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ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 26 वैशाखवैशाखवैशाखवैशाख 1939 (शशशश0)
((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 399) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, मंगलमंगलमंगलमंगलवारवारवारवार, 1 61 61 61 6 मईमईमईमई 2017 सं0 08/आरोप-01-232/2014सा॰-16095 सामान्य सामान्य सामान्य सामान्य प्रशासन विभागप्रशासन विभागप्रशासन विभागप्रशासन विभाग ------------------------------------ संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 2 दिस2 दिस2 दिस2 दिसम्बरम्बरम्बरम्बर 2016201620162016
2008 द्वारा श्री सुरेश कुमार, (बि॰प्र॰से॰) निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-40, दिनांक 10.01.2008 द्वारा श्री सुरेश कुमार, (बि॰प्र॰से॰) निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-40, दिनांक 10 कोटि क्रमांक-1127/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी -सह-अंचलाधिकारी, बलरामपुर, कटिहार का दिनांक कोटि क्रमांक-1127/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी -सह-अंचलाधिकारी, बलरामपुर, कटिहार का दिनांक कोटि क्रमांक-1127/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी -सह-अंचलाधिकारी, बलरामपुर, कटिहार का दिनांक रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने तथा इस संबंध में निगरानी थाना रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने तथा इस संबंध में निगरानी थाना 07.01.2008 को 20 (बीस) हजार रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने तथा इस संबंध में निगरानी थाना 2008 दर्ज किये जाने की सूचना प्राप्त हुई। कांड-001/2008, दिनांक 08.01.2008 दर्ज किये जाने की सूचना प्राप्त हुई।
बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 (1) (ग) के तहत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 (1) 2222.... बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 (1) विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1561, दिनांक 07 2008 द्वारा श्री कुमार को निलंबित किया गया। इसके उपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1561, दिनांक 07.02.2008 द्वारा श्री कुमार को निलंबित किया गया। इसके उपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा गठित एवं अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलगन करते हुए विभागीय पत्रांक-3517, अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा गठित एवं अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलगन करते हुए विभागीय पत्रांक-3517, अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा गठित एवं अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलगन करते हुए विभागीय पत्रांक-3517, यी। इस क्रम में श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सम्य्क 2008 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर सम्य्क दिनांक 28.03.2008 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण माँगी ग विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत मामले विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत मामले विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत मामले 2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। की वृहद जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6002, दिनांक 24 की वृहद जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6002, दिनांक 24.06.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। .2015 से प्राप्त जाँच विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक-346, दिनांक 16.07. विभागीय जाँच आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, बिहार, पटना के पत्रांक-346, दिनांक 16 प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष पर श्री कुमार से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष पर श्री कुमार से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष पर श्री कुमार से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। श्री कुमार ने अपना लिखित अभिकथन समर्पित किया जिसकी समीक्षा की गयी तथा सम्यक् विचारोपरांत श्री कुमार को समीक्षा की गयी तथा सम्यक् विचारोपरांत श्री कुमार को श्री कुमार ने अपना लिखित अभिकथन समर्पित किया जिसकी सेवा से बर्खास्त करने का दंड विनिश्चित किया गया। विभागीय पत्रांक-632, दिनांक 14 2016 द्वारा उक्त विनिश्चित सेवा से बर्खास्त करने का दंड विनिश्चित किया गया। विभागीय पत्रांक-632, दिनांक 14.01.2016 द्वारा उक्त विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति माँगी गयी जिसके आलोक में आयोग के पत्रांक-364, दिनांक 06.05.2016 दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति माँगी गयी जिसके आलोक में आयोग के पत्रांक-364, दिनांक 06 दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति माँगी गयी जिसके आलोक में आयोग के पत्रांक-364, दिनांक 06 उक्त के आधार पर समीक्षोपरांत विभागीय द्वारा दंड प्रस्ताव पर आयोग की पूर्ण पीठ की सहमति संसूचित की गयी। उक्त के आधार पर समीक्षोपरांत विभागीय द्वारा दंड प्रस्ताव पर आयोग की पूर्ण पीठ की सहमति संसूचित की गयी। 2016 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 06.2016 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, संकल्प ज्ञापांक-8923, दिनांक 23.06 2005 के नियम-14(xi) के तहत श्री कुमार को निम्न शास्ति
) के तहत श्री कुमार को निम्न शास्ति (दंड) संसूचित की गयी :-
जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी।
निरर्हता होगी। निलंबन अवधि के लिए मात्र जीवन यापन भत्ता ही देय होगा। 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 16 मईमईमईमई 2017 के दौरान उन्होंने इन्दिरा आवास योजना के कार्यान्वयन में समुचित सतर्कत्ता बरतते हुए द्वितीय किस्त के भुगतान हेतु लाभुकों का चयन आम सभा से होने के संबंध में ग्राम पंचायत सचिव एवं मुखिया से प्रमाण-पत्र माँगा। सरकारी राशि के गबन को रोकने हेतु उनके द्वारा दिये गये इस आदेश से कतिपय प्रखंडकर्मी एवं बिचौलिये एकजुट हो गये तथा षड्यंत्र रचकर उन्हें फँसाया गया। उनके विरूद्ध निगरानी में परिवाद दायर करने वाले श्री योगेन्द्र पासवान स्वयं इन्दिरा आवास योजना के लाभार्थी भी नहीं थे। श्री कुमार द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सत्यापन प्रतिवेदन को भी झुठा बताया गया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के धावा दल द्वारा रिश्वत की राशि को उनके ताकिये के नीचे से बरामद होना दिखाया गया एवं उन्हें जबरदस्ती उठाकर अपने साथ ले गये। उन्होंने स्वयं के विरूद्ध किये जा रहे षड्यंत्र की संभावना के आलोक में दिनांक 12.07.2010 को थानाध्यक्ष, तेलपा को समर्पित शिकायत पत्र को भी साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया।
विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन, श्री कुमार के लिखित अभिकथन एवं सम्प्रति प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा में यह पाया गया कि इन्दिरा आवास योजना के द्वितीय किस्त का भुगतान लंबित रहने के कारण निगरानी ब्यूरो में परिवाद दायर हुआ। इस क्रम में पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की कंडिका-4 में श्री कुमार द्वारा उल्लिखित तथ्य स्वीकारयोग्य नहीं है। उन्होनें इंदिरा आवास योजना का द्वितीय किस्त लंबित रहने के संबंध में यह तर्क दिया है कि किस्तों के भुगतान में अपेक्षित सावधानी बरतने एवं बिचौलियों पर लगाम लगाने हेतु उन्होनें ग्राम पंचायत सचिव एवं मुखिया से लाभुकों के चयन के संबंध में प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का निदेश दिया था। वस्तुतः प्रथम किस्त प्राप्त होने के पश्चात् लाभुक द्वारा इन्दिरा आवास का निर्माण प्रारम्भ कर दिया जाता है तथा शेष कार्य के लिए उन्हें जाँच कर स्वयं द्वितीय किस्त का भुगतान करना अपेक्षित होता है। संचालन पदाधिकारी ने भी विभागीय कार्यवाही के दौरान सभी पक्षों का तर्क सुना तथा श्री कुमार को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए समुचित अवसर दिया। इसके उपरांत ही संचालन पदाधिकारी ने अपना निष्कर्ष/मंतव्य प्रतिवेदित किया जो स्वीकार योग्य है। इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दर्ज उक्त कांड में विधि विभाग के आदेश सं॰-3011, दिनांक 25. 06.2008 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध अभियोजन स्वी—त है तथा सम्प्रति निगरानी न्यायालय में एतद् संबंधी वाद विचाराधीन है। यद्यपि श्री कुमार ने निगरानी धावा दल द्वारा की गयी कार्रवाई को षडयंत्रपूर्ण बताया है तथापि इस संबंध में कोई ठोस तर्क/आधार प्रस्तुत नहीं किया। इस प्रकार श्री कुमार का पुनर्विलोकन अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है।
4444.... अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आधार पर श्री सुरेश कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1127/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी, बलरामपुर, कटिहार (विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8923, दिनांक 23.06.2016 द्वारा सेवा से बर्खास्त) द्वारा दंडादेश (बर्खास्तगी) के विरूद्ध समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 11.08.2016 को अस्वी—त किया जाता है। तद्नुसार श्री कुमार के विरूद्ध संसूचित बर्खास्तगी का दंड यथावत् रहेगा। 5555.... उपर्युक्त कंडिका-4 के प्रस्ताव में राज्य मंत्रिपरिषद् का अनुमोदन प्राप्त है। ल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया अंक में प्रकाशित किया आदेश्आदेश्आदेश्आदेश :-ा :-ा :-ा :-आदेश दिया जाता है कि इस संकआदेश दिया जाता है कि इस संकआदेश दिया जाता है कि इस संकआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण ल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण ल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,राम बिशुन राय,राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
———— अधी*कअधी*कअधी*कअधी*क, सिचवालयसिचवालयसिचवालयसिचवालय मुिणालयमुिणालयमुिणालयमुिणालय, (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार, पटनापटनापटनापटना (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत एवंएवंएवंएवं मु/ित।मु/ित।मु/ित।मु/ित। (cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार गजटगजटगजटगजट (असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण) 399-571+10-ड%ड%ड%ड%0ट%ट%ट%ट%0पीपीपीपी0।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in