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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 11 October 2017

Published 11 October 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-10-11.942
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:10)या पी0ट(cid:23)0-40 िनबंधन सं(cid:10)या ॢबह(cid:4)र

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[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क [स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:10)क(cid:4)०शत 1(cid:19) \०ीन 1(cid:19)3(cid:19) (cid:28)श(cid:15)(cid:29)

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संसंसंसं॰ ॰ ॰ ॰ ////वि॰उवि॰उवि॰उवि॰उ॰-॰-॰-॰-00002-2-2-2-13131313////11111111

11111111----1650—राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2014-15 से 2016- अन्य संबंधितों के समक्ष दिनांक 18.09.2017 को पूर्वाह्‌न 11ः45 बजे सुनवाई की गयी।

11ः45 बजे सुनवाई की गयी।

राज्य की चीनी मिलों के लिए पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे लिए अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे लिए अपराम्परागत रूप में आरक्षित किये गये ग्रामों के आरक्षण की अवधि समाप्त हो चुकी है। उपरोक्त आलोक में ऐसे ग्रामों का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त आरक्षण के किसी अंष में आवष्यक सुधार एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के ग्रामों का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त आरक्षण के किसी अंष में आवष्यक सुधार एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के ग्रामों का आगे के वर्षो के लिए आरक्षण, प्रवृत्त आरक्षण के किसी अंष में आवष्यक सुधार एवं मुक्त क्षेत्रों के आरक्षण के 2017 के माध्यम से राज्य की चीनी मिलों से आगे के वर्षो के लिए संख्या-1300 दिनांक-28.07.2017 के माध्यम से राज्य की चीनी मिलों से आगे के वर्षो के लिए उद्देष्य से विभागीय पत्र संख्या-1300 दिनांक-28 आरक्षण प्रस्ताव की माँग की गयी थी। तद्‌आलोक में बिहार ईख (आपूर्त्ति एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 बिहार ईख (आपूर्त्ति एवं खरीद का विनियमन) अधिनियम-1981 आरक्षण प्रस्ताव की माँग की गयी थी। तद्‌आलोक में , ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा मेसर्स जय जय जय जय की धारा-31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, की धारा-31(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मैं, जितेन्द्र कुमार सिंह, ईखायुक्त, बिहार, पटना द्वारा मेसर्स से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय ईख पदाधिकारियों, श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण से प्राप्त प्रस्ताव की सभी चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, क्षेत्रीय ईख पदाधिकारियों, श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण विभागीय पदाधिकारियो एवं अन्य संबंधितों के समक्ष दिनांक विभागीय आदेष ज्ञापांक-2316 दिनांक

ाागीय आदेष ज्ञापांक-2316 दिनांक 24.09.2015 के माध्यम से इस चीनी मिल को पराम्परागत रूप से 2015 के माध्यम से इस चीनी मिल को पराम्परागत रूप से पेराई सत्र 2015-16 से 2019-20 के लिए आरक्षित 187 ग्रामों के आरक्षण एवं विभागीय आदेष ज्ञापांक-2156 दिनांक ाागीय आदेष ज्ञापांक-2156 दिनांक पेराई सत्र 2015-16 से 2019-20 के लिए आरक्षित 187 ग्रामों के आरक्षण एवं विभ् रूप से पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए आरक्षित 124 ग्रामों के 24.09.2014 के माध्यम से अपराम्परागत 2014 के माध्यम से अपराम्परागत रूप से पेराई सत्र 2014-15 से 2016-17 के लिए आरक्षित 124 ग्रामों के आरक्षण से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन किया गया। आरक्षण से संबंधित आदेष पत्र का भी अवलोकन किया गया।

अपने क्षेत्र आरक्षण के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स जय श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण के प्रबंधक द्वारा अपने क्षेत्र आरक्षण के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स जय श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण के प्रबंधक द्वारा अपने क्षेत्र आरक्षण के प्रस्ताव के सन्दर्भ में मेसर्स जय श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि उनके चीनी मिल की पेराई क्षमता 5000 TCD है। उन्होंने बताया गया कि पेराई सत्र 2017-18 के है। उन्होंने बताया गया कि पेराई सत्र 2017-18 के बताया गया कि उनके चीनी मिल की पे लिए उनका NCR 57.44 लाख क्ंिवटल निर्धारित किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 52102 92 एकड़ में गन्ने की 44 लाख क्ंिवटल निर्धारित किया गया है। उनके आरक्षित क्षेत्र में 52102.92 एकड़ में गन्ने की गन्ना उपलब्ध होने की खेती हुई है जिसमें लगभग 140 क्ंिवटल प्रति एकड़ की दर से पेराई हेतु 72.94 लाख क्ंिवटल गन्ना उपलब्ध होने की खेती हुई है जिसमें लगभग 140 क्ंिवटल प्रति एकड़ की दर से पेराई हेतु 72 संभावना है। उन्होेेंने बताया कि उनके आरक्षित क्षेत्र से पड़ोस की चीनी मिलों द्वारा लगातार गन्ने की अवैध खरीद संभावना है। उन्होेेंने बताया कि उनके आरक्षित क्षेत्र से पड़ोस की चीनी मिलों द्वारा लगातार गन्ने की अवैध खरीद संभावना है। उन्होेेंने बताया कि उनके आरक्षित क्षेत्र से पड़ोस की चीनी मिलों द्वारा लगातार गन्ने की अवैध खरीद (पोचिंग) करने के कारण पेराई हेतु गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता होते हुए भी उनको अपने आवष्यकतानुसार के अनुरूप (पोचिंग) करने के कारण पेराई हेतु गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता होते हुए भी उनको अपने आवष्यकतानुसार के अनुरूप (पोचिंग) करने के कारण पेराई हेतु गन्ने की पर्याप्त उपलब्धता होते हुए भी उनको अपने आवष्यकतानुसार के अनुरूप में कठिनाई होती है, जिस कारण उनके मिल को आर्थिक क्षति होती है। आरक्षित क्षेत्र में उनके गन्ने की पेराई करने में कठिनाई होती है, जिस कारण उनके मिल को आर्थिक क्षति होती है। आरक्षित क्षेत्र में उनके में कठिनाई होती है, जिस कारण उनके मिल को आर्थिक क्षति होती है। आरक्षित क्षेत्र में उनके मिल द्वारा वर्षवार ईख विकास के कार्यक्रम चलाये जाते हैं। मिल द्वारा वर्षवार ईख विकास के कार्यक्रम चलाये जाते हैं।

उन्होंने बताया कि पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 15 ग्राम, पूर्वी चम्पारण जिला अन्तर्गत पहाड़पुर अंचल के उन्होंने बताया कि पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 15 ग्राम, पूर्वी चम्पारण जिला अन्तर्गत पहाड़पुर अंचल के उन्होंने बताया कि पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 15 ग्राम, पूर्वी चम्पारण जिला अन्तर्गत पहाड़पुर अंचल के 52 ग्राम, अरेराज अंचल के 45 ग्राम, हरसिद्धि अंचल के 12 ग्राम कुल 124 ग्राम वर्षो से अपराम्परागत रूप से उनको राज अंचल के 45 ग्राम, हरसिद्धि अंचल के 12 ग्राम कुल 124 ग्राम वर्षो से अपराम्परागत रूप से उनको राज अंचल के 45 ग्राम, हरसिद्धि अंचल के 12 ग्राम कुल 124 ग्राम वर्षो से अपराम्परागत रूप से उनको आरक्षित होते आ रहे हैं। उनके चीनी मिल के पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति हेतु इन ग्रामों को आरक्षित होते आ रहे हैं। उनके चीनी मिल के पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति हेतु इन ग्रामों को आरक्षित होते आ रहे हैं। उनके चीनी मिल के पेराई क्षमता के अनुरूप गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति हेतु इन ग्रामों को2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 उनके मिल के साथ आरक्षित रखे जाने की आवष्यकता है। उपरोक्त आलोक में उनके द्वारा पूर्व से आरक्षित होते आ रहे 124 ग्रामों को पुनः उनके पक्ष में आरक्षित करने हेतु अनुरोध किया गया।

सुनवाई में उपस्थित मेसर्स एच॰बी॰एल॰ इकई-सुगौली के प्रबंधक द्वारा पहाड़पुर में इस चीनी मिल द्वारा किये गये 29 ग्रामों के आरक्षण प्रस्ताव का विरोध किया गया तथा बताया गया कि ये सारे ग्राम उनके चीनी मिल के समीप है। वहाँ के किसान भी सुगौली चीनी मिल से जुड़ना चाहते हैं। अतः इन 29 ग्रामों को मझौलिया के स्थान पर सुगौली चीनी मिल को आरक्षित किया जाय। सुगौली चीनी मिल के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि गत्‌ अपराम्परागत आरक्षण के समय विभाग द्वारा समीक्षा कर आदापुर अंचल के 7 ग्रामों को चीनी मिल के साथ आरक्षित किया गया था। परन्तु, आदेष में इन 7 ग्रामों को मझौलिया चीनी मिल के पराम्परागत आरक्षण आदेष से हटाते हुए सुधार का उल्लेख आदेष में अंकित नहीं हो पाया था। उन्होंने अनुरोध किया कि समीक्षा कर इस त्रुटि का निराकरण इस आरक्षण आदेष में अंकित किया जाय। सुनवाई में उपस्थित नरकटियागंज के कार्यपालक अध्यक्ष द्वारा पष्चिम चम्पारण में इस मिल को आरक्षित 3 ग्रामों को उनके पक्ष में आरक्षित करने की माँग की गयी। चूॅकि इस मिल का पूर्वी चम्पारण जिला में भी काफी ग्राम आरक्षित होते हैं अतः सुनवाई के दौरान उपस्थित पष्चिम चम्पारण जिले की अन्य मिलें द्वारा भी प॰ चम्पारण जिला में इस मिल के लिए अपराम्परागत्‌ आरक्षण का विरोध किया गया।

इस चीनी मिल का आरक्षित क्षेत्र पष्चिम एवं पूर्वी चम्पारण दोनों जिलों में फैला हुआ है। बैठक में पष्चिम चम्पारण जिले के मिल प्रतिनिधियों द्वारा पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत अपराम्परागत्‌ रूप से ग्रामों के आगे के वर्षो के लिए आरक्षण की आवष्यकता की समीक्षा हेतु अनुरोध किया गया। अब तक बंद चीनी मिलों के क्षेत्र को अपराम्परागत रूप में तीन वर्षो के लिए आरक्षित किये जाते रहे हैं। Sugarcane control order के clause 6 A के प्रावधान के अनुसार 15 कि॰ मी॰ की परिधि के अन्दर कोई नई चीनी मिल नहीं लग सकती है। पष्चिम चम्पारण जिले की सभी चीनी मिलों ने अपनेे पेराई क्षमता का विस्तार किया है एवं आगे भी कर रही है। उपरोक्त के आलोक मेंं एवं जिले में उपलब्ध खेती योग्य भूमि के दृृष्टिगत्‌ जिले में किसी अन्य नयी चीनी मिल की स्थापना या बंद चीनी मिल के पुनर्जीवन की संभावना नहीं दिखती है। ऐसी स्थिति में आगे के वर्षो के लिए अपराम्परागत्‌ रूप से इस जिले के ग्राम को आरक्षित करने की आवष्यकता प्रतीत नहीं होती है। ऐसे ग्रामों को जिले की कार्यरत चीनी मिलों के साथ ईख अधिनियम की धारा 31 (1) के प्रावधानों के आलोक में परम्परागत्‌ रूप से आरक्षित कर देना ही श्रेयस्कर प्रतीत होता है। इस सुनवाई के पूर्व दिनांक 13.09.2017 को संबंधित क्षेत्र के गन्ना कृृषकों की सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान उनके द्वारा अभिव्यक्त की गई भावनाओं सहित सभी किसानों, उनके प्रतिनिधियों, जनपतिनिधियों से प्राप्त अभ्यावेदनाेंं का सूक्ष्मता से अध्ययन किया गया। सुनवाई के क्रम में नौतन अंचल के पटजिरवा, सूरजपुर, मसानढ़ाब, मंगलपुर एवं श्रीनगर के किसानों द्वारा व्यक्तिगत रूप से साक्षात्कार कर यह बताया गया कि उनका क्षेत्र दियारा क्षेत्र है जहाँ से उनके द्वारा उत्पादित गन्ने के निष्पादन में कठिनाई होती है। उन्हें अपने गन्ने की बिक्री हेतु पड़ोसी जिले के चीनी मिलों तक जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में उनके द्वारा गन्ने के क्रय की समुचित व्यवस्था करने की माँग की गयी थी।

संयुक्त क्षेत्रीय विकास परिषद्‌, पष्चिम चम्पारण द्वारा किये गये अनुषंसा का भी अवलोकन किया गया। समीक्षा के क्रम में यह स्पष्ट हुआ कि यह चीनी मिल पष्चिम चम्पारण एवं पूर्वी चम्पारण दोनों जिलों के वार्डर पर स्थित है एवं उस आलोक में इस मिल का आरक्षित क्षेत्र दोनों जिलों में फैला हुआ है। पष्चिम चम्पारण जिला अन्तर्गत 180 ग्राम इस मिल को पराम्परागत रूप से आरक्षित होते आ रहे हैं तथा उसके साथ पष्चिम चम्पारण के 15 अतिरिक्त ग्राम एवं पूर्वी चम्पारण जिले के 124 ग्राम भी अपराम्परागत्‌ रूप में इस मिल को आरक्षित होते आ रहे हैं जिसमें लगभग 2,10,000 एकड़ से भी अधिक खेती योग्य भूमि की उपलब्धता है। उपलब्ध कृृषि योग्य भूमि में पेराई सत्र 2017-18 के लिए मात्र 52102.92 एकड़ भूमि में ही ईख का आच्छादन है जिसमें इस मिल को औसतन 140 क्ंिवटल/एकड़ सप्लाई इल्ड की दर से लगभग 72.94 लाख क्ंिवटल गन्ने की उपलब्धता रहेगी, जो इसके लिए निर्धारित NCR 57.44 लाख क्ंिवटल से काफी अधिक है।

इस मिल के पेराई सत्र 2016-17 के कार्य-कलाप की समीक्षा करने से यह स्पष्ट होता है कि 2016-17 में इस चीनी मिल के आरक्षित क्षेत्र में 49386.04 एकड़ भूमि में ईख का आच्छादन था। इस मिल द्वारा मात्र 49.98 लाख क्ंिवटल गन्ने की पेराई की गयी अर्थात्‌ सप्लाई इल्ड मात्र 101.20 क्ंिवटल/एकड़ रहा। इतना कम औसत सप्लाई इल्ड इस मिल के आरक्षित क्षेत्र के किसानों के लिए किसी भी प्रकार से लाभकारी प्रतीत नहीं होता है। आवष्यकता है कि इस मिल के लिए गठित किये जाने वाले आरक्षित क्षेत्र में मिल के सक्रिय एवं सार्थक सहयोग से सघन ईख विकास के कार्यक्रम चलाये जाए। वैसी स्थिति में ही ईख अधिनियम के प्रावधान के अन्तर्गत क्षेत्र आरक्षित किये जाने के उद्देष्य की पूर्ति हो पायेगी।

समीक्षा के क्रम में यह भी परिलक्षित हुआ कि पष्चिम चम्पारण जिले में पाँच चीनी मिलें कार्यरत है तथा इस मिल के अलावे अन्य मिलों को गन्ने की खेती हेतु खेती योग्य भूमि का अभाव है।

चूँकि पूर्व से ही इस मिल को प॰ चम्पारण जिले में 180 ग्राम आरक्षित है अतः इसी जिले में अपराम्पागत्‌ रूप से और अतिरिक्त ग्राम आरक्षित किये जाने का कोई औचित्य प्रतीत नहीं होता है। पूर्वी चम्पारण जिले में पूर्व से इस मिल को 109 ग्राम आरक्षित है, जो इस मिल के निरंतरता में हैं। इन 109 ग्रामों में ईख विकास कार्यक्रम चलाकार यह मिल अपने पेराई क्षमता को बढ़ाकर (दो गुणा कर) भी गन्ने की आवष्यकता की पूर्ति कर सकती हैै।

उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में संबंधित सभी पक्षों को सुनने के पश्चात्‌ सम्यक विचारोपरान्त मेसर्स जय श्री सुगर्स लि॰, मंझौलिया, प॰ चम्पारण के पक्ष में पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 (पाँच वर्षो) के लिए पष्चिम चम्पारण जिलाॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 3 अन्तर्गत अनुसूची-''क''''क''''क''''क'' पर अंकित 10 ग्रामों को पराम्परागत रूप में एवं पूर्वी चम्पारण जिला अन्तर्गत अनुसूची-''ख''''ख''''ख''''ख'' पर अंकित 109 ग्रामों को अपराम्परागत रूप मेंं पेराई सत्र 2017-18 से 2019-20 (तीन वर्षो) के लिए आरक्षित किया जाता है।

आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, जितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंहजितेन्द्र कुमार सिंह,,,, ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार।ईखायुक्त, बिहार। जय श्री सुगर मिल्स लि॰, मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक परम्परागत रूप से जय श्री सुगर मिल्स लि॰, मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक परम्परागत रूप से जय श्री सुगर मिल्स लि॰, मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक परम्परागत रूप से जय श्री सुगर मिल्स लि॰, मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2021-22 तक परम्परागत रूप से आरक्षित 10 ग्रामों की सूची :-आरक्षित 10 ग्रामों की सूची :-आरक्षित 10 ग्रामों की सूची :-आरक्षित 10 ग्रामों की सूची :- अनुसूची -'क'अनुसूची -'क'अनुसूची -'क'अनुसूची -'क'

जिला का नाम प्रखण्ड का नाम क्रमांक ग्राम का नाम राजस्व थाना सं॰
1 2 3 4 5
प॰ चम्पारण चनपटिया 01. बेतिया डीह 128
02. वानूछापर 129
03. छावनी 127
04. वरोहिया 73
05. मोतीछापर 75
06. भरवलिया 144
07. मथौली 139
08. भंगहा 74
मझौलिया म म म झौलिया 09. परसा केषोवन 291
10. करमवा 288

जय श्री सुगर मिल्स लि॰,मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2019-20 तक अपरम्परागत रूप से जय श्री सुगर मिल्स लि॰,मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2019-20 तक अपरम्परागत रूप से जय श्री सुगर मिल्स लि॰,मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2019-20 तक अपरम्परागत रूप से जय श्री सुगर मिल्स लि॰,मझौलिया को पेराई सत्र 2017-18 से 2019-20 तक अपरम्परागत रूप से आरक्षित 109 ग्रामों की सूची :-आरक्षित 109 ग्रामों की सूची :-आरक्षित 109 ग्रामों की सूची :-आरक्षित 109 ग्रामों की सूची :- अनुसूची-'ख'अनुसूची-'ख'अनुसूची-'ख'अनुसूची-'ख'

जिला का नाम प्रखण्ड का नाम क्रमांक ग्राम का नाम राजस्व थाना सं॰
1 2 3 4 5
पूर्वी चम्पारण पूर्वी पूर्वी पूर्वी चम्पारण अरेराज 01. चटिया (उत्तरी भाग) 28
02. ममरखा (टोला भैया) 29
03. ममरखा 30
04. गुजरवलिया 31
05. खजूरिया 60
06. कमलुआ 61
07. दामोदरपुर 62
08. सिसवा 63
09. होरिल छपरा 64
10. पुरन्दरपुर 65
11. सिरनी 66
12. वेलही 67
13. नगदाहा 68
14. मिश्रोलिया 69
15. बथना 70
16. लोकनाथपुर 71
17. टोलावन पाण्डेय 72
18. सखवाँ 73
19. सरैया 74
20. चैनपुर 75
21 पिपरा 76
22. टिकुलिया 77
23. परसा 78
24. वभनौली 79
25. रामपुर छपकहियाँ 80
26. कौआहा 81
27. मंगूराहा 82
28. रढ़िया 83
29. राजेपुर 86
30. मिश्ररौलिया 87
31. हरदिया 88
32. लौरिया 89
33. झखरा 90
34. सलहाँ 91
35. कोहवरवा 92
36. गुरहाँ 93
37. इन्दुटोला 94
38. भेलानारी 95
39. जितवारपुर 96
40. मोहम्मदपुर 97
41. नवादा, गोविन्दगंज (पष्चिमी भाग) 98
42. संग्रामपुर (पष्चिमी भाग) 172
43. खजूरिया 141
44. बहादुरपुर 101
45. जनेरवा 103
पूर्वी चम्पारण पहाड़पुर 46. एराजी टिकुलिया 44
47. टिकुलिया 45
48. पहाड़पुर 36
49. लखनीपुर 35
50. गोवर्धनपुर 58
51. ग गा पीपरा ं 57
52. नीरपुर 84
53. खैरवा 43
54. कोटवा 59
55. वरकुरवा 34
56. सोनवल अहिरौलिया 37
57. इंगलिश 38
58. वनकटवा 85
59. अमवा निजामत 41
60. अमवा 40
61. परसौनी 42
62. कमाल पीपरा 50
63. टिकुलिया 45
64. भाजा छापर 47
65. बबरईया 48
66. वतरवलिया 51
67. बनकटवा 85
68. रायकररिया 114
हरसिद्धि 69. जगदीषपुर 49
70. कृत्तपुर 52
71. कृत्तपुर टोला इंगलिष 53
72. गड्‌डूपुर 54
73. माधोपुर 55
74. कृतपुरबन्दोवस्तमी मठिया 56
75. चरनहिया 106
76. कोईरीपाकर 107
77. हसुॅआहा 140
78. बगहा 112
79. रामनगर 143
80. विषुनपुर ननकार 144
पहाड़पुर 81. नोनिया 1
82. रघुनाथपुर 2
83. पंडितपुर 3
84. लगुनिया 4
85. लॉकाहाँ 6
86. इनारवरवाँ 7
87. बनकट 8
88. विशुनपुर मटियरवा 9
89. वृती टोला 10
90. सरैया खास 11
91. सरैयाटोला सेनुआर 12
92. मंगुराहा 13
93. दुधियॉवा 14
94. एकडेरवा 15
95. अहिरवलिया (सोनवल) 16
96. सोनवल सरैया 17
97. सरेयाटोला मठिया 18
98. खैरा चौवे 19
99. खैरवा 20
100. रकवा मंझरिया 21
101. सरहंगी छाप 22
102. बलुआ वृतिटोला 23
103. रेखा सरैया 24
104. टोक वरवलिया 25
105. भरवलिया 26
106. मेझरिया 27
107. तेजपुरवा 32
108. सोनवल 33
109. नौवाडीह 39
4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 11 अ(cid:15)तूबर 2017 5

———

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Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 11 October 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-10-11.942/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-10-11.942.