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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 10 May 2017

Published 10 May 2017

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-05-10.19
Languages
English, Hindi

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(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

ॢबह(cid:4)र गजट

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 20 वैशाख 1939 (श0) सं(cid:8)या 19 पटना, बुधवार, ———————— 10 मई 2017 (ई0) "वषय-सूची पृ'ठ भाग-1—(cid:1)नयुि,त, पद/थापन, बदल(cid:15), शि,त, छु 3ी और अ6य 7यि,तगत सूचनाएं। 2-2 भाग-1-क—/वयंसेवक गु<म= के समादे'टाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मै@(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Dाओं के पर(cid:15)Dा-फल, कायFGम, छाHवृिIत Jदान, आKद।

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भाग-1-ग—LशDा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Dाफल आKद ---

भाग-2—Mबहार-राOयपाल और कायाFPयD= Qवारा (cid:1)नकाले गये "व(cid:1)नयम, आदेश, अRधसूचनाएं और (cid:1)नयम आKद। 3-3 भाग-3—भारत सरकार, पिSचम बंगाल सरकार और उUच 6यायालय के आदेश, अRधसूचनाएं और (cid:1)नयम, 'भारत गजट' और राOय गजट= के उXरण। ---

भाग-4—Mबहार अRध(cid:1)नयम ---

पृ'ठ भाग-5—Mबहार "वधान मंडल म[ पुर:/था"पत "वधेयक, उ,त "वधान मंडल म[ उप/था"पत या उप/था"पत ]कये जानेवाले Jवर सLम(cid:1)तय= के J(cid:1)तवेदन और उ,त "वधान मंडल म[ पुर:/थापन के पूवF JकाLशत "वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अRध(cid:1)नयम िजनपर रा'@प(cid:1)त क^ Oये'ठ अनुम(cid:1)त Lमल चुक^ है। ---

भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:/था"पत "वधेयक, संसद म[ उप/था"पत Jवर सLम(cid:1)तय= के J(cid:1)तवेदन और संसद म[ उप/था"पत Jवर सLम(cid:1)तय= के J(cid:1)तवेदन और संसद म[ पुर:/थापन के पूवF JकाLशत "वधेयक। ---

भाग-9—"व`ापन

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भाग-9-क—वन "वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—(cid:1)न"वदा सूचनाएं, पaरवहन सूचनाएं, 6यायालय सूचनाएं और सवFसाधारण सूचनाएं इIयाKद। 4-5

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पूरक

पूरक-क 6-82 Mबहार गजट, 10 मई 2017

भ(cid:2)ग(cid:4)1

०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $

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आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया

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अधिसूचना

24 अप्रील 2017

सं॰ II स्था0-36/2009-1307/रा॰—बिहार एवं उड़ीसा लोक माँग वसूली अधिनियम-1914 की धारा-3(3) के तहत्‌ श्री बाबू राजा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, नवादा कोे नवादा जिलाक्षेत्र अन्तर्गत नवादा के जिलापदाधिकारी के अनुषंसा के आलोक में नीलाम-पत्र वादाें के निष्पादन हेतु नीलाम पत्र पदाधिकारी की शक्ति प्रदान की जाती है। (आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया का आदेष दिनांक 20.04.17)

आदेश से, (ह०) अस्पष्ट, प्रभारी आयुक्त के सचिव।

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Website: http://egazette.bih.nic.in

3 Mबहार गजट, 10 मई 2017

भ(cid:2)ग(cid:4)2

ॢबह(cid:2)र(cid:4)र(cid:2)Îयप(cid:2)ल jर क(cid:2)य(cid:2)Z8य¡9 ह(cid:2)र(cid:2) ०नक(cid:2)ल: गय: ॢव०नयम(cid:12) \द:श(cid:12) [०धस३चन(cid:2)e $ jर ०नयम \ॢद?

——————— नगर विकास एवं आवास विभागनगर विकास एवं आवास विभागनगर विकास एवं आवास विभागनगर विकास एवं आवास विभाग ——— अधिसूचना अधिसूचना अधिसूचना अधिसूचना 3 मई 20173 मई 20173 मई 20173 मई 2017

सं0 03/SBM-01-13/2016-1105—रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय, भारत सरकार के Office Memorandum F.No.-11026/26/2016-M&E, दिनांक 10.05.2016 के कंडिका-2 में City Compost के प्रचार/प्रोत्साहन हेतु राज्य स्तर पर प्रधान सचिव/सचिव की अध्यक्षता में State Level Steering Committee (SLSC) के गठन का प्रावधान करते हुए कंडिका-03 में SLSC के कार्य वर्णित हैं एवं कंडिका-04 में कमिटि की बैठक निर्धारित की गयी है।

1 प्रधान सचिव/सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग अध्यक्ष
2 प्रधान सचिव/सचिव, कृषि विभाग सह अध्यक्ष
3 मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत (शहरी) संयोजक
4 आयुक्त/निदेशक, कृषि सदस्य
5 आयुक्त/निदेशक, बागवानी सदस्य
6 नगर आयुक्त, पटना नगर निगम सदस्य
7 नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर नगर निगम एवं बिहारशरीफ नगर निगम। सदस्य
8 प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, NFL (Fertilizer Company), 07 Industrial Area, Lodhi Road, नई दिल्ली सदस्य

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, चैतन्य प्रसाद, प्रधान सचिव।

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4 Mबहार गजट, 10 मई 2017

भाग-9(ख)

और सवFसाधारण सूचनाएं इIयाKद।

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सूचना ——

सं॰ 528—मैं, शम्भू राम, पिता-स्व∫-दुनमुन राम, ग्राम-धरहरा मेला, थाना-कटेया, पो∫' कटेया, जिला-गोपालगंज का निवासी हूँ, शपथ पत्र संख्या 2155, दिनांक 30.03.2017 के द्वारा मैं अपना उप नाम शम्भू राम को बदल कर शम्भू शरण के नाम से ही जाना एवं पहचाना जाउँगा।

शम्भू राम।

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No. 540— I, JYOTI SHARAN, S/O Late Sadhu Sharan Gupta R/O FCI Gali Purandarpur Mithapur Patna vide Affidavit no. 18158 Dated 24.10.16 shall be known as Jyoti Raj Gupta for all the purposes.

JYOTI SHARAN.

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सं॰ 544—मैं, अदिति, पुत्री अनिल कुमार सराफ, निवासी-वृन्दावन नर्सिंग होम के पास, एक्जीविषन रोड, थाना-गांधी मैदान, पटना-800001, बिहार, अपना नाम अदिति, जो कि मेरे स्कूल के रजिस्टर में लिखा है, से बदलकर अदिति सराफ करना चाहती हुँ, जिसके लिए षपथ पत्र संख्या 591 दिनांक 30.01.2017 में भी व्यक्त किया गया है कि दोनों एक ही व्यक्ति है।

अदिति।

No. 544—I, ADITI, D/o Anil Kumar Sharaf, resident of Near Vrindavan Nursing Home, Exhibition Road, P.S. Gandhi Maidan, Patna – 800001, Bihar, wish to change my name as Aditi Sharaf from Aditi as shown in school register for which Affidavit No. 591 Dated 30.01.2017 Shows that both are same person.

ADITI.

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No. 545—I, ALISHA D/o Sanjay Kumar R/o-Purani Bazar Nawada Declare vide Affidavit No. 2892 Dated 10.02.17 that I will be Known as Alisha Arya Further.

ALISHA.

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No. 549— I, UMA SHARMA, W/O. Late Deoki Nandan Sharma, Resident of 403, Aishwarya Rohini Road No.4, Rajendra Nagar, Patna–800016 do hereby solemnly affirm & declare that I am knowing both names, Uma Sharma & Uma Kumari, same and one person. That now I known as Uma Sharma Vide affidavit No. 156. Dated 03-04-2017.

UMA SHARMA.

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सं॰ 550—मैं, मोदीन मियाँ पिता-स्व॰ कुरान मियाँ निवासी ग्राम-बहुअरवा, पोस्ट एवं थाना-पलनवा, प्रखण्ड-रक्सौल, जिला-पूर्वी चम्पारण। शपथ पत्र-6021 दिनांक 29.03.2016 से अब मैं मो0 मोदीन मियाँ के नाम से जाना एवं पहचाना जाऊँगा।

मोदीन मियाँ।

No. 550— I, MODIN MIAN, S/o Late Kuran Mian, R/o Vill- Bahuarwa, P.O.+P.S.- Palanwa, Prakhand- Raxaul, Distt.- East Champaran According to Affidavit No. 6021 dated 29.03.2016 my new name is Md. Modin mian.

MODIN MIAN.

5 Mबहार गजट, 10 मई 2017

सं॰ 551—मैं, योगेश रंजन, पिता-श्री मुकेश चन्द्र मिश्रा, पता-मकान सं॰ 179, शिव नगर, शिवमंदिर के नजदीक, थाना-बेऊर, पोस्ट-अनीसाबाद, फुलवारी, जिला-पटना 800002 बिहार शपथ पत्र संख्या 4294 दिनांक 28.03.2017 से यह घोषणा करता हूँ कि मैं अब योगेश रंजन मिश्रा के नाम से जाना एवं पहचाना जाऊँगा।

योगेश रंजन।

No. 551— I, YOGESH RANJAN, So/ Sri Mukesh Chandra Mishra R/o. House No. 179, Shiv Nagar, Near Shiv Mandir P.S.–Beur P.o.- Anishanbad (Phulwari) District- Patna-800002 (Bihar) declare vide Affidavit No. 4294 Dated 28.03.2017 that now I shall be known as Yogesh Ranjan Mishra for all future purpose.

YOGESH RANJAN.

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No. 552—I, RATNA KUMARI D/o Badri Narayan Upadhaya W/o Shashi Shekhar Pandey, R/o Road. No-4 Sandalpur Road, Kumharar, District-Patna, Solemnly declare vide Affidavit Number 6669 dated Oct.19, 2016 that Ratna Pandey will be known as Ratna Kumari.

RATNA KUMARI.

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[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)

ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?

ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 8-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?

Website: http://egazette.bih.nic.in

6 Mबहार गजट, 10 मई 2017

ॢबह(cid:4)र गजट

क(cid:4)

प३रक(cid:13)[(cid:15)(cid:16) (cid:17)(cid:4)०धक(cid:4)र(cid:20) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:17)क(cid:4)०शत

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सं॰ के॰/कारा/रा॰प॰-92/98-2138 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा) ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 28 vçhy 2017

श्री मनोज कुमार चौधरी, तत्कालीन काराधीक्षक, उपकारा, जमुई (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, वीरपुर) को उपकारा, जमुई से 10 (दस) बंदियों के पलायन के प्रतिवेदित आरोपों के लिए गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 175 दिनांक 09.02.1999 द्वारा निलम्बित किया गया एवं गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 446 दिनांक 29.02.2000 के द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु सहायक कारा महानिरीक्षक-2 को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया था।

अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 1028 दिनांक 30.05.2000 के द्वारा श्री चौधरी को निलम्बन से मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही चलती रहेगी, का आदेष संसूचित किया गया।

विभागीय कार्यवाही के जांचोपरान्त सहायक कारा महानिरीक्षक-2-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में श्री चौधरी के विरूद्ध गठित कुल 10 आरोपों में से आरोप संख्या-01,02,04,05 को प्रमाणित एवं आरोप संख्या-06,08,एवं 10 को आंषिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया तथा आरोप संख्या 03,07एवं 09 को प्रमाणित नहीं पाया गया।

संचालन पदाधिकरी से प्राप्त उक्त जांच प्रतिवेदन एवं उस पर तत्कालीन कारा महानिरीक्षक के मंतव्य के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 5338 दिनांक 25.08.2004 के द्वारा श्री चौधरी के विरूद्ध निम्नांकित दण्ड अधिरोपित किया गया :-

(i) निन्दन की सजा।

(ii) इन्हें देय तीन वार्षिक वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकी जाती है, तथा

(iii) इन्हें भविष्य में किसी मंडल कारा के अन्तर्गत पदस्थापित नहीं किया जायेगा।

गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 5338 दिनांक 25.08.2004 के द्वारा अधिरोपित उपर्युक्त दण्ड के विरूद्ध श्री चौधरी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका सी.डब्लू.जे.सी. संख्या 12624/2008 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 16.09.2016 को उक्त वाद में न्यायनिर्णय दिया गया। माननीय न्यायालय के द्वारा पारित न्यायादेष के कार्यषील मुख्य अंष निम्नवत्‌ है :-

7 Mबहार गजट, 10 मई 2017

'' The facts being what it is, the Court is of the opinion that non-supply of the enquiry report as

well as non-issuance of second show cause before punishment are vital omissions and serious prejudice is

caused if a delinquent is denied either of the two opportunities, which is part of the process of imposition

of punishment upon a delinquent.

In view of above and the facts not being in dispute any more, the impugned order of punishment,

stands quashed. However, the matter is remanded back to the disciplinary authority and since copy of the

enquiry report has now been served alongwith counter affidavit, the petitioner would proceed

accordingly. He will be given an opportunity to explain himself and if the stage of second show cause is

reached, the same will be issued to the petitioner and thereafter a fresh decision would be taken. ''

माननीय न्यायालय द्वारा पारित उपर्युक्त न्यायादेष के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय ज्ञापांक 7441 दिनांक 14.12.2016 के द्वारा श्री चौधरी को जांच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। तद्‌आलोक में श्री चौधरी ने अपने पत्रांक 596 दिनांक 29.12.2016 के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया।

श्री चौधरी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव में कहना है कि उपकारा, जमुई में कारा कार्यालय मेन गेट के बाहर था एवं मुलाकाती कक्ष भी कारा गेट के सटे बगल में निर्मित नहीं था। उपकारा, जमुई में न्यायालय से उपस्थान के बाद बंदियों को विलम्ब से वापस लाया जाता था। उक्त कारणों से नम्बरबंदी में विलम्ब होता था। कोई भी बंदी को बगैर कॉल स्लिप के कारा गेट में न लेने हेतु एवं मुलाकाती पुर्जा पर प्रभारी सहायक कारापाल के हस्ताक्षर के पष्चात्‌ ही मुलाकाती 8ः00 बजे पूर्वाह्‌न से 12ः00 बजे पूर्वाह्‌न तक एक बार में एक-एक बंदी को कारा गेट में लाकर मुलाकाती कराने का मौखिक/लिखित आदेष उनके द्वारा दिया जाता रहा था। नियमानुसार एवं जिला पदाधिकारी के निदेषानुसार बंदियों का मुलाकाती 12ः00 बजे पूर्वाह्‌न के बाद किसी भी स्थिति में नहीं कराये जाने हेतु उनके द्वारा आदेष दिया जाता रहा था एवं 12ः00 बजे पूर्वाह्‌न के बाद मुलाकाती नहीं कराया जाता था।

आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी का अधिगम एवं श्री चौधरी से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जबाव की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी है। समीक्षोपरान्त पाया गया कि मुलाकाती एवं नम्बरबंदी में नियमों का अनुपालन नहीं होता था। संचालन पदाधिकारी ने विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में पाया है कि उपकारा में नम्बरबंदी शाम 7ः00 बजे से 10ः00 बजे रात्रि के बीच पूरी होती थी। प्रतिवेदन के अनुसार इसके लिए कारा संरचना को जिम्मेवार नहीं माना जा सकता है। पलायित सभी बंदी दिनांक 07.12.1998 को न्यायालय नहीं गये थे। अतः नम्बरबंदी विलम्ब के लिए आरोपित दोषी है और उनके द्वारा सतर्कता नहीं बरती गयी। सिद्धदोष बंदी अंगद सिंह पर विषेष निगरानी की आवष्यकता थी जो आरोपित द्वारा नहीं किया गया। फलतः उक्त बंदी का कारा से पलायन हुआ। संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार बंदियों की मुलाकाती 12ः00 बजे के बाद भी होती थी। दबंग कैदियों द्वारा चहलकदमी की जाती थी जिसे रोकने हेतु कारा प्रषासन द्वारा कोई प्रभावकारी कार्रवाई नहीं की गयी।

उपर्युक्त के आलोक में श्री चौधरी के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत्‌ श्री चौघरी के विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा किया गया :-

'' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतनवृद्धि घटा कर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल प्रभाव सेवान्त लाभ पर भी पड़ेगा। ''

उपर्युक्त विनिष्चयी दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 1279 दिनांक 21.03.2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 95 दिनांक 20.04.2017 द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतनवृद्धि घटा कर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल प्रभाव सेवान्त लाभ पर भी पड़ेगा '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।

माननीय उच्च न्यायालय पटना के द्वारा पारित उपर्युक्त न्यायादेष एवं प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 5338 दिनांक 25.08.2004 के द्वारा पूर्व में अधिरोपित दण्ड को संषोधित करते हुए श्री मनोज कुमार चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, उपकारा, जमुई (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, वीरपुर) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (समय-समय पर यथा संषोधित) के प्रावधानों के तहत्‌ निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया जाता है :-

'' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतनवृद्धि घटा कर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतनवृद्धि घटा कर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतनवृद्धि घटा कर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से तीन वेतनवृद्धि घटा कर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल प्रभाव सेवान्त लाभ पर भी पड़ेगा। ''प्रभाव सेवान्त लाभ पर भी पड़ेगा। ''प्रभाव सेवान्त लाभ पर भी पड़ेगा। ''प्रभाव सेवान्त लाभ पर भी पड़ेगा। ''

आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की में प्रकाशित की में प्रकाशित की में प्रकाशित की आदेशः-आदेशः-आदेशः-आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्मा, , , , संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।8 Mबहार गजट, 10 मई 2017

सं॰ कारा/नि0को0(अधी0)-01-01/2017-2146

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संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प

28 vçhy 2017

चूँकि बिहार-राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री संजय कुमार चौधरी, काराधीक्षक (सम्प्रति निलंबित) के केन्द्रीय कारा, बक्सर में पदस्थापन अवधि में दिनांक 30/31.12.2016 की रात्रि में केन्द्रीय कारा, बक्सर से 05 सजायाफ्ता बंंदियों की पलायन की घटना में उनके द्वारा बिहार कारा हस्तक-2012 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन करते हुए गंभीर कोताही एवं अपने कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता बरती गई है। साथ ही उनके द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन न करके कई स्तरों पर लापरवाही बरती गई है जिसके कारण पलायन की इतनी बड़ी घटना घटित हुई और 05 सजायाफ्ता बंदी पलायन करने में सफल हुए।

श्री चौधरी का यह कृत्य बिहार कारा हस्तक के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।

2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री संजय कुमार चौधरी, तत्कालीन काराधीक्षक, केन्द्रीय कारा, बक्सर, (सम्प्रति निलंबित) के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।

3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत्‌ विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, बक्सर को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री चौधरी से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य(गृह)मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्मा, , , , संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।

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[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 10 May 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-05-10.19/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-05-10.19.