िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:21)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र
ह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:15) भ(cid:4)(cid:25) 1(cid:20)3(cid:20) (cid:27)श(cid:15)(cid:28)
((((स(cid:14)(cid:15) पटन(cid:4) (cid:19)(cid:20)(cid:15)) ) ) ) पटन(cid:4)
पटन(cid:4)(cid:29) श१(cid:31)व(cid:4)र(cid:29) 1111 िसत(cid:15)बिसत(cid:15)बिसत(cid:15)बिसत(cid:15)बर र र र 2(cid:15)1(cid:19) बिहार विधन-सभा सचिवालय
———
अध्सिूचना
22 अगस्त 2017
सं वि∫स∫वि∫-20/2017-7388
-20/2017-7388/ वि∫स∫—''बिहार कराधन विध् ि ;संशोध्न एवं विध्मिान्यकरणद्ध
''बिहार कराधन विध् ि ;संशोध्न एवं विध्मिान्यकरणद्ध विध्ेयक, रःस्थापित हुआ था, बिहार विधन-सभा की प्रिÕया तथा 2017'', जो बिहार विधन-सभा में दिनांक सभा में दिनांक 23 अगस्त, 2017 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन- कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ∞ेश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ
अध्यक्ष, बिहार विधन-
बिहार विधन-सभा के आदेश से,
राम श्रेष्ठ राय, राम श्रेष्ठ राय सचिव। सचिव2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017
बिहार कराधान विधि (संषोधन एवं विधिमान्यकरण)
विधेयक, 2017
[व∫स∫वि∫-20/2017⁄
बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27, 2005) का संषोधन एवं विधिमान्यकरण
करने के लिए विधेयक
भारत गणराज्य के अड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य विधान-मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारम्भ।-(1) यह अधिनियम बिहार कराधान विधि (संषोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2017 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3) यह पहली जुलाई, 2017 के प्रभाव से प्रवृत्त होगा।
2. बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27, 2005) की धारा-14 का संषोधन।-बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (अधिनियम 27, 2005) की धारा-14 निम्नवत् प्रतिस्थापित किया जायेगा, यथा- ''14. कर की दर।-मालों की विक्रय कीमत पर पचास प्रतिषत से अनधिक ऐसी दर से, जो राज्य सरकार, ऐसी शर्तों और निबंधनों के अधीन रहते हुए, अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे, कर संदाय होगा।''
3. विधिमान्यकरण।-(1) बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-14 में किए गए संषोधन सभी प्रयोजनों हेतु 2017 के जुलाई माह की पहली तारीख के प्रभाव से सभी तात्विक समय में विधिमान्यतः एवं प्रभावकारी रूप से प्रवृत्त एवं सदैव प्रवृत्त समझा जायेगा।
(2) इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के पूर्व बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 (बिहार अधिनियम 13, 2017 द्वारा यथा संषोधित) की धारा-14 एवं धारा-13 की उपधारा (1) के अधीन निर्गत कोई अधिसूचना, सभी प्रयोजनों हेतु, 2017 के जुलाई माह की पहली तारीख के प्रभाव से, विधिमान्यतः एवं प्रभावकारी रूप से प्रवृत्त समझी जाएगी। (3) बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-14 में किए गए संषोधन या उपधारा (2) में वर्णित अधिसूचनाओं के अधीन अधिरोपित या संग्रहित कोई कर, सभी प्रयोजनों हेतु विधिमान्यतः एवं प्रभावकारी रूप से अधिरोपित, निर्धारित, संग्रहित समझा एवं सदैव समझा जाएगा मानो उक्त अधिसूचनाएँ सभी तात्विक समय में प्रवृत्त थीं एवं किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण अथवा अन्य प्राधिकार के किसी निर्णय, डिक्री अथवा आदेष में किसी बात के होते हुए भी-
(क) बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-14 में किए गए संषोधन या उपधारा (2) के अधीन निर्गत अधिसूचनाओं के द्वारा प्राप्त या संग्रहित किसी राषि की वापसी हेतु किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण अथवा अन्य प्राधिकार में कोई वाद या कोई कार्रवाई न तो प्रारंभ की जायेगी, न चलायी जायेगी और न ही जारी रखी जायेगी;
(ख) बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-14 में किए गए संषोधन या उपधारा (2) के अधीन निर्गत अधिसूचनाओं के द्वारा प्राप्त या संग्रहित किसी राषि की वापसी हेतु किसी न्यायालय, न्यायाधिकरण अथवा अन्य प्राधिकार द्वारा कोई डिक्री अथवा आदेष का प्रवर्त्तन नहीं कराया जायेगा;
(ग) ऐसी सभी राषि, जो बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-14 में किए गए संषोधन या धारा 13 की उपधारा (2) के अधीन निर्गत अधिसूचनाओं के फलस्वरूप संग्रहित की जा सकती थी परंतु जिनका संग्रहण नहीं किया गया हो, बिहार मूल्य वर्द्धित कर अधिनियम, 2005 की धारा-14 में किए गए संषोधन या उपधारा (2) के अधीन निर्गत अधिसूचनाओं के अनुरूप वसूल की जा सकेगी।
वित्तीय संलेख
बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 वित्तीय वर्ष 2005-06 से लागू है। इस अधिनियम के प्रशासन के क्रम में अनुभूत कठिनाईयों के निराकरण तथा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों को युक्तिसंगत बनाये जाने के उद्देश्य से इसमें समय-समय पर संशोधन किये जाते रहे हैंं।
दिनांक 01.07.2017 से राज्य में माल और सेवा कर अधिनियम लागू किया जा चुका है। फलतः अप्रत्यक्ष करों से संबंधित राज्य के अधिकांश अधिनियम इसमें समाहित हो गये हैं किन्तु पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल ऑयल, प्राकृतिक गैस, वैमानिकी र्इंधन, कच्चा पेट्रोलियम तेल तथा मानवीय उपभोग हेतु प्रयोग में लायी जानेवाली शराब को तत्काल GST प्रणाली से बाहर रखा गया है।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017 फलतः उपर्युक्त वस्तुओं के अतिरिक्त शेष सभी वस्तुओं को बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम की परिधि से बाहर करते हुए इसमें आवश्यक संशोधन किये गये हैं एवं पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल ऑयल, प्राकृतिक गैस, वैमानिकी ईंधन, कच्चा पेट्रोलियम तेल पर करारोपण किये जाने की व्यवस्था को बहाल रखा गया है।
अतः बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 के संशोधित प्रावधानों के अधीन GST प्रणाली से बाहर रखी गयी वस्तुओं पर करारोपण के संबंध में नई अधिसूचनाओं का निर्गमन एवं विधिमान्यकरण अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय उड़ान योजना (Regional Connectivity Scheme) के तहत उपयोग में आनेवाले वैमानिकी र्इंधन पर कर की दर 1 (एक) प्रतिशत लागू करने हेतु अधिनियम में आवश्यक संशोधन किये गये हैं।
विधेयक के प्रस्ताव पर वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।
(सुशील कुमार मोदी) भार-साधक सदस्य।
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
दिनांक 01.07.2017 से देश में अप्रत्यक्ष करों की व्यवस्था में व्यापक सुधार लाते हुए माल और सेवा कर अधिनियम लागू किया गया है। फलस्वरूप अप्रत्यक्ष करों से संबंधित राज्य के अधिनियम यथा बिहार मूल्यवर्द्धित कर, प्रवेश कर, मनोरंजन कर, विलासिता कर, विज्ञापन पर कर आदि इसमें समाहित हो गये हैं।
2. पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल ऑयल, प्राकृतिक गैस, वैमानिकी र्इंधन, कच्चा पेट्रोलियम तेल तथा मानवीय उपभोग हेतु प्रयोग में लायी जानेवाली शराब को तत्काल GST प्रणाली से बाहर रखा गया है।
3. इस परिप्रेक्ष्य में बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 में आवश्यक संशोधन किये गये हैं एवं पेट्रोल, हाई स्पीड डीजल ऑयल, प्राकृतिक गैस, वैमानिकी इंधन, कच्चा पेट्रोलियम तेल पर करारोपण किये जाने की व्यवस्था लागू रखी गयी है।
4. अतः बिहार मूल्यवर्द्धित कर अधिनियम, 2005 के संशोधित प्रावधानों के अधीन उपर्युक्त वस्तुओं के करारोपण के संबंध में नई अधिसूचनाओं का निर्गमन एवं विधिमान्यकरण अपेक्षित है। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय उड़ान योजना (Regional Connectivity Scheme) के तहत उपयोग में आनेवाले वैमानिकी र्इंधन पर कर की दर 1 (एक) प्रतिशत लागू करने हेतु अधिनियम में आवश्यक संशोधन किये गये हैं।
5. यही इस विधेयक का उद्देश्य है जिसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ट है।
(सुशील कुमार मोदी)(सुशील कुमार मोदी)(सुशील कुमार मोदी)(सुशील कुमार मोदी) भार-साधक सदस्य ।
पटना, दिनांक 23.08.2017
सचिव, बिहार विधान सभा।
———