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---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Gाओं के पर(cid:15)Gा-फल, कायIबम, छाऽवृ&L ूदान, आNद।
---
भाग-1-ग—िशGा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Gाफल आNद ---
भाग-2—&बहार-राPयपाल और कायाIQयG> Rारा िनकाले गये &विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आNद। ---
भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच 6यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राPय गजट> के उYरण। ---
भाग-4—&बहार अिधिनयम ---
&वषय&वषय&वषय&वषय----सूचीसूचीसूचीसूची
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—&बहार &वधान मंडल म[ पुर:ःथा&पत &वधेयक, उ]त &वधान मंडल म[ उपःथा&पत या उपःथा&पत Nकये जानेवाले ूवर सिमितय> के ूितवेदन और उ]त &वधान मंडल म[ पुर:ःथापन के पूवI ूकािशत &वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क^ Pयेंठ अनुमित िमल चुक^ है। ---
भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:ःथा&पत &वधेयक, संसद म[ उपःथा&पत ूवर सिमितय> के ूितवेदन और संसद म[ उपःथा&पत ूवर सिमितय> के ूितवेदन और संसद म[ पुर:ःथापन के पूवI ूकािशत &वधेयक। ---
भाग-9—&व_ापन
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भाग-9-क—वन &वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन&वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, 6यायालय सूचनाएं और सवIसाधारण सूचनाएं इaयाNद। 3-3 पूरक
---
पूरक-क 4-112 &बहार गजट, 9 अगःत 2017
भ(cid:2)ग(cid:4)1
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कला, संस्कृति एवं युवा विभाग
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अधिसूचना
25 जुलाई 2017
सं0 2/प1-01/2011-106—एतद् द्वारा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना द्वारा पद्म उपाधियों के लिए अनुशंसा समिति का गठन निम्नवत किया जाता हैः-
1. प्रधान सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना - अध्यक्ष 2. अपर सचिव, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना - सदस्य 3. डॉ0 रामवचन राय, वरिष्ठ साहित्यकार - सदस्य 4. श्रीमती बऊआ देवी, वरिष्ठ चित्रकार - सदस्य 5. श्री हसन इमाम, रंगकर्मी - सदस्य 6. निदेशक, छात्र एवं युवा कल्याण निदेशालय - सदस्य 7. निदेशक, सांस्कृतिक कार्य निदेशालय - सदस्य सचिव 8. निदेशक, संग्रहालय निदेशालय - सदस्य 9. निदेशक, पुरातत्व निदेशालय - सदस्य 10. उप निदेशक (कला एवं संस्कृति) - सदस्य
2. उक्त अधिसूचना अगले आदेश तक के लिए मान्य होगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, तारानन्द महतो वियोगी, उप-सचिव।
——— निगरानी विभाग,निगरानी विभाग,निगरानी विभाग,निगरानी विभाग, सूचना भवना, पटनासूचना भवना, पटनासूचना भवना, पटनासूचना भवना, पटना ——— अधिसूचना अधिसूचना अधिसूचना अधिसूचना 31 जुलाई 201731 जुलाई 201731 जुलाई 201731 जुलाई 2017
सं॰ 4/निग0 जल संसाधन 20/17-3185 (अनु॰)—जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 17/मुक॰-07-26/2015-1126 दिनांक 18.07.2017 द्वारा किये गये अनुरोध के आलोक में नवादा जिलान्तर्गत फुलवरिया जलाशय योजना के पंचाटियों को जयघोष राशि का भुगतान में हुई कतिपय अनियमतिताओं में संलप्ति दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध नगर थाना, नवादा मे दर्ज प्राथमिकी नगर कांड संख्या-586/16 के अग्रतर अनुसंधान का प्रभाव विशेष निगरानी इकाई, पटना को प्राधिकृत किया जाता है।
अतः तत्काल प्रभाव से नगर थाना नवादा कांड संख्या-586/16 के अधिग्रहण एवं अनुवर्ती अनुसंधान तथा पर्यवेक्षण के लिए विेशेष निगरानी इकाई, पटना को प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश चन्द्र विश्वासउमेश चन्द्र विश्वासउमेश चन्द्र विश्वासउमेश चन्द्र विश्वास, अपर सचिव।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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और सवIसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवIसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवIसाधारण सूचनाएं इaयाऔर सवIसाधारण सूचनाएं इaयाNद।Nद।Nद।Nद।
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सूचनासूचनासूचनासूचना ——
No 930—I, SRIJAN, S/o Shri Sanjay Kumar Tripathi, R/o D/95, Police Colony, P.O- Anisabad, P.S- Gardanibagh, Dist- Patna, Pin Code-800002 (Bihar) declare vide Affidavit no 10214 Dated 27/05/17 shall be known and called as Srijan Tripathi.
SRIJAN.
सं॰ 941—मैं, राजेश कुमार, पिता-दामोदर पोद्दार पंजाबी कॉलोनी रोड़ नं॰ 1 धरमपुर जिला समस्तीपुर बिहार यह घोषणा करता हूँ कि मेरा पुत्र प्रियांशु का नाम संशोधित होकर प्रियांशु कुमार हो गया है शपथ पत्र संख्या 1809 दिनांक 14.07.2017।
राजेश कुमार।
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Website: http://egazette.bih.nic.in
4 &बहार गजट, 9 अगःत 2017ॢबह(cid:4)र गजट
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सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-26/226/226/226/2016016016016, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-8806 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 18 जुलाई18 जुलाई18 जुलाई18 जुलाई 2017201720172017
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री वजैनुद्दीन अंसारी, बि॰प्र॰से॰, (कोटि क्रमांक-493/11) के विरूद्ध अपर समाहर्त्ता, गया के पदस्थापन काल में विभागीय कार्यवाही (सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-2773 दिनांक 26.02.2014 द्वारा संस्थित) के प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में दायित्व निर्वहन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोप उजागर हुए है। (यथा अनुलग्नक आरोप, प्रपत्र 'क' में वर्णित)।
2222.... राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के परिपत्रों एवं बी॰टी॰ एक्ट-1973 के प्रावधानों के प्रतिकूल भूमि लगान निर्धारण में अनियमितता के आरोपों की जाँच हेतु श्री विजय कुमार, तत्कालीन अंचलाधिकारी, नगर अंचल, गया के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में श्री अंसारी ने सरकार के हित की अनदेखी करते हुए आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर अपनी सहमति संबंधी मंतव्य दे दिया। जिससे जिला स्तर पर की गयी जाँच से उद्भूत भूमि लगान निर्धारण में गम्भीर अनियमितता संबंधी गठित आरोपों को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं बताया जा सका। एतद्संबंधी जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में दायित्व निर्वहन में अनियमितता के लिए विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-3857 दिनांक 29.03.2017 द्वारा श्री अंसारी से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी उक्त स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हो सका जिससे मामले में अग्रेत्तर कार्रवाई बाधित रही।
3333.... अतएव यह निर्णय लिया जाता है कि श्री वजैनुद्दीन अंसारी के विरूद्ध अनुलग्न अनुबंध में अन्तर्विष्ट आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, मगध प्रमंडल, गयाआयुक्त, मगध प्रमंडल, गयाआयुक्त, मगध प्रमंडल, गयाआयुक्त, मगध प्रमंडल, गया एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, गया द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।
4444.... श्री अंसारी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।
ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।5 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-123123123123/2015/2015/2015/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-8758 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 18 जुलाई18 जुलाई18 जुलाई18 जुलाई 2017201720172017
श्री उपेन्द्र झा, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-265/08 (सम्प्रति सेवानिवृत्त) के विरूद्ध भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, पूर्वी अनुमंडल, मुजफ्फरपुर के पदस्थापन काल में भूमि लगान निर्धारण में अनियमितता, निलाम पत्र वाद के निष्पादन में शिथिलता बरतने इत्यादि प्रतिवेदित आरोपों की जाँच हेतु संकल्प ज्ञापांक-5033 दिनांक 01.06.2009 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। श्री झा के दिनांक 31.07.2011 को सेवानिवृत्त हो जाने के फलस्वरूप संकल्प ज्ञापांक-4967 दिनांक 03.04.2012 द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली-1950 के नियम-43 (बी॰) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। कालान्तर में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के लिखित अभिकथन की समीक्षा के उपरांत आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर संकल्प ज्ञापांक-6662 दिनांक 25.04.2013 द्वारा श्री झा के पेंशन से 5 प्रतिशत कटौती का निर्णय संसूचित किया गया।
उक्त पेंशन कटौती आदेश के विरूद्ध श्री झा ने पटना उच्च न्यायालय में रीट याचिका दायर की। एतद्संबंधी सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-13629/13 में दिनांक 07.12.2015 को न्यायादेश पारित हुआ जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत् है :-
"In this view of the matter, the impugned order dated 25-04-13, as contained in Annexure-12, passed by the disciplinary authority is not sustainable in law and is accordingly set aside. In the result, this writ application is allowed to the extent indicated above."
उक्त न्यायादेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में एल॰पी॰ए॰ दायर करने का निर्णय लिया गया। विभागीय प्रस्ताव के आलोक में विधि विभाग की सहमति के उपरांत एल॰पी॰ए॰ सं॰-1127/16 दायर हुआ। इसी बीच झा ने रीट याचिका (सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-13629/13) में पारित न्यायादेश का अनुपालन नहीं किये जाने के आधार पर माननीय उच्च न्यायालय में अवमाननावाद दायर कर दिया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सुनवाई के उपरांत दिनांक 11.05.2017 को आदेश पारित करते हुए एल॰पी॰ए॰ सं॰-1127/16 को खारिज कर दिया गया। श्री झा ने संदर्भित एल॰पी॰ए॰ में पारित न्यायादेश के आलोक में पेंशन कटौती संबंधी आदेश वापस लेने हेतु एक अभ्यावेदन (दिनांक 25.05.2017) विभाग में समर्पित किया। सम्यक् विचारोपरांत एल॰पी॰ए॰ सं॰-1127/16 में पारित न्यायादेश (दिनांक 11.05.2017) के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6662 दिनांक 25.04.2013 (श्री झा के पेंशन से 5 प्रतिशत पेंशन से कटौती संबंधी आदेश) वापस लिया जाता है।
ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।
——— सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-13/201513/201513/201513/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-8552 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 11113 जुलाई 20173 जुलाई 20173 जुलाई 20173 जुलाई 2017
श्री ओम प्रकाश, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-492/11 (सम्प्रति अन्य आरोपों के लिए निलंबित) के विरूद्ध भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सासाराम, रोहतास के पदस्थापन काल में क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर आदेश पारित करने के —त्य के लिए माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.04.2014 को पारित आदेश (सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-21003/12 अभयचन्द्र मिश्र बनाम राज्य सरकार) के अनुपालन में अनुशासनिक कार्रवाई आरम्भ की गयी। इस क्रम में प्राप्त आरोप, प्रपत्र 'क' (जिला पदाधिकारी, रोहतास का पत्रांक-850, दिनांक 16.08.2014) की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-12261, दिनांक 03.09.2014 द्वारा श्री प्रकाश से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने की स्थिति में पुनः विभागीय पत्रांक-17663, दिनांक 23.12.2014 द्वारा स्मारित भी किया गया। तत्पश्चात् उन्होंने कतिपय तथ्यों से आच्छादित एक आवेदन समर्पित किया परन्तु आरोपों पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। सम्यक् विचारोपरांत संदर्भित आरोपों की वृहद जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17(2) के तहत संकल्प ज्ञापांक-2064 दिनांक 06.02.2015 द्वारा श्री प्रकाश के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही आरम्भ की गयी।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन (संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना का पत्रांक-756 दिनांक 15.05.2017) में श्री प्रकाश के विरूद्ध गठित आरोपों को प्रमाणित बताया गया। विभागीय पत्रांक-6226 दिनांक 24.05.2017 द्वारा उक्त जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए आरोपित पदाधिकारी से बचाव बयान/लिखित अभिकथन की माँग की गयी। इस क्रम में प्राप्त स्पष्टीकरण (दिनांक 08.06.2017) में श्री प्रकाश ने मुख्य रूप से संचालन पदाधिकारी द्वारा पक्षपात किये जाने एवं उनके बचाव बयान की समीक्षा नहीं किये जाने का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने जिला पदाधिकारी द्वारा श्री जगनारायण सिंह के आवेदन (जिससे वाद सं॰-91/2012-13 उद्भूत हुआ) के निष्पादन हेतु निदेश दिये जाने के आधार पर स्वयं द्वारा पारित आदेश को औचित्यपूर्ण दर्शाया है।6 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रकाश के लिखित अभिकथन की समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि श्री जगनारायण सिंह के आवेदन में निहित मामला (किराया नहीं देने वालों से दुकान/परिसर खाली कराने हेतु) Bihar Building Control (Lease. Rent & Eviction) Act 1982 से संबंधित एवं व्यवहार न्यायालय के क्षेत्राधिकार का विषय था। जबकि आरोपित पदाधिकारी ने भूमि विवाद वाद सं॰-91/2012-13 के रूप में इस मामले की सुनवाई आरम्भ कर दी। तत्समय उक्त सुनवाई/ क्षेत्राधिकार के विन्दु पर माननीय उच्च न्यायालय में दायर रीट याचिका के विचाराधीन होने का संज्ञान रहने के बावजूद आरोपित पदाधिकारी ने आनन-फानन में अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर दिनांक 03.12.2012 को आदेश पारित कर दिया। इस आधार पर श्री प्रकाश का लिखित अभिकथन/स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। अतएव वर्णित तथ्यों एवं आरोपों की प्रमाणिकता के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के तहत श्री ओम प्रकाश, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-492/11 को निम्नलिखित शास्ति संसूचित की जाती हैः-
(i) 02 (दो) वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। (ii) प्रोन्नति पर 03 (तीन) वर्षो तक रोक (प्रोन्नति देयता की तिथि से)। ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशः-आदेशः-आदेशः-आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राराराराम बिशुन रायम बिशुन रायम बिशुन रायम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।
——— सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-68/201568/201568/201568/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-8397 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 11 जुलाई 201711 जुलाई 201711 जुलाई 201711 जुलाई 2017
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री ओम प्रकाश, बि॰प्र॰से॰, (कोटि क्रमांक-492/11) तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सासाराम, रोहतास (सम्प्रति अन्य आरोपों के लिए निलंबित, मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर) के विरूद्ध अपने क्षेत्राधिकार का उल्लंघन करते हुए बिहार भूमि सुधार अधिनियम एवं बिहार भूमि विवाद निराकरण अधिनियम के प्रावधानों के प्रतिकूल आदेश पारित करने, दायित्व निर्वहन में लापरवाही बरतने इत्यादि का आरोप प्रतिवेदित है (यथा जिला पदाधिकारी, रोहतास के पत्रांक-2246 दिनांक 09.06.2016 से प्राप्त आरोप, प्रपत्र 'क' एवं अनुलग्न अभिलेख)।
2. जिला स्तर से प्राप्त प्रतिवेदन से स्पष्ट हुआ कि श्री प्रकाश ने भूमि विवाद वाद (अभिलेख संख्या-07/13-14, 09/13-14, 10/13-14 एवं 38/13-14) के निष्पादन में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के परिपत्रों का उल्लंघन करते हुए व्यवहार न्यायालय की शक्तियों का अतिक्रमण किया। वाद की सुनवाई में उन्होंने सरकार के हितो की अनदेखी की तथा अनाबाद बिहार सरकार की भूमि का गलत ढ़ग से दखलकार रैयत घोषित कर दिया। मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-3145 दिनांक 01.03.2016 द्वारा आरोपित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। इस क्रम में विभागीय पत्रांक-11135 दिनांक 16.08.2016, एवं पत्रांक-12530 दिनांक 14.09.2016 द्वारा स्मारित भी किया गया। तत्पश्चात् श्री प्रकाश ने स्पष्टीकरण (दिनांक 06.06.2017) समर्पित करते हुए आरोपों पर अपना बचाव बयान प्रस्तुत किया, जिसकी समीक्षा के उपरांत मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी।
3. अतएव यह निर्णय लिया गया है कि श्री ओम प्रकाश के विरूद्ध अनुलग्न अनुबंध में अन्तर्विष्ट आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना जिला पदाधिकारी, रोहतास द्वारा मनोनीत अपर समाहर्त्ता स्तर के पदाधिकारी होंगे।
4. श्री प्रकाश से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।
ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राम बिराम बिराम बिराम बिशुन रायशुन रायशुन रायशुन राय, , , , अवर सचिव।7 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 सं0 08/08/08/08/नि॰था॰-1नि॰था॰-1नि॰था॰-1नि॰था॰-11-1-1-1-08/201708/201708/201708/2017, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-8300 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 7 जुलाई 20177 जुलाई 20177 जुलाई 20177 जुलाई 2017
श्री प्रभाष कुमार, बि॰प्र॰से॰ (कोटि क्रमांक-894/11) भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, पीरो, भोजपुर को निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 14.06.2017 को 20,000 (बीस हजार) रूपया रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं॰-44/17, दिनांक 14.06.2017 धारा-7/13 (2)-सह-पठित धारा-13 (1) (डी) भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 दर्ज होने की सूचना निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो) बिहार, पटना के ज्ञापांक-1650, दिनांक 20.06.2017 द्वारा उपलब्ध कराते हुए अग्रेत्तर कार्रवाई की अनुशंसा की गयी।
उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 9 (1) (ग) एवं नियम-9 (2) क में निहित प्रावधानों के तहत श्री कुमार को न्यायिक हिरासत की तिथि (दिनांक 14.06.2017) के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है।
2222.... निलंबन अवधि में श्री कुमार का मुख्यालय प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना में निर्धारित किया जाता है। न्यायिक हिरासत/कारा से मुक्त होने पर भी इनका निलंबन यथावत् रहेगा तथा इसके अनुपालन में ये उक्त निर्धारित मुख्यालय में अपना योगदान करेंगे।
3333.... निलंबन अवधि में इन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहति बिहति बिहति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ार राजपत्र के अगले अंक में ार राजपत्र के अगले अंक में ार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।
——— सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-119/2015119/2015119/2015119/2015, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-7617 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 21 जून 201721 जून 201721 जून 201721 जून 2017
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्री विनोद कुमार पंकज, बि॰प्र॰से॰, (कोटि क्रमांक-1147/11) तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, औरंगावाद के विरूद्ध कर्त्तव्यहीनता, अनुशासनहीनता, अनधि—त रूप से अनुपस्थित रहने एवं महत्वपूर्ण कार्यो को लंबित रखने इत्यादि गम्भीर आरोप जिला पदाधिकारी, औरंगावाद के पत्रांक-102 (मु॰) दिनांक 12.12.2015, 248 (मु॰) दिनांक 23.12.2015 एवं 2917 दिनांक 10.08.2016 द्वारा प्रतिवेदित है (यथा, अनुलग्न प्रपत्र 'क' में वर्णित)।
2. जिला स्तर से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए श्री पंकज से स्पष्टीकरण माँगी गयी। एतद्संबंधी निर्गत विभागीय पत्रांक-2737 दिनांक 07.03.2017 के अनुपालन में श्री पंकज का स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं हुआ, जिससे अग्रेत्तर कार्रवाई बाधित रही।
3. अतएव यह निर्णय लिया गया है कि श्री पंकज के विरूद्ध अनुलग्न अनुबंध में अन्तर्विष्ट आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।
4. श्री पंकज से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।
ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाआदेश दिया जाआदेश दिया जाआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रता है कि इस संकल्प की प्रता है कि इस संकल्प की प्रता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।8 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 सं0 08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-08/आरोप-01-23/201623/201623/201623/2016, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰, सा॰प्र॰-7618 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 21 जून 201721 जून 201721 जून 201721 जून 2017
चूँकि बिहार राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि श्रीमती नीतू सिंह, बि॰प्र॰से॰, (कोटि क्रमांक-1268/11) तत्कालीन उप सचिव, बिहार राज्य महिला आयोग, पटना के विरूद्ध प्रभारी उप सचिव, बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पटना के दायित्व निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं कर्त्तव्यहीनता बरतने इत्यादि का आरोप समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4930 दिनांक 24.11.2016 द्वारा प्रतिवेदित है (यथा, अनुलग्न प्रपत्र 'क' में वर्णित)। 2. समाज कल्याण विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप, प्रपत्र 'क' गठित किया गया तथा मामले की गम्भीरता को देखते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1138 दिनांक 31.01.2017 द्वारा श्रीमती सिंह को निलंबित किया गया। विभागीय स्तर पर गठित आरोप, प्रपत्र 'क' की प्रति संलग्न करते हुए पत्रांक-1295 दिनांक 03.02.2017 द्वारा आरोपित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के अनुपालन में समर्पित स्पष्टीकरण में उन्होंने आरोपों पर अपना बचाव प्रस्तुत किया जिसके उपरांत मामले के वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी।
3. अतएव यह निर्णय लिया गया है कि श्रीमती नीतू सिंह के विरूद्ध अनुलग्न अनुबंध में अन्तर्विष्ट आरोपों की वृहद जाँच, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के तहत करायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना द्वारा मनोनीत पदाधिकारी होंगे।
4. श्रीमती सिंह से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हाेंगे।
ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशआदेशआदेशआदेशः-ः-ः-ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
जाय तथा इसकी जाय तथा इसकी जाय तथा इसकी जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।
——— सं0 कारा/नि0को0(प्रोबेशन)-03-/2017-4035 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा) ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 25 जुलाई 201725 जुलाई 201725 जुलाई 201725 जुलाई 2017
श्री विनोद कुमार सिंह, तत्कालीन जिला प्रोबेषन पदाधिकारी-सह-प्रभारी पदाधिकारी, जिला विधि शाखा, सीवान के विरूद्ध जिलाधिकारी, सीवान के पत्रांक 538 दिनांक 20.07.2017 के द्वारा प्रपत्र 'क' में आरोप पत्र प्रतिवेदित किया गया है। अरोप पत्र प्रपत्र 'क' में प्रतिवेदित है कि T.A No-13/2006 सूचित हलवाई बनाम बिहार सरकार एवं अन्य में माननीय न्यायालय, सीवान के द्वारा पारित आदेष एवं डिक्री के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में अपील दायर करने हेतु श्री दीप नारायण राय, जी0पी0, सीवान के पत्रांक 61 दिनांक 05.05.2011 के द्वारा आवष्यक कार्रवाई हेतु जिला विधि शाखा को प्रेषित किया गया था, किन्तु श्री सिंह के द्वारा उक्त महत्वपूर्ण पत्र का पूरे पदस्थापन काल में पूर्ण रूपेण पर्यवेक्षण नहीं किया गया, जो उनकी घोर लापरवाही एवं अपने कर्त्तव्य के प्रति उदासीनता का द्योतक है।
2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री विनोद कुमार सिंह, तत्कालीन जिला प्रोबेषन पदाधिकारी, सीवान सम्प्रति प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेषन कार्यालय, सासाराम (रोहतास) के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय।
3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 (2) के तहत आयुक्त, सारण प्रमंडल, सारण (छपरा) को संचालन पदाधिकारी तथा प्रधान प्रोबेषन पदाधिकारी, जिला प्रोबेषन कार्यालय, सीवान को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
4. श्री सिंह से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।
5. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त है। 6. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेशः-आदेशः-आदेशः-आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंजिाय तथा इसकी प्रति सभी संबंजिाय तथा इसकी प्रति सभी संबंजिाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।धत को भेज दी जाय।धत को भेज दी जाय।धत को भेज दी जाय।
बिहारबिहारबिहारबिहार----राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्मा, , , , संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।9 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 सं0 कारा/नि0को0(प्रोबेशन)-01-/2016-4234 ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 2 अगस्त2 अगस्त2 अगस्त2 अगस्त 2017201720172017
श्री कुमार अभिनव, बिहार प्रोबेषन सेवा, तत्कालीन प्रोबेषन पदाधिकारी, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, मुजफ्फरपुर सम्प्रति निलंबित (संलग्न प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, बेऊर, पटना) के विरूद्ध अनधिकृत रूप से मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, चुनाव ड्यूटी को नजरअंदाज करने एवं अन्य प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 155 दिनांक 05.05.2016 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। श्री अभिनव के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4955 दिनांक 12.08.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी तथा विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु प्रमंडलीय आयुक्त, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 1018/भी0 दिनांक 26.09.2016 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री अभिनव के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों को प्रमाणित पाया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांक 7495 दिनांक 19. 12.2016 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री अभिनव से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
3. श्री अभिनव के द्वारा दिनांक 16.01.2017 को द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने हेतु प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, मुजफ्फरपुर को निदेषित नहीं किया गया एवं संदर्भित अभिलेख से सम्पुष्ट किए बिना ही उनके अभिकथन को निराकृत कर दिया गया। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (मुख्य परीक्षा) में शामिल होने के लिए जिलाधिकारी से विधान सभा चुनाव से विमुक्त करने का अनुरोध किया था और इस आधार पर जिला पदाधिकारी द्वारा उन्हें मौखिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी। संचालन पदाधिकारी द्वारा ऐसे विवक्षित उन्मुक्ति का संज्ञान लिया जाना चाहिए था। श्री अभिनव का कहना है कि पंचायत चुनाव में उन्होंने निर्वाचन कर्तव्य करने का साक्ष्य अभिकथन के साथ संलग्न किया जिसकी सम्पुष्टि जिला निर्वाचन शाखा, मुजफ्फरपुर से की जा सकती थी, परन्तु संचालन पदाधिकारी द्वारा ऐसे निश्चायक साक्ष्यों को भी नजरअंदाज किया गया एवं बिना तथ्यात्मक सम्पुष्टि के उनके द्वारा आरोप को प्रमाणित मान लिया गया।
4. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री अभिनव द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा जबाव की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी समीक्षा में पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा खुद के चुनाव कार्य से उन्मुक्त होने का किया गया दावा गलत प्रमाणित है एवं इनके द्वारा उक्त अवधि में उपार्जित अवकाष में रहने के दावे के प्रमाणक के रूप में किसी विष्वसनीय आवेदन या स्वीकृत्यादेष के अभाव में आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध कर्त्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने एवं पत्र तामिला के बावजूद चुनाव कार्य नहीं करने के गठित आरोप प्रमाणित है। आरोपित पदाधिकारी का अवकाष आवेदन न तो स्वीकृत है और न ही कोई अनुषंसा ही उनके नियंत्री पदाधिकारी द्वारा भेजी गयी है। दिनांक 10.05.2016 के अपने समर्पित आवेदन में स्थानीय चुनाव संपन्न कराकर इस्तीफा सौंपने के इनके दावे का प्रष्न है तो इनके द्वारा पंचायत चुनाव में पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट के रूप में अपने प्रतिनियुक्ति पत्र का तामिला मोबाईल एवं निबंधित डाक से भेजी गयी सूचना के बावजूद भी नहीं किये और नियुक्ति पत्रों को जिला निर्वाचन पदाधिकारी को वापस किये जाने का तथ्य अभिलेख आधारित है। संकल्प ज्ञापांक 155 दिनांक 05.05.2016 के द्वारा आरोपित पदाधिकारी निलंबित भी हो चुके थे तो ऐसी स्थिति में उनके नियंत्री पदाधिकारी द्वारा उनकी ही सूचना के आधार पर जब उस नियुक्ति पत्र को दिनांक 02.04.2016 के पत्र द्वारा जिला निर्वाचन पदाधिकारी को तामिला नहीं होने की सूचना के साथ वापस किया जा चुका था, तब आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक 10.05.2016 को चुनाव कार्य संपन्न कराकर इस्तीफा सौंपने का किया गया दावा पूर्णतया गलत साबित होता है।
5. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री अभिनव के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए निलंबन से मुक्त करने का विनिष्चय किया गया :-
(i) निंदन की सजा।
(ii) पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड।
उपर्युक्त विनिष्चयी वृहत दंड ''पांच वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड '' के संदर्भ में विभागीय 6. उपर्युक्त विनिष्चयी वृहत दंड ''पांच वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड '' के संदर्भ में विभागीय उपर्युक्त विनिष्चयी वृहत दंड ''पांच वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड '' के संदर्भ में विभागीय उपर्युक्त विनिष्चयी वृहत दंड ''पांच वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड '' के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 2062 दिनांक 26पत्रांक 2062 दिनांक 26पत्रांक 2062 दिनांक 26पत्रांक 2062 दिनांक 26....04040404....2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा 2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा 2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा 2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 939 दिनांक 24आयोग के पत्रांक 939 दिनांक 24आयोग के पत्रांक 939 दिनांक 24आयोग के पत्रांक 939 दिनांक 24....07070707....2017 द्वारा स2017 द्वारा स2017 द्वारा स2017 द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त '' पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का म्यक् विचारोपरान्त '' पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का म्यक् विचारोपरान्त '' पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का म्यक् विचारोपरान्त '' पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर आयोग की सहमति संसूचित की गयी है। दण्ड '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर आयोग की सहमति संसूचित की गयी है। दण्ड '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर आयोग की सहमति संसूचित की गयी है। दण्ड '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर आयोग की सहमति संसूचित की गयी है।10 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 7. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री कुमार अभिनव, तत्कालीन प्रोबेषन पदाधिकारी, प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, मुजफ्फरपुर सम्प्रति निलंबित (संलग्न प्रक्षेत्रीय जिला प्रोबेषन कार्यालय, बेऊर, पटना) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए निलंबन से मुक्त किया जाता है :-
((((i) ) ) ) निंदन की सजा।निंदन की सजा।निंदन की सजा।निंदन की सजा। ((((ii) ) ) ) पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड। पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड। पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड। पांच (05) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दण्ड। 8. इनके निलंबन अवधि के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा।
ता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की आदेशः-आदेशः-आदेशः-आदेशः- आदेश दिया जाआदेश दिया जाआदेश दिया जाआदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की ता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की ता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहारबिहारबिहारबिहार----राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्माराजीव वर्मा, , , , संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।
——— मामीण &वकास &वभागमामीण &वकास &वभागमामीण &वकास &वभागमामीण &वकास &वभाग ———
अिधसूचानाएंअिधसूचानाएंअिधसूचानाएंअिधसूचानाएं
28 जुलाई 2017
सं0 मा0&व0-14(िन0को॰) सीतामढ़(cid:15)-11/2016-319501319501319501319501Ñौी &विनत कु मार िस6हा, तaकालीन ूखंड &वकास पदािधकार(cid:15), पुपर(cid:15) (सीतामढ़(cid:15)) को आिथIक अपराध इकाई (िनगरानी &वभाग), पटना क^ ट(cid:15)म Rारा Nदनांक 02.07.2016 को॰ किथत तौर पर घूस लेने के आरोप म[ िगरjतार कर 6याियक Nहरासत म[ भेजने के फलःवkप &बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगlकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली 2005 भाग-4 के िनयम-(2)(क) म[ िनNहत ूावधान के आलोक म[ &वभागीय कायाIलय आदेश सं0-279043 Nदनांक 25.07.2016 Rारा कारा निरोध क^ ितिथ 02.07.2016 से उनके कारावास क^ अविध तक के िलए िनलSmबत Nकया गया।
2. ौी िस6हा के Rारा Nदनांक 21.02.2017 को कारा से मु]त होने के उपरा6त Nदनांक 22.02.2017 को &वभाग म[ अपना योगदान सम&पIत Nकया गया। तaपँचात ् &वभागीय अिधसूचना सं0-319468 Nदनांक 28.07.2017 Rारा ौी िस6हा को &बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगlकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-9(3)(i ) के आलोक म[ िनलmबनमु]त कर Nदनांक 22.02.2017 के ूभाव से योगदान ःवीकृ त Nकया गया।
3. चू ँNक ौी िस6हा के &वkY गंभीर कदाचार/ॅंटाचार का आरोप है तथा उ6ह[ `रँवत लेते पकड़ा गया Sजसके िलए उनके &वkY िनगरानी थाना कांड सं0-065/16 दजI है। अत: सmयक &वचारोपरा6त ौी िस6हा को &बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगlकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-9(1)(ग) के आलोक म[ योगदान क^ ितिथ Nदनांक 22.02.2017 के ूभाव से अगले आदेश तक के िलए िनलSmबत Nकया जाता है। 4. िनलmबन अविध म[ ौी िस6हा को &बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगlकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-10 के तहत अनुमा6य जीवन िनवाIह भLा देय होगा।
5. िनलmबन अविध म[ ौी िस6हा का मु(cid:8)यालय समाहरणालय, सीतामढ़(cid:15) िनधाI`रत Nकया जाता है। 6. िनलmबनादेश पर सGम ूािधकार का अनुमोदन ूाsत है।
&बहार-राPयपाल के आदेश से,
राधा Nकशोर झाराधा Nकशोर झाराधा Nकशोर झाराधा Nकशोर झा,,,, &वशेष-सिचव।
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28 जुलाई 2017
सं0 मा0&व0-14(िन0को0) सीतामढ़(cid:15)-11/2016-319468319468319468319468Ñौी &विनत कु मार िस6हा, तaकालीन प्रखंड &वकास पदािधकार(cid:15), पुपर(cid:15) (सीतामढ़(cid:15)) को आिथIक अपराध इकाई (िनगरानी &वभाग), पटना क^ ट(cid:15)म Rारा Nदनांक11 &बहार गजट, 9 अगःत 2017 02.07.2016 को किथत तौर पर घूस लेने के आरोप म[ िगरjतार कर 6याियक Nहरासत म[ भेजने के फलःवkप &बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगlकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली 2005 भाग-4 के िनयम- (2)(क) म[ िनNहत ूावधान के आलोक म[ &वभागीय कायाIलय आदेश सं0- 279043 Nदनांक 25.07.2016 Rारा कारा िनरोध क^ ितिथ 02.07.2016 से उनके कारावास क^ अविध तक के िलए िनलSmबत Nकया गया।
2. ौी िस6हा Nदनांक 21.02.2017 को कारा से मु]त होने के उपरा6त Nदनांक 22.02.2017 को &वभाग म[ अपना योगदान सम&पIत Nकया।
3. अत: &बहार सरकार(cid:15) सेवक (वगlकरण, िनयंऽण एवं अपील) िनयमावली, 2005 के िनयम-9(3)(i ) के आलोक म[ ौी िस6हा को िनलmबनमु]त करते हुए Nदनांक 22.02.2017 के ूभाव से योगदान ःवीकृ त Nकया जाता है।
4. उ]त आदेश पर सGम ूािधकार का अनुमोदन ूाu है।
&बहार-राPयपाल के आदेश से,
राधा Nकशोर झाराधा Nकशोर झाराधा Nकशोर झाराधा Nकशोर झा,,,, &वशेष-सिचव।
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[ध&¡क(cid:12) स०चव(cid:2)लय म१)ण(cid:2)लय(cid:12)
ॢबह(cid:2)र(cid:12) पटन(cid:2) ह(cid:2)र(cid:2) -क(cid:2)०शत eव$ म१ॢ)त?
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