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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 31 March 2017

Published 31 March 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-03-31.264
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट'0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार

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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 10 चैऽचैऽचैऽचैऽ 1939 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 264) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, शुबशुबशुबशुबवावावावारररर, 33331111 माच$माच$माच$माच$ 2017 पथ निर्माण विभागपथ निर्माण विभागपथ निर्माण विभागपथ निर्माण विभाग

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अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना

7 मार्च 20177 मार्च 20177 मार्च 20177 मार्च 2017

सं0 प्र06/द0बि0-नियम-03-02/2004

प्र06/द0बि0-नियम-03-02/2004-2106(s)—भारतीय संविधान के अनुच्छेद 283(2) के अधीन प्रदा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 283(2) के अधीन प्रदा

बिहार लोक निर्माण विभाग संहिता भाग-1 (1958) (समय-समय पर शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, बिहार लोक निर्माण विभाग संहिता भाग-1 (1958) (समय-समय पर शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल,

यथा संशोधित) के नियम 159(vii), 182A, 292(xvi)(ii)

159(vii), 182A, 292(xvi)(ii) एवं 292(xviii)(xii) को निम्नरूपेण

को निम्नरूपेण तुरन्त के प्रभाव से प्रतिस्थापित करते हैं :-

159(vii) कार्य की प्रकृति और आवश्यकता के अनुसार उस कार्य को सम्पन्न करने का समय, आपवादिक स्थितियों में कार्य की प्रकृति और आवश्यकता के अनुसार उस कार्य को सम्पन्न करने का समय, आपवादिक स्थितियों में कार्य की प्रकृति और आवश्यकता के अनुसार उस कार्य को सम्पन्न करने का समय, आपवादिक स्थितियों में

5 करोड़ से अधिक की संविदा ही केवल, 3.5 करोड़ तक की संविदा हेतु मुख्य अभियंता एवं 3.5 करोड़ से अधिक की संविदा ही केवल, 3

हेतु प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय निविदा समिति द्वारा अवधि विस्तार हेतु प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय निविदा समिति द्वारा अवधि विस्तार हेतु प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय निविदा समिति द्वारा अवधि विस्तार की स्वी—ति प्रदान की जा सकती है।

ति प्रदान की जा सकती है।

182A परिमाण-विपत्र (बी0ओ0क्यू0) में सम्मिलित नहीं किये गये कार्य मद को अतिरिक्त मद कहा परिमाण-विपत्र (बी0ओ0क्यू0) में सम्मिलित नहीं किये गये कार्य मद को अतिरिक्त मद कहा परिमाण-विपत्र (बी0ओ0क्यू0) में सम्मिलित नहीं किये गये कार्य मद को अतिरिक्त मद कहा

तरिक्त मद के लिए, हमेशा पूरक एकरारनामा अपेक्षित होगा और इसका दर जाएगा। अतिरिक्त मद के लिए, हमेशा पूरक एकरारनामा अपेक्षित होगा और इसका दर जाएगा। अि

प्राथमिक एकरारनामा की दर से निर्धारित होगी जिसका तात्पर्य यह है कि प्राथमिक प्राथमिक एकरारनामा की दर से निर्धारित होगी जिसका तात्पर्य यह है कि प्राथमिक प्राथमिक एकरारनामा की दर से निर्धारित होगी जिसका तात्पर्य यह है कि प्राथमिक एकरारनामा के समय सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित दर अतिरिक्त मद की दर के लिए एकरारनामा के समय सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित दर अतिरिक्त मद की दर के लिए एकरारनामा के समय सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित दर अतिरिक्त मद की दर के लिए

किन्तु किसी भी परिस्थिति में यह प्राथमिक मार्गदर्शक होगी। यह उससे कम हो सकती है, किन्तु किसी भी परिस्थिति में यह प्राथमिक मार्गदर्शक होगी। यह उससे कम हो सकती है,

एकरारनामा के दर से अधिक नहीं होगी। प्राथमिक एकरारनामा के परिमाण-विपत्र मंजूर करने एकरारनामा के दर से अधिक नहीं होगी। प्राथमिक एकरारनामा के परिमाण-विपत्र मंजूर करने एकरारनामा के दर से अधिक नहीं होगी। प्राथमिक एकरारनामा के परिमाण-विपत्र मंजूर करने

त सक्षम प्राधिकारी द्वारा दर और परिमाण-विपत्र मंजूर किये जायेंगे, लेकिन के लिये प्राधि—त सक्षम प्राधिकारी द्वारा दर और परिमाण-विपत्र मंजूर किये जायेंगे, लेकिन के लिये प्राधि2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 31 माच$माच$माच$माच$ 2017 किसी भी हालत में अतिरिक्त मदों का एकरारनामा प्राथमिक एकरारनामा के 10% [दर-अनुक्रम (मद्‌वार एवं कुल लागत-दोनों)] से अधिक नहीं होगा। यदि यह 10% से अधिक हो, तो पदानुक्रम में एक स्तर ऊपर वाला (पदाधिकारी) सक्षम प्राधिकार होगा। यदि यह (दर-अनुक्रम और कुल लागत-दोनों) 20% से अधिक हो जाएगी, तो निम्न प्रावधान के अनुसार विभागीय अनुमोदन की आवश्यकता होगीः-

उपर्युक्त विभागीय अनुमोदन का तात्पर्य प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय निविदा समिति द्वारा अनुमोदन से होगा।

शक्तियों का स्वरूप शक्तियों की सीमा अभ्युक्ति
292(xvi) (ii) सभी एकरारनामा या ठेके मेें उपबंधित समय-सीमा में फेर-बदल करना और अर्थ-दंड माफ अथवा कम करना। पूर्ण शक्ति, उच्चतर प्राधिकार द्वारा निष्पादित मामलों को छोड़कर। बर्शो 3.50 करोड़ से अधिक के निविदा से संबंधित मामले में समय विस्तार की स्वी—ति की प र्ण ू शक्ति प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय निविदा समिति की होगी। मुख्य अभियंता
292(xviii)(xii) अधिकाई परिमाण विपत्र (बी0ओ0क्यू0) मद का अनुमोदन। परिमाण विपत्र मद मात्रा में अधिकतम 20% मद-क्रम वार तक बढ़ोारी। 20% से अधिक विचलन होने पर प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में गठित विभागीय निविदा समिति की स्वी—ति आवश्यक होगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता,

सरकार के अपर सचिव।

7 मार्च 20177 मार्च 20177 मार्च 20177 मार्च 2017

सं0 प्र06/द0बि0-नियम-03-02/2004-2106(s)—भारतीय संविधान के अनुच्छेद 283(2) के अधीन प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, बिहार लोक निर्माण विभाग संहिता भाग-1 (1958) (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम 159(vii), 182A, 292(xvi)(ii) एवं 292(xviii)(xii) को निम्नरूपेण तुरन्त के प्रभाव से प्रतिस्थापित करते हैं :-

159(vii) "The time of completion of the work according to the nature and urgency of the work, in exceptional cases only, time extension may be allowed by Chief Engineer for contracts up to Rs. 3.5 crores and for contracts exceeding Rs. 3.5 crores by Departmental Tender committee presided over by Principal Secretary/Secretary of the Department."

182A The item of work not included in the Bill of Quantity (BOQ) shall be termed as extra item. For extra item, there should always be a supplementary agreement and rate will be guided by the rate of primary agreement which means the rate approved by the competent authority at the time of primary agreement will be guiding factor for3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 31 माच$माच$माच$माच$ 2017 the rate of extra item. It may be lower than that but in any case it should not be more than the rate quoted for the primary agreement.

The rate and BOQ shall be sanctioned by the competent authority, authorized to sanction the BOQ of primary agreement but in no case the extra items agreement shall be more than 10% (item-wise and over all cost both) of the primary agreement. If it exceeds by 10% then one level higher in hierarchy shall be the competent authority, if it is more than 20% (item-wise and over all cost both) then departmental approval shall be required subject to the following:

The aforesaid departmental approval would mean approval granted by Departmental Tender committee presided over by Principal Secretary/Secretary of the Department."

Nature of powers Limit of powers Remarks
292(xvi) (ii) To alter the time limit and to remit or reduce the penalty provided in all agreements or contract. Full power except in case of those entered into by higher authority. Provided that Departmental Tender committee presided over by Principal Secretary/Secretary of the Department will have full power to grant time extension for contracts exceeding a value of Rs. 3.5 crores. Chief Engineer
Approval of 292(xviii)(xii) excess BOQ item Increase in BOQ item quantity maximum upto 20% item wise. For any variation beyond 20% approval of Departmental Tender Committee presided over by Principal Secretary/Secretary of the Department will be required.

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता,

सरकार के अपर सचिव।

———— अधी,क, सिचवालय मुिणालय,

(cid:1)बहार, पटना (cid:23)ारा ूकािशत एवं मु0ित। (cid:1)बहार गजट (असाधारण) 264-571+1000-ड'0ट'0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 31 March 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-03-31.264/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-03-31.264.