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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 October 2017

Published 11 October 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-10-11.931
Languages
English, Hindi

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गन्न्ाा उद्योग विभाग

———

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20 flrEcj 2017

1585—राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ वि॰उ॰-02-09वि॰उ॰-02-09वि॰उ॰-02-09वि॰उ॰-02-09/11-/11-/11-/11-158 किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे ग्रामों उपरोक्त आलोक में ऐसे ग्रामों अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त आरक्षण के किसी अंष में आवष्यक सुधार एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त आरक्षण के किसी अंष में आवष्यक आगे के वर्षो के लिए दिनांक-28.07.2017 के माध्यम से राज्य की चीनी मिलों से आगे के वर्षो के लिए उद्देष्य से विभागीय पत्र संख्या-1300 प्रस्ताव की माँग की गयी थी। तद्‌आलोक में बिहार ईख (आपूर्त्ति एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 बिहार ईख (आपूर्त्ति एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 आरक्षण प्रस्ताव की माँग की गयी थी। तद्‌आलोक में की धारा-31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, जितेन्द्र कुमार सिंह, ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा मेसर्स , ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा मेसर्स की धारा-31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए , प॰ चम्पारण से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय ईख , प॰ चम्पारण से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों तिरूपति सुगर्स मितिरूपति सुगर्स मितिरूपति सुगर्स मितिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहाल्स लि॰, बगहाल्स लि॰, बगहाल्स लि॰, बगहा, प॰ चम्पारण से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों 2017 को पूर्वाह्‌न 11ः45 बजे सुनवाई य पदाधिकारियो एवं अन्य संबंधितों के समक्ष दिनांक 18.09.2017 को पूर्वाह्‌न 11ः45 बजे सुनवाई पदाधिकारियों, विभागीय पदाधिकारियो एवं की गयी।

विभागीय आदेष ज्ञापांक-2305 दिनांक 2015 के माध्यम से इस चीनी मिल को पराम्परागत रूप से ाक-2305 दिनांक 24.09.2015 के माध्यम से इस चीनी मिल को पराम्परागत रूप से आरक्षित 295 ग्रामों के आरक्षण का भी अवलोकन किया गया। विभागीय पेराई सत्र 2015-16 से 2019-20 के लिए आरक्षित 295 ग्रामों के आरक्षण का भी अवलोकन किया गया। विभागीय पेराई सत्र 2015-16 से 2019-20 के लिए आदेष ज्ञापांक-2154 दिनांक-24.09.2014 के माध्यम से भितहाँ अंचल के 4 ग्राम एवं मधुबनी अंचल के 3 ग्राम कुल 7 2014 के माध्यम से भितहाँ अंचल के 4 ग्राम एवं मधुबनी अंचल के 3 ग्राम कुल 7 2014 के माध्यम से भितहाँ अंचल के 4 ग्राम एवं मधुबनी अंचल के 3 ग्राम कुल 7 मुक्त किये गये ग्रामों से इस मिल को क्रय केन्द्र स्थापित कर गन्ना क्रय करने से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन मुक्त किये गये ग्रामों से इस मिल को क्रय केन्द्र स्थापित कर गन्ना क्रय करने से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन मुक्त किये गये ग्रामों से इस मिल को क्रय केन्द्र स्थापित कर गन्ना क्रय करने से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन किया गया।

अपने क्षेत्र आरक्षण के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा, अपने क्षेत्र आरक्षण के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स

हुए एवं तीन वर्षो के अन्दर मिल की पेराई क्षमता को 15000 TCD

घटाया गया है। पहले 302 ग्राम आरक्षित थे, वर्त्तमान्‌ में 295 ग्राम आरक्षित हैं जिसमें मात्र 244 रेभ

तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा, प॰ चम्पारण के द्वारा बताया गया कि उनके प्रबंधन द्वारा 2008 में बगहा मिल के प्रबंधन को लिया उनके प्रबंधन द्वारा 2008 में बगहा मिल के प्रबंधन को लिया महाप्रबंधक श्री एस॰ एन॰ पी॰ सिन्हा द्वारा बताया गया कि TCD की एक रूग्न मिल थी। उसके पश्चात्‌ इस मिल में कम्पनी द्वारा लगभग 350 गया। उस समय यह मिल 2500 TCD की एक रूग्न मिल थी। उसके पश्चात्‌ इस मिल में कम्पनी द्वारा लगभग 350 करोड़ रूपया निवेष किया गया है, फलस्वरूप आज इस मिल की पेराई क्षमता 8000 TCD है। लगभग 300 करोड़ है। लगभग 300 करोड़ करोड़ रूपया निवेष किया गया है, फलस्वरूप TCD तक वृृद्धि करने रूपये का अतिरिक्त निवेष करते हुए एवं तीन वर्षो के अन्दर मिल की पेराई क्षमता को 15000 की प्रबंधन की कार्ययोजना है। पेराई क्षमता में तीन गुणा से ज्यादा वृृद्धि होने के उपरान्त भी इस मिल के आरक्षित क्षेत्र न गुणा से ज्यादा वृृद्धि होने के उपरान्त भी इस मिल के आरक्षित क्षेत्र की प्रबंधन की कार्ययोजना है। पेराई क्षमता में ती जिसमें मात्र 244 रेभेन्यू ग्राम को निरंतर घटाया गया है। पहले 302 ग्राम आरि । उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके चीनी मिल के लिए गैर पराम्परागत्‌ क्षेत्र में एक भी ग्राम आरक्षित नहीं है। । उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके चीनी मिल के लिए गैर पराम्परागत्‌ क्षेत्र में एक भी ग्राम आरक्षित नहीं है। हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके चीनी मिल के लिए गैर पराम्परागत्‌ क्षेत्र में एक भी ग्राम आरक्षित नहीं है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 श्री सिन्हा द्वारा बताया गया कि पेराई सत्र 2017-18 के लिए उनका NCR 98.59 लाख क्ंिवटल निर्धारित किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 60258.82 एकड़ में गन्ने की खेती हुई है, जिसमें अनुमानित 140 क्ंिवटल/एकड़ की दर से 84.36 लाख क्ंिवटल गन्ना मात्र ही पेराई हेतु उपलब्ध होना संभावित है। NCR के अनुरूप गन्ने की पेराई हेतु उनकी चीनी मिल को अतिरिक्त 14.23 लाख क्ंिवटल गन्ने की आवष्यकता है।

उन्होंने बताया कि गत्‌ पेराई सत्र 2016-17 में उनके आरक्षित क्षेत्र से औसतन 146.54 क्ंिवटल/एकड़ के दर गन्ने की आपूर्ति हुई है। मिल के आवष्यकताओं की पूर्ति हेतु यह आवष्यक है कि उनके आरक्षित क्षेत्र का विस्तार हो जिससे की बढ़े हुए क्षेत्र के माध्यम से मिल के गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति हो सके।

उन्होंने बताया कि ऑकड़ों के अवलोकन से स्पष्ट होगा कि पड़ोस की चीनी मिलों के लिए पूर्व से ही काफी बड़ा परम्परागत्‌ क्षेत्र गठित होता आ रहा है। ऐसी स्थिति में वर्त्तमान्‌ में अपराम्परागत्‌ क्षेत्र में उनके चीनी मिल को उचित हिंस्सेदारी मिलनी चाहिए एवं उस आलोक में उनके द्वारा चनपटिया क्षेत्र अन्तर्गत लौरिया मिल को आरक्षित होने वाले दो ग्राम नरकटियागंज को चनपटिया क्षेत्र के आरक्षित होने वाले 5 ग्राम, हरिनगर चीनी मिल को चनपटिया में आरक्षित होने वाले 20 ग्राम, भाट वाला मुक्त क्षेत्र 7 ग्राम, ठकराहाँ अचंल का ग्राम हरिपुर, भितहाँ अंचल का ग्राम पकड़ी, हरिनगर को बगहा अंचल के आरक्षित 7 ग्राम तथा भितहाँ एवं ठकराहॉ के हरिनगर मिल को आरक्षित 23 ग्राम, योगापट्टी में लौरिया मिल को आरक्षित रहे 7 ग्राम एवं बगहा अन्तर्गत लौरिया को आरक्षित रहे ग्राम नयागॉव कुल 84 ग्रामों जिनका विवरण उन्होंने अपने आरक्षण प्रस्ताव में दिया है, को उनके मिल के पक्ष में आरक्षित करने का अनुरोध किया गया।

सुनवाई में उपस्थित मेसर्स हरिनगर सुगर मिल के प्रबंधक श्री अषोक शुक्ला द्वारा बताया गया कि उनके चीनी मिल की पेराई क्षमता 10,000 TCD की है। उनके द्वारा भी मिल की पेराई क्षमता को 12500 TCD तक विस्तारित करने की कार्रवाई की जा रही है। उनके मिल का NCR 157.30 लाख क्ंिवटल है तथा उनके क्षेत्र में मात्र 1,29,646.42 एकड़ में गन्ने की खेती हुई है। उन्होंने बताया कि भाट एवं चनपटिया क्षेत्र के 56 अपराम्परागत्‌ ग्राम उनके मिल के साथ लगभग 15-17 वर्षो से आरक्षित होते आ रहे हैं। उन ग्रामों में उनके द्वारा सघन ईख विकास कार्यक्रम चलाया गया तथा उन ग्रामों के कृृषकों को उनके मिल द्वारा ऋण भी उपलब्ध करवाया गया है। उन्होंने गत्‌ आरक्षित सभी ग्रामों को उनके मिल के साथ ही आरक्षित रखने हेतु अनुरोध किया।

बैठक में उपस्थित मेसर्स न्यू स्वदेषी सुगर मिल्स, नरकटियागंज को कार्यपालक अध्यक्ष द्वारा भी चनपटिया अंचल में बगहा के पाँच ग्रामों के आरक्षण का विरोध करते हुए उन ग्रामों को उन पक्ष में आरक्षित करने का अनुरोध किया गया। बैठक में उपस्थित लौरिया चीनी मिल के प्रबंधन द्वारा भी उनके मिल को आरक्षित होने वाले योगापट्टी एवं बगहा अचंल के ग्रामों के आरक्षण के प्रस्ताव का विरोध किया गया।

बैठक में पष्चिम चम्पारण जिले के मिल प्रतिनिधियों द्वारा पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत अपराम्परागत्‌ रूप से ग्रामों के आगे के वर्षो के लिए आरक्षण की आवष्यकता की समीक्षा हेतु अनुरोध किया गया। अब तक बंद चीनी मिलों के क्षेत्र को अपराम्परागत रूप में तीन वर्षो के लिए आरक्षित किये जाते रहे हैं। Sugarcane control order के clause 6 A के प्रावधान के अनुसार 15 कि॰ मी॰ की परिधि के अन्दर कोई नई चीनी मिल नहीं लग सकती है। पष्चिम चम्पारण जिले की सभी चीनी मिलों ने अपनेे पेराई क्षमता का विस्तार किया है एवं आगे भी कर रही है। उपरोक्त के आलोक मेंं एवं जिले में उपलब्ध खेती योग्य भूमि के दृृष्टिगत्‌ जिले में किसी अन्य नर्ह चीनी मिल की स्थापना या बंद चीनी मिल के पुनर्जीवन की संभावना नहीं दिखती है। ऐसी स्थिति में आगे के वर्षो के लिए अपराम्परागत्‌ रूप से इस जिले के ग्राम को आरक्षित करने की आवष्यकता प्रतीत नहीं होती है। ऐसे ग्रामों को जिले की कार्यरत चीनी मिलों के साथ ईख अधिनियम की धारा 31 (1) के प्रावधानों के आलोक में परम्परागत्‌ रूप से आरक्षित कर देना ही श्रेयस्कर प्रतीत होता है।

इस सुनवाई के पूर्व दिनांक 13.09.2017 को संबंधित क्षेत्र के गन्ना कृृषकों की सुनाई हुई थी। सुनवाई के दौरान उनके द्वारा अभिव्यक्त की गई भावनाओं सहित सभी किसानों, उनके प्रतिनिधियों, जनपतिनिधियों से प्राप्त अभ्यावेदनाेंं का सूक्ष्मता से अध्ययन किया गया। सुनवाई के क्रम में नौतन एवं योगापट्टी अंचल के पटजिरवा, सुरजपुर, मसानढ़ाब, मंगलपुर एवं सिसवनिया ग्राम के किसानों द्वारा व्यक्तिगत रूप में साक्षात्कार कर उनके गन्ने के निष्पादन की समुचित व्यवस्था कराने की माँग की गयी थी। उनके द्वारा बताया गया था कि उन्हें दूसरे जिले की चीनी मिलों में अपना गन्ना बेचने जाना पड़ता है।

संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद्‌, पष्चिम चम्पारण द्वारा किये गये अनुषंसा का भी अवलोकन किया गया। परिषद्‌ द्वारा हरिनगर मिल को बगहा अंचल में आरक्षित सात ग्रामों को बगहा चीनी मिल के साथ आरक्षित करने तथा 7 ग्रामों को मुक्त रखने की अनुषंसा की गई है। नक्षे पर समीक्षा के क्रम में यह स्पष्ट हुआ की सात मुक्त ग्राम बगहा मिल के निकट है जिससे सुनवाई के क्रम में जिले की सभी मिल प्रतिनिधियाेंं द्वारा सहमति व्यक्त की गई।

सुनवाई के क्रम में मुख्य रूप से यह परिलक्षित हुआ कि बगहा चीनी मिल जो निरंतर अपने क्षमता को समयवद्ध रूप में विस्तार कर रही है, को खेती योग्य भूमि का अभाव है जिस कारण इस मिल को पेराई हेतु आवष्यक गन्ने की उपलब्धता सुनिष्चित नहीं हो पा रही है।ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 3 उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में संबंधित सभी पक्षों को सुनने के पश्चात्‌ सम्यक विचारोपरान्त मेसर्स तिरूपति सुगर्स लि॰, बगहा, प॰ चम्पारण के पक्ष में पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 (पाँच वर्षो) के लिए राज्य के पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 24 ग्रामों को जिसका विवरण संलग्न अनुसूची-''क''''क''''क''''क'' एवं ''ख''''ख''''ख''''ख'' में अंकित है, को परम्परागत्‌ रूप से आरक्षित किया जाता है।

आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, जितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंह,,,, ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।

तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा, प॰ चम्पारणचम्पारणचम्पारणचम्पारण को परम्परागत रूप में को परम्परागत रूप में को परम्परागत रूप में को परम्परागत रूप में पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा, प॰ पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा, प॰ तिरूपति सुगर्स मिल्स लि॰, बगहा, प॰ पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक के लिए

आरक्षित आरक्षित आरक्षित आरक्षित 24 24 24 24 ग्रामों की सूचीः-ग्रामों की सूचीः-ग्रामों की सूचीः-ग्रामों की सूचीः-

जिला का नाम प्रखण्ड क्रमांक ग्राम का नाम राजस्व थाना संख्या
प॰ चम्पारण बगहा 01. चंद्रहा 390
02. टोला पूर्वारी 391
03. बथुवरिया 392
04. टोला भंगहा 393
05. गुरवलिया 394
06. जमुनिया 396
07. टोला गर्भषाही 397
भितहॉ 08. के॰ बसौली 299
09. के॰ मानपुर 395
10. कन्हैयापुर 406
11. प्रेमही 408
मधुबनी 12. कुड़िया 296
13. कोल्हुआ 297
14. मठिया 298

अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची-''ख''-''ख''-''ख''-''ख''

जिला का नाम प्रखण्ड क्रमांक ग्राम का नाम राजस्व थाना संख्या
प॰ चम्पारण बैरिया 01. पटजिरवा 107
02. सुरजपुर 108
03. मसानढ़ाब 109
04. निमुईया 121
योगापट्टी 05. गजना 362
06. वैसिया खाप 363
07. वैसिया 364
ठकराहा 08. हरिपुर 429
09. खैरखुट्टा 430
10. श्रीनगर 434

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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16)

ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त(cid:16)

ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 931-5%1+50(ड(cid:17)*ट+*प(cid:17)*?

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 October 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-10-11.931/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-10-11.931.