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पटन(cid:4)(cid:30) श१ व(cid:4)र(cid:30) 1111 िसत(cid:15)बिसत(cid:15)बिसत(cid:15)बिसत(cid:15)बर र र र 2(cid:15)1(cid:19) बिहार विधन सभा सचिवालय
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अध्सिूचना
22 vxLr 2017
सं वि∫स∫वि∫-21/2017-7225 / वि
-21/2017-7225 / वि∫स∫—''बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2017'', ''बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2017'', 22 अगस्त, 2017 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रिÕया तथा कार्य जो बिहार विधन सभा में दिनांक 22 अगस्त, 2017 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रि 22 अगस्त, 2017 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रि संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ∞ेश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उ
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा
बिहार विधन सभा के आदेश से,
राम श्रेष्ठ राय, राम श्रेष्ठ राय सचिव। सचिव2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017
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बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम, 2011 (बिहार अधिनियम 24, 2011) का संशोधन करने के लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के अड़सठवें वर्ष में बिहार राज्य-विधानमंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ।-(1) यह अधिनियम बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त (संशोधन) अधिनियम, 2017 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरंत प्रवृत्त होगा।
2. बिहार अधिनियम, 24, 2011 की धारा 2 में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-2 की उपधारा-(xxvi) के बाद निम्नलिखित नई उपधाराएँ-(xxvii), (xxviii), (xxix) एवं (xxx) क्रमशः जोड़ी जाएगी :- (xxvii) ''कानूनगो'' से अभिपे्रत है अधिनियम एवं नियमावली में वर्णित कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन हेतु राज्य सरकार द्वारा कानूनगो के रूप में नियुक्त पदाधिकारी।
(xxviii) ''सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी'' से अभिपे्रत है अधिनियम एवं नियमावली में वर्णित कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन हेतु राज्य सरकार द्वारा सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के रूप में नियुक्त पदाधिकारी।
(xxix) ''प्रभारी पदाधिकारी'' से अभिप्रेत है अधिनियम एवं नियमावली में वर्णित कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन हेतु राज्य सरकार द्वारा प्रभारी पदाधिकारी के रूप में नियुक्त पदाधिकारी।
(xxx) ''निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप'' से अभिप्रेत है अधिनियम एवं नियमावली में वर्णित कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वहन और राज्य सरकार के भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय का प्रतिनिधित्व करने हेतु नियुक्त पदाधिकारी।
(2) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-2(xi) की प्रथम पंक्ति में प्रयुक्त शब्द ''अनुज्ञप्ति धारी सर्वेयर'' शब्द ^^vehu^^ के द्वारा प्रतिस्थापित किये जाएंगे।
3.बिहार अधिनियम, 24, 2011 की धारा-5 का प्रतिस्थापन।-उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-5 निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी :-
''5. भू-धारियों द्वारा स्वघोषणा।-(1) धारा-3 के अधीन अधिसूचना के उपरांत, अमीन और कानूनगो अपनी अधिकारिता के अधीन क्षेत्र के संबंध में भू-धारियों का वंशावली तथा याद्दाश्त पंजी तैयार करेंगे।
(2) धारा-3 के अधीन अधिसूचना के उपरांत, भू-धारी, अपने द्वारा धारित भूमि के संबंध में, स्वघोषणा बंदोबस्त कार्यालय में अथवा शिविर कार्यालय में, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी को विहित रीति से उपलब्ध करा सकेगा। स्वघोषणा का सत्यापन बंदोबस्त कार्यालय द्वारा, उपलब्ध अभिलेखाेंं तथा वंशावली से, किया जाएगा एवं सत्यापन प्रमाण पत्र उसे निर्गत किया जाएगा।'' 4. बिहार अधिनियम, 24, 2011 की धारा-7 में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-7 की उपधारा-(2) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगीः-
''(2) खानापुरी दल निम्नलिखित को मिलाकर गठित होगीः- (i) सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी; (ii) कानूनगो; (iii) अमीन।''
(2) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-7 की उपधारा-(5) के बाद निम्नलिखित नई उपधारा-(5क) अंतःस्थापित की जाएगीः-
''(5क) विश्रांति-धारा-7 की उपधारा-(3), (4) तथा (5) के प्रावधानों के आलोक में तैयार किये जाने वाले मानचित्र तथा अधिकार अभिलेख की जाँच का कार्य विश्रांति के दौरान पूरा किया जाएगा। विश्रांति का कार्य दो प्रशाखाओं, यथा-(1) आलेख तथा रकबा प्रशाखा और (2) खेसरा प्रशाखा में किया जाएगा''।
5. बिहार अधिनियम 24, 2011 के अध्याय-3 को विलोपित किया जाना।-उक्त अधिनियम, 2011 के अध्याय-3 को एतद् द्वारा विलोपित किया जाता है। 6. बिहार अधिनियम, 24, 2011 की धारा-20 में संशोधन।-(1) उक्त अधिनियम, 2011 की धारा-20 के स्पष्टीकरण के बाद निम्नलिखित नयी स्पष्टीकरण जोड़ा जाएगा :-
''Li"Vhdj.k-
(i) बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 की धारा 106 के अधीन, अधिकार अभिलेख के अंतिम प्रकाशन के उपरांत, राजस्व अधिकारी के समक्ष प्रारंभ की गयी कोई भी कार्यवाही की, जो अभी तक विवादों के निपटारे एवं निवारण के लिए लंबित हो, सुनवाई एवं विनिश्चय इस संशोधन अधिनियम के प्रवृत होने की तिथि से 12 (बारह) माह के भीतर, बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा, मानो उक्त प्रावधान इस अधिनियम के अधीन अधिक्रांत नही किये गये हैं।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017 (ii) बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 की धारा 108 के अनुसार वैसे पुनरीक्षण की जो अभी आदेश/विनिश्चय के लिए लंबित हो, इस संशोधन अधिनियम के प्रवृत्त होने की तिथि से 12 (बारह) माह के भीतर बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 के प्रावधानों के अनुसार सुनवाई की जाएगी एवं विनिश्चिय की जाएगी, मानो उक्त प्रावधान इस संशोधन अधिनियम के अधीन अधिक्रांत नहीं किया गया हो।
(iii) यदि अधिकार अभिलेख में गलती या तात्विक त्रुटि सुधार के लिए कोई आवेदन बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 की धारा 108A के अधीन अभी भी लंबित हो तो संबंधित पक्षकारों को मामले में सुनवाई हेतु उपस्थित होने का युक्तियुक्त अवसर देने के उपरांत, सुधार किया जा सकेगा। आवेदन का निपटारा इस संशोधन अधिनियम के प्रवृत्त होने की तिथि से 120 कार्य दिवसों के भीतर बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा, मानो उक्त प्रावधान इस अधिनियम के अधीन अधिक्रांत नहीं किया गया हो।
(iv) हालॉकि, बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 की धारा-106 के अधीन कोई नयी कार्यवाही अथवा धारा-108 के अधीन नया पुनरीक्षण संस्थित नहीं किया जाएगा और राजस्व अधिकारी द्वारा धारा-108 तथा 108A के अधीन कोई नया आवेदन ग्रहण नहीं किया जाएगा।''
(2) उक्त अधिनियम, 2011, की धारा-20 की उपधारा-(2) के बाद निम्नलिखित उपधाराएँ (3), (4), (5), (6) एवं (7) जोड़ी जाएँगीः-
''(3) अधिकार-अभिलेख के प्रारूप प्रकाशन के उपरांत, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, राज्य सरकार द्वारा विनिश्चित दर-तालिका के आधार पर, संबंधित राजस्व-ग्राम के प्रत्येक रैयत के लिए बंदोबस्ती लगान तालिका तैयार करेगा।
(4) वबंदोबस्ती लगान तालिका का प्रकाशन एवं संशोधन :-
(i) संबंधित राजस्व ग्राम की बंदोबस्ती लगान तालिका जब तैयार हो जाए, तब सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी किसी प्रविष्टि में हुई चूक अथवा गलती से संबंधित आपत्ति प्राप्त करने के निमित्त, विहित रीति से विहित अवधि तक, इसका प्रारूप प्रकाशित कराएगा। (ii) प्रकाशन की अवधि के दौरान प्राप्त सभी आपत्तियों का निपटारा, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी द्वारा संबंधित पक्षों को उपस्थित होने तथा सुनवाई का युक्तियुक्त अवसर देने के बाद किया जाएगा।
(5) बंदोबस्त लगान तालिका की संपुष्टि तथा अधिकार अभिलेख में समावेश :- सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी इस प्रकार तैयार किये गये बंदोबस्त लगान तालिका को प्रभारी पदाधिकारी के माध्यम से, बंदोबस्त पदाधिकारी की स्वीकृति के लिए सुपुर्द करेंगे। प्रभारी पदाधिकारी बंदोबस्ती-लगान-तालिका की जाँच करेंगे एवं उसके अनुसार सही पाये जाने पर वह इसे बंदोबस्त पदाधिकारी की संपुष्टि एवं स्वीकृति के लिए प्रस्तुत कर देंगे।
(6) बंदोबस्त पदाधिकारी बंदोबस्ती लगान तालिका को, सुधार के साथ अथवा बिना सुधार के, स्वीकृत कर सकेगा अथवा पुनर्विचार के लिए सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी को वापस कर सकेगा।
परंतु किसी भी प्रविष्टि में तब तक सुधार नहीं किया जाएगा जब तक संबंधित पक्षकारों को मामले में उपस्थित होने एवं सुनवाई के लिए सूचना न दी जाए।
(7) बंदोबस्ती पदाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त, सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी बंदोबस्ती लगान तालिका को अंतिम रूप से बनायेगा एवं अधिकार अभिलेख में उसे नियमित करेगा और प्रकाशित करेगा।''4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 िसत(cid:15)बर 2017
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम, 2011 की धारा-2 में कानूनगो, सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी एवं निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप परिभाषित नहीं रहने के कारण अधिनियम, 2011 की धारा-2 की उप धारा-(XXVI) के बाद उप धारा-(XXVII), (XXVIII), (XXIX) एवं (XXX) जोड़ते हुए क्रमशः कानूनगो, सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी एवं निदेशक, भू-अभिलेख एवं परिमाप को परिभाषित किया गया है। साथ ही अधिनियम, 2011 की धारा-2 की उप धारा-(XI) में संशोधन करते हुए ''अनुज्ञप्तिधारी'' ''सर्वेयर'' शब्द को ''अमीन'' से प्रतिस्थापित किया गया है।
धारा-3 के अन्तर्गत पूर्व के अधिनियम में रैयतों द्वारा धारित भूमि के संबंध में स्वघोषणा अंचल कार्यालय में भी समर्पित किये जाने का प्रावधान अंकित किया गया है, जिसे अंचल अधिकारी के द्वारा सत्यापन किया जाना अंकित है, जिसमें संशोधन करते हुए धारा-3 के अधीन अधिसूचना प्रकाशन के उपरान्त भू-धारी अपने द्वारा धारित भूमि के संबंध में स्वघोषणा बन्दोबस्त कार्यालय में अथवा शिविर कार्यालय में समर्पित करेगें एवं जिसका सत्यापन बन्दोबस्त कार्यालय द्वारा किया जाएगा, से संबंधित प्रावधान अंकित किया गया है।
धारा-5 में संशोधन करते हुए भू-सर्वेक्षण से संबंधित अधिसूचना के प्रकाशन के उपरान्त अमीन एवं कानूनगो को अपनी अधिकारिता क्षेत्र के सभी भू-धारियों का वंशावली तथा याद्दाश्त पंजी तैयार किये जाने एवं भू-धारियों के द्वारा अपनी जमीन से संबंधित स्वघोषणा बन्दोबस्त कार्यालय में/शिविर कार्यालय में सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी को उपलब्ध कराने संंबंधी प्रावधान अंकित किया गया है। स्वघोषणा का सत्यापन भी बन्दोबस्त कार्यालय द्वारा उपलब्ध अभिलेखों तथा वंशावली के आधार पर किया जाएगा।
अधिनियम, 2011 की धारा-7 खानापुरी दल के गठन से संबंधित है, जिसे अधिक व्यवहारिक बनाते हुए खानापुरी दल को निम्नवत गठित किये जाने से संबंधित प्रावधान का समावेश किया गया है :- (i) सहायक बन्दोबस्त पदाधिकारी, (ii) कानूनगो, (iii) अमीन। उपर्युक्त के साथ ही विश्रांति के दौरान सर्वेक्षण मानचित्र एवं अधिकारी अभिलेख की जांच किये जाने संबंधी प्रावधान को भी सम्मिलित किया गया है, जो पूर्व के अधिनियम में अंकित नहीं किया गया था। अधिनियम , 2011 के अध्याय-3 अनुज्ञप्ति प्राप्त सर्वेयर से संबंधित है। चूकि बिहार राज्य में अनुज्ञप्ति प्राप्त सर्वेयर अनुपलब्ध है, जिसके कारण अध्याय-3 को विलोपित कर दिया गया है। बिहार काश्तकारी अधिनियम, 1885 की धारा-106, 108 एवं 108(क) के तहत भू-सर्वेक्षण से संबंधित दायर वादों का निष्पादन समय सीमा के अन्दर किये जाने का प्रावधान अंकित किया गया है। धारा-106 एवं 108 के तहत दायर वादों का निष्पादन उक्त धाराओं में अंकित प्रावधानों के आलोक में बारह माह के भीतर किया जाएगा एवं धारा-108(क) के अधीन लंबित वादों का निष्पादन 120 कार्यदिवसों के भीतर उपर्युक्त धारा में अंकित प्रावधानों के आलोक में किये जाने संबंधी प्रावधान अंकित किया गया है। अधिनियम, 2011 की धारा-20 में नई उप धारा जोड़ते हुए लगान तालिका तैयार किया जाना, उसके प्रकाशन एवं प्राप्त आपत्तियों के आलोक में लगान का निर्धारण किये जाने, इसके साथ ही बन्दोबस्त लगान तालिका की सम्पुष्टि आदि संबंधी प्रावधान को अंकित किया गया है, जो आवश्यक है। संशोधित प्रस्ताव में भू-सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त के दौरान लगान तालिका तैयार किया जाना, लगान तालिका को प्रकाशित किया जाना, आपत्तियां प्राप्त किया जाना, आपत्तियों का निराकरण एवं लगान की प्रविष्टि सर्वे खतियान में किये जाने संबंधी विस्तृत प्रावधान अंकित किया गया है।
अतः बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बन्दोबस्त अधिनियम की धारा-2, धारा-3, धारा-5, धारा-7 एवं धारा-20 में संशोधन किया जाना एवं अध्याय-3 को समाप्त किया जाना इस संशोधन विधेयक का मुख्य उद्देश्य है तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस संशोधन विधेयक का अभीष्ट है।
((((jke ukjk;.k eaMy)))) भार-साधक सदस्य ।
पटना, दिनांक 22.08.2017
सचिव, बिहार विधान सभा।
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