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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 25 April 2017

Published 25 April 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-04-25.319
Languages
English, Hindi

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पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 22225555 अूीलअूीलअूीलअूील 2017

सं0 2/एम02-20-04/2012 गृ0आ0—3275 सं0 गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग (आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा) -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 20 अप्रील 201720 अप्रील 201720 अप्रील 201720 अप्रील 2017

श्री संजय कुमार सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नवादा सम्प्रति अपर पुलिस अधीक्षक, श्री संजय कुमार सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नवादा सम्प्रति अपर पुलिस अधीक्षक, श्री संजय कुमार सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नवादा सम्प्रति अपर पुलिस अधीक्षक,

हेतु प्रपत्र-'क' तथा साक्ष्य एवं प्रदर्श पुलिस महानिदेशक जहानाबाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने हेतु प्रपत्र-'क' तथा साक्ष्य एवं प्रदर्श पुलिस महानिदेश् जहानाबाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने 2012 द्वारा प्राप्त हुआ था। श्री सिंह पर आरोप है कि दिनांक पटना के पत्रांक-4686 दिनांक 28.12.2012 द्वारा प्राप्त हुआ था। श्री सिंह पर आरोप है कि दिनांक कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक-4686 दिनांक ा मिली थी, जिसकी पहचान मनोज यादव पिता-श्री दयानंद गर थाना नवादा क्षेत्रान्तर्गत एक लाश मिली थी, जिसकी पहचान मनोज यादव पिता-श्री दयानंद 15.01.2012 को नगर थाना नवादा क्षेत्रान्तर्गत एक लाश् प्रसाद यादव, ग्राम-लक्ष्मीपुर, थाना-मुफ्फसिल नवादा के रूप में की गयी। मृत क के परिजनों द्वारा यह आरोप लगाया प्रसाद यादव, ग्राम-लक्ष्मीपुर, थाना-मुफ्फसिल नवादा के रूप में की गयी। मृतक के परिजनों द्वारा यह आरोप लगाया कि मनोज यादव की मृत्यु पुलिस के द्वारा मार-पीट किये जाने से हुई है। घटना के पश्चात्‌ नवादा शहर में कानून कि मनोज यादव की मृत्यु पुलिस के द्वारा मार-पीट किये जाने से हुई है। घटना के पश्चात्‌ नवादा शहर में कानून कि मनोज यादव की मृत्यु पुलिस के द्वारा मार-पीट किये जाने से हुई है। घटना के पश्चात्‌ नवादा शहर में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी। बिहार सरकार द्वारा घटना की जांच हेतु प्रधान सचिव, गृह विभाग एवं अपर व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी। बिहार सरकार द्वारा घटना की जांच हेतु प्रधान सचिव, गृह विभाग एवं अपर व्यवस्था की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गयी। बिहार सरकार द्वारा घटना की जांच हेतु प्रधान सचिव, गृह विभाग एवं अपर ाक मुख्यालय, बिहार, पटना को प्राधिकृत किया गया। उक्त जांच में श्री सिंह की भूमिका संदिग्ध पायी पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, बिहार, पटना को प्राधिकृत किया गया। उक्त जांच में श्री सिंह की भूमिका संदिग्ध पायी ाक मुख्यालय, बिहार, पटना को प्राधिकृत किया गया। उक्त जांच में श्री सिंह की भूमिका संदिग्ध पायी गयी।

कराया था जबकि मनोज यादव की लाश के सिर पर बाल थे। इसका अर्थ है कि मनोज यादव2. उपरोक्त पदाधिकारी द्वय द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के अनुसार थाना के अभिलेख तथा स्वतंत्र गवाहों उपरोक्त पदाधिकारी द्वय द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के अनुसार थाना के अभिलेख तथा स्वतंत्र गवाहों उपरोक्त पदाधिकारी द्वय द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन के अनुसार थाना के अभिलेख तथा स्वतंत्र गवाहों है कि मनोज यादव को दिनांक 11.01.2012 की के साक्ष्य से मृतक के परिजनों के इस आरोप की पुष्टि नहीं के साक्ष्य से मृतक के परिजनों के इस आरोप की पुष्टि नहीं होती है कि मनोज यादव को दिनांक संध्या में नवादा पुलिस के पदाधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर थाना पर लाया गया तथा हाजत में रखा गया परन्तु यह संध्या में नवादा पुलिस के पदाधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर थाना पर लाया गया तथा हाजत में रखा गया परन्तु यह संध्या में नवादा पुलिस के पदाधिकारियों द्वारा गिरफ्तार कर थाना पर लाया गया तथा हाजत में रखा गया परन्तु यह भी सत्य है कि जिस कांड के सिलसिले में मनोज यादव को पूर्व में पुलिस ने गिरफ्तार किया था उसी कांड के भी सत्य है कि जिस कांड के सिलसिले में मनोज यादव को पूर्व में पुलिस ने गिरफ्तार किया था उसी कांड के भी सत्य है कि जिस कांड के सिलसिले में मनोज यादव को पूर्व में पुलिस ने गिरफ्तार किया था उसी कांड के न्तर्गत संदिग्ध श्रीमती शीला देवी एवं श्रीमती रूबी देवी को पुलिस पकड़ कर थाना पर लाई थीं तथा पूछताछ के बाद न्तर्गत संदिग्ध श्रीमती शीला देवी एवं श्रीमती रूबी देवी को पुलिस पकड़ कर थाना पर लाई थीं तथा पूछताछ के बाद अन्तर्गत संदिग्ध श्रीमती शीला देवी एवं श्रीमती रूबी देवी को पुलिस पकड़ कर थाना पर लाई थीं तथा पूछताछ के बाद मुक्त किया था जिसकी प्रविष्टि थाना दैनिकी में नहीं की गयी है। इस बात से आरोप को बल मिलता है कि दिनांक मुक्त किया था जिसकी प्रविष्टि थाना दैनिकी में नहीं की गयी है। इस बात से आरोप को बल मिलता है कि दिनांक मुक्त किया था जिसकी प्रविष्टि थाना दैनिकी में नहीं की गयी है। इस बात से आरोप को बल मिलता है कि दिनांक 2012 को पुलिस ने मनोज यादव को भी थाना पर लाया हो, जैसा कि उनके परिजनों का आरोप है। यहाँ एक ना पर लाया हो, जैसा कि उनके परिजनों का आरोप है। यहाँ एक 11.01.2012 को पुलिस ने मनोज यादव को भी था 2012 को मनोज यादव के दादा के श्राद्ध के अवसर पर सभी अन्य परिस्थितिजन साक्ष्य यह भी है कि दिनांक 13.01.2012 को मनोज यादव के दादा के श्राद्ध के अवसर पर सभी अन्य परिस्थितिजन साक्ष्य यह भी है कि दिनांक 13 ा के सिर पर बाल थे। इसका अर्थ है कि मनोज यादव उस परिजनों ने मुण्डन कराया था जबकि मनोज यादव की लाश् दिन घर पर नहीं था और हो सकता है कि इस दौरान वह पुलिस की हिरासत में रहा हो। उक्त प्रकरण में अन्य दिन घर पर नहीं था और हो सकता है कि इस दौरान वह पुलिस की हिरासत में रहा हो। उक्त प्रकरण में अन्य दिन घर पर नहीं था और हो सकता है कि इस दौरान वह पुलिस की हिरासत में रहा हो। उक्त प्रकरण में अन्य पुलिस कर्मियों के साथ श्री सिंह की भूमिका संदिग्ध पाया गया है। पुलिस कर्मियों के साथ श्री सिंह की भूमिका संदिग्ध पाया गया है। 3. मृतक मनोज यादव के परिजनों का यह भी आरोप है कि पूर्व में भी माह नवम्बर-2011 में मना मृतक मनोज यादव के परिजनों का यह भी आरोप है कि पूर्व में भी माह नवम्बर-2011 में मनोज यादव मृतक मनोज यादव के परिजनों का यह भी आरोप है कि पूर्व में भी माह नवम्बर-2011 में मना को नवादा नगर थाना में गैर कानूनी तरीके से 14-15 दिनों तक हिरासत में रखा गया तथा स्थानीय सांसद के को नवादा नगर थाना में गैर कानूनी तरीके से 14-15 दिनों तक हिरासत में रखा गया तथा स्थानीय सांसद के को नवादा नगर थाना में गैर कानूनी तरीके से 14-15 दिनों तक हिरासत में रखा गया तथा स्थानीय सांसद के 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 25 अूीलअूीलअूीलअूील 2017 दूरभाष पर स्थानीय वरीय पुलिस पदाधिकारियों से बात करने के पश्चात्‌ छोड़ा गया। स्थानीय सांसद महोदय द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है जो कि अन्य पुलिस कर्मियों के साथ श्री सिंह के संदिग्ध आचरण का द्योतक है। 4. थाना के स्टेशन डायरी में प्रविष्टि संख्या-841 दिनांक 19.11.2011 को अपराह्‌न 1ः20 बजे मनोज यादव को पूछताछ हेतु थाना लाने एवं 1ः40 बजे छोड़ देने का उल्लेख है। यह बात अविश्वसनीय है कि हत्याकांड जैसे गंभीर मामले में संदिग्ध व्यक्ति को थाना पर लाने, पूछताछ करने तथा छोड़ने हेतु कागजी कार्रवाई करने का पूरा काम मात्र 20 (बीस) मिनट में पूर्ण हो सकता है ? इसका अर्थ यही है कि मनोज यादव को काफी पहले से थाना पर रखा गया होगा तथा माननीय सांसद का फोन आने पर छोड़ने से पूर्व उसके आगत तथा प्रस्थान की औपचारिकता स्टेशन डायरी में दिखायी गई होगी जो कि अन्य पुलिस कर्मियों के साथ ही श्री सिंह के संदिग्ध आचरण एवं लापरवाही का द्योतक है।

5. जांच के क्रम में नवादा जिले के अनेक जनप्रतिनिधिगण एवं मिडिया के सदस्यों ने भी बताया है कि नवादा नगर थाना की पुलिस ने यह प्रथा काफी पहले से अपनाई हुई थी कि वे लोगों को पकड़कर थाना पर लाते थे एवं कुछ घंटे अथवा कुछ दिनों तक थाना पर रखने के पश्चात्‌ बिना स्टेशन डायरी में प्रविष्टि किये हुए छोड़ देते थे। हालाँकि थाना दैनिकी में प्रविष्टि थाना स्तर के पदाधिकारी ंअंकित करते हैं परन्तु थाना के नियंत्री पदाधिकारी के रूप में SDPO का भी दायित्व है कि वे समय-समय पर थाना दैनिकी का अवलोकन करें और पाई गई त्रुटियों के निराकरण का उपाय करते हुए दोषी पदाधिकारी के विरूद्ध कार्रवाई करें। पुलिस उपाधीक्षक श्री संजय कुमार सिंह द्वारा इस दिशा में अपेक्षित जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया गया जो उनके लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता का द्योतक है। उक्त आरोप पर श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 16 (1) के तहत विभागीय कार्यवाही सांस्थित करते हुए गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के ज्ञापन-1359 दिनांक 21.02.2013 के द्वारा लिखित बचाव अभिकथन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया। श्री सिंह के द्वारा समर्पित लिखित बचाव अभिकथन के समीक्षोपरांत सरकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) के अन्तर्गत उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प सं0-2822 दिनांक 22.04.2015 द्वारा संचालन पदाधिकारी नियुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया।

6. संचालन पदाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही के संचालन से संबंधित जांच प्रतिवेदन अपने पत्र सं0-29 दिनांक 14.09.2015 द्वारा विभाग को समर्पित किया। जांच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्र सं0-4813 दिनांक 17. 06.2016 द्वारा आरोपी पदाधिकारी से द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गयी तथा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से विभागीय पत्र सं0-10001 दिनांक 22.12.2016 द्वारा परामर्श की अपेक्षा की गयी। बिहार लोक सेवा आयेाग, पटना के पत्र सं0-3561 दिनांक 08.03.2017 द्वारा परामर्श प्राप्त हुआ। बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्श तथा आरोपी पदाधिकारी से प्राप्त द्वितीय कारण-पृच्छा से संबंधित बचाव अभिकथन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाये गये प्रमाणित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए श्री संजय कुमार सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नवादा सम्प्रति अपर पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद को विभागीय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा निन्दन (आरोप के वर्ष से प्रभावी) के साथ तीन वेतन वृद्धियाँ संचयी प्रभाव से रोकने का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में श्री सिंह को निंदन (आरोप के वर्ष से प्रभावी) के साथ तीन वेतन वृद्धियाँ संचयी प्रभाव (Cumulative effect) से रोकने का दंड संसूचित किया जाता है। आदेशः- आदेशः- आदेशः- आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री संजय कुमार सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नवादा सम्प्रति अपर पुलिस अधीक्षक, जहानाबाद एवं अन्य संबंधित को भेजा जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, देव नारायण मंडलदेव नारायण मंडलदेव नारायण मंडलदेव नारायण मंडल,,,, सरकार के अपर सचिव।

———— अधी)कअधी)कअधी)कअधी)क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, iiiiटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु.ित।मु.ित।मु.ित।मु.ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 319-571+10-ड$ड$ड$ड$0ट$ट$ट$ट$0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 25 April 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-04-25.319/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-04-25.319.