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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 May 2017

Published 02 May 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-05-02.354
Languages
English, Hindi

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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 12 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1939 (शशशश0)

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पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 2222 मईमईमईमई 2017

जल संसाधन विभाग ---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 2 मार्च 2 मार्च 2 मार्च 2 मार्च 2017201720172017

सं0 22 नि0 सि0 (मुक0)-जम0-19-36/

CWJC सं0 4439/94 दायर किया गया। उक्त याचिका में पारित न्याय-

-जम0-19-36/2009/331—श्री बिन्देश्वरी चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, श्री बिन्देश्वरी चौधरी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमण्डल, गालूडीह (सम्प्रति सेवानिवृत) को मे0 डी0 के0 रोड लाईन्स, संवेदक द्वारा जाली बैंक गारण्टी दाखिल सिंचाई प्रमण्डल, गालूडीह (सम्प्रति सेवानिवृत) को मे0 डी0 के0 रोड लाईन्स, संवेदक द्वारा जाली बैंक गारण्टी दाखिल सिंचाई प्रमण्डल, गालूडीह (सम्प्रति सेवानिवृत) को मे0 डी0 के0 रोड लाईन्स, संवेदक द्वारा जाली बैंक गारण्टी दाखिल किये जाने और इन जाली बैंक गारंटियों के विरूद्ध 14,50,000/- रूपये (चौदह लाख पचास हजार रूपये) मात्र का ैर इन जाली बैंक गारंटियों के विरूद्ध 14,50,000/- रूपये (चौदह लाख पचास हजार रूपये) मात्र का ैर इन जाली बैंक गारंटियों के विरूद्ध 14,50,000/- रूपये (चौदह लाख पचास हजार रूपये) मात्र का अनसिक्योर्ड अग्रिम उपलब्ध कराने, अधीक्षण अभियंता के आदेश का उल्लंघन करने एवं कदाचारों के लिए प्रथम दृष्टया अनसिक्योर्ड अग्रिम उपलब्ध कराने, अधीक्षण अभियंता के आदेश का उल्लंघन करने एवं कदाचारों के लिए प्रथम दृष्टया अनसिक्योर्ड अग्रिम उपलब्ध कराने, अधीक्षण अभियंता के आदेश का उल्लंघन करने एवं कदाचारों के लिए प्रथम दृष्टया 91 द्वारा निलंबित किया गया जिसके विरूद्ध दोषी पाये जाने के उपरान्त विभागीय आदेश सं0 100 दिनांक 04.04.91 द्वारा निलंबित किया गया जिसके विरूद्ध दोषी पाये जाने के उपरान्त विभागीय आदेश सं0 100 दिनांक 04 माननीय उच्च न्यायालय में CWJC सं0 4439/94 दायर किया गया। उक्त याचिका में पारित न्याय-निर्णय के अनुपालन में श्री चौधरी का निलंबन आदेश निरस्त कर दिया गया एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त अनुपालन में श्री चौधरी का निलंबन आदेश निरस्त कर दिया गया एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त अनुपालन में श्री चौधरी का निलंबन आदेश निरस्त कर दिया गया एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरान्त 92 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित .06.93 सह-पठित ज्ञापांक 1474 दिनांक 18.06.92 द्वारा निम्नांकित दण्ड संसूचित विभागीय आदेश सं0 292 दिनांक 18. किया गयाः-

(1) निन्दन की सजा आरोप वर्ष 198 (1) निन्दन की सजा आरोप वर्ष 1989-90 (2) तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। (2) तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। उपरोक्त विभागीय आदेश के विरूद्ध चौधरी द्वारा पुनः माननीय उच्च न्यायालय, पटना में उपरोक्त विभागीय आदेश के विरूद्ध चौधरी द्वारा पुनसी0 डब्लू0 जे0 सी0 95 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा न्याय-निर्णय पारित सं0 942/94 दायर की गई जिसमें दिनांक 23.03.95 को माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा न्याय-निर्णय पारित सं0 942/94 दायर की गई जिसमें दिनांक 23 करते हुए विभागीय आदेश सं0 292 दिनांक 93 द्वारा संसूचित दण्डों में से निन्दन की सजा को बरकरार रखा य आदेश सं0 292 दिनांक 18.06.93 द्वारा संसूचित दण्डों में से निन्दन की सजा को बरकरार रखा गया लेकिन संचयात्मक प्रभाव से वेतनवृद्धि को रोकने के आदेश को रद्‌द कर दिया गया। उक्त न्याय-निर्णय में गया लेकिन संचयात्मक प्रभाव से वेतनवृद्धि को रोकने के आदेश को रद्‌द कर दिया गया। उक्त न्याय-निर्णय में गया लेकिन संचयात्मक प्रभाव से वेतनवृद्धि को रोकने के आदेश को रद्‌द कर दिया गया। उक्त न्याय-निर्णय में वादी के विरूद्ध नये सिरे से कार्रवाई करने के लिए विभाग स्वतंत्र माननीय उच्च न्यायालय का यह भी निर्देश था कि वादी के विरूद्ध नये सिरे से कार्रवाई करने के लिए विभाग स्वतंत्र माननीय उच्च न्यायालय का यह भी निर्देश था कि है। तदनुसार विभागीय संकल्प सं0 651 दिनांक 20 95 द्वारा उनके विरूद्ध गठित आरोप के संबंध में विभागीय है। तदनुसार विभागीय संकल्प सं0 651 दिनांक 20.05.95 द्वारा उनके विरूद्ध गठित आरोप के संबंध में विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गई। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा की गई। समीक्षा कार्यवाही प्रारम्भ की गई। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री कार्यवाही प्रारम्भ की गई। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षा की गई। समीक्षा चौधरी के विरूद्ध मे0 डी0 के0 रोड लाईन्स, संवेदक को गलत बैंक गारण्टी (फर्जी) रहने के बावजूद इसकी सूचना चौधरी के विरूद्ध मे0 डी0 के0 रोड लाईन्स, संवेदक को गलत बैंक गारण्टी (फर्जी) रहने के बावजूद इसकी सूचना चौधरी के विरूद्ध मे0 डी0 के0 रोड लाईन्स, संवेदक को गलत बैंक गारण्टी (फर्जी) रहने के बावजूद इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं देने, संवेदक को 14,34,725/- रूपये का गलत बैंक गारण्टी रहने के बावजूद भुगतान करने उच्चाधिकारियों को नहीं देने, संवेदक को 14,34,725/- रूपये का गलत बैंक गारण्टी रहने के बावजूद भुगतान करने उच्चाधिकारियों को नहीं देने, संवेदक को 14,34,725/- रूपये का गलत बैंक गारण्टी रहने के बावजूद भुगतान करने का आरोप प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया ात आरोपों के लिए श्री चौधरी को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया का आरोप प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाण्ि गया। विभागीय पत्रांक 2630 दिनांक 23.11.96 द्वारा श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री चौधरी से प्राप्त 96 द्वारा श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। श्री चौधरी से प्राप्त गया। विभागीय पत्रांक 2630 दिनांक 23 स्तगी के निर्णय पर बिहार द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा की गयी और आरोप सही पाया गया। सेवा बर्खास्तगी के निर्णय पर बिहार द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा की गयी और आरोप सही पाया गया। सेवा बर्खा 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 मईमईमईमई 2017 लोक सेवा आयोग एवं मंत्रिमण्डल की सहमति प्राप्त की गई। चूँकि श्री चौधरी दिनांक 31.01.97 को सेवानिवृत हो गये, इसलिए सेवा बर्खास्तगी का दण्ड संसूचित नहीं हो पाया। मामले के पूर्ण समीक्षोपरान्त विभागीय आदेश सं0 1122 दिनांक 24.09.97 सह-पठित ज्ञापांक 3113 दिनांक 24.09.97 द्वारा सेवा बर्खास्तगी के समतुल्य बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत निम्न दण्ड संसूचित किया गया।

(1) शत प्रतिशत पेंशन एवं उपादान पर सदा के लिए रोक। उपरोक्त विभागीय आदेश के विरूद्ध श्री चौधरी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में CWJC सं0 11788/97, बिन्देश्वरी चौधरी बनाम राज्य सरकार एवं अन्य के मामले में दायर किया गया, जिसमें दिनांक 04.12.98 को माननीय उच्च न्यायलय द्वारा न्याय-निर्णय पारित करते हुए उक्त याचिका को निरस्त (डिसमिस) कर दिया गया। श्री चौधरी द्वारा उक्त न्याय-निर्णय के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में एल0 पी0 ए0 सं0 436/2000, बिन्देश्वरी चौधरी बनाम राज्य सरकार एवं अन्य के मामले में दायर किया गया, जिसमें दिनांक 20.05.08 को न्याय-निर्णय पारित करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा उक्त एल0 पी0 ए0 को निरस्त (डिसमिस) करते हुए निर्णय पारित किया गया कि वादी श्री चौधरी के जीवन के अंतिम क्षण में शत प्रतिशत पेंशन एवं गे्रच्यूटी रोकने का दण्ड बहुत कष्टकर है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिवादी को श्री चौधरी को 50 प्रतिशत एवं 50 प्रतिशत गे्रच्यूटी देने के संंबंध में कार्रवाई करने का निदेश दिया गया।

उक्त न्यायादेश के आलोक में सरकार के स्तर पर मामले की समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त उक्त एल0 पी0 ए0 में पारित न्याय-निर्णय का अनुपालन करने का निर्णय लिया गया। तदनुसार श्री चौधरी को पूर्व में संसूचित दण्ड को संशोधित करते हुए शत प्रतिशत पेंशन एवं उपादान सदा के लिए रोकने के दण्ड की जगह 50 (पचास) प्रतिशत पेंशन एवं उपादान रोकने का दण्ड संसूचित करने का निर्णय लिया गया।

वर्णित स्थिति में एल0 पी0 ए0 सं0 436/2000 में पारित न्याय-निर्णय के अनुपालन करते हुए श्री बिन्देश्वरी चौधरी, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता को विभागीय आदेश सं0 1122 दिनांक 24.09.97 द्वारा संसूचित दण्डादेश को संशोधित करते हुए श्तप प्रतिशत पेंशन पर सदा के लिए रोक की जगह निम्न दण्ड संसूसचित किया जाता हैः- (1) 50 (पचास) प्रतिशत पेंशन एवं 50 (पचास) प्रतिशत उपादन पर सदा के लिए रोक। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा एल0 पी0 ए0 सं0 436/2000 में पारित आदेश के विरूद्ध श्री बिन्देश्वरी चौधरी द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में एस0 एल0 पी0 सं0 10529/09 जो सिविल अपील सं0 3929/2011 में परिवर्तित है, दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 29 नवम्बर, 2016 को न्याय-निर्णय पारित करते हुए दिनांक 24.09.97 एवं 17.06.98 द्वारा पारित आदेश को खारिज कर दिया गया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के आलोक में सरकार द्वारा श्री बिन्देश्वरी चौधरी, कार्यपालक अभियंता, सिंचाई प्रमण्डल, गालूडीह (सम्प्रति सेवानिवृत) के विरूद्ध अधिरोपित दण्ड ''50 (पचास) प्रतिशत पेंशन एवं 50 प्रतिशत उपादान पर रोक'' को निरस्त किया जाता है एवं निलंबन अवधि दिनांक 04.04.91 से 17.06.93 को कर्त्तव्य अवधि मानते हुए शेष वेतनादि भुगतान करने का निर्णय लिया जाता है।

उक्त निर्णय श्री बिन्देश्वरी चौधरी, सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता को संसूचित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।

———— अधी)कअधी)कअधी)कअधी)क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, iiiiटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु.ित।मु.ित।मु.ित।मु.ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 354-571+10-ड$ड$ड$ड$0ट$ट$ट$ट$0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 May 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-05-02.354/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-05-02.354.