िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
ॢबह(cid:4)र गजट
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत
1111 भािभािभािभाि 1931931931939999 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 33334444 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 23232323 अगःतअगःतअगःतअगःत 2012012012017777 ((((ईईईई0000)))) %वषय%वषय%वषय%वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु%,, पदःथापन, बदली, श%,, छु 1ट(cid:15) और अ3य 4य%,गत सूचनाएं। ---
भाग-1-क—ःवयंसेवक गु9म; के समादेंटाओं के आदेश।
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भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Dाओं के पर(cid:15)Dा-फल, कायFबम, छाऽवृ%I ूदान, आKद।
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भाग-1-ग—िशDा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Dाफल आKद ---
भाग-2—%बहार-राMयपाल और कायाFNयD; Oारा िनकाले गये %विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आKद। ---
भाग-3—भारत सरकार, पPQम बंगाल सरकार और उSच 3यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राMय गजट; के उVरण। ---
भाग-4—%बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—%बहार %वधान मंडल मY पुर:ःथा%पत %वधेयक, उ[त %वधान मंडल मY उपःथा%पत या उपःथा%पत Kकये जानेवाले ूवर सिमितय; के ूितवेदन और उ[त %वधान मंडल मY पुर:ःथापन के पूवF ूकािशत %वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Pजनपर रांशपित क\ Mयेंठ अनुमित िमल चुक\ है। ---
भाग-8—भारत क\ संसद मY पुर:ःथा%पत %वधेयक, संसद मY उपःथा%पत ूवर सिमितय; के ूितवेदन और संसद मY उपःथा%पत ूवर सिमितय; के ूितवेदन और संसद मY पुर:ःथापन के पूवF ूकािशत %वधेयक। ---
भाग-9—%व^ापन
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भाग-9-क—वन %वभाग क\ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन%वदा सूचनाएं, प_रवहन सूचनाएं, 3यायालय सूचनाएं और सवFसाधारण सूचनाएं इ`याKद। 2-2 पूरक
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पूरक-क 3-42 %बहार गजट, 23 अगःत 2017
भागभागभागभाग----9999((((खखखख))))
और सवFसाधारण सूचनाएं इ`याऔर सवFसाधारण सूचनाएं इ`याऔर सवFसाधारण सूचनाएं इ`याऔर सवFसाधारण सूचनाएं इ`याKद।Kद।Kद।Kद।
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सूचना ——
No 989—I, AWNISH, S/o Abhai Shankar, Nehru Nager patna, Have changed my name to Awnish Shankar onwards for all official purposes Affidavit No.- 912 Dated 27.01.2017.
AWNISH.
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No 990—I, KUMARI RAKHI, D/o. Achal Kumar Gupta R/o. Mata Khudi Lane, Mahendru, Patna I have Changed my name from Kumari Rakhi to Rakhee Gupta vide Affidavit No. 253 Dated 07.12.2016.
KUMARI RAKHI.
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Website: http://egazette.bih.nic.in
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सं0 dkjk@fu0dks0¼v/kh0½&01&01@2016-4414 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 9999 अगस्तअगस्तअगस्तअगस्त 2017201720172017
श्री राधे श्याम सुमन, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सीवान सम्प्रति निलंबित (संलग्न केन्द्रीय कारा, गया) के विरूद्ध मंडल कारा, सीवान के काराधीन बंदी मो0 शहाबुद्दीन से नियम विरूद्ध अनधिकृत रूप से मुलाकात कराये जाने, प्रावधान के विपरीत कारा के अन्दर प्रतिबंधित सामग्रियों का प्रवेष कराने, मुलाकातियों की तलाषी में षिथिलता बरतने, बिहार कारा हस्तक के प्रावधानों का उल्लंघन करने एवं अन्य प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1849 दिनांक 26.03.2016 द्वारा उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा को संचालन पदाधिकारी नामित किया गया।
2. आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमंडल, छपरा के पत्रांक 3195 दिनांक 20.12.2016 से प्राप्त आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, सारण प्रमंडल, छपरा के जाँच प्रतिवेदन में श्री सुमन के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित पाँच (05) आरोपों में से आरोप संख्या-01 को अप्रत्यक्ष/आंषिक रूप से तथा आरोप संख्या-02, 03, 05 को अप्रमाणित एवं आरोप संख्या-04 को प्रमाणित पाया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय पत्रांक 953 दिनांक 02.03.2017 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री सुमन से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
3. श्री सुमन के द्वारा दिनांक 16.03.2017 को द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया है कि कारा हस्तक के अनुसार कारा के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों, पंजियों एवं अभिलेखों की सुरक्षित अभिरक्षा तथा पंजियों में प्रविष्टि या अन्य दायित्वों की जबावदेही उपाधीक्षक की होती है। कारा में प्रवेष करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम गेट पंजी में अंकित करना गेट वार्डर का कर्त्तव्य एवं दायित्व है। उपाधीक्षक कारा की स्थिति एवं महत्वपूर्ण घटनाओं को अपने प्रतिवेदन पुस्तिका में प्रतिदिन अभिलिखित कर अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए जवाबदेह हैं। आरोपित का कहना है कि उपर्युक्त तथ्यों को उनके संज्ञान में नहीं दिया जाना एवं प्रत्येक गतिविधियों पर प्रभावकारी नियंत्रण नहीं रखना उपाधीक्षक का पदीय कर्त्तव्य के निर्वह्न में विफलता एवं प्रषासनिक कार्यों के प्रति उदासीनता का द्योतक है। श्री सुमन का कहना है कि उपाधीक्षक द्वारा मुलाकात कराने संबंधी मुलाकाती आवेदन पर अपने अनुषंसा के साथ उनके समक्ष प्रस्तुत किया गया था। तत्पष्चात् उनके द्वारा विधिपूर्वक मुलाकात कराने की अनुमति दी गई थी। मुलाकात की अनुमति दिये जाने के बाद कारा हस्तक के सुसंगत प्रावधानानुसार प्रतिबंधित सामग्री के कारा प्रवेष अथवा मुलाकातियों (आगंतुकों) की सघन तलाषी कारा गेट पर तैनात कक्षपाल से कराने के बाद ही मुलाकात के लिए कारा प्रवेष लिया जाना था। अतः इसमें उपाधीक्षक, अथवा अधीनस्थ कर्मियों की चूक एवं लापरवाही मानी जायेगी। ऐसे प्रतिबंधित सामग्रियों के कारा प्रवेष के लिए मूल रूप से गेट पर तैनात कक्षपाल ही उत्तरदायी है।
4. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री सुमन द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा जबाव की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी समीक्षा में पाया गया कि विभागीय कार्यवाही के संचालन के उपरान्त संचालन4 %बहार गजट, 23 अगःत 2017 पदाधिकारी ने अपने प्रतिवेदन में स्पष्ट अंकित किया है कि काराधीक्षक हीं सम्पूर्ण कारा के नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी होते हैं एवं आगम-निगमन पर अधीक्षक का पूर्ण नियंत्रण होता है। संचालन पदाधिकारी ने अपने अधिगम में उल्लेख किया है कि आरोपित पदाधिकारी का उक्त घटना में सीधी संलिप्तता प्रतीत नहीं होती है, परन्तु काराधीक्षक के रूप में इनका यह दायित्व बनता था कि कारा में होने वाले प्रत्येक गतिविधि पर इनके द्वारा प्रभावकारी नियंत्रण रखा जाय। यदि कारा में प्रवेष करने वाले आगंतुकों की सघन जाँच के लिए प्रतिनियुक्त कर्मी द्वारा सघन तलाषी की गई रहती तो कारा में प्रतिबंधित सामग्री का प्रवेष नहीं होता। यद्यपि कारा हस्तक, 2012 में विभिन्न श्रेणी के कर्मियों द्वारा निर्वह्न किये जाने वाले कर्त्तव्य का विवरण स्पष्ट है, परन्तु इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा काराधीक्षक के रूप में अपने सम्पूर्ण जिम्मेवारी को भलीभांति निर्वह्न करने में उदासीनता बरती गई है।
5. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सुमन के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए निलंबन से मुक्त करने का विनिष्चय किया गया :-
(i) तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड। (ii) देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन (03) वर्षाें की रोक का दंड।
उपर्युक्त विनिष्चयी दंड ''तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड '' के संदर्भ में विभागीय पत्रांक ात्मक प्रभाव से रोकने का दंड '' के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 6. उपर्युक्त विनिष्चयी दंड ''तीन वेतनवृद्धियाँ संचय ात्मक प्रभाव से रोकने का दंड '' के संदर्भ में विभागीय पत्रांक ात्मक प्रभाव से रोकने का दंड '' के संदर्भ में विभागीय पत्रांक उपर्युक्त विनिष्चयी दंड ''तीन वेतनवृद्धियाँ संचय उपर्युक्त विनिष्चयी दंड ''तीन वेतनवृद्धियाँ संचय 2266 दिनांक 052266 दिनांक 052266 दिनांक 052266 दिनांक 05....05050505....2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग 2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग 2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग 2017 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 884 दिनांक 18के पत्रांक 884 दिनांक 18के पत्रांक 884 दिनांक 18के पत्रांक 884 दिनांक 18....07070707....2017 द्वारा संसूचित किया गया है कि प्रस्तावित दण्ड '' देय तिथि 2017 द्वारा संसूचित किया गया है कि प्रस्तावित दण्ड '' देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन (03) से प्रोन्नति पर तीन (03) से प्रोन्नति पर तीन (03) से प्रोन्नति पर तीन (03) 2017 द्वारा संसूचित किया गया है कि प्रस्तावित दण्ड '' देय तिथि 2017 द्वारा संसूचित किया गया है कि प्रस्तावित दण्ड '' देय तिथि वर्षों की रोक '' का दण्ड वृहत् दण्ड की श्रेणी में नहीं आता है, फलतः इस पर विभागीय स्तर पर ही निर्णय लिया जाना वर्षों की रोक '' का दण्ड वृहत् दण्ड की श्रेणी में नहीं आता है, फलतः इस पर विभागीय स्तर पर ही निर्णय लिया जाना वर्षों की रोक '' का दण्ड वृहत् दण्ड की श्रेणी में नहीं आता है, फलतः इस पर विभागीय स्तर पर ही निर्णय लिया जाना वर्षों की रोक '' का दण्ड वृहत् दण्ड की श्रेणी में नहीं आता है, फलतः इस पर विभागीय स्तर पर ही निर्णय लिया जाना अपेक्षित है। आयोग द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त '' तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने '' संबंधी विभागीय दण्ड अपेक्षित है। आयोग द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त '' तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने '' संबंधी विभागीय दण्ड अपेक्षित है। आयोग द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त '' तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने '' संबंधी विभागीय दण्ड अपेक्षित है। आयोग द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त '' तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने '' संबंधी विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर प्रस्ताव पर प्रस्ताव पर प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है। सहमति संसूचित की गयी है। सहमति संसूचित की गयी है। सहमति संसूचित की गयी है।
7. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री राधे श्याम सुमन, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सीवान सम्प्रति निलंबित (संलग्न केन्द्रीय कारा, गया) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए निलंबन से मुक्त किया जाता है :-
((((i) ) ) ) तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड। तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड। तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड। तीन वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड। ((((ii)))) देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन देय तिथि से प्रोन्नति पर तीन (03) वर्षों की रोक का दंड।(03) वर्षों की रोक का दंड।(03) वर्षों की रोक का दंड।(03) वर्षों की रोक का दंड।
8. इनके निलंबन अवधि के संबंध में अलग से निर्णय लिया जायेगा।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।
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