िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:23)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र
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[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:19) \०ीन 1(cid:19)3(cid:19) (cid:26)श(cid:15)(cid:27)
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गन्न्ाा उद्योग विभाग
———
आदेषआदेषआदेषआदेष
20 flrEcj 2017
संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ वि॰उ॰-02-03/11-वि॰उ॰-02-03/11-वि॰उ॰-02-03/11-वि॰उ॰-02-03/11-1584
1584—राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे ग्रामों अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे ग्रामों अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे ग्रामों का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त आरक्षण के किसी अंष में आवष्यक सुधार एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के ारक्षण के किसी अंष में आवष्यक सुधार एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त अ 2017 के माध्यम से राज्य की चीनी मिलों से आगे के वर्षो के लिए उद्देष्य से विभागीय पत्र संख्या-1300 दिनांक-28.07.2017 के माध्यम से राज्य की चीनी मिलों से आगे के वर्षो के लिए उद्देष्य से विभागीय पत्र संख्या-1300 दिनांक-28 आरक्षण प्रस्ताव की माँग की गयी थी। तद्आलोक में बिहार ईख (आपूर्त्ति एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 बिहार ईख (आपूर्त्ति एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 आरक्षण प्रस्ताव की माँग की गयी थी। तद्आलोक में की धारा-31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, जितेन्द्र कुमार सिंह, ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा मेसर्स , ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा मेसर्स की धारा-31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय ईख हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनि हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण 2017 को पूर्वाह्न 11ः45 बजे सुनवाई पदाधिकारियों, विभागीय पदाधिकारियो एवं अन्य संबंधितों के समक्ष दिनांक 18.09.2017 को पूर्वाह्न 11ः45 बजे सुनवाई पदाधिकारियों, विभागीय पदाधिकारियो एवं की गयी।
विभागीय आदेष ज्ञापांक-2312 दिनांक 2015 के माध्यम से इस चीनी मिल को पराम्परागत रूप से ाागीय आदेष ज्ञापांक-2312 दिनांक 24.09.2015 के माध्यम से इस चीनी मिल को पराम्परागत रूप से पेराई सत्र 2015-16 से 2019-20 के लिए आरक्षित 362 ग्रामों के आरक्षण एवं विभागीय आदेष ज्ञापांक-2155 2019-20 के लिए आरक्षित 362 ग्रामों के आरक्षण एवं विभागीय आदेष ज्ञापांक-2155 2019-20 के लिए आरक्षित 362 ग्रामों के आरक्षण एवं विभागीय आदेष ज्ञापांक-2155 2014 के माध्यम से अपराम्परागत रूप से पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए आरक्षित 56 ग्रामों 2014 के माध्यम से अपराम्परागत रूप से पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए आरक्षित 56 ग्रामों दिनांक-24.09.2014 के माध्यम से अपराम्परागत रूप से पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए आरक्षित 56 ग्रामों के आरक्षण से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन किया गया। के आरक्षण से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन किया गया।
अपने क्षेत्र आरक्षण के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स
के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण
हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण के प्रबंधक श्री अषोक शुक्ला द्वारा बताया गया कि उनके चीनी मिल की पेराई क्षमता 10000 TCD है। प्रबंधन द्वारा मिल की पेराई है। प्रबंधन द्वारा मिल की पेराई श्री अषोक शुक्ला द्वारा बताया गया कि उनके चीनी मिल की पेराई क्षमता 10000 क्षमता को 12500 TCD तक विस्तारित करने की कार्य तथा इस निमित्त राज्य निवेष तक विस्तारित करने की कार्य योजना आरम्भ की गयी है तथा इस निमित्त राज्य निवेष प्रोत्साहन पर्षद का अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है। प्रोत्साहन पर्षद का अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है।
श्री शुक्ला द्वारा बताया गया कि पेराई सत्र 2017-18 के लिए उनका NCR 157.30 लाख क्ंिवटल निर्धारित 30 लाख क्ंिवटल निर्धारित श्री शुक्ला द्वारा बताया गया कि पेराई सत्र 2017-18 के लिए उनका ुमानित 130 लाख क्ंिवटल किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 129646.42 एकड़ में गन्ने की खेती हुई है, जिसमें अनुमानित 130 लाख क्ंिवटल किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 129646 गन्ना मात्र ही पेराई हेतु उपलब्ध होना संभावित है। NCR के अनुरूप उनके मिल को भी पेराई हेतु अतिरिक्त गन्ने की गन्ना मात्र ही पेराई हेतु उपलब्ध होना संभावित है। के अनुरूप उनके मिल को भी पेराई हेतु अतिरिक्त गन्ने की आवष्यकता है। उन्होेेंने बताया अपने आरक्षित क्षेत्र में उनके मिल द्वारा वर्षवार ईख विकास के कार्यक्रम चलाये जाते हैं आवष्यकता है। उन्होेेंने बताया अपने आरक्षित क्षेत्र में उनके मिल द्वारा वर्षवार ईख विकास के कार्यक्रम चलाये जाते हैं आवष्यकता है। उन्होेेंने बताया अपने आरक्षित क्षेत्र में उनके मिल द्वारा वर्षवार ईख विकास के कार्यक्रम चलाये जाते हैं तथा किसानों को गन्ने की खेती हेतु ऋण भी मुहैया कराया जाता है।
ो गन्ने की खेती हेतु ऋण भी मुहैया कराया जाता है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 उन्होंने बताया कि अपराम्परागत रूप से उनको आरक्षित होते आ रहे चनपटिया क्षेत्र के 43 ग्राम एवं बगहा-योगापट्टी-भितहाँ क्षेत्र में आरक्षित 13 ग्राम कुल 56 ग्राम विगत् 15-20 वर्षो से उनके चीनी मिल के साथ आर्रक्षित होते आये हैं। उनके आरक्षित क्षेत्र के लगभग 60 से 62 प्रतिषत भूमि में गन्ने की खेती होती है तथा उनके पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति हेतु इन ग्रामों को उनके मिल के साथ आरक्षित किये जाने की आवष्यकता है। उपरोक्त आलोक में उनके द्वारा पूर्व से आरक्षित होते आ रहे 56 ग्रामों के अतिरिक्त भितहाँ एवं मधुबनी अंचल के मुक्त 7 ग्रामों तथा लौरिया चीनी मिल को अपराम्परागत आरक्षित 5 ग्रामों को उनके पक्ष में आरक्षित किये जाने की माँग की गयी।
सुनवाई में उपस्थित मेसर्स तिरूपति सुगर मिल्स लि॰, बगहा के महाप्रबंधक श्री एस॰ एन॰ पी॰ सिन्हा द्वारा हरिनगर मिल्स द्वारा समर्पित किये गये प्रस्ताव का विरोध किया गया। उन्होंने बताया कि उनके चीनी मिल की पेराई क्षमता 8000 TCD है, जिसे तीन वर्षो के अन्दर 15000 TCD तक विस्तारित करने का उनके प्रबंधन का लक्ष्य है। उनके मिल के आरक्षित क्षेत्र को निरंतर घटाया ही गया है। पहले 302 ग्राम आरक्षित थे, वर्त्तमान् में 295 ग्राम आरक्षित हैं जिसमें मात्र 244 रेभेन्यू ग्राम हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके चीनी मिल के लिए गैर पराम्परागत् क्षेत्र में एक भी ग्राम आरक्षित नहीं है।
श्री सिन्हा द्वारा बताया गया कि पेराई सत्र 2017-18 के लिए उनका NCR 98.59 लाख क्ंिवटल निर्धारित किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 60258.82 एकड़ में गन्ने की खेती हुई है, जिसमें अनुमानित 140 क्ंिवटल/एकड़ की दर से 84.36 लाख क्ंिवटल गन्ना मात्र ही पेराई हेतु उपलब्ध होना संभावित है। NCR के अनुरूप गन्ने की पेराई हेतु उनकी चीनी मिल को अतिरिक्त 14.23 लाख क्ंिवटल गन्ने की आवष्यकता है।
उन्होंने बताया कि गत् पेराई सत्र 2016-17 में उनके आरक्षित क्षेत्र से औसतन 146.54 क्ंिवटल/एकड़ के दर गन्ने की आपूर्ति हुई है। मिल के आवष्यकताओं की पूर्ति हेतु यह आवष्यक है कि उनके आरक्षित क्षेत्र का विस्तार हो जिससे की बढ़े हुए क्षेत्र के माध्यम से मिल के गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति हो सके। उपरोक्त आलोक में उनके द्वारा चनपटिया क्षेत्र में हरिनगर चीनी मिल को आरक्षित 20 ग्राम एवं बगहा-योगापट्टी-भितहाँ क्षेत्र में आरक्षित 13 ग्राम तथा भाट क्षेत्र में अवस्थित 7 मुक्त ग्रामों के आरक्षण का विरोध किया गया।
बैठक में उपस्थिति लौरिया चीनी मिल के प्रबंधक द्वारा उनके मिल के आरक्षित होने वाले योगापट्टी अंचल के अपराम्परागत 5 ग्रामों के इस मिल द्वारा प्रस्तुत आरक्षण प्रस्ताव को अस्वीकृत करने हेतु अनुरोध किया गया। बैठक में पष्चिम चम्पारण जिले के मिल प्रतिनिधियों द्वारा पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत अपराम्परागत् रूप से ग्रामों के आगे के वर्षो के लिए आरक्षण की आवष्यकता की समीक्षा हेतु अनुरोध किया गया। अब तक बंद चीनी मिलों के क्षेत्र को अपराम्परागत रूप में तीन वर्षो के लिए आरक्षित किये जाते रहे हैं। Sugarcane control order के clause 6 A के प्रावधान के अनुसार 15 कि॰ मी॰ की परिधि के अन्दर कोई नई चीनी मिल नहीं लग सकती है। पष्चिम चम्पारण जिले की सभी चीनी मिलों ने अपनेे पेराई क्षमता का विस्तार किया है एवं आगे भी कर रही है। उपरोक्त के आलोक मेंं एवं जिले में उपलब्ध खेती योग्य भूमि के दृृष्टिगत् जिले में किसी अन्य नर्ह चीनी मिल की स्थापना या बंद चीनी मिल के पुनर्जीवन की संभावना नहीं दिखती है। ऐसी स्थिति में आगे के वर्षो के लिए अपराम्परागत् रूप से इस जिले के ग्राम को आरक्षित करने की आवष्यकता प्रतीत नहीं होती है। ऐसे ग्रामों को जिले की कार्यरत चीनी मिलों के साथ ईख अधिनियम की धारा 31 (1) के प्रावधानों के आलोक में परम्परागत् रूप से आरक्षित कर देना ही श्रेयस्कर प्रतीत होता है।
इस सुनवाई के पूर्व दिनांक 13.09.2017 को संबंधित क्षेत्र के गन्ना कृृषकों की सुनाई हुई थी। सुनवाई के दौरान उनके द्वारा अभिव्यक्त की गई भावनाओं सहित सभी किसानों, उनके प्रतिनिधियों, जनपतिनिधियों से प्राप्त अभ्यावेदनाेंं का सूक्ष्मता से अध्ययन किया गया।
संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद्, पष्चिम चम्पारण द्वारा किये गये अनुषंसा का भी अवलोकन किया गया। परिषद् द्वारा हरिनगर मिल को बगहा अंचल में आरक्षित सात ग्रामों को बगहा चीनी मिल के साथ आरक्षित करने तथा 7 ग्रामों को मुक्त रखने की अनुषंसा की गई है। नक्षे पर समीक्षा के क्रम में यह स्पष्ट हुआ कि सात ग्राम जो पूर्व में मुक्त थे, बगहा मिल के निकट है जिससे सुनवाई के क्रम में जिले की सभी मिल प्रतिनिधियाेंं द्वारा सहमति व्यक्त की गई। सुनवाई के क्रम में मुख्य रूप से यह परिलक्षित हुआ कि हरिनगर चीनी मिल के आरक्षित क्षेत्र में 129646.42 एकड़ में ईख का आच्छादन है जिसमें अनुमानित 140 क्ंिवटल प्रति एकड़ की दर से 181.51 लाख क्ंिवटल पेराई हेतु गन्ने की उपलब्धता है, जो इनके लिए निर्धारित NCR से भी अधिक है।
उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में संबंधित सभी पक्षों को सुनने के पश्चात् सम्यक विचारोपरान्त मेसर्स हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर, प॰ चम्पारण के पक्ष में पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 (पाँच वर्षो) के लिए राज्य के पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 49 ग्रामों को जिसका विवरण संलग्न अनुसूची-''क''''क''''क''''क'' एवं ''ख''''ख''''ख''''ख'' में अंकित है, को परम्परागत् रूप से आरक्षित किया जाता है। इसके अतिरिक्त चूॅकि मेसर्स हरिनगर चीनी मिल को पूर्व से आरक्षित होते आ रहे बगहा अंचल के 7 ग्राम एवं भाट मुक्त क्षेत्र के 7 ग्राम को मेसर्स तिरूपति सुगर्स लि॰ के साथ पराम्परागत रूप से आरक्षित किया गया है, अतः इन ग्रामों के किसानों को यदि हरिनगर मिल द्वारा गन्ने की खेती हेतु ऋण उपलब्ध कराया गया है तो वैसी स्थिति में हरिनगर चीनी मिल ग्रामवार एवं किसानवार दिये गये ऋण से संबधित विवरणी विभाग को उपलब्धॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 3 करायेगी। विभाग के स्तर से उसकी जाँच एवं समीक्षा कर बगहा चीनी मिल के माध्यम से उसकी वसूली कराते हुए हरिनगर चीनी मिल को वसूल की गयी राषि वापस करने हेतु आवष्यक निर्देष दिये जायेंगे।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, जितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंह,,,, ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार। पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर प॰ चम्पारण को परम्परागत रूप परम्परागत रूप परम्परागत रूप परम्परागत रूप पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर प॰ चम्पारण को पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर प॰ चम्पारण को पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए हरिनगर सुगर मिल्स लि॰, हरिनगर प॰ चम्पारण को में आरक्षित 49 ग्रामों की सूचीः-में आरक्षित 49 ग्रामों की सूचीः-में आरक्षित 49 ग्रामों की सूचीः-में आरक्षित 49 ग्रामों की सूचीः-
अनुसूची-''क''अनुसूची-''क''अनुसूची-''क''अनुसूची-''क''
| जिला का नाम | प्रखण्ड | क्रमांक | ग्राम का नाम | राजस्व थाना संख्या |
| प॰ चम्पारण | योगापट्टी | 01. | पिपरपॉती | 395 |
| 02. | भरतापट्टी | 396 | ||
| 03. | गरदहीया | 397 | ||
| 04. | ढ़ढ़वा | 399 | ||
| 05. | पिपरहिया | 400 | ||
| भितहॉ | 06. | पकड़ी | 398 |
अनुसूची-''ख''अनुसूची-''ख''अनुसूची-''ख''अनुसूची-''ख''
| जिला का नाम | प्रखण्ड | क्रमांक | ग्राम का नाम | राजस्व थाना संख्या |
| प॰ चम्पारण | चनपटिया | 01. | कोकिलाडीह | 2 |
| 02. | सिन्दुरिया | 3 | ||
| 03. | भैसाही | 5 | ||
| 04. | नवगॉवा | 53 | ||
| 05. | गोईता टोला | 54 | ||
| 06. | लच्छू छापर | 55 | ||
| 07. | पोखरिया राय | 56 | ||
| 08. | पोखरिया खुर्द | 57 | ||
| 09. | पुरैना गोसाई | 59 | ||
| 10. | करनपट्टी | 60 | ||
| 11. | लगुनाहा | 62 | ||
| 12. | कुडवा मठिया | 81 | ||
| 13. | पटखौली | 83 | ||
| 14. | मिश्ररौली | 84 | ||
| 15. | सिसवनिया | 85 | ||
| 16. | पकड़ीहार | 86 | ||
| 17. | खरदेउर | 87 | ||
| 18. | मिसकार टोला | 88 | ||
| 19. | जियाछा टोला | 89 | ||
| 20. | चुहरी | 90 | ||
| 21. | पोखरिया बाबू | 91 | ||
| 22. | सिरिसिया | 92 | ||
| 23. | मुषहरी | 93 | ||
| 24. | सवेया टोला | 94 | ||
| 25. | सवेया खुर्द | 95 | ||
| 26. | बंदो पट्टी | 96 | ||
| 27. | तुरहा पट्टी | 100 | ||
| 28. | जिनवलिया | 101 | ||
| 29. | विश्वास | 102 | ||
| 30. | भारपटिया | 103 | ||
| 31. | पतरखा नौरंगिया | 122 | ||
| 32. | हीरा पाकड़ | 123 | ||
| 33. | परसा | 124 | ||
| 34. | गुऱवलिया विष्वास | 125 | ||
| 35. | गुऱवलिया बंदोवस्ती | 126 | ||
| 36. | विशुनपुर | 138 | ||
| बैरिया | 37. | मथौली | 139 | |
| 38. | भटवलिया | 144 | ||
| लौरिया | 39. | मौलानगर | 483 | |
| 40. | परसौना | 484 | ||
| 41. | वृंदावन | 485 | ||
| जोगापट्टी | 42. | मिश्रौली | 97 | |
| 43. | पटखौली | 98 |
———
[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)
ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त(cid:16)
ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 930-5%1+50(ड(cid:17)*ट+*प(cid:17)*?