स॰स॰, छपरा (अतिरिक्त प्रभार सहायक निबंधक, स॰स॰, सोनुपर) सहायक निबंधक, स॰स॰, छपरा (अतिरिक्त प्रभार सहायक निबंधक, स॰स॰, सोनुपर, जिला सहकारिता पदाधिकारी, छपरा)
4 Nबहार गजट, 29 माच" 2017

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।

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6 मार्च 2017

सं॰ 1/सह॰राज॰स्था॰(निजी) 03/2017-813—श्री मिथिलेष कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी-सह-सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, लक्खीसराय (अतिरिक्त प्रभार जिला सहकारिता पदाधिकारी, शेखपुरा, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, शेखपुरा) को जिला सहकारिता पदाधिकारी, शेखपुरा एवं सहायक निबंधक, स॰स॰, शेखपुरा के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए श्री अमजद हयात वर्क, जिला सहकारिता पदाधिकारी, नालंदा, बिहारषरीफ को अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, शेखपुरा एवं सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, शेखपुरा का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।

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16 मार्च 2017

सं॰ 01/रा॰स्था॰वि॰स॰से॰(स्थानांतरण)-04/10-968—बिहार सहकारिता प्रषासनिक सेवा के श्री ललन शर्मा, सयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ (अतिरिक्त प्रभार उप निबंधक, सहयोग समितियाँ, कोषी प्रमंडल, सहरसा) को संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, कोषी प्रमंडल, सहरसा के पद पर नियमित पदस्थापन होने तक की अवधि मेें उक्त कार्यालय के दैनिक कार्यों के निष्पादनार्थ प्राधिकृत किया जाता है। साथ ही श्री शर्मा उक्त अवधि में संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, कोषी प्रमंडल, सहरसा कार्यालय के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के कर्त्तव्यों का निर्वहन भी करेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।

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30 दिसम्बर 2016

सं॰ 02/सह॰मु॰अरा॰(स्था॰)-16/16-4526—सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-16662 दिनांक 15.12.2016 द्वारा श्री सुधीर कुमार झा, आप्त सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को प्रधान आप्त सचिव बैण्ड वेतन 15,600/- से 39,100/- ग्रेड वेतन- 6,600/- के पद पर औपबंधिक प्रोन्नति देते हुए सहकारिता विभाग, बिहार, पटना में प्रधान आप्त सचिव के पद पर पदस्थापित किया गया है।

उक्त अधिसूचना के आलोक में श्री सुधीर कुमार झा, नव प्रोन्नत प्रधान आप्त सचिव का दिनांक-16.12.2016 के पूर्वाह्‌न से प्रभार प्रतिवेदन स्वीकृत किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, ऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमलऋचा कमल, , , , उप-सचिव।5 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 गृहगृहगृहगृह विभागविभागविभागविभाग (आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा) ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाएंएंएंएं 15 मार्च 201715 मार्च 201715 मार्च 201715 मार्च 2017

सं॰ 7/सी0सी0ए0-1024/2001(खंड-II)गृ0आ0-2244—बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 (7/81) की अध्याय 2 की धारा-12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार-राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा-12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद्‌ विषयक अधिसूचना संख्या-9852985298529852, दिनांक 16161616....12121212....2016201620162016 के क्रम में अगले तीन महीनों के लिए अर्थात दिनांक 01010101....04040404....2017 से 302017 से 302017 से 302017 से 30....06060606....2017201720172017 तक (एक अप्रील दो हजार सत्रह से तीस जून दो हजार सत्रह तक) प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीष मोहन ठाकुरगिरीष मोहन ठाकुरगिरीष मोहन ठाकुरगिरीष मोहन ठाकुर, , , , अवर सचिव।////

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23232323 मार्च 2017मार्च 2017मार्च 2017मार्च 2017

----सं॰ 4/पी3-10-03/2016 गृ0आ0-2486—बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग अधिनियम, 2016 (बिहार अधिनियम 6, 2016) की धारा-3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल ने निम्नलिखित व्यक्तियों को स्तंभ-3 में अंकित पद पर नियुक्त करने की कृपा की है :- 2

1 2 3
क्र.सं. नाम एवं पता पदनाम
1 श्री सुनीत कुमार, सेवानिवृत भा0पु0से0 (1980), फ्लैट नं0-402, उषा कुंज अपार्टमेंट, अम्बेदकर पथ, अम्बेदकर नगर, ऑफ बेली रोड, पटना। अध्यक्ष
2 श्री ए0के0 प्रसाद, भा0व0से0 (1988) मुख्य वन संरक्षक, (मानव संसाधन विकास) प्रधान मुख्य वन संरक्षक का कार्यालय, पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार, पटना। (अपने वर्त्तमान कार्यो के अतिरिक्त) ं सदस्य
3 श्री अनवर हुसैन, सेवानिवृत भा0पु0से0 (1998), मकान सं0-7, स्पेशल फेज, सेक्टर-2, हारून नगर, फुलवारीशरीफ, पटना। सदस्य
4 श्री वरूण कुमार सिन्हा, सेवानिवृत भा0पु0से0, (2002) आवास सं0-106 A, थाना रोड, बुद्धा कॉलोनी, पटना। सदस्य-सचिव

आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल अधिनियम की धारा-4 के प्रावधानों के अन्तर्गत विनियमित होगी। अध्यक्ष एवं सदस्यों का कार्यकाल पदभार-ग्रहण की तिथि से तीन वर्ष अथवा उनके अड़सठ वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, के लिए होगी, परंतु राज्य सरकार विषेष परिस्थिति में उनके कार्यकाल का विस्तार किसी विषिष्ट अवधि के लिए कर सकेगी अथवा विनिश्चित कार्यकाल पूर्ण होने के पूर्व भी पदों से हटा सकेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रंजन कुमार सिन्हा, अपर सचिव।

——— मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ——— अधिसूचना 15 मार्च 201715 मार्च 201715 मार्च 201715 मार्च 2017

सं॰ V/नि0-1-25/2016-549—श्रीमती रीता सिन्हा, तत्कालीन जिला अवर निबंधक, दरभंगा सम्प्रति सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पटना प्रमण्डल, पटना का दिनांक 28.11.2016 से 05.12.2016 तक कुल 08 (आठ) दिनों का उपार्जित अवकाष की स्वीकृति बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 (क) के तहत दी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, देवकी नंदन दास, उप-सचिव।

———

निर्वाचन विभाग

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अधिसूचना

15 मार्च 2017

सं॰ ई2-02-54/2010- 07-1006—विभागीय अधिसूचना संख्या-82-सह-पठित ज्ञापांक 1122 दिनांक 22.02.2016 द्वारा श्रीमती परवीन जहाँ, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, पष्चिमी मुजफ्फरपुर अनुमंडल को बिहार सेवा सहिता के नियम- 220A के तहत्‌ षिषु देख-भाल हेतु6 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 दिनांक 15.02.2016 से 12.03.2016 तक कुल 27 (सताईस) दिनाें का षिषु देख-भाल अवकाष की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। इस क्रम में श्रीमती जहाँ को उनके द्वारा दिनांक 13.03.2016 से 31.03.2016 तक विस्तारित अवधि कुल 19 (उन्नीस) दिनों का षिषु देख-भाल अवकाष की स्वीकृति इस शर्त्त के साथ प्रदान की जाती है कि भविश्य में किसी भी परिस्थिति में षिषु देख-भाल अवकाष में प्रस्थान/अवधि विस्तार सक्षम प्राधिकार की पूर्वानुमति एवं उचित मंजूरी के बिना नहीं करेंगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सोहन कुमार ठाकुर, संयुक्त सचिव-सह-संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी।

——— पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ——— अधिसूचना 3 मार्च 2017

सं॰ गव्य (प॰-2)-01/2017-367—श्री राधेश्याम साह, निदेशक गव्य के उपार्जित अवकाश में प्रस्थान करने के फलस्परूप गव्य विकास निदेशालय का कार्य सुचारु रूप से संचालन हेतु निदेशक (गव्य) के अवकाश अवधि तक के लिए बिहार गव्य सेवा वर्ग-1 के श्री अजय कुमार झा, उप निदेशक (मु॰), गव्य विकास निदेशालय, बिहार, पटना को अपने कार्यो के अतिरिक्त अपने ही वेतनमान में कार्यकारी व्यवस्था के तहत निदेशक (गव्य), विकास निदेशालय, बिहार पटना का प्रभार दिया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डा॰एन॰ विजयलक्ष्मी, सचिव।

—————

[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)

ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?

ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 2-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?

Website: http://egazette.bih.nic.in

7 Nबहार गजट, 29 माच" 2017

भाग-9(ख)

और सव"साधारण सूचनाएं इJयाLद।

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सूचना ——

सं॰ 311—मैं, अ॰नि॰(स॰) अमृत बहादुर ठकुरी, बि॰सै॰पु॰-(I) पटना-1 शपथ पत्र सं॰ 5033 दिनांक 09.03.2016 के द्वारा अमृत बहादुर देवकोटा के नाम से जाना एवं पहचाना जाऊँगा।

अमृत बहादुर ठकुरी ।

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No. 320—I, KUMAR ROHIT S/o Sri Ashok Kumar Suman, Permanent R/O Suman Sadan, Gandhi Gram, Jail Road, Bhagalpur Presently R/O,C/O Ramchandra Choudhary At near Gayatri Mandir, Sarvodaya Nagar, Begusarai declare vide Affidavit. No.637 Dated 08.02.17 that now I Shall be known as Rohit Suman for all purpose.

KUMAR ROHIT.

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No. 321—KUMARI RAGINI D/o Sri Ashok Kumar Suman, Permanent R/O Suman Sadan, Gandhi Gram, Jail Road, Bhagalpur Presently R/O,C/O Ramchandra Choudhary At near Gayatri Mandir, Sarvodaya Nagar, Begusarai, now I Will be known as Ragini Suman vide Affidavit. No.638 Dated 08.02.17 for all future purposes.

KUMARI RAGINI.

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No. 325— I, ALSABAH D/o Jahangir Alam, Mother Name- Sumbul Bano, R/o Flat no. 201, Araish Aptt. Salimpur Ahra, South Gandhi Maidan, P.O.- G.P.O., P.S. Gandhi Maidan, Patna vide Affidavit. No. 1251, Dated 25.01.2017 shall be known as ALSABAH ZOHRA.

ALSABAH.

——

सं॰ 326—मैं, सरिका गुप्ता, राजन कुमार , पता-मोहल्ला-बाकरगंज, के, ऑफ-शंकर भूषणालय पो- बाकीपुर, थाना-कदमकुआँ, जिला-पटना, पिन-04, शपथपूर्वक बयान करती हूँ कि मेरा नाम पूर्व में सरिता गुप्ता था जो अब बदलकर सरिका देवी हो गया है अब से मैं भविष्य में सभी कार्यों के लिए सरिका देवी के नाम से जानी जाऊँगी। शपथ पत्र संख्या 93, दिनांक 12.12.16।

सरिका गुप्ता ।

No. 326—I, SARIKA GUPTA W/o. Rajan Kumar R/o. Bakarganj, P.o. Bankipore, P.s. Kadamkuan Dist. Panta declare vide Affidavit. No. 93, Dated 12.12.2016 That now onward Sarika Gupta and Sarika Devi is the name of same and single person.

SARIKA GUPTA.

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Website: http://egazette.bih.nic.in

8 Nबहार गजट, 29 माच" 2017

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समाहरणालय गोपालगंज

जिला स्थापना शाखा

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23 जुलाई 2016

सं॰ 954—जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के कार्यालय से दिनांक 24.06.2013 को दूरभाष पर दिये गये निर्देश के आलोक में प्रखंड विकास पदाधिकारी, थावे तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे द्वारा संयुक्त रूप से बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे का औचक निरीक्षण किया गया। जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के कार्यालय को किसी व्यक्ति द्वारा बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे में आंगनबाड़ी सेविकाओं से अवैध वसूली की सूचना प्राप्त हुई थी। औचक निरीक्षण के क्रम में बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे के कार्यालय परिचारी श्री राजन कुमार एवं एक अन्य व्यक्ति श्री गुडू सिंह, पिता- श्री जगतनारायण सिंह, सा0- धतिवना, थाना- थावे की अलग-अलग तलाशी ली गयी तथा दोनों के पास से 6400-6400 रूपये बरामद किये गये। रूपये के अतिरिक्त उनलोगों के पास से आंगनबाड़ी सेविकाओं के मोबाईल नंबर की सूची भी बरामद की गयी। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे के आवेदन के आलोक में थावे थाना के द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी तथा थावे थाना कांड सं0- 79/2013 दिनांक 24.06.2013, भा0द0वि0 की धारा- 161 एवं भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम- 1988 की धारा- 7,8,9 के अन्तर्गत कांड पंजीकृत किया गया। थाना कांड सं0- 79/2013 में कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया तथा माननीय विशेष न्यायधीश, निगरानी, मुजफ्फरपुर के आदेश से दिनांक 26.06.2013 से न्यायायिक हिरासत में भेज दिया गया।

तत्‌पश्चात्‌ जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, गोपालगंज एवं प्रभारी पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे द्वारा दिनांक 30.12.2013 को श्री राजन कुमार के विरूद्ध प्रपत्र-''क'' गठित किया गया एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, गोपालगंज द्वारा पत्रांक 1774 दिनांक 31.12.2013 से निदेशक, आई0सी0डी0एस0, बिहार, पटना को सूचित किया गया कि श्री राजन कुमार, अनुसेवक को आंगनबाड़ी सेविकाओं से अवैध वसूली करते हुए दिनांक 24.06.2013 को गिरफ्तार किया गया एवं श्री कुमार दिनांक 26.06.2013 से न्यायायिक हिरासत में है तथा न्यायायिक हिरासत के लिए निलंबन हेतु अनुरोध किया गया। निदेशक, आई0सी0डी0एस0, निदेशालय, बिहार, पटना के आदेश ज्ञापांक 842 दिनांक 31.01.2014 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9(2)(क) के आलोक में श्री राजन कुमार, अनुसेवक, बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे, गोपालगंज को दिनांक 24.06.2013 के प्रभाव से निलंबित किया गया एवम्‌ नियमावली 2005 के नियम 10 के तहत जीवन निर्वाह्‌ भता अनुमान्य किया गया।

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, गोपालगंज द्वारा पत्रांक 187 दिनांक 14.02.2014 से निदेशक, आई0सी0डी0एस0 बिहार, पटना को सूचित किया गया कि श्री राजन कुमार को दिनांक 06.01.2014 को माननीय उच्च न्यायालय के क्रिमीनल मिसलिनियस केस सं0- 46740/2013 में पारित आदेश के आलोक में जमानत पर रिहा कर दिया गया है। उक्त के आलोक में उन्होेंने दिनांक 06.01.2014 को बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे में अपना योगदान दिया है।

निदेशक, आई0सी0डी0एस0 निदेशालय, बिहार, पटना के आदेश ज्ञापांक 1518 दिनांक 28.02.2014 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9(3) के सुसंगत प्रावधान के तहत श्री राजन9 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 कुमार, कार्यालय परिचारी, बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे का दिनांक 06.01.2014 से योगदान स्वीकृत करते हुए पुनः 06.01.2014 के प्रभाव से निलंबित किया गया। निलंबन के दौरान श्री राजन कुमार का मुख्यालय जिला प्रोग्राम कार्यालय, सारण निर्धारित किया गया एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के तहत जीवन निर्वाह भता देय होगा। साथ हीं विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु अपर समाहत्र्ता (विभागीय जॉच) सारण समाहरणालय, सारण को संचालन पदाधिकारी एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, गोपालगंज को उपस्थापन पदाधिकारी नामित किया गया। प्रपत्र "क" मे गठित आरोप निम्नवत है :-

क्र0 आरोप लांछन का अभिकथन साक्ष्य
1 2 3 4
1 आंगनबाड़ी सेविकाओं से अवैध वसूली दिनांक 24.06.2013 को बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे जहॉ परिचारी के रूप में पदस्थापित है, आंगनबाड़ी सेविकाओं से अवैध वसूली की आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के उपरान्त दिनांक 26.06. 2013 से अबतक न्यायिक हिरासत में है। थावे थाना केस सं0- 79/2013 आई0पी0सी0 की धारा 161 उप-धारा 7,8,9 भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम, 1988 तथा मुजफ्फरपुर निगरानी केस सं0- 21/ 2013। प्राथमिकी की छायाप्रति, जप्ति सूची की छायाप्रति, सेविकाओं का मोबाईल नं0 की छायाप्रति।
2 कार्यालय परिचारी के दायित्व का निर्वह्‌न नहीं करना तथा सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल आचरण करना। इनका कार्य कार्यालय परिचारी का है, परन्तु अपने दायित्व का निर्वह्‌न नहीं कर स्थानीय तथ्वों के सॉठ-गॉठ में रह कर अनुशासनहीनता तथा अवांछित लाभ प्राप्त करने का है, जो सरकारी कर्मचारी के आचरण के प्रतिकूल है। उपरोक्तानुसार
3 गिरफ्तारी के सूचना नहीं देना तथा तथ्यों को छिपाना हिरासत अवधि में रहने संबंधी कोई सूचना नहीं देकर तथ्यों को छिपा लिया गया, जिससे सरकारी कार्य बाधित हुआ। इस संबंध में इनके द्वारा कोई सूचना अभी तक नहीं दी गयी है।

निदेश दिया गया। दिनांक 17.04.2014 को श्री कुमार द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। अरोपी का स्पष्टीकरण :-

आरोप सं0-1. आरेापी का कहना है कि आरोप बेबुनियाद है इसके समर्थन में आरोपी के द्वारा कहा गया है कि मेरे उपर लगाये गये उक्त आरोप के संबंघ में किसी सेविका ने ऐसा कोई लिखित आवेदन नही दिया है। इनका कहना है कि आंगनबाड़ी सेविका :-

(1) रीना देवी (2) माया देवी (3) शीला देवी(4) बबली देवी (5) अन्नु आरा (6) निर्मला कुॅवर (7) पुष्पा गुप्ता (8) प्रतिमा देवी ने पुलिस के समक्ष ब्यान दिया है कि श्री राजन कुमार को उन्होने कोई पैसा नही दिया है।

आरोप सं0-2. आरोपी का कहना है कि लगाया गया आरोप गलत है। आरोपी सन्‌ 1986 से बाल विकास शाखा से संबंध रख रहा है। लेकिन आजतक किसी पदाधिकारी ने सरकारी सेवक के प्रतिकूल आचरण का आरोप नही लगाया है। आरोप सं0-3. आरोपी का कहना है कि आरोप सरासर गलत और निराधार हैं। प्रथम सूचना के अवलोकन से हीं यह स्पष्ट हो जाता है कि उक्त कांड की सूचिका स्वयं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे निलम कुमारी है जिनके लिखित आवेदन के आधार पर उपरोक्त कांड दर्ज हुआ और आरोपी की गिरफ्तारी हुई। जमानत पर रिहा होने के शीघ्र बाद हीं आरोपी ने कार्यालय में अपना योगदान दिया है।

अतः आरोपी द्वारा सर्वथा गलत, आधारहीन, वास्तविकता से परे उनके विरूद्ध लगाये गये आरोपों के संबध में अपने स्पष्टीकरण पर विचार करते हुए दोषमुक्त करने का अनुरोध किया है। उपस्थापन पदाधिकारी का मंतव्य

आरोप सं0-1. श्री राजन कुमार को एक अन्य व्यक्ति के साथ सेविकाअेां से रूपये की वसूली करने की सूचना पर स्थानीय पुलिस की मदद से प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, थावे तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे द्वारा पकडा गया तथा प्राथमिकी दर्ज करायी गयी। दोनो के पास से 6400 + 64000 रूपये एवं सेविकाओं की मोबाईल सं0 की सूची बरामद हुई। उनके द्वारा कहा गया है कि आरोपी द्वारा उपलब्ध कराये गये पुलिस अनुसंधान की डायरी की छायाप्रति की कंडिका 60 तथा 73 के संबंध में मुझे कुछ नही कहना है।

आरोप सं0-2. साथ पकड़े गये गुड्‌डु सिंह स्थानीय है। उनके साथ हीं आरोपी कर्मचारी भी पकड़ गये है। इस प्रकार यह स्थानीय सॉठ-गॉठ तथा अवांछित लाभ प्राप्त करना प्रमाणित करता है।

आरोप सं0-3. दिनांक 30.12.2013 को प्रपत्र "क" हस्ताक्षरित हुआ तथा उस दिन तक बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे द्वारा आरोपी के हिरासत में रहने या जमानत पर छुटने की सूचना नही दी गई थी। राजन कुमार ने10 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 परियोजना कार्यालय में दिनांक 06.01.2014 को जमानत पर रिहा होने के बाद योगदान किया जो उक्त आरेाप का कारण है। उपस्थापन पदाधिकारी, द्वारा लगाये गये आरोपो के पक्ष मे ही अपना मंतव्य दिया गया है। संचालन पदाधिकारी का प्रतिवेदनः-

आरोप सं0 1. आंगनबाडी़ सेविकाओं से अवैध वसूली, दिनांक 24.06.2013 को बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे, जहॉ परिचारी के रूप में पदस्थापित है, आंगनबाडी़ सेविकाओं से अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के उपरांत दिनांक 26.06.2013 से अबतक न्यायायिक हिरासत में रहने के संबंध में आरेापी द्वारा अपने स्पष्टीकरण मे यह कहना है कि आरोप के संबंध में किसी सेविका ने कोई ब्यान या लिखित आवेदन नही दिया कि राजन कुमार द्वारा उनसे पैसे की वसूली की गई। अपने स्पष्टीकरण में थावे कांड सं0 79/2013 के अनुसंधान की कंडिका 60 तथा 73 में दो सविकाओं द्वारा श्री राजन कुमार को पैसा देने से इनकार किया गया है। इसक्रम में 6400 रूपये की बरामदगी तथा उनके पास से सेविकाओं की मोबाईल सं0 की सूची प्राप्त होना आरोपों के संपुष्ट होने का आधार माना है। उनके द्वारा अनुसंधान के कंडिका 60 एवं 73 के संबंध में कोई भी मंतव्य देना उचित नही समझा गया हैं।

जिला पदाधिकारी, गोपालगंज द्वारा दूरभाष पर दिये गये निर्देश वह किसी सूचना पर ही आधारित है, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, थावे और बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण के दौरान श्री राजन कुमार तथा एक अन्य व्यक्ति के पास से 6400 + 6400 रूपये समान मात्रा में बरामद होना तथा उनके ही पास से सेविकाओं की मोबाईल सं0 की सूची बरामद होना उनके असूचितापूर्ण कार्य का स्पष्ट प्रमाण है। आरोपी के पास से बरामद 6400 रूपये का तथा उनके साथ पकड़े गये दूसरे स्थानीय व्यक्ति के पास से उतनी ही राशि बरामद होना आरोप संपुष्टि के लिए पर्याप्त है। इसप्रकार आरोपी पर लगाये गये प्रथम आरोप सिद्ध होता है।

आरोप सं0-2. कार्यालय परिचारी के दायित्वों का निर्वहन नही करना तथा सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल आचरण- इनका कार्य कार्यालय परिचारी का है परन्तु अपने दायित्वो का निर्वहन नही कर स्थानीय व्यक्यिों से सॉठ-गॉठ में रहकर अनुशासनहीनता तथा अवांछित लाभ प्राप्त करने का हैं, जो सरकारी कर्मचारी के आचरण के प्रतिकूल है, के संबंध में आरोपी द्वारा कहना कि 28 वर्षो में सरकारी कर्मचारी के आचरण के विरूद्ध कोई आरोप किसी पदाधिकारी द्वारा मुझे नही लगाया गया, समीचीन नही हैं। जैसे ही कोई कर्मी अनैतिक रूप से धनोपार्जन मे लगता है या अपने कार्यो के अतिरिक्त किसी अनैतिक कार्य में संलिप्त पाया जाता है, वैसी स्थिति में उसपर लगाये गये अुनशासनहीनता तथा सरकारी कर्मचारी के आचरण के प्रतिकूल, आरोप स्वतः प्रमाणित होता हैं। ंइसप्रकार गठित आरोप सं0-02 भी प्रमाणित होता है।

आरोप सं0-3. गिरफ्तारी की सूचना नही देना तथा तथ्यों को छिपाना, हिरासत अवधि मे रहने संबंधी कोई सूचना नही देकर तथ्यों को छिपा लिया गया जिससे सरकारी कार्य बाधित हुआ। इस संबध मे आरोपी कर्मचारी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, थावे के लिखित आवेदन पर हीं आरोपी की गिरफ्तारी हुई, से प्रमाणित होता है कि आरोपी द्वारा तथ्यों को छिपाया नही गया। हिरासत से बाहर आने पर उनके द्वारा अपने कर्तव्य पर योगदान दिया गया हैं। अतः आरोप सं0-03 प्रमाणित नही होता है।

विभागीय कार्यवाही के तहत संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर वृहत दण्ड देने के संबंध में सहायक निदेशक, आई0सी0डी0एस0, पटना के पत्रांक 3179 दिनांक 05.08.2015 द्वारा श्री राजन कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री राजन कुमार द्वारा दिनांक 14.08.2015 को निदेशालय आई0सी0डी0एस0, पटना को द्वितीय कारण पृच्छा से संबंधित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया।

समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के ज्ञापांक 3130, दिनांक 30.07.2015, आई0सी0डी0एस0 निदेशालय, बिहार, पटना अंतर्गत जिला प्रोग्राम कार्यालयों एवं बाल विकास परियोजना कार्यालयों में समूह "घ" के पद पर भर्ती प्रक्रिया एवं सेवा शर्तो के निर्धारण आदि के संदर्भ में निर्गत है। उक्त के आलोक में आई0सी0डी0एस0 निदेशालय, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3494, दिनांक 02.09.2015 एवं पत्रांक 3562 दिनांक 08.09.2015 द्वारा अग्रेतर कार्रवाई हेतु आवश्यक कागजात जिला पदाधिकारी, गोपालगंज को उपलब्ध कराया गया। तत्‌पश्चात श्री राजन कुमार द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण पर इस कार्यालय के पत्रांक 539/स्था0, दिनांक 26.04.2016 एवं 606/स्था0, दिनांक 16.05.2016 से सहायक निदेशक-सह-प्रभारी पदाधिकारी,(स्थापना) आई0सी0डी0एस0 निदेशालय, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गई। निदेशक, आई0सी0डी0एस0 निदेशालय, बिहार, पटना के पत्रांक 1382 दिनांक 27.05.2016 से मंतव्य उपलब्ध कराया गया है जो निम्नवत्‌ हैंः-

''संचालन पदाधिकारी-सह-अपर समाहत्र्ता, वि0जॉच, सारण, छपरा के पत्रांक 4मु0 दिनांक 05.06.2014 द्वारा श्री राजन कुमार, निलंबित कार्यालय परिचारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रतिवेदन निदेशालय को प्राप्त हुआ। श्री राजन कुमार के विरूद्ध प्रपत्र "क" में तीन गंभीर आरोप लगाये गये थे, जिनमें संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रथम दो गंभीर आरोपों को प्रमाणित पाया गया। आरोप प्रमाणित होने के क्रम में हीं श्री कुमार को वृहत दंण्ड देने के क्रम में स्पष्टीकरण की गई, जिसके प्रत्युत्तर में श्री राजन कुमार द्वारा दिनांक 14.08.2015 को स्पष्टीकरण का जबाब दिया गया है।

स्पष्टीकरण के सम्यक्‌ अवलोकन से यह पाया गया है कि श्री राजन कुमार द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन प्रक्रिया मे ही दोष निर्धारण करने का प्रयास किया गया है, जबकि उनके द्वारा अवैध वसूली एव ंअन्य के संबंध में कोई समीचीन तथ्य उपलब्ध नही कराये गये है। उल्लेखनीय है कि जिला पदाधिकारी, गोपालगंज के द्वारा दिनांक 24.06.2013 को दूरभाष पर प्राप्त सूचना के आलोक में हीं श्री राजन कुमार एवं अन्य को कार्यालय में आंगनबाड़ी सेविकाओं से अवैध वसूली करते हुए पकड़े जाने के कारण गिरफ्तार कर न्यायायिक हिरासत मे ंभेजा गया था।

अतः श्री राजन कुमार, निलंबित कार्यालय परिचारी द्वारा दिनांक 14.08.2015 का प्रस्तुत स्पष्टीकरण भ्रामक एवं स्वीकार योग्य नही है।''11 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 अतः श्री राजन कुमार, कार्यालय परिचारी, बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे के विरूद्ध प्रपत्र "क" में गठित आरोप, विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन, संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के आधार पर विभाग द्वारा श्री कुमार को निर्गत द्वितीय कारण पृच्छा, श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के रूप में स्पष्टीकरण एवं उक्त स्पष्टीकरण पर प्राप्त विभागीय मंतव्य पर सम्यक रूप से की गई विवेचना के उपरांत आरोपी श्री कुमार के विरूद्ध गठित प्रथम दो गंभीर आरोप प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियत्रंण एव अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित, 2007) के भाग- v के नियम-14(xi) के अनुरूप वृहत शास्ति के योग्य है।

अतः मैं राहुल कुमार (भा0प्र0से0), जिला पदाधिकारी, गोपालगंज बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियत्रंण एव अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित, 2007) के भाग- v के नियम-14(xi) के तहत्‌ श्री राजन कुमार, कार्यालय परिचारी, बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे को आदेश निर्गत की तिथि से सेवा से बर्खास्त करता हूॅ।

श्री राजन कुमार, कार्यालय परिचारी, बाल विकास परियोजना कार्यालय, थावे से संबंधित विवरणी निम्नप्रकार हैः- 1. नाम- श्री राजन कुमार 2. पिता का नाम- गुन्जेश्वरी शरण 3. पदनाम- कार्यालय परिचारी 4. जन्म तिथि- 25.02.1961 5. नियुक्ति तिथि- 28.01.1986 6. वेतनमान- पे बैण्ड 5200-20200, ग्रेड पे0-1800 7. समूह- "घ" 8. स्थायी पता- शरण निवास नं0-01, ग्राम-मोतिहारी, पो0-मोतिहारी, जिला -मोतिहारी

आदेष से, (ह॰) अस्पष्ट, जिला पदाधिकारी गोपालगंज।

——— सहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभागसहकारिता विभाग ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाएंएंएंएं 24 जनवरी 2017

सं॰ 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-705/2015-274—श्री संजय कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, अररिया सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध अनुषासनहीनता बरतने, मुख्यालय से बिना अनुमति के अनुपस्थित रहने, विभागीय बैठक में भाग नहीं लेने, उच्चाधिकारियों के आदेष का उल्लंघन करने, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने, कार्यालय का रोकड़ बही अद्यतन न रखकर वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप में विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 2074, दिनांक 25॰06॰2015 द्वारा निलंबित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2080, दिनांक 25॰06॰2015 द्वारा उनके विरूद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-क) गठित कर विभागीय कार्यवाही संचालित की गई थी । जिसमें निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था ।

2. इस संदर्भ में निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 5460, दिनांक 16॰06॰2016 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन/अधिगम में श्री झा के विरूद्ध गठित आरोप सं॰-1 जो अनधि—त अनुपस्थिति एवं बिना कार्य के वेतन की निकासी से संबंधित है, प्रमाणित नहीं पाया गया । आरोप सं॰-2 उच्चाधिकारियों के आदेषोल्लंघन एवं अनुषासनहीनता से संबंधित है आंषिक रूप से प्रमाणित एवं आरोप संख्या-3 जो कार्यालय के रोकड़ बही अद्यतन नहीं रखकर वित्तीय अनियमितता बरते जाने से संबंधित है, आंषिक रूप से प्रमाणित पाये गये । उक्त जाँच प्रतिवेदन/अधिगम पर विभागीय पत्रांक 3677, दिनांक 18॰10॰2016 द्वारा श्री झा से द्वितीय कारण पृच्छा की गई । संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन/अधिगम एवं श्री झा से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर की सम्यक्‌ समीक्षा की गई । समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री झा के द्वितीय कारण पृच्छा प्रत्युत्तर संतोषजनक नहीं है एवं इनके विरूद्ध आरोप सं॰-2 एवं 3 आंषिक रूप से प्रमाणित है, जिसके लिए वे दोषी हैं ।

3. अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री संजय कुमार झा, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, अररिया सम्प्रति निलंबित को निन्दन की सजा एवं संचयी प्रभाव के बिना एक वेतन वृद्धि रोकने का दण्ड संसूचित किया जाता है एवं उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है ।

4. श्री झा को निलंबन से मुक्त किया जाता है । निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त अन्य कोई राषि देय नहीं होगी परन्तु निलंबन अवधि की सेवा को पेंषन प्रयोजनार्थ गिनी जायेगी । 6. इस आदेष में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार का अनुमोदन प्राप्त है । 5. निलंबन मुक्त होने के पश्चात्‌ श्री झा, स्थापना शाखा (प्रषाखा-1), सहकारिता विभाग, बिहार, पटना में अपना योगदान देंगे, जहाँ से इनके पदस्थापन की कार्रवाई की जायेगी ।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र राम, उप-सचिव (निगरानी)।12 Nबहार गजट, 29 माच" 2017

6 मार्च 2017

सं॰ 08/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-705/2016-843—श्री शषिभूषण कुमार, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, सीवान, सम्प्रति प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, वैषाली के विरूद्ध बिना जिला पदाधिकारी, सीवान के अनुमति प्राप्त किये एवं बिना प्रभार दिये नये पदस्थापन स्थान पर योगदान देने एवं पैक्सों से शत प्रतिषत सी॰एम॰आर॰ की वसूली नहीं करने के आरोप में जिला पदाधिकारी, सीवान के पत्रांक 111(मु॰)/जि॰आ॰, दिनांक 20॰07॰16 द्वारा अनुषासनिक कार्रवाई की अनुषंसा की गई थी ।

उक्त आरोप पर विभागीय पत्रांक 3060, दिनांक 24॰08॰2016 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण पूछा गया । श्री कुमार के पत्र सं॰ 494, दिनांक 23॰09॰2016 से प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सीवान का मंतव्य प्राप्त किया गया । श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, सीवान के मंतव्य की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी । समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री कुमार द्वारा नए स्थान पर योगदान देने के 10 दिन बाद दैनिक कार्यों के निष्पादन हेतु अधीनस्थ पर्यवेक्षीय पदाधिकारी को जिला सहकारिता पदाधिकारी को दैनिक कार्यों के लिए अधि—त करना उनकी स्वेच्छाचारिता को प्रमाणित करता है । इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी, सीवान द्वारा धान अधिप्राप्ति का निर्धारित शत-प्रतिषत सी॰एम॰आर॰ वसूली के आदेष का अवहेलना करना इनके द्वारा सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने, कर्त्तव्यहीनता एवं अनुषासनहीनता को दर्षाता है । जिसके लिए वे दोषी हैं । अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री शषिभूषण कुमार, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, सीवान, सम्प्रति प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, वैषाली को ''निन्दन'' का दण्ड संसूचित किया जाता है । आरोप वर्ष-2016 है ।

2॰ इसमें माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र राम, उप-सचिव (निगरानी)।

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26 दिसम्बर 2016

सं॰ 08/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-712/2014-4459—श्री बब्बन मिश्र, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, रोहतास सम्प्रति प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, गोपालगंज के विरूद्ध जमसौना पैक्स में चावल मिल-सह-गैसीफायर एवं गोदाम निर्माण में सरकारी राषि के वित्तीय अनियमितता एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में निबंधक सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना द्वारा आरोप-पत्र (प्रपत्र-''क'') गठित कर अनुषासनिक कार्रवाई की अनुष्ांसा की गई थी । विभागीय पत्रांक 40 दिनांक 05॰01॰15 द्वारा श्री मिश्र से स्पष्टीकरण पूछा गया । श्री मिश्र से प्राप्त स्पष्टीकरण पर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्त की गई । समीक्षोपरान्त मामले की जाँच पुनः अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना से कराई गई । अपर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के जाँच प्रतिवेदन पर पुनः निबंधक सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना से मंतव्य प्राप्त की गई । जमसौना पैक्स राईस मिल निर्माण से संबंधित मूल संचिकाओं (संचिका संख्या-2010-11 एवं संचिका संख्या-2013-14) की समीक्षा की गई । समीक्षोपरान्त श्री बब्बन मिश्र, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, रोहतास सम्प्रति प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, द्वारा जमसौना पैक्स में चावल मिल-सह-गैसीफायर निर्माण के लिए सरकार द्वारा स्वी—त अनुदान की राषि मो॰-14.00 (चौदह) लाख रूपये बिना स्थल निरीक्षण किये भुगतान होने का आरोप प्रमाणित पाया गया । जिसके लिए वे दोषी हैं ।

अतएव प्रमाणित आरोपों के लिए श्री बब्बन मिश्र, तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, रोहतास सम्प्रति प्रबंध निदेषक, सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि॰, गोपालगंज को निन्दन की सजा एवं दो वेतनवृद्धियाँ असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड संसूचित किया जाता है । आरोप वर्ष-2011-12 है ।

2॰ इसमें माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है ।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, राजेन्द्र राम, उप-सचिव (निगरानी)।

——— सं॰ कारा/नि0को0(अधी0)-01-02/2015-1347 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभ्गृह विभ्गृह विभ्गृह विभाग (कारा)ााग (कारा)ााग (कारा)ााग (कारा) ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 23 मार्च 201723 मार्च 201723 मार्च 201723 मार्च 2017

श्री सत्येन्द्र कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, छपरा (सम्प्रति अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर) के विरूद्ध अनधिकृत रूप से कारा हस्तक नियमों के प्रावधानों के विरूद्ध दिनांक 15.03.2015 को मंडल कारा, छपरा में बिना अनुमति के सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर आर्केस्ट्रा कराये जाने एवं अन्य कतिपय प्रतिवेदित13 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 आरोपों के लिए गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2367 दिनांक 16.04.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी।

2. आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 7754 दिनांक 10.12.2015 से प्राप्त संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच-सह-संचालन पदाधिकारी, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत्‌ विभागीय पत्रांक 201 दिनांक 12.01.2016 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री कुमार से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री कुमार ने अपने पत्रांक 585 दिनांक 12.02.2016 के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया। 3. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत श्री कुमार के द्वितीय कारण पृच्छा जवाब को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के प्रावधानों के तहत्‌ निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा किया गया :-

(i) दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड।

(ii) देय तिथि से प्रोन्नति पर दो वर्षों तक रोक।

4. उपर्युक्त विनिष्चयी दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 3705 दिनांक 22.06.2016 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2025 दिनांक 04.10.2016 द्वारा संसूचित किया गया है कि प्रस्तावित दण्ड '' देय तिथि से प्रोन्नति पर दो वर्षों तक रोक '' का दण्ड वृहत्‌ दण्ड की श्रेणी में नहीं आता है, फलतः इस पर विभागीय स्तर पर ही निर्णय लिया जाना अपेक्षित है। आयोग द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त '' दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।

5. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6461 दिनांक 21.10.2016 द्वारा श्री सत्येन्द्र कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, छपरा (सम्प्रति अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (समय-समय पर यथा संषोधित) के प्रावधानों के तहत्‌ निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :-

(i) दो वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड।

(ii) देय तिथि से प्रोन्नति पर दो वर्षों तक रोक।

6. श्री कुमार द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6461 दिनांक 21.10.2016 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध अपने पत्रांक 203/कारा दिनांक 10.01.2017 के द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि कार्यक्रम का आयोजन उनकी हीं स्वीकृति से किया गया था तथा इसमें कारा हस्तक के नियम के आलोक में प्रषासन में नियंत्रण की कमी का प्रष्न हीं नहीं उठता है। यदि इस कार्यक्रम में कोई अप्रिय घटना होती तो यह आरोप लग सकता था, लेकिन सब कुछ ठीक रहा। बिहार कारा हस्तक, 2012 में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए जिला पदाधिकारी की अनुमति की आवष्यकता नहीं समझी गयी। उनका कहना है कि ऐसे कार्यक्रम का आयोजन बंदियों द्वारा ही किया जायेगा अथवा बाहर के कलाकारों को भी बुलाया जायेगा, के बिन्दु पर विभाग द्वारा मार्गदर्षन नहीं दिया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रायोजन बंदी विषेष द्वारा अपने गाँव के कलाकारों को कारा में आमंत्रित कर कराया गया था, से संबंधित आरोप के संबंध में श्री कुमार का कहना है कि आरोप बिल्कुल ही अनिष्चित है, क्योंकि उक्त बंदी का न तो नाम बताया गया है न उसके गाँव का नाम हीं। उनका कहना है कि वे उस समय पूरी तरह से सर्तक थे फिर भी कारा के अन्दर मोबाईल चला गया। जहाँ तक बाँस-बल्ला आदि का प्रष्न है, कारा के अन्दर अनेक लोक निर्माण कार्यों में महीनों तक बांस-बल्ला रहता है।

7. श्री कुमार के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि कारा हस्तक 2012 के नियम-796 (i) एवं (ii) में वर्णित प्रावधानों के अनुसार काराधीक्षक सम्पूर्ण कारा के नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी होते हैं। इस आधार पर कारा प्रषासन में उनके नियंत्रण में कमी था। श्री कुमार ने अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में बिहार कारा हस्तक के सुसंगत धाराओं की गलत व्याख्या करते हुए उल्लेख किया गया है कि ऐसे कार्यक्रमों के लिए जिला पदाधिकारी के अनुमोदन की स्वीकृति की आवष्यकता नहीं थी। श्री कुमार का कहना है कि इस मामले पर विभाग द्वारा कोई मार्गदर्षन नहीं दिया गया था, उनका आरोप से बचने का प्रयास भर है क्योंकि नियम और प्रावधान की जानकारी होना सभी सरकारी कर्मियों/पदाधिकारियों के लिए अनिवार्य है ताकि उनके द्वारा विभागीय कार्य नियम के आलोक में संपादित किया जाय। कारा में बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर आर्केस्ट्रा कराया गया तथा कारा के अन्दर मोबाईल जैसे प्रतिबंधित सामग्री का प्रवेष हुआ जिसके कारण कारा के अन्दर कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। यह बिहार कारा हस्तक, 2012 के सुसंगत प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। साथ ही यह घटना उनकी14 Nबहार गजट, 29 माच" 2017 प्रषासनिक विफलता एवं उनकी कार्य के प्रति लापरवाही को इंगित करता है। अतः श्री कुमार का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन स्वीकार्य नहीं है।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक्‌ विष्लेषणोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारापरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारापरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारापरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सत्येन्द्र कुमार, 8. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक्‌ विष्लेषणो उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक्‌ विष्लेषणो उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में सम्यक्‌ विष्लेषणो तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, छपरा सम्प्रति अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस, केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर के द्वारा के द्वारा के द्वारा के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है। समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत किया जाता है।

आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेशः-आदेशः-आदेशः-आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिवसंयुक्त सचिवसंयुक्त सचिवसंयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)-सह-निदेषक (प्र0)-सह-निदेषक (प्र0)-सह-निदेषक (प्र0)।।।।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 29 March 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-03-29.13/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-03-29.13.