(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार
हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट गजटगजटगजटगजट
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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 26 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1939 (शशशश0)
((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 391) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 1 61 61 61 6 मईमईमईमई 2017 सं0सं0सं0सं0 08/आरोप-01-184/2014,सा॰प्र॰-224 08/आरोप-01-184/2014,सा॰प्र॰-224 सं0सं0सं0सं0 08/आरोप-01-184/2014,सा॰प्र॰-224 08/आरोप-01-184/2014,सा॰प्र॰-224
सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प
10 जनवरी 10 जनवरी 10 जनवरी 10 जनवरी 2017201720172017
श्री प्रमोद कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-825/
पदाधिकारी, रोहतास के पद श्री प्रमोद कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-825/11, के विरूद्ध जिला आपूर्त्ति पदाधिकारी, रोहतास के पद पर पदस्थापन के दौरान धान अधिप्राप्ति कार्य के नोडल पदाधिकारी के रूप में पर्यवेक्षण में अभिरूचि नहीं लेने के पर पदस्थापन के दौरान धान अधिप्राप्ति कार्य के नोडल पदाधिकारी के रूप में पर्यवेक्षण में अभिरूचि नहीं लेने के पर पदस्थापन के दौरान धान अधिप्राप्ति कार्य के नोडल पदाधिकारी के रूप में पर्यवेक्षण में अभिरूचि नहीं लेने के
वं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4614, दिनांक 22. आरोपों से आच्छादित आरोप, प्रपत्र 'क' खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4614, दिनांक 22 आरोपों से आच्छादित आरोप, प्रपत्र 'क' खाद्य ए
2013 द्वारा प्राप्त हुआ। जिसमें उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने की अनुशंसा भी निहित थी। 07.2013 द्वारा प्राप्त हुआ। जिसमें उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने की अनुशंसा भी निहित थी। 2013 द्वारा प्राप्त हुआ। जिसमें उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने की अनुशंसा भी निहित थी। विभागीय पत्रांक-15846, दिनांक 19.11
11.2014 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इस क्रम म
2014 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इस क्रम में उन्होंने साक्ष्य की पठनीय प्रतियाँ माँगी जिसे संबंधित जिला पदाधिकारी से प्राप्त कर उन्हें उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद साक्ष्य की पठनीय प्रतियाँ माँगी जिसे संबंधित जिला पदाधिकारी से प्राप्त कर उन्हें उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद साक्ष्य की पठनीय प्रतियाँ माँगी जिसे संबंधित जिला पदाधिकारी से प्राप्त कर उन्हें उपलब्ध कराया गया। इसके बावजूद श्री कुमार से स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा। आरोप की गम्भीरता को देखते हुए सम्यक् विचारोपरांत विभागीय संकल्प श्री कुमार से स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा। आरोप की गम्भीरता को देखते हुए सम्यक् विचारोपरांत विभागीय संकल्प श्री कुमार से स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा। आरोप की गम्भीरता को देखते हुए सम्यक् विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7445, दिनांक 20.05.2015 द्वारा श्री कुमार को निलंबित कर दिया गया। उक्त आरोपों की वृहद जाँच हेतु 2015 द्वारा श्री कुमार को निलंबित कर दिया गया। उक्त आरोपों की वृहद जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7446, दिनांक 20.05.2015 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7446, दिनांक 20 2015 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी यथा विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-88 (अनु॰) दिनांक 23.02.2016 द्वारा उक्त संचालन पदाधिकारी यथा विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-88 (अनु॰) दिनांक 23 2222. संचालन पदाधिकारी यथा विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-88 (अनु॰) दिनांक 23
विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोपों में से आरोप सं॰-05 को विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोपों में से आरोप सं॰-05 को विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोपों में से आरोप सं॰-05 को
2016 द्वारा उक्त जाँच प्रतिवेदन की अांशिक रूप से प्रमाणित बताया गया। विभागीय पत्रांक-3388, दिनांक 09.03.2016 द्वारा उक्त जाँच प्रतिवेदन की अांशिक रूप से प्रमाणित बताया गया। विभागीय पत्रांक-3388, दिनांक 09 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 16 मईमईमईमई 2017 हुए आरोप मुक्त करने एवं पदस्थापन करने का अनुरोध किया। समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7012, दिनांक 17.05.2016 द्वारा उन्हें निलंबन मुक्त किया गया। इस क्रम में आरोप एवं जाँच प्रतिवेदन की गहन/सूक्ष्म समीक्षा में आरोप सं॰-1,3 एवं 9 पर संचालन पदाधिकारी के मंतव्य को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। जिसके आलोक में आरोप सं॰-1,3 एवं 9 पर अनुशासनिक प्राधिकार की असहमति के विन्दुओं पर विभागीय पत्रांक-7023, दिनांक 17.05.2016 द्वारा श्री कुमार से लिखित अभिकथन माँगा गया। इस क्रम में उन्होंने अपना लिखित अभिकथन (दिनांक 06.07.2016) समर्पित किया।
3333.... तत्पश्चात् आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार से प्राप्त लिखित अभिकथन की समेकित समीक्षा की गयी तथा पाया गया कि वर्ष 2011-12 में श्री कुमार के नोडल पदाधिकारी के रूप में कार्यरत रहने के दौरान चावल की एक बड़ी मात्रा का गबन हुआ, जिसमें मूल रूप से राज्य खाद्य निगम, रोहतास के जिला प्रबंधक एवं सहायक गोदाम प्रबंधक की भूमिका घोर लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता भी कारण होगा। इसके बावजूद यदि नोडल पदाधिकारी के रूप में श्री कुमार समुचित ढंग से अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए समय-समय पर समीक्षा/अनुश्रवण करते तो राजस्व की इतनी बड़ी क्षति नहीं होती। इस परिप्रेक्ष्य में उनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
4444.... अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर सम्यक् विचारोपरांत उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए श्री कुमार के विरूद्ध तीन वेतन वृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड विनिश्चित करते हुए विभागीय पत्रांक-12690, दिनांक 19.09.2016 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य माँगी गयी। इस क्रम में आयोग की पूर्ण पीठ द्वारा उक्त दंड प्रस्ताव में दी गयी ''सहमति'' बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2753, दिनांक 21.12.2016 द्वारा प्राप्त हुई। 5555.... अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक् विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत श्री प्रमोद कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-825/11 के विरूद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित की जाती है :-
तीन वेतन वृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। (क)(क)(क)(क) तीन वेतन वृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। तीन वेतन वृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक। तीन वेतन वृद्वियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक।
6666.... श्री कुमार के निलंबन अवधि (दिनांक 20.05.2015 से दिनांक 17.05.2016) पर निर्णय हेतु अलग से कार्रवाई की जायेगी।
ल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकआदेश दिया जाता है कि इस संकआदेश दिया जाता है कि इस संकआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण ल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण ल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। ेज दी जाय। ेज दी जाय। ेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,
———— अधी*कअधी*कअधी*कअधी*क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, पटनापटनापटनापटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु/ित।मु/ित।मु/ित।मु/ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 391-571+10-ड%ड%ड%ड%0ट%ट%ट%ट%0पीपीपीपी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in