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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 May 2017

Published 02 May 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-05-02.358
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:18)या पी0ट$0-40 िनबंधन सं(cid:18)या

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सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत

ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 12 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1939 (शशशश0)

((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 358) ) ) ) पटनापटनापटनापटना

पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 2222 मईमईमईमई 2017

जल संसाधन विभाग ---------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 21212121 मार्च 2017मार्च 2017मार्च 2017मार्च 2017

सं0 22 नि0 सि0 (दर0)-16-03/2013/426

0 सि0 (दर0)-16-03/2013/426—श्री चन्द्रिका तिवारी (आई0डी0-2258), तत्कालीन कार्यपालक श्री चन्द्रिका तिवारी (आई0डी0-2258), तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, दरभंगा द्वारा दरभंगा शहरी सुरक्षा तटबंध योजना के तहत कराये गये बाढ़ नियंत्रण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, दरभंगा द्वारा दरभंगा शहरी सुरक्षा तटबंध योजना के तहत कराये गये बाढ़ नियंत्रण अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, दरभंगा द्वारा दरभंगा शहरी सुरक्षा तटबंध योजना के तहत कराये गये बाढ़ नियंत्रण कोषांग, निगरानी विभाग द्वारा की गयी। निगरानी कार्य में बरती गई कतिपय अनियमितता की जाँच तकनीकी परीक्षक कार्य में बरती गई कतिपय अनियमितता की जाँच तकनीकी परीक्षक कोषांग, निगरानी विभाग द्वारा की गयी। निगरानी 14 द्वारा श्री तिवारी से विभाग द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 564 दिनांक 16.05.14 द्वारा श्री तिवारी से विभाग द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक 564 दिनांक 16 स्पष्टीकरण किया गया। श्री तिवारी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक स्पष्टीकरण किया गया। श्री तिवारी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक स्पष्टीकरण किया गया। श्री तिवारी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक तवारी के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) समीक्षोपरान्त श्री तिवारी के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) तवारी के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित करते हुए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया।

15 द्वारा श्री तिवारी के उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प सह-पठित ज्ञापांक 1017 दिनांक 06.05.15 द्वारा श्री तिवारी के उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प सह-पठित ज्ञापांक 1017 दिनांक 06

नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।

आरोप वर्षः-आरोप वर्षः-आरोप वर्षः-आरोप वर्षः- ''वर्ष 2010-11 में एकरारनामा के 10 प्रतिशत संख्या एवं राशि के अनुसार विपत्र की जाँच नहीं ''वर्ष 2010-11 में एकरारनामा के 10 प्रतिशत संख्या एवं राशि के अनुसार विपत्र की जाँच नहीं ''वर्ष 2010-11 में एकरारनामा के 10 प्रतिशत संख्या एवं राशि के अनुसार विपत्र की जाँच नहीं करने से लोक निर्माण लेखा संहिता के कंडिका 2 विभागीय कार्यवाही में संचालन करने से लोक निर्माण लेखा संहिता के कंडिका 231 के परिशिष्ट-6 का उल्लंघन''। विभागीय क पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री तिवारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को अप्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री तिवारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को अप्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री तिवारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को अप्रमाणित पाया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त संचालन नम्न बिन्दु पर श्री तिवारी से द्वितीय कारण पृच्छा किये जाने का निर्णय लिया पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति के निम्न बिन्दु पर श्री तिवारी से द्वितीय कारण पृच्छा किये जाने का निर्णय लिया पदाधिकारी के मंतव्य से असहमति के ि गया।- नियमानुसार कराये गये कार्यों की मापी कनीय अभियंता द्वारा लेते हुए मापी असहमति के बिन्दु (1)असहमति के बिन्दु (1)असहमति के बिन्दु (1)असहमति के बिन्दु (1)- नियमानुसार कराये गये कार्यों की मापी कनीय अभियंता द्वारा लेते हुए मापी - नियमानुसार कराये गये कार्यों की मापी कनीय अभियंता द्वारा लेते हुए मापी मापीपुस्त में दर्ज की जाती है तथा विपत्र तैयार किया जाता है। तत्पश्चात सहायक अभियंता द्वारा मापपु मापीपुस्त में दर्ज की जाती है तथा विपत्र तैयार किया जाता है। तत्पश्चात सहायक अभियंता द्वारा मापपुस्त में कनीय मापीपुस्त में दर्ज की जाती है तथा विपत्र तैयार किया जाता है। तत्पश्चात सहायक अभियंता द्वारा मापपु अभियंता द्वारा अंकित मापी के जाँचोपरान्त हस्ताक्षर करते हुए मापपुस्त तथा विपत्र प्रमण्डलीय कार्यालय में पे्रषित किया अभियंता द्वारा अंकित मापी के जाँचोपरान्त हस्ताक्षर करते हुए मापपुस्त तथा विपत्र प्रमण्डलीय कार्यालय में पे्रषित किया अभियंता द्वारा अंकित मापी के जाँचोपरान्त हस्ताक्षर करते हुए मापपुस्त तथा विपत्र प्रमण्डलीय कार्यालय में पे्रषित किया जाता है। उसके बाद मापपुस्त में मापी की जाँच लोक निर्माण लेखा संहिता के कंडिका-231 के परिशिष्ट-6 के जाता है। उसके बाद मापपुस्त में मापी की जाँच लोक निर्माण लेखा संहिता के कंडिका-231 के परिशिष्ट-6 के जाता है। उसके बाद मापपुस्त में मापी की जाँच लोक निर्माण लेखा संहिता के कंडिका-231 के परिशिष्ट-6 के ोता है। तत्पश्चात मापपुस्त में अंकित मापी की गणना की जाँच प्रमण्डल स्तर अनुसार कार्यपालक अभियंता को करना होता है। तत्पश्चात मापपुस्त में अंकित मापी की गणना की जाँच प्रमण्डल स्तर अनुसार कार्यपालक अभियंता को करना ह पर प्रमण्डलीय लेखा लिपिक एवं लेखापाल द्वारा करने के बाद ही विपत्र पारित करने हेतु कार्यपालक अभियंता को पर प्रमण्डलीय लेखा लिपिक एवं लेखापाल द्वारा करने के बाद ही विपत्र पारित करने हेतु कार्यपालक अभियंता को पर प्रमण्डलीय लेखा लिपिक एवं लेखापाल द्वारा करने के बाद ही विपत्र पारित करने हेतु कार्यपालक अभियंता को मापपुस्त एवं विपत्र उपस्थापित की जाती है। ऐसी स्थिति में श्री तिवारी का कहना कि उनके द्वारा ही मापपुस्त एवं विपत्र उपस्थापित की जाती है। ऐसी स्थिति में श्री तिवारी का कहना कि उनके द्वारा ही मापी जाँचोपरान्त मापपुस्त एवं विपत्र उपस्थापित की जाती है। ऐसी स्थिति में श्री तिवारी का कहना कि उनके द्वारा ही ब्लू स्याही से मापपुस्त में टिक किया गया, स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है, क्याेंकि संभव है कि मापी जाँच ब्लू स्याही से मापपुस्त में टिक किया गया, स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है, क्याेंकि संभव है कि मापी जाँच ब्लू स्याही से मापपुस्त में टिक किया गया, स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है, क्याेंकि संभव है कि मापी जाँच करने के दौरान सहायक अभियंता द्वारा मापपुस्त में टिक किया गया हो अथवा यह भी संभव है कि प्रमण्डलीय स्तर पर करने के दौरान सहायक अभियंता द्वारा मापपुस्त में टिक किया गया हो अथवा यह भी संभव है कि प्रमण्डलीय स्तर पर करने के दौरान सहायक अभियंता द्वारा मापपुस्त में टिक किया गया हो अथवा यह भी संभव है कि प्रमण्डलीय स्तर पर 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 2 मईमईमईमई 2017 विपत्र पारित करने के दौरान मापी की गणना की जाँच के दौरान लेखा लिपिक/लेखा पदाधिकारी द्वारा ही मापपुस्त पर टिक किया गया हो। असहमति के बिन्दु (2)असहमति के बिन्दु (2)असहमति के बिन्दु (2)असहमति के बिन्दु (2)- लोक निर्माण लेखा संहिता के कंडिका-231 के परिशिष्ट-06 के कंडिका-(4) के अनुसार ''पड़ताली गई अलग-अलग मद में मापपुस्त में साफ-साफ दिखाई जाय और संबंद्ध पदाधिकारी पड़ताल की तारीख को ही तारीख सहित अपने हस्ताक्षर अंकित कर पड़ताल का परिणाम लिख डाले''। उक्त से स्पष्ट है कि पदाधिकारी द्वारा जाँच की तिथि को ही तिथि सहित हस्ताक्षर करना है। परन्तु मापपुस्त के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री तिवारी द्वारा मापपुस्त में अंकित मापी पर कहीं भी जाँचोपरान्त हस्ताक्षर नहीं किया गया। मात्र विपत्र पारित करते हुए 'पेमेंट ऑफ मेन्कों' पर हस्ताक्षर किया गया। अतः श्री तिवारी का कथन कि इनके द्वारा मापी की जाँच की गई, स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता।

अतः उपरोक्त असहमति के बिन्दु के आलोक में विभागीय पत्रांक 710 दिनांक 27.04.16 द्वारा श्री तिवारी से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया। द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब श्री तिवारी द्वारा समर्पित किया गया। जिसमें श्री तिवारी द्वारा अंकित किया गया किः-

(i) मेरे द्वारा मापी जाँच ब्लू स्याही से किया गया। (ii) परिशिष्ट 39/14 में अवर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा जहाँ जाँच किया गया है वहाँ घेरकर उनके द्वारा टिक एवं चेक लिखा गया है। इस परिशिष्ट की अन्य मापी जो टिक किये हुए हैं उसे जाँच के दौरान ब्लू स्याही से मेरे द्वारा टिक किये गये हैं।

(iii) परिशिष्ट 33A/10, 33A/8 एवं 33A/7 की मापी की जाँच अवर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा जो की गयी है उसमें से कुछ जगहों पर उनके द्वारा टिक एंव चेक लिखा गया है तथा कुछ पर केवल चेक लिखा गया है। इन्हीं में से जाँच के दौरान जहाँ पर टिक इनके द्वारा नहीं किया गया, उसे ब्लू स्याही से टिककर मापी की जाँच मेरे द्वारा की गई है।

श्री तिवारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री तिवारी ने अपने द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर में स्पष्ट किया है कि मापी जाँच के दौरान नीली स्याही से टिक किया गया है। अवर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा जहाँ जाँच किया गया है वहाँ घेरकर उनके द्वारा टिक एवं चेक लिखा गया है। अन्य मापी जो टिक किए गए हैं उसे जाँच के दौरान नीली स्याही से उनके द्वारा टिक किया गया है। अवर प्रमण्डल पदाधिकारी द्वारा जाँचित प्रविष्टि को ही नीली स्याही से उनके टिक किये जाने का उल्लेख इनके द्वितीय कारण पृच्छा में किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि इनके द्वारा मापीपुस्त की जाँच लोक निर्माण लेखा संहिता की कंडिका 231 के परिशिष्ट की कंडिका (4) के प्रावधानों के अनुसार नहीं की गई। इसलिए श्री तिवारी का द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है।

यद्यपि इस पूरे मामले में सरकार को हुई किसी प्रकार के वित्तीय क्षति का उल्लेख नहीं है किन्तु श्री तिवारी अपने प्रति कार्यों के निर्वहन में उदासीन बने रहें। न्यूनतम 10 (दस) प्रतिशत मापी की प्रविष्टि एवं विपत्र की जाँच इनके द्वारा की जानी थी परन्तु इनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया जो इनके पदीय कार्यों में चूक का द्योतक है। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री तिवारी के विरूद्ध ''पेंशन से 5 (पाँच) प्रतिशत की कटौती 2 वर्ष के लिए'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया।

सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री चन्द्रिका तिवारी, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत को निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया जाता हैः-

''पेंशन से 5 (पाँच) प्रतिशत की कटौती 2 वर्ष के लिए''। सरकार के निर्णय में बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के उप-सचिव।

———— अधी)कअधी)कअधी)कअधी)क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, iiiiटनाटनाटनाटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु.ित।मु.ित।मु.ित।मु.ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 358-571+10-ड$ड$ड$ड$0ट$ट$ट$ट$0प ीप ीप ीप ी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 May 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-05-02.358/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-05-02.358.