Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 May 2017

Published 02 May 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-05-02.346
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

(cid:4)नबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:20)0-40 (cid:4)नबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र

ह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 12 व(cid:27)श(cid:4)ख 1(cid:29)3(cid:29) (cid:30)श(cid:15)(cid:31)

(स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) 34(cid:21)) पटन(cid:4)

पटन(cid:4) म(cid:14)गलव(cid:4)र 2 मई 2(cid:15)1#

ty lalk/ku foHkkx

———

vf/klwpuk

13 tuojh 2017

सं0 22 नि0 सि0 (पट0)-03-02/200

22 नि0 सि0 (पट0)-03-02/2008&27—पटना मुख्य नहर के सेवापथ कि0 मी0 58

पटना मुख्य नहर के सेवापथ कि0 मी0 58.20 से 124.20 तक पूर्व में कराये गये सड़क निर्माण कार्य की जाँच तकनीकी परीक्षण कोषांग द्वारा की गयी एवं निम्नलिखित आरोपों के पूर्व में कराये गये सड़क निर्माण कार्य की जाँच तकनीकी परीक्षण कोषांग द्वारा की गयी एवं निम्नलिखित आरोपों के पूर्व में कराये गये सड़क निर्माण कार्य की जाँच तकनीकी परीक्षण कोषांग द्वारा की गयी एवं निम्नलिखित आरोपों के अभियंता, सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, बिहटा सम्प्रति लिए श्री हरिकेश्वर राम (आई0 डी0-3492), तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, बिहटा सम्प्रति लिए श्री हरिकेश्वर राम (आई0 डी0-3492), तत्कालीन कार्यपालक अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए 14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली विभागीय संकल्प ज्ञापांक 646 दिनांक 29 विभागीय संकल्प ज्ञापांक 646 दिनांक 29.05.14 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयीः- 2005 के नियम-17 के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयीः-

vkjksi la0 1& परिवादित पथ में

परिवादित पथ में drainage की कोई व्यवस्था नहीं थी। साथ ही आलोच्य पथ के कि0 मी0 की कोई व्यवस्था नहीं थी। साथ ही आलोच्य पथ के कि0 मी0 50 के बीच Schematic Diagramme एवं 69.08 मील, 69.92 मील, 71

92 मील, 71.68 मील तथा 73.

122.09 से कि0 मी0 109.50 के बीच 40 मील के आड़ीकाट के अवलोकन से स्पष्ट है कि आलोच्च पथ के बगल में समानान्तर चैनल के पूर्ण आपूर्ति स्तर 40 मील के आड़ीकाट के अवलोकन से स्पष्ट है कि आलोच्च पथ के बगल में समानान्तर चैनल के पूर्ण आपूर्ति स्तर 40 मील के आड़ीकाट के अवलोकन से स्पष्ट है कि आलोच्च पथ के बगल में समानान्तर चैनल के पूर्ण आपूर्ति स्तर (FSL) से खींचा गया HG Line आलोच्च पथ के क्रस्ट से पास करता है जिसे तकनीकी दृष्टिकोण से पथ के आलोच्च पथ के क्रस्ट से पास करता है जिसे तकनीकी दृष्टिकोण से पथ के क्षतिग्रस्त होने का कारण माना गया है। प्राक्कलन तैयार करने के समय उनके द्वारा उक्त तथ्य की अनदेखी की गई क्षतिग्रस्त होने का कारण माना गया है। प्राक्कलन तैयार करने के समय उनके द्वारा उक्त तथ्य की अनदेखी की गई जिस कारण सेवापथ अल्पावधि में ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके लिए श्री राम प्रथम दृष्टया दोषी पाये गए है। जिस कारण सेवापथ अल्पावधि में ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके लिए श्री राम प्रथम दृष्टया दोषी पाये गए है। जिस कारण सेवापथ अल्पावधि में ही क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके लिए श्री राम प्रथम दृष्टया दोषी पाये गए है। vkjksi la0 2& परिवादित पथ में

परिवादित पथ में WBM परत के निर्माण के बाद इस पर Bituminous

Bituminous परत (यथा BUSG एवं प्रीमिक्स कारपेट का पर त) तुरन्त नहीं किया गया बल्कि यह लगभग ढ़ाई वर्षों के बाद किया गया। एवं प्रीमिक्स कारपेट का परत) तुरन्त नहीं किया गया बल्कि यह लगभग ढ़ाई वर्षों के बाद किया गया। MOST की विशिष्टि के अनुसार WBM

WBM परत के बाद तुरन्त Bituminous परत करने का प्रावधान है।

परत करने का प्रावधान है। Rural

A gravel road on Road Manual IRC Special Publication 20-2002 के article 5.4.2 के अनुसार ''A gravel road on Road Manual IRC Special Publication 20

r can serve adequately as a surfacing depending on traffic volume. However, it is WBM layer can serve adequately as a surfacing depending on traffic volume. However, it is r can serve adequately as a surfacing depending on traffic volume. However, it is to be clearly understood that grainular material (like soil gravel mixture) will be lost to be clearly understood that grainular material (like soil gravel mixture) will be lost to be clearly understood that grainular material (like soil gravel mixture) will be lost gradually by traffic action and thickness will be reduced. Therefore, for gravel roads, extra gradually by traffic action and thickness will be reduced. Therefore, for gravel road gradually by traffic action and thickness will be reduced. Therefore, for gravel road thickness should be provided. Further for similar reasons, only WBM grade III should be thickness should be provided. Further for similar reasons, only WBM grade III should be thickness should be provided. Further for similar reasons, only WBM grade III should be2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2 मई 2017 used as a surfacing course. For an unsealed WBM Road other grainular surfacings like moorum, kanker etc. will have to be bladed as and when required to provide smooth riding surface. ''

उपर्युक्त तकनीकी पहलुओं की आपके द्वारा अनदेखी करते हुए आलोच्य पथ में WBM परत के उपर 2'' यानि 50.80 एम0 एम0 मूरम देने का प्रावधान नहीं किया गया। फलस्वरूप सेवापथ अत्यंत ही अल्पावधि में क्षतिग्रस्त हो गया जिसके लिए श्री राम प्रथम दृष्टया दोषी पाये गए।

vkjksi la0 3- आलोच्य पथ पर भारी वाहनों का आवागमन बेरोकटोक जारी रहा एवं इसकी हालत तेजी से खराब होती रही है जिसपर नियंत्रण लगाने हेतु आपके स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गयी। जिसके लिए श्री राम प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये।

vkjksi la0 4- योजना बनाने से लेकर प्राक्कलन की स्वीकृति तक सेवापथ के क्रस्ट की मोटाई एवं आवश्यक विशिष्टि पर सुसंगत विचार-विमर्श नहीं हुआ। विशेषज्ञों की अनुशंसा प्राप्त करने की कोशिश नहीं की गयी। IRC एवं सड़क-निर्माण से संबंधित उपलब्ध Guidelines में दिए गए अनुशंसाओं की अनदेखी की गयी। फलस्वरूप सेवापथ अत्यंत ही अल्पावधि में क्षतिग्रस्त हो गया। जिसके लिए श्री राम प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये।

श्री राम के विरूद्ध गठित चार आरोपों के लिए संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से असहमत होते हुए पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण में कमी का आरोप प्रमाणित पाया गया तदनुसार विभागीय पत्रांक 1342 दिनांक 15.06.15 से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी जिसका मुख्य सार निम्न हैः-

''आपके द्वारा सड़क निर्माण कार्य का नियमित पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण का अभाव के साथ योजना कार्यान्वयन में अपनी तकनीकी ज्ञान का उपयोग नहीं किया गया है। फलस्वरूप सेवा पथ अत्यंत ही अल्व अवधि में क्षतिग्रस्त हो गया।''

उक्त के आलोक में श्री राम से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब प्राप्त हुआ जिसमें उनके द्वारा निम्न बातें कही गयीः-

(i) मैं कार्यान्वयन की अवधि में सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, बिहटा में कार्यरत नहीं था।

(ii) मैं उक्त प्रमण्डल में 18.04.2000 से 14.05.2000 तक कार्यरत था।

(iii) WBM रोड का एकरारनामा दो खंडों में 24.08.01 एवं 01.09.01 को हुआ एवं बिटुमिनस कार्य 17.

12.04 से प्रारम्भ हुआ जिसे संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में अंकित किया गया है। (iv) संचालन पदाधिकारी से असहमत होने के आधार पर जिनके कार्यावधि में पथ का निर्माण हुआ हो प्रासंगिक हो सकता है। परन्तु मेरे मामले में बिल्कुल अप्रासंगिक है।

(v) WBM पथ की तकनीकी स्वीकृति की शर्त्तों का अनुपालन पथ के कार्यान्वयन की अवधि में पदस्थापित पदाधिकारियों को करना था न कि प्रभार मुक्त हो चुके पदाधिकारी को।

(vi) श्री राम द्वारा अन्य तथ्यों को भी अंकित किया गया है जो संदर्भित नहीं रहने के कारण उल्लेख नहीं किया जा रहा है।

उक्त बचाव बयान की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं पाया गया कि श्री राम के विरूद्ध कुल 4 आरोप गठित किए गए थे। यह सही है कि श्री राम दिनांक 21.05.01 तक प्रमण्डल में पदस्थापित रहे थे। इनके विरमित होने के पश्चात योजना का कार्य प्रारम्भ हुआ। WBM रोड का एकरारनामा दो खण्डों में दिनांक 24.08.01 एवं दिनांक 01.09.01 को हुआ जबकि बिटुमिनस कार्य दिनांक 17.12.04 से प्रारम्भ हुआ। इसलिए श्री राम योजना के क्रियान्वयन से सम्बद्व नहीं रहे है। अतः आरोप सं0 1, 2 एवं 3 के संदर्भ में इनका द्वितीय कारण पृच्छा स्वीकार योग्य पाया गया।

किन्तु प्राक्कलन गठन में श्री राम की भूमिका रही क्योंकि प्राक्कलन पर श्री राम का हस्ताक्षर भी है एवं उनसे प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में प्राक्कलन के निर्माण Indian Road Congress के दिशा निदेशों की अनदेखी करने के संबंध में कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है।

इस प्रकार श्री राम को आरोप संख्या-4 के लिए दोषी पाया गया। अतः समीक्षोपरान्त श्री हरिकेश्वर राम (आई0 डी0 3492), तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, बिहटा सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया को प्रमाणित आरोपों के लिए निम्न दण्ड देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया हैः-

(i) 2 (दो) वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2 मई 2017 उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना का सहमति प्राप्त है। तदनुसार उक्त निर्णय के आलोक में श्री हरिकेश्वर राम (आई0 डी0 3492), तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन बाढ़ सुरक्षा प्रमण्डल, बिहटा सम्प्रति अधीक्षण अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य अंचल, मगध प्रमण्डल, गया को निम्नांकित दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता हैः-

(1) 2 (दो) वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।

————=

[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)

ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 346%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 May 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-05-02.346/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-05-02.346.