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अध्सिूचना
22 अगस्त 2017
सं वि∫स∫वि∫-23/2017-7239
-23/2017-7239/ वि∫स∫—''बिहार भूमि दाखिल खारिज ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2017'', जो विध्ेयक, 2017'', जो Õया तथा कार्य संचालन 22 अगस्त, 2017 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन-सभा की प्रिÕ
बिहार विधन-सभा में दिनांक 22 अगस्त, 2017 को पु नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ∞ेश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा
बिहार विधन सभा के आदेश से,
राम श्रेष्ठ राय,
राम श्रेष्ठ राय
सचिव। सचिव2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017
बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) विधेयक, 2017
[वि∫स∫वि∫-17/2017⁄=
बिहार भूमि दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 (बिहार अधिनियम 23, 2011) का संशोधन करने के
लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के अड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार भूमि दाखिल खारिज (संशोधन) अधिनियम, 2017 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरन्त प्रवृत होगा। 2.बिहार अधिनियम 23, 2011 की धारा-2 (26) में संशोधन।- उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-2 की उप धारा-(26) में निम्नलिखित नई उप धारा-26(क) जोड़ी जायगी :-
''26 (क) जमाबंदी पंजी''- जमाबंदी पंजी उन रैयतों का रजिस्टर है, जो संबंधित राजस्व ग्राम में भूमि धारित करते है जिसमें जमाबंदी रैयत का खाता, खेसरा, रकवा, चौहद्दी तथा भू-लगान दर्ज रहता है तथा वे धारित जमीन में खेती करते है, जिसके बदले उन्हें जमाबंदी पंजी में दर्ज प्रविष्टि के आधार पर भूमि के लगान का भुगतान करना पड़ता है। इस प्रकार जमाबंदी पंजी रैयत एवं भू-स्वामी (राज्य सरकार) के बीच भू-लगान संव्यवहार (लेन-देन) को प्रदर्शित करने वाले तथा धारित करने वाली भूमि को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण भूमि अभिलेख है।
3. बिहार अधिनियम 23, 2011 की धारा-3 में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-3 की उप धारा-(1) के पश्चात् निम्नलिखित नई उप धारा-(1क) जोड़ी जायगी :-
''(1क) जिन मामलों में भूमि पर हित अर्जित करने के अधिकतम 90 दिनों के भीतर दाखिल खारिज हेतु याचिका समर्पित नहीं किया जाता है, वैसे मामलों में दाखिल खारिज याचिका के साथ विलम्ब क्षांति याचिका विहित प्रपत्र में संलग्न किया जाएगा, जिसमें विलम्ब का कारण उल्लिखित होगा। यदि याचिकाओं के साथ विलम्ब क्षांति याचिका विहित प्रपत्र में आवेदक के द्वारा संलग्न किया जाता है, तो मामलों का निष्पादन अंचल अधिकारी गुण-दोष के आधार पर करेंगे।'' (2) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-3 की उप धाराएं-(2) को निम्न से प्रतिस्थापित किया जाएगा :-
''किसी होल्ंिडग या उसके भाग में विक्रय, दान, विनिमय, बँटवारा द्वारा चाहे न्यायालय द्वारा अथवा अन्यथा निर्वसीयत अथवा वसीयत, बिल, राज्य सरकार के विभागों/उपक्रमों द्वारा बिहार रैयती भूमि लीज नीति, 2014 के तहत पंजीकृत दस्तावेज से प्राप्त की गयी जमीन (सत्त लीज के शर्त्ताें पर), सक्षम प्राधिकार द्वारा लोक भूमि की बन्दोबस्ती/अन्तरण/समनुदेशन, भूदान यज्ञ समिति द्वारा भूमि के अनुदान, बिहार प्रश्रय प्राप्त व्यक्ति वासगीत काश्तकारी अधिनियम, 1947 के अधीन प्रदत्त अभिधृति अधिकार, बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 के अधीन दर रैयत के रूप में अधिभोगी अधिकार का अर्जन, भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के अधीन पूर्व रैयत को होल्ंिडग या उसके भाग का प्रत्यावर्त्तन, भू-अर्जन, पुर्नवास और पुनव्र्यव्यवस्थापन में उचित प्रतिकर पारिदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013, राष्ट्रीय राज्यमार्ग अधिनियम, 1956 एवं रेलवे (विशेष) अधिनियम, 2008 के अधीन पूर्व रैयत को होल्ंिडग या उसके भाग का प्रत्यावर्त्तन, वासभूमि रहित महादलित परिवारों के लिए रैयती भूमि की क्रय नीति, 2010 के अधीन क्रय की गयी वासभूमि, कोेशी क्षेत्र (रैयतों को भूमि वापसी) अधिनियम, 1951 के अधीन पूर्व रैयत को होल्ंिडग या उसके भाग का प्रत्यावर्त्तन, बिहार भूमि-सुधार (अधिकतम सीमा-निर्धारण एवं अधिशेष भूमि अर्जन) अधिनियम, 1961 के अधीन भूमि की बन्दोबस्ती, किसी न्यायालय के आदेश/डिक्री अथवा सरकार द्वारा अधिसूचित अन्तरण का कोई अन्य उपाय/लिखत में हित अर्जित करने वाला कोई व्यक्ति, उस अंचल अधिकारी, जिसके क्षेत्राधिकार में वह होल्ंिडग अथवा उसका भाग अवस्थित है, के कार्यालय में या अंचल अधिकारी द्वारा उस क्षेत्र की दाखिल खारिज याचिकाओं को प्राप्त करने हेतु आयोजित शिविर में विहित रीति से उस होल्ंिडग या उसके भाग के संबंध में चालू खतियान, अभिधारी खाता पंजी/जमाबंदी पंजी तथा खेसरा पंजी में अपने नाम से दाखिल खारिज करने के लिए याचिका दे सकेगा।''
(3) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-3 की उप धारा-(3) के पश्चात् निम्नलिखित नई उप धारा-(3क) जोड़ी जायगी।- ''भूमि के निबंधन के तत्काल बाद Online Mutation हेतु इस निमित्त अधिसूचित अंचलाें से संबंधित अंचल अधिकारी स्वतः संज्ञान लेते हुए तीन कार्य दिवसों के अन्दर दाखिल खारिज का अभिलेख संधारित करते हुए विहित प्रपत्र में आम सूचना एवं खास सूचना निर्गत करना सुनिश्चित करेंगे। आम सूचना एवं खास सूचना निर्गत किये जाने के पश्चात् दाखिल खारिज वाद के निष्पादन हेतु निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करेगें।''
4. बिहार अधिनियम 23, 2011 की धारा-4 में संशोधन।- (1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-4 की उप धारा (5) में अंकित ''भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के अधीन भूमि के अर्जन के लिए उत्तरदायी3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017 प्राधिकारी, उस क्षेत्र के अंचल अधिकारी जिसके क्षेत्राधिकार में भूमि अवस्थित हो, को इसकी विहित प्रपत्र में सूचना देगा'' शब्द ''भू-अर्जन अधिनियम, 1894, भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शित अधिकार अधिनियम, 2013, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 एवं रेलवे (विशेष) अधिनियम, 2008 के अधीन भूमि के अर्जन के लिए उत्तरदायी प्राधिकारी, उस क्षेत्र के अंचल अधिकारी जिसके क्षेत्राधिकार में भूमि अवस्थित हो, को इसकी विहित प्रपत्र में सूचना देगा'' द्वारा प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
(2) उक्त अधिनियम की धारा-4(6) में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-4(6) में प्रयुक्त शब्द ''भू-अर्जन अधिनियम, 1894 के अधीन पूर्व रैयत को भूमि प्रत्यावर्तित करने हेतु उत्तरदायी प्राधिकार उस क्षेत्र के अंचल अधिकारी जिसके क्षेत्राधिकार में भूमि अवस्थित हो, को इसकी सूचना विहित प्रपत्र में देगा।'' शब्द ''भू-अर्जन अधिनियम, 1894, भू-अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शित अधिकार अधिनियम, 2013, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 एवं रेलवे (विशेष) अधिनियम, 2008 के अधीन पूर्व रैयत को भूमि प्रत्यावर्तित करने हेतु उत्तरदायी प्राधिकार उस क्षेत्र के अंचल अधिकारी जिसके क्षेत्राधिकार में भूमि अवस्थित हो, को इसकी सूचना विहित प्रपत्र में देगा।'' द्वारा प्रतिस्थापित किए जाएगे। 5. बिहार अधिनियम 23, 2011 की धारा-6 में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-6(1) का (ख) के पश्चात् उप धारा-(ग) निम्नवत जोड़ा जाता है :-
''(ग) बेव-साईट के माध्यम से ऑन-लाईन दाखिल खारिज याचिका अथवा निबंधन कार्यालयों से जमीन के हस्तान्तरण से संबंधित दस्तावेजों के पंजीकरण की सूचना के आधार पर दाखिल खारिज की ऑन-लाईन प्रक्रिया का सम्पादन इस निमित्त अधिसूचित अंचलों के अंचल अधिकारी के द्वारा किया जाएगा।''
(2) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-6 की उप धारा-(7) को निम्न से प्रतिस्थापित किया जाता है :-
''कर्मचारी, उस राजस्व ग्राम को, जिसमें होल्ंिडग अथवा उसका भाग अवस्थित हो, चालू खतियान, अभिधारी खाता पंजी/जमाबंदी पंजी तथा खेसरा पंजी में शुद्धि-पत्र में परिवर्त्तन हेतु दिए गये आदेश को दर्शाते हुए प्रविष्टियों में परिवर्त्तन करेगा।''
(3) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-6 की उप धारा-(8) को निम्न से प्रतिस्थापित किया जाता है :-
''अभिधारी पंजी/जमाबंदी पंजी की प्रविष्टियों में किए गये परिवर्त्तन के अधार पर कर्मचारी संबंधित जमाबंदी में वार्षिक लगान एवं सेस की माँग में परिवर्त्तन करेगा।''4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
बिहार दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 में जमाबंदी पंजी को परिभाषित नहीं किया गया है, जिसे उक्त अधिनियम की धारा-2 की उप धारा-(26) में नई उप धारा-(26क) जोड़ते हुए जमाबंदी पंजी को परिभाषित किया गया है।
बिहार दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 की धारा-3 में किसी भी व्यक्ति के द्वारा किसी होल्ंिडग या उसके भाग में किसी विधि/लिखत द्वारा हित अर्जित किये जाने के 90 दिनों के भीतर उस क्षेत्र के अंचल अधिकारी के समक्ष, जिसके क्षेत्राधिकार में वह होल्ंिडग या उसका भाग अवस्थित हो, का दाखिल खारिज हेतु विहित प्रपत्र में याचिका समर्पित किया जाएगा, से संबंधित प्रावधान अंकित है। अधिकांश मामलों में हित अर्जित करने के 90 दिनों के भीतर दाखिल खारिज हेतु याचिका समर्पित किया जाना संभव नहीं हो पाता है, जिसके कारण अधिनियम की धारा-3 में नयी उप धारा जोड़ते हुए यह प्रावधान किया गया है कि जिन मामलों में दाखिल खारिज हेतु याचिका हित अर्जित करने के 90 दिनों के भीतर समर्पित नहीं किया जाता है, वैसे मामलों में विलम्ब क्षांति हेतु याचिका के साथ विहित प्रपत्र में विलम्ब क्षांति आवेदन संलग्न किया जाएगा।
वर्तमान दाखिल खारिज अधिनियम में राज्य सरकार के विभागों/उपक्रमों द्वारा बिहार रैयती लीज नीति, 2014 के तहत पंजीकृत दस्तावेज से प्राप्त की गयी (सत्त लीज के शर्त्ताें पर), जमीन के दाखिल खारिज का प्रावधान नहीं है, जिसे अधिनियम की धारा-3 की उप धारा-(2) के अन्तर्गत प्रावधानित किया गया है।
बिहार दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 में भू-अर्जन, पुर्नवास और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर पारिदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013, राष्ट्रीय राज्यमार्ग अधिनियम, 1956 एवं रेलवे (विशेष) अधिनियम, 2008 का उल्लेख नहीं है, जिसे धारा-3 में सम्मिलित किया गया है।
बिहार दाखिल खारिज अधिनियम, 2011 में ऑन-लाईन दाखिल खारिज से संबंधित प्रावधान अंकित नहीं है। विभाग द्वारा अधिसूचित अंचलों में शीघ्र ही ऑन-लाईन दाखिल खारिज के निष्पादन की प्रक्रिया प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित है, जिसके कारण अधिनियम में भी ऑन-लाईन दाखिल खारिज के प्रावधान का समावेश उक्त अधिनियम की धारा-6(1) का (ख) के पश्चात् उप धारा-(ग) में किया गया है।
इस प्रकार जमाबंदी पंजी को परिभाषित करने के साथ ही किसी भी जमीन पर निर्धारित अवधि में हित अर्जित नहीं किये जाने की स्थिति में विलम्ब क्षांति आवेदन पत्र समर्पित करने का प्रावधान, बिहार रैयती भूमि लीज नीति, 2014 के तहत पंजीकृत दस्तावेज से प्राप्त की गयी (सत्त लीज के शर्त्ताें पर), प्राप्त की गयी जमीन का दाखिल खारिज से संबंधित प्रावधान, भू-अर्जन अधिनियम, 2013, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 एवं रेलवे (विशेष) अधिनियम, 2008 के तहत प्राप्त की गयी जमीन का दाखिल खारिज एवं ऑन-लाईन दाखिल खारिज की प्रक्रिया का जोड़ा जाना इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस संशोधन विधेयक का अभीष्ट है।
((((राम नारायण मंडलराम नारायण मंडलराम नारायण मंडलराम नारायण मंडल)))) भार-साधक सदस्य ।
पटना, दिनांक 22.08.2017
सचिव, बिहार विधान सभा।
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