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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 August 2017

Published 02 August 2017

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-08-02.31
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40

ॢबह(cid:4)र गजट

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 11111111 ौावणौावणौावणौावण 1931931931939999 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 31313131 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 2222 अगःतअगःतअगःतअगःत 2012012012017777 ((((ईईईई0000)))) पृष ् पृष ् पृष ् पृष ्ठठठठ भाग-1—िनयु%., पदःथापन, बदली, श%., छु 3ट(cid:15) और अ5य 6य%.गत सूचनाएं। 2-2 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु;म= के समादेंटाओं के आदेश।

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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Fाओं के पर(cid:15)Fा-फल, कायHबम, छाऽवृ%K ूदान, आMद।

---

भाग-1-ग—िशFा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Fाफल आMद ---

भाग-2—%बहार-राOयपाल और कायाHPयF= Qारा िनकाले गये %विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आMद। 3-3 भाग-3—भारत सरकार, पRSम बंगाल सरकार और उUच 5यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राOय गजट= के उXरण। ---

भाग-4—%बहार अिधिनयम ---

%वषय%वषय%वषय%वषय----सूचीसूचीसूचीसूची

पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—%बहार %वधान मंडल मZ पुर:ःथा%पत %वधेयक, उ\त %वधान मंडल मZ उपःथा%पत या उपःथा%पत Mकये जानेवाले ूवर सिमितय= के ूितवेदन और उ\त %वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवH ूकािशत %वधेयक। ---

भाग-7—संसद के अिधिनयम Rजनपर रांशपित क] Oयेंठ अनुमित िमल चुक] है। ---

भाग-8—भारत क] संसद मZ पुर:ःथा%पत %वधेयक, संसद मZ उपःथा%पत ूवर सिमितय= के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा%पत ूवर सिमितय= के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवH ूकािशत %वधेयक। ---

भाग-9—%व_ापन

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भाग-9-क—वन %वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—िन%वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, 5यायालय सूचनाएं और सवHसाधारण सूचनाएं इaयाMद। 4-4 पूरक

---

पूरक-क 5-112 %बहार गजट, 2 अगःत 2017

भ(cid:2)ग(cid:4)1

०नय१ॢफ(cid:12) पद(cid:16)थ(cid:2)पन(cid:12) बदल(cid:20)(cid:12) शॢफ(cid:12) छ१Ñट(cid:20) jर [(cid:28)य व(cid:30)यॢफक स३चन(cid:2)e $

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पर्यावरण एवं वन विभागपर्यावरण एवं वन विभागपर्यावरण एवं वन विभागपर्यावरण एवं वन विभाग ——— अधिसूचनाएं 25 जुलाई 2017

संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ भा0व0से0 (स्था0)04/2017-भा0व0से0 (स्था0)04/2017-भा0व0से0 (स्था0)04/2017-भा0व0से0 (स्था0)04/2017-2343234323432343/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री रविशंकर कुमार, भा0व0से0(99) वन संरक्षक, कार्य नियोजना अनुसंधान एवं विस्तार, पटना को स्थानांतरित करते हुए मुख्य वन संरक्षक (आई0टी0), बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ भा0व0से0 (स्था0)सं॰ भा0व0से0 (स्था0)सं॰ भा0व0से0 (स्था0)सं॰ भा0व0से0 (स्था0)04/2017-04/2017-04/2017-04/2017-2344234423442344/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री संजय कुमार सिन्हा, भा0व0से0(2000) वन संरक्षक-सह-अपर निदेशक हरियाली मिशन उत्तर बिहार को स्थानांतरित करते हुए वन संरक्षक, कार्य नियोजना, अनुसंधान एवं विस्तार, पटना के पद अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता हे। श्री सिन्हा वन संरक्षक-सह-अपर निदेशक हरियाली मिशन उत्तर बिहार के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ भा0व0से0भा0व0से0भा0व0से0भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-(स्था0) 04/2017-(स्था0) 04/2017-(स्था0) 04/2017-2345234523452345/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री कमलजीत सिंह, भा0व0से0 (2004) जो केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापस लौटकर सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं को वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेगुसराय के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-2346234623462346/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री सुनील कुमार, भा0व0से0 (2005), वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेगुसराय को स्थानांतरित करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-2347234723472347/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री सुधीर कुमार कर्ण, बि0व0से, वन प्रमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद को स्थानांतरित करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी, सुपौल के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-2348234823482348/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री संजय प्रकाश, बि0व0से, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सुपौल को स्थानांतरित करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी, सहरसा के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है। सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-2349234923492349/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री मिहिर कुमार झा, बि0व0से, वन प्रमंडल पदाधिकारी, पटना को स्थानांतरित करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी, पूर्णिया के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है। सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-भा0व0से0 (स्था0) 04/2017-2350235023502350/प0व0/प0व0/प0व0/प0व0—श्री सुनील कुमार सिन्हा, बि0व0से, वन प्रमंडल पदाधिकारी, सहरसा को स्थानांतरित करते हुए वन प्रमंडल पदाधिकारी, पटना के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

बििििहार-बहार-बहार-बहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, रत्नेश झारत्नेश झारत्नेश झारत्नेश झा, संयुक्त सचिव।

—————

[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)

ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?

ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 20-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?

Website: http://egazette.bih.nic.in

3 %बहार गजट, 2 अगःत 2017

भ(cid:2)ग(cid:4)2

ॢबह(cid:2)र(cid:4)र(cid:2)Îयप(cid:2)ल jर क(cid:2)य(cid:2)Z8य¡9 ह(cid:2)र(cid:2) ०नक(cid:2)ल: गय: ॢव०नयम(cid:12) \द:श(cid:12) [०धस३चन(cid:2)e $ jर ०नयम \ॢद?

——————— सामान्य प्रशासनसामान्य प्रशासनसामान्य प्रशासनसामान्य प्रशासन न्यायालयन्यायालयन्यायालयन्यायालय ——— शुद्वि-शुद्वि-शुद्वि-शुद्वि-पत्रपत्रपत्रपत्र 20 फरवरी20 फरवरी20 फरवरी20 फरवरी 2017201720172017

सं॰सं॰सं॰सं॰ 08/आरोप-01-27/2014,सा॰प्र॰08/आरोप-01-27/2014,सा॰प्र॰08/आरोप-01-27/2014,सा॰प्र॰08/आरोप-01-27/2014,सा॰प्र॰-2051-2051-2051-2051—विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5791, दिनांक 30.04.2014 द्वारा श्री श्रीनिवास सिंह, , , , बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-512/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, शम्भुगंज, बाँका को निन्दन (आदेश निर्गत की तिथि से प्रभावी) संसूचित किया गया था।

बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) (तृतीय संशोधन) नियमावली-2010 के नियम-2 के स्पष्टीकरण 2 (i) के आलोक में उक्त संसूचित दंड (निन्दन) आरोप वर्ष 2006-07 से प्रभावी समझा जाय।

2222.... तद्‌नुसार संकल्प उक्त हद तक संशोधित किया जाता है, शेष यथावत रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अपर सचिव।

——— वाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभाग ——— अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना शुद्धिपत्रशुद्धिपत्रशुद्धिपत्रशुद्धिपत्र 21 जुलाई 201721 जुलाई 201721 जुलाई 201721 जुलाई 2017

सं॰ सं॰ सं॰ सं॰ 6/सं0-04-01/20176/सं0-04-01/20176/सं0-04-01/20176/सं0-04-01/2017-2561—सेवा सम्पुष्टि से संबंधित वाणिज्य-कर विभाग का अधिसूचना संख्या-1674 दिनांक 24.05.2017 के क्रमांक 23 के कॉलम-2 में अंकित ''श्री अभिवन कुमार झा'' ''श्री अभिनव कुमार झा'' ''श्री अभिवन कुमार झा'' के स्थान पर ''श्री अभिनव कुमार झा'' ''श्री अभिनव कुमार झा'' ''श्री अभिनव कुमार झा'' ''श्री अभिवन कुमार झा'' ''श्री अभिवन कुमार झा'' शुद्ध रूप में पढ़ा जाय।

शेष यथावत्‌ रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,ह- (ह0), अस्पष्ट, उप-सचिव।

—————

[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)

ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?

ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 20-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?

Website: http://egazette.bih.nic.in

4 %बहार गजट, 2 अगःत 2017

भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))

और सवHसाधाऔर सवHसाधाऔर सवHसाधाऔर सवHसाधारण सूचनाएं इaयारण सूचनाएं इaयारण सूचनाएं इaयारण सूचनाएं इaयाMद।Mद।Mद।Mद।

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सूचनासूचनासूचनासूचना ——

No 900—I, SMRITY KUMARI, w/o Shailesh Mishra D/o Brajanandan Singh R/o Ruchira Apt., FN-3B, A.N. Path, North S.K Puri, Boring Road, Patna-13 vide Affidavit No. 580, Dated 08.04.2017 shall be known as Smrity Mishra for all future Purpose.

SMRITY KUMARI.

—————

[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)

ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?

ॢबह(cid:2)र गजट(cid:12) 20-571+10(cid:4)ड&4ट(cid:20)4प&4?

Website: http://egazette.bih.nic.in

5 %बहार गजट, 2 अगःत 2017

ॢबह(cid:4)र गजट

क(cid:4)

प३रक(cid:13)[(cid:15)(cid:16) (cid:17)(cid:4)०धक(cid:4)र(cid:20) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:17)क(cid:4)०शत

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सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-57/201557/201557/201557/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-4480 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 13 अप्रील13 अप्रील13 अप्रील13 अप्रील 2017201720172017

श्री वीरेन्द्र कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-896/11 के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी मधेपुर-सह-अंचलाधिकारी, लखनौर, मधुबनी के पदस्थापन काल में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने, अनधि—त रूप से अनुपस्थित रहने तथा योजनाओं के कार्यान्वयन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोपों के लिए अग्रेत्तर कार्रवाई हेतु जिला पदाधिकारी, मधुबनी का पत्रांक-2092, दिनांक 23.08.2004 एवं ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना का पत्रांक-1134 दिनांक 05.02.2007 प्राप्त हुआ। उक्त आरोपों की वृहद जाँच हेतु संकल्प ज्ञापांक-876 दिनांक 24.02.2009 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। कालान्तर में उजागर कतिपय तकनिकी त्रुटियों के निराकरण हेतु उक्त विभागीय कार्यवाही (संकल्प ज्ञापांक-876 दिनांक 24.02.2009) को संकल्प ज्ञापांक-4938 दिनांक 05.04.2016 द्वारा रद्द करते हुए नये सिरे से आरोप, प्रपत्र 'क' गठित कर अग्रेत्तर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।

इस क्रम में विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-5215, दिनांक 08.04.2016 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण माँगा गया है। श्री कुमार ने अपना स्पष्टीकरण (दिनांक 14.06.2016) समर्पित किया। तत्पश्चात्‌ विभागीय पत्रांक-15128 दिनांक 10.11.2016 द्वारा उक्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधुबनी से मंतव्य माँगा गया। जिला पदाधिकारी मधुबनी ने अपने पत्रांक-586 दिनांक 28.02.2017 द्वारा प्रतिवेदित मंतव्य में बहुधा आरोपों से संबंधित श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया। इस आधार पर आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध गठित आरोपों की वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी।

2222.... अतएव सम्यक्‌ विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री वीरेन्द्र कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-896/11 (सम्प्रति अन्य आरोपों के लिए निलंबित) के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) में विहित रीति से करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन संचालन संचालन संचालन पदाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी, प्रमंडलीय आयुक्त, दरभंगा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा मनोनीत पदाधिकारीपदाधिकारीपदाधिकारीपदाधिकारी होंगे।होंगे।होंगे।होंगे।

3333.... श्री कुमार से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।6 %बहार गजट, 2 अगःत 2017 सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-117/2015117/2015117/2015117/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-4857 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 25 अप्रील 201725 अप्रील 201725 अप्रील 201725 अप्रील 2017

श्री विनोद कुमार ठाकुर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-567/11 के विरूद्ध विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, गंडक योजना, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल में भू-अर्जन के क्रम में अनियमित रूप से पंचाट घोषित कर सरकार को आर्थिक क्षति पहुँचाने संबंधी आरोप जिला पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर के पत्रांक-1960 दिनांक 02.04.2016 एवं जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1520 (अनु॰) दिनांक 07.09.2016 द्वारा प्राप्त हुआ। इसके उपरांत विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-15320, दिनांक 14.11.2016 द्वारा श्री ठाकुर से स्पष्टीकरण माँगी गयी। इस क्रम में श्री ठाकुर से स्पष्टीकरण (दिनांक 02.12.2016) प्राप्त हुआ। समीक्षोपरांत उक्त आरोपों के वृहद जाँच का निर्णय किया गया।

2222.... अतएव सम्यक्‌ विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री विनोद कुमार ठाकुर, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-567/11 के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) में विहित रीति से करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त संचालन पदाधिकारी, आयुक्त संचालन पदाधिकारी, आयुक्त संचालन पदाधिकारी, आयुक्त तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।होंगे।होंगे।होंगे। तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी 3333.... श्री ठाकुर से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।

——— सं0 08/आरोप-01-15/2017, सा॰प्र॰08/आरोप-01-15/2017, सा॰प्र॰08/आरोप-01-15/2017, सा॰प्र॰08/आरोप-01-15/2017, सा॰प्र॰-6160 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 24 मई 201724 मई 201724 मई 201724 मई 2017

श्री राजेश चौधरी, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-592/11 के विरूद्ध अपर समाहर्त्ता (विधि व्यवस्था), पटना के पदस्थापन काल में दिनांक 14.01.2017 (मकर संक्रान्ति) को पतंग उत्सव के पश्चात हुई नाव दुर्घटना के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में कर्त्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने संबंधी आरोप गृह विभाग, बिहार, पटना के गैर सरकारी प्रेषण संख्या-18 दिनांक 24.02.2017 द्वारा प्राप्त हुआ। उक्त आरोपों के लिए विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित प्रपत्र-'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक 3446 दिनांक 23.03.2017 द्वारा श्री चौधरी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इस क्रम में श्री चौधरी का स्पष्टीकरण (दिनांक 02.05.2017) प्राप्त हुआ। जिसमें उन्होंने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने के आरोपों का प्रतिकार किया। समीक्षोपरांत उक्त आरोपों के वृहत्त जाँच की आवश्यकता पायी गयी।

2222.... अतएव सम्यक्‌ विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री राजेश चौधरी, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-592/11 के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना नियम-17(2) में विहित रीति से करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।होंगे।होंगे।होंगे। एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा मनोनीत पदाधिकारी एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा मनोनीत पदाधिकारी एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा मनोनीत पदाधिकारी

3333.... श्री चौधरी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रति सभी संजाय तथा इसकी प्रति सभी संजाय तथा इसकी प्रति सभी संजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।बंधित को भेज दी जाय।बंधित को भेज दी जाय।बंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, केशव कुमार सिंहकेशव कुमार सिंहकेशव कुमार सिंहकेशव कुमार सिंह, , , , अपर सचिव।

——— सं0 08/08/08/08/था॰कां॰था॰कां॰था॰कां॰था॰कां॰----12121212----01010101/2017, सा॰प्र॰/2017, सा॰प्र॰/2017, सा॰प्र॰/2017, सा॰प्र॰-1680 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 13 फरवरी 201713 फरवरी 201713 फरवरी 201713 फरवरी 2017

बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना द्वारा आयोजित इन्टर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (प्रारम्भिक)-2014 के प्रश्न पत्र लीक मामले की जाँच हेतु दर्ज अगमकुँआ थाना कांड सं॰-44/17, दिनांक 04.02.2017 (धारा-419/420/467/ 468/471/34 भा॰द॰वि॰) के अनुसंधान के क्रम में श्री परमेश्वर राम, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-440/11) सचिव, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाये जाने तथा दिनांक 08.02.2017 को उनकी गिरफ्तारी एवं7 %बहार गजट, 2 अगःत 2017 न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की सूचना वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के पत्रांक-416, दिनांक 10.02.2017 द्वारा उपलब्ध करायी गयी।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (1) (ग) एवं नियम-9 (2) क में निहित प्रावधानों के तहत श्री राम को न्यायिक हिरासत की तिथि (दिनांक 08.02. 2017 के प्रभाव से) से अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है।

2222.... निलंबन अवधि में श्री राम का मुख्यालय, आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया जाता है। न्यायिक हिरासत से मुक्त होने के पश्चात्‌ वे उक्त निर्धारित मुख्यालय में अपना योगदान देगें।

3333.... निलंबन अवधि में इन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।

——— सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-109/2015109/2015109/2015109/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-6174 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 24 मइ24 मइ24 मइ24 मई 201र्7 201र्7 201र्7 2017

श्री नसीब लाल दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-681/11 के विरूद्ध कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, अरवल के पदस्थापन काल से संबंधित आरोपों (निर्माण कार्यो के निविदा निष्पादन में अनियमितता) के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-5048 दिनांक 30.09.2015 द्वारा आरोप, प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराते हुए यथोचित कार्रवाई की अनुशंसा की गयी।

इसके उपरांत विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-7008, दिनांक 17.05.2016 द्वारा श्री दास से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इस क्रम में उनका स्पष्टीकरण (दिनांक 30.05.2016) प्राप्त हुआ। विभागीय पत्रांक-9497 दिनांक 06.07.2016 द्वारा श्री दास के स्पष्टीकरण पर नगर विकास एवं आवास विभाग से मंतव्य माँगा गया। उक्त स्तर से पत्रांक-6538 दिनांक 21.09.2016 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री दास के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया गया। आरोप, प्रपत्र 'क', आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण तथा नगर विकास एवं आवास विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा के उपरांत मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी। 2222.... अतएव सम्यक्‌ विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री नसीब लाल दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-681/11 के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) में विहित रीति से करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त मगध प्रमंडल, गया संचालन पदाधिकारी, आयुक्त मगध प्रमंडल, गया संचालन पदाधिकारी, आयुक्त मगध प्रमंडल, गया संचालन पदाधिकारी, आयुक्त मगध प्रमंडल, गया न/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।होंगे।होंगे।होंगे। एवं उपस्थापएवं उपस्थापएवं उपस्थापएवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी न/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी न/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा मनोनीत पदाधिकारी

3333....श्री दास से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेशआदेशआदेशआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्र दिया जाता है कि इस संकल्प की प्र ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में दिया जाता है कि इस संकल्प की प्र जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिराम बिराम बिराम बिशुन रायशुन रायशुन रायशुन राय, , , , अवर सचिव।

——— सं0 08/नि॰था॰-108/नि॰था॰-108/नि॰था॰-108/नि॰था॰-11-1-1-1-01/201601/201601/201601/2016, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-6245 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 25 मई 201725 मई 201725 मई 201725 मई 2017

जिला योजना पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पदस्थापन काल में श्री ओम प्रकाश, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-492/11) को निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 13.05.2016 को 2,00,000 (दो लाख) रूपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं॰-52/16, दिनांक 14.05.2016 दर्ज होने की सूचना निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो) बिहार, पटना के ज्ञापांक-1034, दिनांक 20.05.2016 द्वारा उपलब्ध करायी गयी। योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-2625, दिनांक 25.05.2016 द्वारा उक्त —त्य में निहित आरोपों के लिए श्री प्रकाश के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गयी।

विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9218 दिनांक 29.06.2016 द्वारा दिनांक 13.05.2016 (न्यायिक हिरासत की तिथि) के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए श्री ओम प्रकाश को निलंबित किया गया तथा अग्रेत्तर कार्रवाई हेतु जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से आरोप, प्रपत्र 'क' माँगा गया। जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के ज्ञापांक-611 दिनांक 03.12.2016 द्वारा आरोप, प्रपत्र 'क' प्राप्त हुआ। जिसके आलोक में विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की8 %बहार गजट, 2 अगःत 2017 प्रति संलग्न करते हुए श्री प्रकाश से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इस क्रम में श्री प्रकाश का स्पष्टीकरण (दिनांक 23.03.2017) प्राप्त हुआ, जिसमें उन्होंने षड्‌यंत्र के तहत स्वयं को फँसाये जाने का उल्लेख करते हुए कतिपय साक्ष्य भी समर्पित किया। आरोप, प्रपत्र 'क' एवं स्पष्टीकरण की समीक्षा के उपरांत इस मामले में वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी।

2222.... अतएव सम्यक्‌ विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री ओम प्रकाश, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-492/11) के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) में विहित रीति से करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त एवं संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त एवं संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त एवं संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।होंगे।होंगे।होंगे। उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी द्वारा मनोनीत पदाधिकारी

3333.... श्री प्रकाश से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिराम बिराम बिराम बिशुन रायशुन रायशुन रायशुन राय, , , , अवर सचिव।

——— सं0 08/08/08/08/आरोपआरोपआरोपआरोप----01010101----272272272272/201/201/201/2015555, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-6254 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 25 मई 201725 मई 201725 मई 201725 मई 2017

श्री प्रमोद कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-640/11 के विरूद्ध जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम, सहरसा के पदस्थापन काल से संबंधित आरोपों (अधिप्राप्ति किये गये धान के गबन एवं उसके रख-रखाव में अनियमितता इत्यादि) के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के ज्ञापांक-8728 दिनांक 18.11.2014 द्वारा आरोप, प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने की अनुशंसा की गयी।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-16517 दिनांक 01.12.2014 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण माँगा गया। इस क्रम में श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण (पत्रांक-1019 दिनांक 12.12.2014) पर जिला पदाधिकारी, सहरसा से मंतव्य की माँग की गयी। जो प्राप्त नहीं हो सका। 2222.... मामले की गम्भीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' गठित किया गया तथा पत्रांक-12833 दिनांक 28.08.2015 द्वारा पुनः श्री कुमार को पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण के क्रम में अपना बचाव (यदि कोई और तथ्य हो तो) प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया। इसके अनुपालन में श्री कुमार का स्पष्टीकरण (पत्रांक-729, दिनांक 16.12.2015) प्राप्त हुआ जिसकी प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-3404 दिनांक 04.03.2016 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मंतव्य की माँग की गयी। इस क्रम में उक्त स्तर से प्राप्त मंतव्य (पत्रांक-1613 दिनांक 29.03.2017) में श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया गया। आरोप, प्रपत्र 'क', आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण तथा खाद्य एवं उपभोक्ता सरंक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा के उपरांत मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी। 3333.... अतएव सम्यक्‌ विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया कि श्री प्रमोद कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-640/11 के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) में विहित रीति से करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, कोशी प्रमंडल, संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, कोशी प्रमंडल, संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, कोशी प्रमंडल, संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।होंगे।होंगे।होंगे। सहरसा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा मनोनीत पदाधिकारी सहरसा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा मनोनीत पदाधिकारी सहरसा एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, सहरसा द्वारा मनोनीत पदाधिकारी

4444.... श्री कुमार से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिराम बिराम बिराम बिशुन रायशुन रायशुन रायशुन राय, , , , अवर सचिव।

——— सं0 08/नि08/नि08/नि08/नि॰था॰-1॰था॰-1॰था॰-1॰था॰-11-1-1-1-00006666/201/201/201/2014444, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-6626 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 1 जून1 जून1 जून1 जून 2017201720172017

श्री उमाशंकर राम, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1132/08, 899/11 के विरूद्ध आय के ज्ञात श्रोतों से अधिक परिसम्पति अर्जित करने के आरोपों पर निदेशक, राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के पदस्थापन काल में आर्थिक अपराध थाना काण्ड संख्या-31/2013 दिनांक 17.07.2013 दर्ज किये जाने एवं इस क्रम में प्रत्यानुपातिक धनार्जन का साक्ष्य प्राप्त होने की सूचना महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना के पत्रांक 468/गो0 दिनांक 18.07.2013 द्वारा9 %बहार गजट, 2 अगःत 2017 उपलब्ध कराया गया। मामले की गंभीरता के मद्देनजर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12560 दिनांक 29.07.2013 द्वारा आदेश निर्गत की तिथि से श्री राम को निलंबित किया गया। विभागीय स्तर पर श्री राम के विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आरंभ करने हेतु पत्रांक 13314 दिनांक 13.08.2013 द्वारा जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी से आरोप प्रपत्र 'क' मांगा गया। इस क्रम में पत्रांक 392 दिनांक 22.10.2013 द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' प्राप्त हुुआ। श्री उमाशंकर राम ने विभागीय पत्र के आलोक में घोषित सम्पत्ति विवरणी की प्रति संलग्न करते हुए सूचित किया कि उनकी पत्नी श्रीमती मिन्टु कुमारी, रिलायन्स लाईफ इन्शोरेंस में कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है और उनपर अश्रित नहीं है। विभागीय स्तर पर आरोप प्रपत्र 'क' पुनर्गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। संकल्प ज्ञापांक 4244 दिनांक 28.03.14 द्वारा श्री राम के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।

2222.... संचालन पदाधिकारी यथा आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 841 दिनांक 02.03.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। संचालन पदाधिकारी ने अपने जाँच प्रतिवेदन में श्री राम पर लगाये गये आरोपों की विस्तृत विवेचना करते हुए मुख्य रूप से निम्न तथ्य अंकित किया है :-

(i) ''''''''विभागीय कार्यवाही में श्री राम द्वारा विशेष आर्थिक अपराध इकाई की जब्ती सूची एवं मूल शिकायत पत्र की माँग की गयी। यहाँ स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा जो कागजात माँगे जा रहे थे वे कागजात आपराधिक वाद से संबंधित हो सकते है परन्तु उसकी विभागीय कार्यवाही में आवश्कता नहीं है। विभागीय कार्यवाही में आरोपित पदाधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपने आय से अधिक सम्पत्ति के मामले को इस आधार पर गलत बताया है कि उनके पत्नी भी सेवारत है तथा उन्हें —षि योग्य आय के साथ-साथ संयुक्त परिवारिक सम्पत्ति, पत्नी को उनके श्वसुर द्वारा दिये गये उपहार आदि से प्राप्त सम्पत्ति को भी आर्थिक अपराध इकाई ने बढ़ा चढ़ाकर पेश किया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा बताया कि प्रोपर्टी रिटर्न में उपहार में प्राप्त सम्पत्ति को नहीं दिखाया गया है। (ii) जाँच पदाधिकारी द्वारा आरोपित पदाधिकारी को सुनने एवं इनके प्रोपर्टी रिटर्न तथा प्रपत्र 'क' में वर्णित आरोपों एवं संलग्न साक्ष्यों के अवलोकनोपरांत यह अंकित किया गया है कि आरोपित पदाधिकारी के पास उनकी आय विभिन्न श्रोतो से मात्र 40,00000/- (चालीस लाख) रूपये आकलित की गयी है एवं उनकी परिसम्पत्तियों का आकलन 1,27,60,662 (एक करोड़ सत्ताईस लाख साठ हजार छः सौ बासठ) रूपये किया गया है। इसमें उनकी पत्नी की इस दौरान की सम्भावित आय 14,26,000/- रूपये इसमें जोड़ने पर इनकी कुल सम्भावित आय 54,26,000/- होती है। इस आकलन में अचल सम्पत्ति के आकलित मूल्य 99,70,000/- रूपये में से क्रमांक-05 एवं 06 जिनका कुल जोड़ 61,00000/- होता है जिस संबंध में उनका कहना है कि यह इनके पत्नी के पिता ने उन्हें मात्र 77,400 रूपये में खरीदकर उपहार में दिया था तथा इस पर उन्होंने मात्र 13-14 लाख रूपये व्यय होना बताया है एवं अचल सम्पत्ति क्रमांक-1 जो पूरे में भी घटा दिया जाए तो भी अचल सम्पत्ति का योग 33,70,000/- रूपये होता है। जो इनकी अनुमानित आय 40,00000/- में से भागवत नगर के मकान में व्यय हुई कथित 14,00000/- रूपये तथा कुल आय के किचेन व्यय @ 33 प्रतिशत अर्थात 13,20,000/- घटाने के उपरान्त बची राशि 12,80,000/- से काफी अधिक है तथा इसमें उनकी पत्नी का आय 14,26,000/- जोड़ देने के उपरान्त कुल राशि 27,06000/- से भी अधिक है। इसी तरह इनके पास बैंक खातो में जो चल सम्पत्ति प्रतिवेदित है उनका योग लगभग 35,00000/- होता है साथ ही आभूषण एवं अन्य सामाग्रियों का मूल्य जोड़ने पर यह राशि अतिरिक्त होगी। इसी तरह उन्होंने अपने प्रोपर्टी रिटर्न में आरोप क्रमांक 04 एवं 05 की परिसम्पत्ति का उल्लेख नहीं किया है जो स्पष्ट रूप से घोषित सम्पत्ति से अतिरिक्त है।

अन्ततः जाँच पदाधिकारी द्वारा निष्कर्ष में श्री राम के विरूद्ध अपने प्रोपर्टी रिटर्न में घोषित सम्पत्ति के विवरण से अधिक सम्पत्ति पाये जाने का आरोप स्पष्ट रूप से प्रमाणित बताया गया है।''''''''

3333.... इस प्रकार उक्त प्रमाणित आरोपों के संबंध में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-12580 दिनांक 25.08.2015 द्वारा श्री राम से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। जिसके क्रम में उन्होंने अपना लिखित अभिकथन पत्रांक-2129 दिनांक 14.10.2015 द्वारा समर्पित किया। आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राम के लिखित अभिकथन की समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि श्री राम ने अपने बचाव बयान में ऐसा कोई तथ्य प्रस्तुत नहीं किया जिससे स्पष्ट हो सके कि आर्थिक अपराध इकाई द्वारा पाया गया चल अचल सम्पत्तियों का विवरण उनके वैध आय के श्रोतो के अन्दर है एवं वार्षिक रिटर्न में विधिवत्‌ रूप से की थी। जाँच प्रतिवेदन सुस्पष्ट है। अतएव संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन को स्वीकार करते हुए आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण में दिये गये तर्को को स्वीकार योग्य नहीं माना जा सकता है। श्री राम का यह आचरण बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम-iii के प्रतिकूल है साथ ही भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम की धारा-13 (2) सह पठित धारा-13 (1) (ई॰) के तहत उनके विरूद्ध कार्रवाई भी चल रही है। वैध श्रोतो से अधिक सम्पत्ति धारित करना और वार्षिक रिटर्न में घोषित नहीं किया जाना भी उनके भ्रष्ट आचरण की पुष्टि करता है।

4444.... वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत प्रमाणित आरोपों के लिए श्री राम के विरुद्ध ''सेवा से बर्खास्तगी सेवा से बर्खास्तगी सेवा से बर्खास्तगी सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी)'' का दंड विनिश्चित करते हुए विभागीय (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी)'' (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी)'' (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी)'' पत्रांक----984 दिनांक 20.01.16 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। इस क्रम में आयोग के पूर्ण10 %बहार गजट, 2 अगःत 2017 पीठ की दिनांक 09.05.16 को सम्पन्न बैठक में विभागीय दंड प्रस्ताव में सहमति प्रदान की गयी जो बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-684 दिनांक 02.06.16 द्वारा प्राप्त हुआ।

5555.... इसके उपरांत विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा में अनुशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया के अंतिम चरण में रहने तथा आर्थिक अपराध थाना काण्ड संख्या-31/13 दिनांक 17.07.2013 के अद्यतन स्थिति की सूचना अप्राप्त रहने की स्थिति का संज्ञान हुआ। विभागीय स्तर से अनुशासनिक कार्रवाई में अंतिम निर्णय के पूर्व आर्थिक अपराध इकाई से अद्यतन स्थिति (यथा थाना कांड से उदभूत वाद में आरोप पत्र दायर होने एवं न्यायादेश पारित होने) की सूचना प्राप्त करने की आवश्यकता महसूस की गयी। इस हेतु विभागीय पत्रांक 15199 दिनांक 10.11.2016 द्वारा आर्थिक अपराध इकाई से प्रतिवेदन मांगा गया। 6666.... पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना ने अपने पत्रांक 1506 दिनांक 20.03.17 द्वारा उक्त कांड में आरोप-पत्र समर्पित करने हेतु पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने की सूचना देते हुए श्री उमाशंकर राम के विरूद्ध अभियोजन स्वी—त्यादेश प्रदान करने का अनुरोध किया। अपने प्रस्ताव में आर्थिक अपराध इकाई ने अनुसंधान के उपरांत श्री राम द्वारा धारित सम्पत्ति का मूल्य 1,54,40,662.00 (एक करोड़ चौबन लाख चालीस हजार छः सौ बासठ) रूपया प्रतिवेदित किया है। जिससे अनुमानित बचत 26,80,000.00 (छब्बीस लाख अस्सी हजार) रूपये को घटाकर कुल 1,27,60,662.00 (एक करोड़ सत्ताईस लाख साठ हजार छः सौ बासठ) रूपया आय से अधिक सम्पत्ति धारित करने का प्रतिवेदन दिया है जो प्रत्यानुपातिक धनार्जन है।

7777.... वर्णित तथ्यों एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा दी गयी सहमति के आलोक में श्री उमाशंकर राम, बि॰प्र॰से॰ के ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के ''सेवा से बर्खास्तगी ''सेवा से बर्खास्तगी लिए निरर्हता होगी)'' लिए निरर्हता होगी)'' लिए निरर्हता होगी)'' लिए निरर्हता होगी)'' संबंधी प्रस्ताव, मंत्रिपरिषद्‌ की स्वी—ति हेतु संलेख विभागीय ज्ञापांक-6281 दिनांक 25.05.2017 द्वारा मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग को प्रेषित किया गया। राज्य मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक 26.05.2017 को सम्पन्न बैठक में श्री राम के सेवा से बर्खास्तगी संबंधी उक्त विनिश्चित दंड के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गयी।

8888.... अतएव वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के नियम-14 के तहत श्री उमाशंकर राम, बि0प्र0से0, को0क्र0-899/11 को ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के ''सेवा से बर्खास्तगी (जो सामान्यतः सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता हअधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता हअधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता हअधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी)'' का दंडोगी)'' का दंडोगी)'' का दंडोगी)'' का दंड संसूचित किया जाता है।

9999.... श्री राम के निलंबन अवधि (दिनांक 29.07.2013 से दिनांक 20.11.2014) के संबंध में अलग से कार्रवाई की जायेगी।

ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में

जाय तथा इसकी प्रजिाय तथा इसकी प्रजिाय तथा इसकी प्रजिाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।त सभी संबंधित को भेज दी जाय।त सभी संबंधित को भेज दी जाय।त सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिराम बिराम बिराम बिशुन रायशुन रायशुन रायशुन राय, , , , अवर सचिव।

——— वाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभाग ——— अधिसूचना अधिसूचना अधिसूचना अधिसूचना 11119999 जुलाई 2017जुलाई 2017जुलाई 2017जुलाई 2017

सं॰ कौन/सी-6-153/87(खण्ड-IV)-268/सी—बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारी, स्व0 विश्वनाथ सहाय, सेवानिवृत वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त के विरूद्ध लिपिकों, पदचरों एवं मोटरचालकों की तथाकथित अनियमित प्रक्रिया के विरूद्ध नियुक्ति के लिए संचालित विभागीय कार्यवाही को, माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा एस0एल0पी0 संख्या-183/2009 बिहार सरकार एवं अन्य बनाम उर्मिला सहाय तथा स्व0 कपिलदेव सिंह के मामले में विधि विभाग द्वारा दिये गये परामर्श के आलोक में निरस्त करते हुए स्व0 विश्वनाथ सहाय को सभी (बकाया/देय) प्रयोजनार्थ आरोप मुक्त किया जाता है। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अजीत कुमार राम, उप-सचिव।

———

सं0 मा0%व0-14(पटना)भोजपुर-02/2016-318393318393318393318393 मामीण %वकास %वभागमामीण %वकास %वभागमामीण %वकास %वभागमामीण %वकास %वभाग ———

संक;पसंक;पसंक;पसंक;प

20202020 जुलाई 2017जुलाई 2017जुलाई 2017जुलाई 2017

ौी %वजय कु मार िमौा, मामीण %वकास पदािधकार(cid:15)-सह-ूखंड %वकास पदािधकार(cid:15), बड़हरा, भोजपुर के %वhX Rजला पदािधकार(cid:15), भोजपुर के पऽांक- 1730 Mदनांक 04.07.2016 Qारा इR5दरा आवास योजना5तगHत %वKीय वषH 2015-16 हेतु अिमम कायH योजना तैयार नह(cid:15)ं करना एवं आवास सॉjट पर अkतन इंश(cid:15) नह(cid:15)ं कराना, आवास= को लआय के अनुhप पूणH नह(cid:15)ं Mकया जाना, सामाRजक सुरFा अ5तगHत पZशन क] रािश पंचायत= को ससमय हःतांत`रत नह(cid:15)ं Mकया जाना व डाटा11 %बहार गजट, 2 अगःत 2017 MडRजटाजेशन कायH मZ लापरवाह(cid:15) बरतना, पंचायती राज %वभाग Qारा संचािलत %विभ5न योजनाओं के ूित उदासीनता, सामा5य रोकड़बह(cid:15) का संधारण %वMहत ूपऽ मZ नह(cid:15)ं कराना व हःताFर अंMकत नह(cid:15)ं करना, मु(cid:8)यमंऽी क5या %ववाह योजना से संबंिधत उपयोिगता ूमाण-पऽ ससमय सम%पHत नह(cid:15)ं Mकया जाना, अधीनःथ किमHय= पर िनयंऽण का अभाव आMद आरोप %वMहत ूपऽ 'क' मZ गMठत कर %वभाग को ूाmत कराया गया।

2. ौी िमौा से उ\त आरोप= पर ःपंट(cid:15)करण ूाmत Mकया गया। ूाmत ःपंट(cid:15)करण पर Rजला पदािधकार(cid:15), भोजपुर का मंत6य ूाmत Mकया गया। Rजला पदािधकार(cid:15), भोजपुर के मंत6य ूितवेदन मZ ौी िमौा के ःपंट(cid:15)करण को ःवीकार योnय नह(cid:15)ं होने का मंत6य Mदया गया। ौी िमौा के %वhX ूाmत आरोप, उनका ःपंट(cid:15)करण एवं उ\त ःपंट(cid:15)करण पर Rजला पदािधकार(cid:15), भोजपुर से ूाmत मंत6य के सoयक समीFोपरा5त %वषयगत मामले क] वृहद जाँच हेतु ौी िमौा के %वhX %वभागीय कायHवाह(cid:15) संचािलत करने का िनणHय िलया गया।

3. तqआलोक मZ %बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगrकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली-2005 के िनयम- 17(2) के तहत ् इस %वभागीय कायHवाह(cid:15) के संचालन हेतु ौी अनुराग कौशल िसंह, %वशेष कायH पदािधकार(cid:15), मामीण %वकास %वभाग, %बहार, पटना को संचालन पदािधकार(cid:15) एवं Rजला पदािधकार(cid:15), भोजपुर Qारा नािमत पदािधकार(cid:15) को उपःथापन पदािधकार(cid:15) िनयु\त Mकया जाता है।

क] ूित %बहार राजपऽ के अगले अंक मZ ूकािशत Mकया जाय आदेशआदेशआदेशआदेश::::---- आदेश Mदया जाता है Mक संक;पआदेश Mदया जाता है Mक संक;पआदेश Mदया जाता है Mक संक;पआदेश Mदया जाता है Mक संक;प क] ूित %बहार राजपऽ के अगले अंक मZ ूकािशत Mकया जाय क] ूित %बहार राजपऽ के अगले अंक मZ ूकािशत Mकया जाय क] ूित %बहार राजपऽ के अगले अंक मZ ूकािशत Mकया जाय तथा इसक] ूित सभी सoबतथा इसक] ूित सभी सoबतथा इसक] ूित सभी सoबतथा इसक] ूित सभी सoबR5धत को भेज द(cid:15) जाय। R5धत को भेज द(cid:15) जाय। R5धत को भेज द(cid:15) जाय। R5धत को भेज द(cid:15) जाय।

%बहार-राOयपाल के आदेश से, महे5िमहे5िमहे5िमहे5ि भगत भगत भगत भगत,,,, उप-सिचव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 August 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-08-02.31/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-08-02.31.