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)-28/2016-5883/वि॰—श्री राम सुखित राय, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जहानाबाद श्री राम सुखित राय, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जहानाबाद के विरूद्ध श्री आलोक कुमार गुप्ता, पिता श्री सुरेश कुमार गुप्ता, सरस्वती मोड़, बीबीपुर, काको, जहानाबाद से उपादान के विरूद्ध श्री आलोक कुमार गुप्ता, पिता श्री सुरेश कुमार गुप्ता, सरस्वती मोड़, बीबीपुर, काको, जहानाबाद से उपादान के विरूद्ध श्री आलोक कुमार गुप्ता, पिता श्री सुरेश कुमार गुप्ता, सरस्वती मोड़, बीबीपुर, काको, जहानाबाद से उपादान
ा इस सम्बध में मुख्यमंत्री सचिवालय से भी श्री गुप्ता का की राशि भुगतान नहीं करने संबंधी परिवाद पत्र प्राप्त हुआ तथा इस सम्बध में मुख्यमंत्री सचिवालय से भी श्री गुप्ता का की राशि भुगतान नहीं करने संबंधी परिवाद पत्र प्राप्त हुआ तथ
परिवाद प्राप्त हुआ। श्री गुप्ता द्वारा परिवाद पत्र में श्री राम सुखित राय, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जहानाबाद के परिवाद प्राप्त हुआ। श्री गुप्ता द्वारा परिवाद पत्र में श्री राम सुखित राय, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जहानाबाद के परिवाद प्राप्त हुआ। श्री गुप्ता द्वारा परिवाद पत्र में श्री राम सुखित राय, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जहानाबाद के विरूद्ध आरोप लगाया गया है कि महालेखाकार कार्यालय के पत्रांक-आई॰डी॰एम॰-2107150995010 दिनांक 07.08. विरूद्ध आरोप लगाया गया है कि महालेखाकार कार्यालय के पत्रांक-आई॰डी॰एम॰-2107150995010 दिनांक 07 विरूद्ध आरोप लगाया गया है कि महालेखाकार कार्यालय के पत्रांक-आई॰डी॰एम॰-2107150995010 दिनांक 07 2015 (स्पीड पोस्ट संख्या-EF2170685771
2170685771N) के द्वारा परिवादी के नाम से उपादान का प्राधिकार पत्र निर्गत किया ) के द्वारा परिवादी के नाम से उपादान का प्राधिकार पत्र निर्गत किया गया, परन्तु 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी आरोपित पदाधिकारी द्वारा भुगतान की कार्रवाई नहीं की गयी। इसके आलोक गया, परन्तु 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी आरोपित पदाधिकारी द्वारा भुगतान की कार्रवाई नहीं की गयी। इसके आलोक गया, परन्तु 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी आरोपित पदाधिकारी द्वारा भुगतान की कार्रवाई नहीं की गयी। इसके आलोक
रवाद पत्र की प्रति संलग्न करते हुए आरोपित पदाधिकारी से में वित्त विभागीय पत्रांक 3368 दिनांक 16.05.2017 द्वारा परिवाद पत्र की प्रति संलग्न करते हुए आरोपित पदाधिकारी से में वित्त विभागीय पत्रांक 3368 दिनांक 16
2017 द्वारा आरोपित पदाधिकारी को स्पष्टीकरण की माँग की गयी। पुनः वित्त विभागीय पत्रांक 3809 दिनांक 02.06.2017 द्वारा आरोपित पदाधिकारी को स्पष्टीकरण की माँग की गयी। पुनः वित्त विभागीय पत्रांक 3809 दिनांक 02
स्मारित किया गया। आरेापित पदाधिकारी के पत्रांक 508 दिनांक 30.05.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, स्मारित किया गया। आरेापित पदाधिकारी के पत्रांक 508 दिनांक 30 2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया कि महालेखाकार कार्यालय का उपरोक्त पत्र उनके कार्यालय में कब प्राप्त जिसमें उनके द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया कि महालेखाकार कार्यालय का उपरोक्त पत्र उनके कार्यालय में कब प्राप्त जिसमें उनके द्वारा स्पष्ट नहीं किया गया कि महालेखाकार कार्यालय का उपरोक्त पत्र उनके कार्यालय में कब प्राप्त हुआ और उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गयी। पुनः वित्त विभागीय पत्रांक 4298 दिनांक 22.06. हुआ और उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गयी। पुनः वित्त विभागीय पत्रांक 4298 दिनांक 22 .2017 द्वारा आरोपित 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 23 अगःत 2017 उल्लेख किया गया है। साथ ही यह भी स्पष्ट करने का निदेश दिया गया है कि उनके कार्यालय में महालेखाकार कार्यालय का उपरोक्त पत्र कब प्राप्त हुआ था और उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गयी। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी के पत्रांक 681 दिनांक 08.07.2017 द्वारा स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा स्वीकार किया गया कि महालेखाकार कार्यालय का उपरोक्त पत्र उनके कार्यालय में दिनांक 26.08.2015 को प्राप्त हुआ। परन्तु उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि महालेखाकार कार्यालय से प्राप्त उपरोक्त प्राधिकार पत्र की राशि परिवादी को भुगतान करने के संबंध में उनके द्वारा क्या कार्रवाई की गयी।
परिवादी से प्राप्त परिवाद, आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त स्पष्टीकरण के सम्यक समीक्षा में प्रथम द्रष्ट्या आरोप प्रमाणित पाया गया, जिसके आलोक में आरोपित पदाधिकारी श्री राय को निलंबित करते हुए विधिवत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
अतः श्री राम सुखित राय, वरीय कोषागार पदाधिकारी, जहानाबाद को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रक एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(i) के अन्तर्गत आदेश निर्गत की तिथि से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में श्री राय को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रक एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। निलंबन अवधि में श्री राय का मुख्यालय वित्त विभाग, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है।
इसमें माननीय उप मुख्य (वित्त) मंत्री, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
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