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19 Qjojh 2016
सं॰ 3781—भागलपुर जिलान्तर्गत आदिषक्ति शुंगल महामाया देवी ओरियप मंदिर, ग्राम-ओरियप, भागलपुर जिलान्तर्गत आदिषक्ति शुंगल महामाया देवी ओरियप मंदिर, ग्राम-ओरियप, भागलपुर जिलान्तर्गत आदिषक्ति शुंगल महामाया देवी ओरियप मंदिर, ग्राम-ओरियप, थाना-अन्तिचक, भाया-कहलगाँव एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, इस न्यास का निबंधन सं0-3993 है। थाना-अन्तिचक, भाया-कहलगाँव एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, इस न्यास का निबंधन सं0-3993 है। थाना-अन्तिचक, भाया-कहलगाँव एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, इस न्यास का निबंधन सं0-3993 है।
इस न्यास की सुव्यवस्था, हेतु पर्षदीय पत्रांक-858 दिनांक 09 द्वारा अगले पाँच वर्षो के लिए एक न्यास , हेतु पर्षदीय पत्रांक-858 दिनांक 22.07.09 द्वारा अगले पाँच वर्षो के लिए एक न्यास 14 को समाप्त हो गई। नई न्यास समिति गठन करने के कया गया था, जिसकी अवधि दिनांक 22.07.14 को समाप्त हो गई। नई न्यास समिति गठन करने के समिति गठन किया गया था, जिसकी अवधि दिनांक संबंध में आवेदक श्री प्रकाष मंडल के आवेदन के आलोक में अंचलपदाधिकारी महलगाँव से एक प्रतिवेदन की माँग की संबंध में आवेदक श्री प्रकाष मंडल के आवेदन के आलोक में अंचलपदाधिकारी महलगाँव से एक प्रतिवेदन की माँग की संबंध में आवेदक श्री प्रकाष मंडल के आवेदन के आलोक में अंचलपदाधिकारी महलगाँव से एक प्रतिवेदन की माँग की गई जिसके आलोक में अंचलपदाधिकारी कहलगा 16 प्राप्त हुआ जिसमें में अंचलपदाधिकारी कहलगाँव का प्रतिवेदन पत्रांक-137 दिनांक 09.02.16 प्राप्त हुआ जिसमें अंचलपदाधिकारी ने प्रतिवेदित किया है कि इस न्यास में माघी पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की भीड़ एकत्रित होती है, अंचलपदाधिकारी ने प्रतिवेदित किया है कि इस न्यास में माघी पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की भीड़ एकत्रित होती है, अंचलपदाधिकारी ने प्रतिवेदित किया है कि इस न्यास में माघी पूर्णिमा के अवसर पर लाखों की भीड़ एकत्रित होती है, क्ति शुंगल महामाया देवी समिति के बरई समाज ओरियप के ऐसे के श्रृद्धालुओं की भावना को ठेस न पहुँचे आदिषक्ति शुंगल महामाया देवी समिति के बरई समाज ओरियप के ऐसे के श्रृद्धालुओं की भावना को ठेस न पहुँचे आदिष सदस्यगण का चयन सर्वसम्मत से हुआ है, जिसमें मंदिर की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 11 सदस्य का सदस्यगण का चयन सर्वसम्मत से हुआ है, जिसमें मंदिर की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 11 सदस्य का सदस्यगण का चयन सर्वसम्मत से हुआ है, जिसमें मंदिर की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 11 सदस्य का चयन किया गया है।
अतः उपरोक्त परिस्थिति में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना अतः उपरोक्त परिस्थिति में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्ग अतः उपरोक्त परिस्थिति में बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्ग
का निरूपन तथा इसके संचालन के लिए न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। का निरूपन तथा इसके संचालन के लिए न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अतः बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत में धार्मिक न्यास पर्षद को प्रदत्त अधिकार जो उप-विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करत े हुए आदिषक्ति शुंगल महामाया देवी विधि सं0-43 (द) के तहत अध्यक्ष को प्राप्त है, का प्रयोग करते हुए आदिषक्ति शुंगल महामाया देवी ओरियप मंदिर, ग्राम-ओरियप, थाना-अन्तिचक, भाया-कहलगाँव, जिला-भागलपुर के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की ओरियप मंदिर, ग्राम-ओरियप, थाना-अन्तिचक, भाया-कहलगाँव, जिला-भागलपुर के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की ओरियप मंदिर, ग्राम-ओरियप, थाना-अन्तिचक, भाया-कहलगाँव, जिला-भागलपुर के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास क लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति सुरक्षा तथा सम्यक विकास क लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति सुरक्षा तथा सम्यक विकास क लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन किया जाता है।
योजनायोजनायोजनायोजना
1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 26 अ(cid:16)ील 2017 2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा। 3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति को, न्यास की कोई सम्पत्ति बेचने, लीज पर देने का किसी प्रकार से अन्य संक्रमन का अधिकार नहीं होगा।
9.... न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्ताक्षर भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
10. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
11. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
12. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
(1) अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगाँव - अध्यक्ष (2) श्री अमरेन्द्र कुमार पे0 स्व0 अर्जुन मंडल - उपाध्यक्ष (3) श्री प्रकाष मंडल पे0 श्री गोपाल मंडल - सचिव (4) श्री बीरेन्द्र मंडल उर्फ बीरो मंडल पे0 स्व0 अर्जून मंडल - उप-सचिव (5) श्री योगेन्द्र मंडल पे0 स्व0 षिवमूरत मंडल - कोषाध्यक्ष (6) श्री किषोर मंडल पे0 स्व0 निलो मंडल - सदस्य (7) श्री अषेक मंडल पे0 स्व0 इन्द्रदेव मंडल - सदस्य (8) श्री सरयुग मंडल पे0 स्व0 खरचू मंडल - सदस्य (9) श्री अनन्त मंडल पे0 श्री हरचरन मंडल - सदस्य (10) श्री गीता प्रसाद मंडल पे0 स्व0 सिन्धु मंडल - सदस्य (11) श्री आनन्दी मंडल पे0 स्व0 पैख मंडल - सदस्य
उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्षो का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यो की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर इसकी निरन्तरता कायत रहेगी।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, किशोर कुणालकिशोर कुणालकिशोर कुणालकिशोर कुणाल,,,, अध्यक्षअध्यक्षअध्यक्षअध्यक्ष।।।।
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