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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 31 July 2017

Published 31 July 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-07-31.674
Languages
English, Hindi

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सामान्य प्रशासन foHkkx

———

संकल्प

8 जून 2017

2010 द्वारा श्री प्रसाद को निलंबन मुक्त किया गया।

त्य से सरकार को राजस्व की क्षति हुई।श्री श्याम किशोर प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-966/99, 316 सी॰/08, 142/11, तत्कालीन जिला श्री श्याम किशोर प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-966/99, 316 सी॰/08, 142/11, तत्कालीन जिला श्री श्याम किशोर प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-966/99, 316 सी॰/08, 142/11, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, मधुबनी (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध ''इस्ट वेस्ट कॉरिडोर'' के लिए अधिग्रहित भूमि के के लिए अधिग्रहित भूमि के भू-अर्जन पदाधिकारी, मधुबनी (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरतने के आरोपों पर निगरानी थाना कांड सं॰-42/08, दिनांक 15.07.2008 दर्ज मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरतने के आरोपों पर निगरानी थाना कांड सं॰-42/08, दिनांक 15 मुआवजा भुगतान में अनियमितता बरतने के आरोपों पर निगरानी थाना कांड सं॰-42/08, दिनांक 15 2008 को गिरफ्तार होकर हुआ, जिसमें ये नामजद अभियुक्त बनाये गये। उक्त कांड में श्री प्रसाद दिनांक 15 हुआ, जिसमें ये नामजद अभियुक्त बनाये गये। उक्त कांड में श्री प्रसाद दिनांक 15.07.2008 को गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में भेजे गये। इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के आलोक में विभागीय संकल्प ये। इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के आलोक में विभागीय संकल्प ये। इस संबंध में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्राप्त सूचना के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8984, दिनांक 14.08.2008 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। श्री प्रसाद ने अपनी गिरफ्तारी/कारावास के विरूद्ध 2008 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। श्री प्रसाद ने अपनी गिरफ्तारी/कारावास के विरूद्ध 2008 द्वारा इन्हें निलंबित किया गया। श्री प्रसाद ने अपनी गिरफ्तारी/कारावास के विरूद्ध 2008 को पारित आदेश के आलोक में माननीय पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर किया जिसमें दिनांक 22.11.2008 को पारित आदेश के आलोक में माननीय पटना उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर किया जिसमें दिनांक 22 2008 को विभाग में योगदान किये। मामले को संवेदनशीलता के आलोक में ये कारामुक्त होकर दिनांक 28.11.2008 को विभाग में योगदान किये। मामले को संवेदनशीलता के आलोक में 2008 को विभाग में योगदान किये। मामले को संवेदनशीलता के आलोक में 2009 द्वारा इन्हें पुनः निलंबित किया गया तथा इनका विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4508. दिनांक 19.05.2009 द्वारा इन्हें पुनः निलंबित किया गया तथा इनका विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4508 ीय आयुक्त का कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया। कालान्तर में विभागीय मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त का कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया। कालान्तर में विभागीय ीय आयुक्त का कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया। कालान्तर में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1352, दिनांक 10.02.2010 द्वारा श्री प्रसाद को निलंबन मुक्त किया गया। 2. उपर्युक्त आरोपों के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी तथा विभागीय जाँच उपर्युक्त आरोपों के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी तथा विभागीय जाँच उपर्युक्त आरोपों के लिए श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी तथा विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी बनाया गया। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-371, दिनांक 29.07.2015 द्वारा जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी बनाया गया। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-371, दिनांक 29 आयुक्त को संचालन पदाधिकारी बनाया गया। संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-371, दिनांक 29 पत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद के लिखित अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद के लिखित प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर आरोप, प्र अभिकथन की समीक्षा में पाया गया कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी ने ईस्ट वेस्ट अभिकथन की समीक्षा में पाया गया कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी ने ईस्ट वेस्ट अभिकथन की समीक्षा में पाया गया कि जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के रूप में आरोपित पदाधिकारी ने ईस्ट वेस्ट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान के क्रम में भूमि के मूल्यांकन में अनियमितता बरती तथा गलत कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान के क्रम में भूमि के मूल्यांकन में अनियमितता बरती तथा गलत कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित भूमि के मुआवजा भुगतान के क्रम में भूमि के मूल्यांकन में अनियमितता बरती तथा गलत तरीके से भूमि का स्वरूप प्रतिवेदित कर मनमाने ढ़ग से मुआवजा राशि में बढ़ोत्तरी की। आरोपित पदाधिकारी ने एक ही तरीके से भूमि का स्वरूप प्रतिवेदित कर मनमाने ढ़ग से मुआवजा राशि में बढ़ोत्तरी की। आरोपित पदाधिकारी ने एक ही तरीके से भूमि का स्वरूप प्रतिवेदित कर मनमाने ढ़ग से मुआवजा राशि में बढ़ोत्तरी की। आरोपित पदाधिकारी ने एक ही स्थल पर एक साथ संलग्न तीन-चार भू-खंड में मनमाने ढंग से कुछ भूमि को व्यावसायिक तथा कुछ को एक फसला स्थल पर एक साथ संलग्न तीन-चार भू-खंड में मनमाने ढंग से कुछ भूमि को व्यावसायिक तथा कुछ को एक फसला स्थल पर एक साथ संलग्न तीन-चार भू-खंड में मनमाने ढंग से कुछ भूमि को व्यावसायिक तथा कुछ को एक फसला अथवा दो फसला माना। जो अनियमित एवं अनुचित था। उनके इस —त्य से सरकार को राजस्व की क्षति हुई। अथवा दो फसला माना। जो अनियमित एवं अनुि संचालन पदाधिकारी ने भी यह मंतव्य प्रतिवेदित किया है कि श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोप सिद्ध होते संचालन पदाधिकारी ने भी यह मंतव्य प्रतिवेदित किया है कि श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोप सिद्ध होते संचालन पदाधिकारी ने भी यह मंतव्य प्रतिवेदित किया है कि श्री प्रसाद के विरूद्ध गठित आरोप सिद्ध होते है। निगरानी विभाग ने भी उक्त कांड सं॰-42/2008 में संबंधित निगरानी न्यायालय में आरोप पत्र सं॰-62/08 दायर है। निगरानी विभाग ने भी उक्त कांड सं॰-42/2008 में संबंधित निगरानी न्यायालय में आरोप पत्र सं॰-62/08 दायर है। निगरानी विभाग ने भी उक्त कांड सं॰-42/2008 में संबंधित निगरानी न्यायालय में आरोप पत्र सं॰-62/08 दायर किये जाने की सूचना दी है। इस परिप्रेक्ष्य में जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष पर श्री प्रसाद का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य किये जाने की सूचना दी है। इस परिप्रेक्ष्य में जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष पर श्री प्रसाद का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य किये जाने की सूचना दी है। इस परिप्रेक्ष्य में जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष पर श्री प्रसाद का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। सम्यक्‌ विचारोपरांत उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14105 दिनांक 17.10. नहीं पाया गया। सम्यक्‌ विचारोपरांत उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14105 दिनांक 17 नहीं पाया गया। सम्यक्‌ विचारोपरांत उक्त प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14105 दिनांक 17 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 31 जुलाई 2017 2016 द्वारा श्री प्रसाद को बिहार पेंशन नियमावली-1950 के नियम 43 (बी॰) के तहत निम्नलिखित दंड संसूचित किया गयाः- (क) पेंशन से 50 प्रतिशत की स्थायी कटौती। (ख) निलंबन अवधि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अलग से आदेश निर्गत किया जाएगा आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 31 July 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-07-31.674/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-07-31.674.