िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट$0-40 िनबंधन सं(cid:18)या (cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार
हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट गजटगजटगजटगजट
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सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत
ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 12 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1939 (शशशश0)
((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 357) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 2222 मईमईमईमई 2017
जल संसाधन विभाग ---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 20202020 मार्च 2017मार्च 2017मार्च 2017मार्च 2017
सं0 22/नि0 सि0 (डि0)-14-03/201
0 सि0 (डि0)-14-03/2013/421—श्री राघव सिंह (आई0डी0 -2345), कार्यपालक अभियंता, श्री राघव सिंह (आई0डी0 -2345), कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध वर्ष 2011-12 में विभागीय नियम के प्रतिकूल निविदा कर म के प्रतिकूल निविदा कर सोन नहर प्रमण्डल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध वर्ष 2011-12 में विभागीय निय सरकारी राशि की लूट एवं गबन के मामले में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1275 दिनांक 05 15 द्वारा बिहार पेंशन सरकारी राशि की लूट एवं गबन के मामले में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1275 दिनांक 05.06.15 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के अन्तर्गत निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः- नियमावली के नियम-43 (बी0) के अन्तर्गत निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः- नियमावली के नियम-43 (बी0) के अन्तर्गत निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गईः- 1. सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्ष अन्तर्गत वर्ष 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्ष अन्तर्गत वर्ष 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में पाया गया कि कार्य को अधिकांशतः छोटे-छोटे ग्रुपों में उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में पाया गया कि कार्य को अधिकांशतः छोटे-छोटे ग्रुपों में उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में पाया गया कि कार्य को अधिकांशतः छोटे-छोटे ग्रुपों में बांटकर निविदा आमंत्रित की गई एवं प्रायः एक-दो चुनिन्दा संवेदकों को कार्य आवंटित किया गया। इस प्रकार चहेते बांटकर निविदा आमंत्रित की गई एवं प्रायः एक-दो चुनिन्दा संवेदकों को कार्य आवंटित किया गया। इस प्रकार चहेते लोगों को लाभ पहुँचाने की आपकी गलत मंशा परिलक्षित होती है। जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी हैं। लोगों को लाभ पहुँचाने की आपकी गलत मंशा परिलक्षित होती है। जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी हैं। लोगों को लाभ पहुँचाने की आपकी गलत मंशा परिलक्षित होती है। जिसके लिए आप प्रथम दृष्टया दोषी हैं। सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्षान्तर्गत वर्ष 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्षान्तर्गत वर्ष 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय 2. सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्षान्तर्गत वर्ष 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता जाँच दल को उपलब्ध कराए गए प्राक्कलनों में पाया गया कि एक ही मॉडल कराई गई। उड़नदस्ता जाँच दल को उपलब्ध कराए गए प्राक्कलनों में पाया गया कि एक ही मॉडल कराई गई। उड़नदस्ता जाँच दल को उपलब्ध कराए गए प्राक्कलनों में पाया गया कि एक ही मॉडल प्राक्कलन को उसमें मामूली संशोधन कर अलग-अलग स्थानों के लिए बनाया गया है। ब्रीच क्लोजर कार्य के अनुरूप ही प्राक्कलन को उसमें मामूली संशोधन कर अलग-अलग स्थानों के लिए बनाया गया है। ब्रीच क्लोजर कार्य के अनुरूप ही प्राक्कलन को उसमें मामूली संशोधन कर अलग-अलग स्थानों के लिए बनाया गया है। ब्रीच क्लोजर कार्य के अनुरूप ही ा है एवं बिना POST-LEVEL प्राक्कलन तैयार किया गया। तल सफाई कार्य में PRE-LEVEL नहीं लिया गया है एवं बिना प्राक्कलन तैयार किया गया। तल सफाई कार्य में लिए प्राक्कलन के अनुसार मापी अंकित किया गया। इस प्रकार त्रुटिपूर्ण प्राक्कलन एवं कार्य की मापी का अनियमित लिए प्राक्कलन के अनुसार मापी अंकित किया गया। इस प्रकार त्रुटिपूर्ण प्राक्कलन एवं कार्य की मापी का अनियमित लिए प्राक्कलन के अनुसार मापी अंकित किया गया। इस प्रकार त्रुटिपूर्ण प्राक्कलन एवं कार्य की मापी का अनियमित तरीका विभागीय नियमों की अवहेलना एवं आपत्तिजनक है जिसके लिए आप दोषी हैं। तरीका विभागीय नियमों की अवहेलना एवं आपत्तिजनक है जिसके लिए आप दोषी हैं।
3. सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्षान्तर्गत वष र् 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय सोन नहर प्रमण्डल, आरा में गैर योजना शीर्षान्तर्गत वर्ष 2011-12 में कराए गए कार्यों की जाँच विभागीय
LEVEL एवं POST- उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता के जाँच प्रतिवेदन में पाया गया कि बिना PRE-LEVEL उड़नदस्ता से कराई गई। उड़नदस्ता के जाँच प्रतिवेदन में पाया गया कि बिना LEVEL अंकित किए ही चालू विपत्रों का भुगतान आपके द्वारा किया गया। इस प्रकार कार्य क्रियान्वयन हेतु विभागीय अंकित किए ही चालू विपत्रों का भुगतान आपके द्वारा किया गया। इस प्रकार कार्य क्रियान्वयन हेतु विभागीय अंकित किए ही चालू विपत्रों का भुगतान आपके द्वारा किया गया। इस प्रकार कार्य क्रियान्वयन हेतु विभागीय ा करते हुए बिना विहित प्रक्रिया अपनाए चालू विपत्रों का भुगतान आपके द्वारा किया गया जिसके ा करते हुए बिना विहित प्रक्रिया अपनाए चालू विपत्रों का भुगतान आपके द्वारा किया गया जिसके मापदण्डों की अवहेलना करते हुए बिना विहित प्रक्रिया अपनाए चालू विपत्रों का भुगतान आपके द्वारा किया गया जिसके लिए आप दोषी हैं।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री राघव सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन प्रमण्डल, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री राघव सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन प्रमण्डल, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री राघव सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन प्रमण्डल, ) निविदा के माध्यम से कार्यावंटन में चहेते लोगों को लाभ पहुँचाने की मंशा का से कार्यावंटन में चहेते लोगों को लाभ पहुँचाने की मंशा का ) विभागीय निदेशों की अवहेलना का आरोप आंशिक प्रमाणित एवं (iii) प्री-लेवल एवं पोस्ट लेवल ) प्री-लेवल एवं पोस्ट लेवल आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध (i) निविदा के माध्यम आरोप अप्रमाणित (ii) विभागीय निदेशों की अवहेलना का आरोप आंशिक प्रमाणित एवं ( अंंकित किए बिना चालू विपत्रों का भुगतान करने का आरोप आंशिक प्रमाणित पाया गया। अंंकित किए बिना चालू विपत्रों का भुगतान करने का आरोप आंशिक प्रमाणित पाया गया।2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 मईमईमईमई 2017 संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई एवं सम्यक समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 1016 दिनांक 01.06.16 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री सिंह से बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री सिंह द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में मुख्य रूप से निम्न तथ्य दिया गयाः- (i) प्रासंगिक पत्रांक 1016 दिनांक 01.06.16 बिहार पेंशन नियमावली 1950 एवं नियम-43 (बी0) के बाहर है जिसे समाप्त नहीं किया गया है। कारण निम्न हैः-
(ii) कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा के रूप में उनकी पदस्थापन अवधि वर्ष 2011-12 के कार्य से संबंधित प्रतिवेदन उड़नदस्ता द्वारा 09.01.13 को समर्पित किया गया।
(iii) उड़नदस्ता जाँच प्रतिवेदन के पारा 9.1.0 से 9.4.0 पर विभागीय पत्रांक 1523 दिनांक 16.12.13 से स्पष्टीकरण/व्याख्या की माँग की गई। ताकि उनके उत्तर पर आगे की कार्रवाई पर विभाग निर्णय ले सके। (iv) उक्त पत्र दिनांक 16.12.13 से स्वतः स्पष्ट है कि मुझे अपना पक्ष रखने के अलावा 16.012.13 तक कार्रवाई करने का प्रस्ताव/निर्णय नहीं था।
(v) 19.02.14 से 25.04.14 (सेवानिवृति की तिथि 30.04.2014) तक अपना पक्ष रखने हेतु संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध किया।
(vi) विभागीय पत्रांक 451 दिनांक 15.04.14 द्वारा मात्र ग्रामीणों का परिवाद, जिसके आधार पर उड़नदस्ता द्वारा प्रतिवेदन तैयार/समर्पित किया गया, की प्रति उपलब्ध कराई गई।
(vii) उनकी सेवानिवृति की तिथि 30.04.2014 तक विभाग द्वारा कोई प्रस्ताव नहीं था। (viii) उनकी सेवानिवृति के उपरान्त विभागीय पत्रांक 651 दिनांक 28.05.14 एवं पत्रांक 721 दिनांक 12.04.16 से मुख्य अभियंता, डिहरी, अधीक्षण अभियंता, आरा एवं कार्यपालक अभियंता, आरा को उन्हें सम्बद्ध अभिलेख उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिया गया एवं उसके प्रत्युत्तर मेंः-
(a) कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता के पत्रांक 213 दिनांक 29.05.14 एवं 264 दिनांक 19.06.14 से प्रतिवेदन तैयार करने हेतु उनके भ्रमण एवं भ्रमण के दौरान उपस्थित कुछ लोगों की सूची उपलब्ध कराई गई।
(b) मुख्य अभियंता, डिहरी, अधीक्षण अभियंता, आरा एवं कार्यपालक अभियंता, आरा द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। अन्ततः विभागीय पत्रांक 1741 दिनांक 20.11.14 से पर्याप्त अभिलेख उन्हें प्राप्त होने तथा उत्तर देने हेतु निदेशित किया गया ताकि विभाग निर्णय ले सके। चूँकि विभाग को उनके सेवानिवृत हो जाने की जानकारी थी एवं उस समय अनियमितता, यदि है, का निर्णय नहीं लिया गया था।
(c) अचानक दिनांक 05.06.15 को विभाग द्वारा संकल्प निर्गत किया गया जिसके द्वारा प्रथम बार उड़नदस्ता जाँच प्रतिवेदन की प्रति भी दी गई।
(d) पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत चार्ज शीट दिनांक 05.06.15 को उनकी सेवानिवृति के बाद तैयार किया गया जबकि पूरे सेवाकाल में कोई भी कार्रवाई (विभागीय अथवा आपराधिक) संचालित या लम्बित नहीं है। (e) संकल्प/चार्ट शीट दिनांक 05.06.15 में पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत कार्रवाई के लिए आवश्यक तथ्य नहीं है क्योंकि आरोप Grave Misconduct या Any Pecuniary loss से संबंधित नहीं है। (ix) दिनांक 21.09.15 को विभाग में एवं 14.11.15 को संचालन पदाधिकारी के समक्ष विस्तृत आपत्ति प्रतिवेदन उनके द्वारा दिया गया। उक्त पत्र में उठाए गए बिन्दुओं को भी इस उत्तर का अंश माना जाय।
(x) संचालन पदाधिकारी द्वारा पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) पर कोई सुनवाई नहीं की गई। प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी भी आरोप के पक्ष में उपस्थापित नहीं किए।
(xi) हालांकि संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन पत्रांक 3680 दिनांक 26.12.15 द्वारा समर्पित किया गया जो दिनांक 01.06.16 को उन्हें अग्रसारित किया गया।
(xii) संचालन पदाधिकारी द्वारा निम्न निष्कर्ष दिया गया हैः- (a) आरोप सं0-1 प्रमाणित नहीं होता है। (b) आरोप सं0-2- कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया और यह लक्ष्य को पूरा करता है। पोस्ट लेवल नहीं लिया जाना एक Technical Flow है लेकिन सरकारी राजस्व की हानि का कारक नहीं है।
(c) आरोप सं0-3- गलत मापी या राजस्व क्षति प्रमाणित नहीं होता है। (d) उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि उनके विरूद्ध एक भी आरोप संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं पाया गया है और पोस्ट लेवल की मापी नहीं किया जाना एक Technical Flow है जिससे कार्य या राजस्व की क्षति नहीं हुई।
(xiii) उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है किः- (a) बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) का पालन नहीं किया गया है। (b) संचालन पदाधिकारी द्वारा उन्हें दोषी नहीं पाया गया है और पोस्ट लेवल अंकित नहीं किए जाने से कार्य में एवं राजस्व में क्षति नहीं हुई है।3 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 मईमईमईमई 2017 (c) कोई भी आरोप Grave Misconduct या Any Pecuniary loss का नहीं है और पेंशन नियमावली-43 (बी0) पेंशन पावना पर किसी कार्रवाई को रोकता है।
श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा के क्रम मेंं यह पाया गया कि मूल प्रमाणित आरोप है कि वर्ष 2011-12 में बिहियाँ शाखा नहर के कतिपय बिन्दुओं के बीच गैर योजना शीर्ष के तहत कराए गए कार्यों का प्री एवं पोस्ट लेवल अंकित किए बिना विभागीय मापदण्डों एवं विहित प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए चालू विपत्रों का भुगतान किया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा तीन आरोपों के विरूद्ध आंशिक रूप से प्रमाणित दो आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गई है। श्री सिंह द्वारा अपने प्रत्युत्तर में मुख्य रूप से मामले के कालबाधित होने का उल्लेख किया गया है। श्री सिंह के प्रत्युत्तर की समीक्षा से निम्न तथ्य परिलक्षित होता हैः-
श्री सिंह के दिनांक 30.04.14 को उनकी सेवानिवृति के पूर्व विभागीय पत्रांक 1523 दिनांक 16.12.13 द्वारा उड़नदस्ता जाँच प्रतिवेदन देते हुए स्पष्टीकरण माँगा गया। श्री सिंह के विरूद्ध कुल तीन आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' के साथ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1275 दिनांक 05.06.15 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। श्री सिंह का यह कहना कि संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध गठित सभी तीन आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया है, स्वीकार योग्य नहीं है क्योंकि संचालन पदाधिकारी द्वारा दो आरोपों के विरूद्ध बिना पोस्ट लेवल के मिट्टी कार्य के मात्रा की मापी सत्यापन करने का दोष आंशिक रूप से प्रमाणित होने का मंतव्य दिया गया है।
आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने प्रत्युत्तर की कंडिका (ix) में अपर सचिव को संबोधित पत्र दिनांक 21.09.15 एवं संचालन पदाधिकारी को संबोधित पत्र दिनांक 14.11.15 संलग्न करते हुए उसमें उठाए गए बिन्दुओं को इस उत्तर का अंश होने का उल्लेख किया गया है। आरोपित श्री सिंह द्वारा अपने पत्र दिनांक 21.09.15 जिसकी प्रति संचालन पदाधिकारी को भी दी गई है, में मामला कालबाधित होने के अतिरिक्त आरोप से संबंधित वस्तुस्थिति का उल्लेख किया गया है जिसके अनुसार माननीय विधान सभा सदस्य श्री दिनेश कुमार सिंह द्वारा वर्ष 2011-12 की खरीफ अवधि में बिहियाँ शाखा नहर एवं कटैया वितरणी के अन्तिम छोर तक जल पहुँचाने के लिए समाहरणालय, आरा में दिए गए धरना को समाप्त कराने के लिए विभाग एवं प्रशासन प्रयासरत रहा। नहर की सामान्य मरम्मति एवं तल सफाई के कार्य को विभाग एवं प्रशासन के निदेशानुसार नहर में जल प्रवाह की स्थिति में कराते हुए खरीफ में 93.20 प्रतिशत एवं रबी में 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया। उक्त विषम परिस्थिति में विधिवत प्री एवं पोस्ट लेवल लेना संभव नहीं था। अतएव उक्त आधार पर लांछन अप्रासंगिक है।
उपरोक्त से स्पष्ट हे कि दोनों पत्र के आलोक में ही संचालन पदाधिकारी द्वारा बिना पोस्ट लेवल के मिट्टी कार्य मात्रा की मापी का सत्यापन करने के लिए आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है।
इस प्रकार बिना पोस्ट लेवल अंकित किए मापी के सत्यापन में विभागीय मापदण्डों एवं विहित प्रक्रियाओं के उल्लंघन का आरोप प्रमाणित होता है। अतएव आरोपित पदाधिकारी श्री सिंह का प्रत्युत्तर स्वीकार योग्य नहीं है। उक्त आंशिक रूप से प्रमाणित एवं पूर्ण प्रमाणित आरोपों के आलोक में सरकार द्वारा सम्यक समीक्षोपरान्त श्री राघव सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध निम्न दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया हैः-
''पाँच प्रतिशत पेंशन की कटौती दो वर्षों के लिए।'' उक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति प्राप्त है। अतः सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में श्री राघव सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध निम्न दण्ड अधिरोपित करते हुए संसूचित किया जााता हैः-
''पाँच प्रतिशत पेंशन की कटौती दो वर्षों के लिए।''
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।
———— अधी)कअधी)कअधी)कअधी)क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, iiiiटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु.ित।मु.ित।मु.ित।मु.ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 357-571+10-ड$ड$ड$ड$0ट$ट$ट$ट$0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in