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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 6 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1939 (शशशश0)
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पटनापटनापटनापटना, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, 22226666 अूीलअूीलअूीलअूील 2017
fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn fo|kifr ekxZ] iVuk&800001 —————— अधिसूचना 10 नवम्बर 2016 सं0 सं0 सं0 सं0 2222207207207207—औरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिरऔरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिरऔरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिरऔरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिर
औरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिरऔरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिरऔरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिरऔरंगाबाद जिलान्तर्गत श्री कृपाली साईं मंदिर ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-
ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत-पड़रावां, थाना- पड़रावां, थाना- पड़रावां, थाना- पड़रावां, थाना-
एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसका निबंधन सं0- 4412 है।
है।
जम्हौरजम्हौरजम्हौरजम्हौर पर्षद के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक
तवेदन की मांग की गयी। इसके आलोक में अंचलाधिकारी, औरंगाबाद का पत्रांक-1233, दिनांक
मंदिर की भूमि का नक्शा एवं इस न्यास के संबंध में सर्वप्रथम स्थानीय जनता का आवेदन, मंदिर का फोटो, मंदिर की भूमि का नक्शा एवं इस न्यास के संबंध में सर्वप्रथम स्थानीय जनता का आवेदन, मंदिर का फोटो, खतियान की छायाप्रति सहित प्राप्त हुआ। आवेदन में मंदिर का निबंधन पर्षद में करने का अनुरोध किया गया। उक्त खतियान की छायाप्रति सहित प्राप्त हुआ। आवेदन में मंदिर का निबंधन पर्षद में करने का अनुरोध किया गया। उक्त खतियान की छायाप्रति सहित प्राप्त हुआ। आवेदन में मंदिर का निबंधन पर्षद में करने का अनुरोध किया गया। उक्त 29/07/15 द्वारा अंचलाधिकारी, औरंगाबाद से न्यास के संबंध में में पर्षदीय पत्रांक-1380, दिनांक 29/07/15 द्वारा अंचलाधिकारी, औरंगाबाद से न्यास के संबंध में आवेदन के आलोक में पर्षदीय पत्रांक- जांच कर प्रतिवेदन की मांग की गयी। इसके आलोक में अंच लाधिकारी, औरंगाबाद का पत्रांक-1233, दिनांक 09/09/15 का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्रतिवेदन के साथ प्राप्त हलका कर्मचारी के प्रतिवेदन में मंदिर का निबंधन करने 09/09/15 का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्रतिवेदन के साथ प्राप्त हलका कर्मचारी के प्रतिवेदन में मंदिर का निबंधन करने 09/09/15 का प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्रतिवेदन के साथ प्राप्त हलका कर्मचारी के प्रतिवेदन में मंदिर का निबंधन करने ो पर्षदीय पत्रांक-2239, दिनांक 08/10/15 का आग्रह किया गया। इसके उपरांत पुनः अचंलाधिकारी, औरंगाबाद क का आग्रह किया गया। इसके उपरांत पुनः अचंलाधिकारी, औरंगाबाद को पर्षदीय पत्रांक-2239, दिनांक द्वारा ''मंदिर की ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्ता एवं मंदिर का निर्माण काल आदि के बिन्दु पर जांच कर प्रतिवेदन की ाा एवं मंदिर का निर्माण काल आदि के बिन्दु पर जांच कर प्रतिवेदन की द्वारा ''मंदिर की ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्त् मांग की गयी। तत्पश्चात अंचलाधिकारी, आ 04/12/15 द्वारा प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, मांग की गयी। तत्पश्चात अंचलाधिकारी, औरंगाबाद का पत्रांक-1838, दिनांक 04/12/15 द्वारा प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जसमें मंदिर का निर्माण 35 वर्ष पूर्व का बताया गया एवं निबंधन का आग्रह भी किया गया है। तदुपरांत मंदिर का जसमें मंदिर का निर्माण 35 वर्ष पूर्व का बताया गया एवं निबंधन का आग्रह भी किया गया है। त जिसमें मंदिर का निर्माण 35 वर्ष पूर्व का बताया गया एवं निबंधन का आग्रह भी किया गया है। त निबंधन दिनांक 08/01/2016 को पर्षद द्वारा किया गया। निबंधन के उपरांत न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति 08/01/2016 को पर्षद द्वारा किया गया। निबंधन के उपरांत न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति 08/01/2016 को पर्षद द्वारा किया गया। निबंधन के उपरांत न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति 4281, दिनांक 30/03/16 गठन की आवश्यकता हुई। इस हेतु अंचलाधिकारी, औरं गठन की आवश्यकता हुई। इस हेतु अंचलाधिकारी, औरंगाबाद से समिति गठन हेतु पत्रांक-4281, दिनांक द्वारा स्थानीय स्वच्छ छवि के 11 हिन्दू सज्जनों के नामों की मांग की गयी, जिसके अनुपालन में पत्रांक- 1197, दिनांक द्वारा स्थानीय स्वच्छ छवि के 11 हिन्दू सज्जनों के नामों की मांग की गयी, जिसके अनुपालन में पत्रांक- 1197, दिनांक 20/07/16 द्वारा 11 नामों की सूची, उनके पदनाम एवं पूरा पता सहित अंचलाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा पर्षद को 20/07/16 द्वारा 11 नामों की सूची, उनके पदनाम एवं पूरा पता सहित अंचलाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा पष 20/07/16 द्वारा 11 नामों की सूची, उनके पदनाम एवं पूरा पता सहित अंचलाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा पष प्राप्त नामों की सूची के आधार पर न्यास समिति का गठन आवश्यक प्रतीत होता है। प्राप्त नामों की सूची के आधार पर न्यास समिति का गठन आवश्यक प्रतीत होता है। प्रेषित की गयी। प्राप्त नामों की सूची के आधार पर न्यास समिति का गठन आवश्यक प्रतीत होता है।
पटनवां, पो0पंचायत-पड़रावां, थाना-जम्हौर, जिला-औरंगाबाद'' के सुचारू प्रबंध
2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 26 अूीलअूीलअूीलअूील 2017 योजना1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास योजना, श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास योजना, श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास योजना, श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास योजना, ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत- पड़रावां, थाना- जम्हौर, जिला- औरंगाबाद'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास समिति, श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास समिति, श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास समिति, श्री कृपाली साईं मंदिर न्यास समिति, ग्राम- पटनवां, पो0पंचायत- पड़रावां, थाना- जम्हौर, जिला- औरंगाबाद'' होगा, जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा, संरक्षण एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, भक्तजन एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। न्यास समिति इस आदेश के साथ संलग्न मार्गदर्शिका/प्रपत्र का अनुपालन सुनिश्चित करेगी।
5. न्यास समिति पर्षद अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से उपाध्यक्ष न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष द्वारा बैठक आहुत की जायेगी। बैठको की सूचना सभी सदस्यों को पहले दी जायेगी। बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए अंचलाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा अनुषंसित निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री अखिलेश लाल पिता- कामेश्वर प्रसाद, पटनवां, पो0- पड़रावां - अध्यक्ष (2) श्री अशोक सिंह पिता- स्व0 तपेश्वर सिंह, जगदीशपुर, पो0- पड़रावा - उपाध्यक्ष (3) श्री शशीकान्त पिता- स्व0 राम प्यारे राम, जगदीशपुर, पो0- पड़रावां - सचिव (4) श्री दिनेश्वर मेहता पिता- स्व0 वासुदेव मेहता, पटनवा, पड़रावां - कोषाध्यक्ष (5) श्री बिक्रम यादव पिता- स्व0 तपेश्वर यादव, पटनवा, पड़रावां - सदस्य (6) श्री सुरेन्द्र सिंह पिता- इन्द्रदेव सिंह, जगदीशपुर, पड़रावां - '' (7) श्री प्यारे प्रजापति पिता- स्व0 रामचन्द्र प्रजापति, जगदीशपुर, पड़रावां - '' (8) श्री राम पुकार साव पिता- बुधन साव, पटनवा, पड़रावां - '' (9) श्री मुनु सिंह पिता- स्व0 अर्जुन सिंह, चित्रगोपी, पड़रावां - '' (10) श्री अवधेश यादव पिता- इन्द्रदेव यादव, वतवां, पो0- रामचन्द्रनगर - '' (11) श्री संजय सिंह पिता- स्व0 रामजीत सिंह, चित्रगोपी, पड़रावां - '' 12. इस न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से 05 वर्षो का होगा। एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर उनकी निरन्तरता कायम रहेगी।
विश्वासभाजन, संजय कुमार,संजय कुमार,संजय कुमार,संजय कुमार, प्रशासक।