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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 13 October 2017

Published 13 October 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-10-13.960
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत

21 \०ीन 1(cid:22)3(cid:22) (cid:24)श(cid:25)(cid:26)

(स(cid:27)(cid:25) पटन(cid:4) (cid:22)(cid:29)(cid:25)) पटन(cid:4)(cid:30) श१ व(cid:4)र(cid:30) 13 अ(cid:23)तूबर 2(cid:25)1" सं॰ 11/आ0नी0-I-06/2017-13062/सा0प्र0 lkekU; iz'kklulkekU; iz'kklulkekU; iz'kklulkekU; iz'kklu foHkkxfoHkkxfoHkkxfoHkkx ——— ladYiladYiladYiladYi 12 vDrwcj12 vDrwcj12 vDrwcj12 vDrwcj 2017201720172017 विषय :- दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत सरकारी सेवाओं की नियुक्ति एवं शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में दिव्यांगों को आरक्षण के संबंध में।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली के अर्द्ध सरकारी पत्र दिनांक-27.04.

2017 द्वारा पूर्व में निर्गत सभी अनुदेशों को समेकित करते हुए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अधीन लाने और प्रक्रियात्मक मसलों सहित कुछ मुद्‌दों को स्पष्ट करने की दृृष्टि से एक समेकित अनुदेश निर्गत किया गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत दिव्यांगजन को सेवाओं में 3 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के स्थान पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण अनुमान्य कराया गया है।

2. अतः भारत सरकार द्वारा लिये गए उपर्युक्त निर्णय के आलोक में राज्य सरकार द्वारा भी राज्य सरकार के सभी पदों एवं सेवाओं में दिव्यांगजनों को 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण अनुमान्य कराते हुए पूर्व के निर्गत सभी निदेशों को एकीकृत कर एक समेकित निदेश निर्गत किया जाना आवश्यक है, जिसके अन्तर्गत निम्नांकित तथ्यों के समावेशन का निर्णय लिया गया है :-

(i) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा-34 के तहत राज्य सरकार के सभी विभागों/कार्यालयों/राजकीय लोक उपक्रमों/निगमों/निकायों/बोर्डों के सभी प्रकार के पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में दिव्यांगों के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाय। यह आरक्षण अलग से नहीं बल्कि चयनित दिव्यांग जिस श्रेणी से संबंधित होंगे, उनका सामंजन उसी श्रेणी के विरूद्ध किया जायेगा। अर्थात आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यन्त पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग) के दिव्यांग संगत आरक्षित वर्ग से और गैर आरक्षित वर्ग के दिव्यांग अभ्यर्थी गैर आरक्षित वर्ग के विरूद्ध सामंजित किये जायेंगे।

(ii) गुणागुण (मेरिट) के आधार पर दिव्यांगों की गणना गैर आरक्षित वर्ग के अन्तर्गत की जायेगी।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24) (iii) दिव्यांगों के लिए आरक्षण का प्रावधान यद्यपि कंडिका-(1) में उल्लिखित सेवाओं एवं संगठनों के सभी प्रकार के पदों एवं सेवाओं में किया गया है, फिर भी यदि उसमें दिव्यांगों के लिए आरक्षण उपयुक्त नहीं समझा जाता हो, तो संबंधित नियुक्ति पदाधिकारी द्वारा उसे दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 से मुक्त रखने संबंधी प्रस्ताव के साथ यह भी प्रस्ताव दिया जायेगा कि हस्तगत नियुक्ति में दिव्यांगों को आरक्षण नहीं देने की स्थिति में होने वाली क्षति के उक्त पद के समकक्ष पद पर होने वाली अन्य नियुक्ति (जो दिव्यांगों के योग्य हो) से पूरा कर लिया जायेगा। उक्त प्रस्ताव को राज्य सरकार द्वारा इस उद्देश्य हेतु गठित निम्न समिति के समक्ष रखा जायेगा :-

(क) मुख्य सचिव (ख) प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (ग) प्रधान सचिव/सचिव, समाज कल्याण विभागं (घ) प्रधान सचिव/सचिव, स्वास्थ्य विभाग (ड़) संबंधित विभाग के सचिव/विभागाध्यक्ष (च) निःशक्तता आयुक्त

समिति की अनुशंसा के उपरान्त राज्य सरकार के अनुमोदनोपरान्त उक्त पदों को आरक्षण से विमुक्त समझा जायेगा।

(iv) दिव्यांगता की परिभाषाएं -

(a)(क) अंधापन - ''अंधापन'' का अभिप्राय जब कोई व्यक्ति निम्नलिखित परिस्थितियों से ग्रसित हो।

(ख) दृृष्टि का पूर्ण अभाव, अथवा (ग) बेहतर आँख में दृष्टि सुधारने वाले लेंसों के साथ दृृष्टि विमलता 6/60 अथवा 20/200 (स्नेलैन) से अनाधिक, अथवा

(घ) दृृष्टि क्षेत्र की सीमा जिससे 20 डिग्री का कोण व्याप्त हो अथवा इससे बदतर, (ड़) कम दृष्टि - ''कम दृष्टि वाले व्यक्ति'' से वह व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसकी दृृष्टिक क्रिया उपचार के अथवा मानक परावर्तित सुधार करवाने के बाद भी खराब हो, परन्तु जो समुचित सहायक यंत्र से किसी काम की योजना बनाने अथवा उसे निष्पादित करने में दृष्टि का प्रयोग करता हो अथवा उसका प्रयोग करने में सम्भावनीय रूप से समर्थ हो,

(च) तेजाब अटैक से दृष्टि बाधित होने पर।

(b)(क) कम सुनाई देने की दिव्यांगता - ''कम सुनाई देने की दिव्यांगता'' से-बेहतर कान में बातचीत स्वरूप की श्रेणी की आवृत्तियों में 60 (साठ) डेसिबल अथवा उससे अधिक का लोप अभिप्रेत है।

(ख) तेजाब अटैक से मूक बधिर होने पर।

(c)(क) चलने-फिरने की दिव्यांगता - ''चलने-फिरने की दिव्यांगता'' से-हडि्‌डयों, जोड़ों अथवा मांशपेशियों की दिव्यांगता (बौनापन सहित) अथवा किसी भी तरह का प्रमस्तिष्कीय पक्षघात (फालिज) अभिप्रेत है, जिससे अंगों के हिलने-डुलने में अत्यधिक बाधा हो। (ख) प्रमस्तिष्कीय पक्षघात (फालिज) - ''प्रमस्तिष्कीय पक्षघात (फालिज)'' से-किसी व्यक्ति की गैर विकासोन्मुख स्थितियों का समूह अभिप्रेत है, जो जन्म से पूर्व, जन्म के आस-पास अथवा विकास की आरंभिक अवधि में घटित मस्तिषक आघात अथवा चोटों के परिणाम स्वरूप चलने-फिरने की असामान्य नियंत्रण भागीता के रूप में परिलक्षित होता है। (ग) शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के सभी मामले, चलने-फिरने की दिव्यांगता अथवा प्रमस्तिष्कीय पक्षघात (फालिज) की श्रेणी के अन्तर्गत आयेंगे।

(घ) तेजाब अटैक से चलन दिव्यांगता।

(d)(क) मनोविकार - ''मनोविकार'' से अभिप्रेत है सभी प्रकार के मनोरोग।

(ख) तेजाब अटैक से उत्पन्न मनोविकार।

(v) आरक्षण के लिए दिव्यांगता की मात्रा - केवल ऐसे व्यक्ति सेवाओं/पदों में आरक्षण के लिए पात्र होंगे, जो कम से कम 40 प्रतिशत संगत दिव्यांगता से ग्रस्त हों। जो व्यक्ति आरक्षण का लाभ उठाना चाहते हों, उन्हें अनुबंध-I में दिये गए प्रारूप में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24) (vi) दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए सक्षम प्राधिकारी - दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा विधिवत्‌ रूप से गठित मेडिकल बोर्ड, सक्षम प्राधिकारी होगा। केन्द्र/राज्य सरकार मेडिकल बोर्ड का गठन कर सकती है, जिसमें कम से कम तीन सदस्य होंगे। इन सदस्यों में कम से कम मूक सदस्य, चलन-फिरने की दिव्यांग, कम सुनाई देने की दिव्यांग, मनोविकार, जैसा भी मामला हो, का मूल्याकन करने के लिए क्षेत्र विशेष का विशेषज्ञ होना चाहिए (दिव्यांगता प्रमाण-पत्र का प्रपत्र संलग्न)।

(vii) मेडिकल बोर्ड समुचित जाँच पड़ताल के पश्चात्‌ स्थायी दिव्यांगता के ऐसे मामलों में स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करे, जहाँ दिव्यांगता की मात्रा में परिवर्तन होने की कोई गुंजाइश न हो। मेडिकल बोर्ड ऐसे मामलों में प्रमाण-पत्र की वैधता की अवधि इंगित करे, जिनमें दिव्यांगता की मात्रा में परिवर्तन होने की गुंजाइश हो। दिव्यांगता प्रमाण-पत्र के जारी किये जाने से तबतक इन्कार नहीं किया जायेगा, जबतक आवेदक को उसका पक्ष सुनने का अवसर न दे दिया जाय। आवेदक द्वारा अभ्यावेदन देने के पश्चात्‌ मेडिकल बोर्ड मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णय की समीक्षा कर सकता है और इस मामले में अपने विवेकानुसार आदेश दे सकता है।

(viii) तत्कालीन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग सम्प्रति सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्रावधानित आदर्श रोस्टर के आलोक में उक्त दिव्यांगों को निम्नांकित श्रृृंखला के अन्तर्गत आरक्षण देय होगा :- (क) दृृष्टि दिव्यांगता - रोस्टर बिन्दु-01 से 25 तक = 01 पद (ख) मूक बधिर दिव्यांगता - रोस्टर बिन्दु-26 से 50 तक = 01 पद (ग) चलन दिव्यांगता - रोस्टर बिन्दु-51 से 75 तक = 01 पद। (घ) मनोविकार दिव्यांगता - रोस्टर बिन्दु-76 से 100 तक = 01 पद। यदि किसी समव्यहार में रोस्टर बिन्दु-13 तक व्यवहृत हो रहा हो तथा उसके विरूद्ध आरक्षण के आधार पर दृष्टि दिव्यांगता से ग्रसित एक उम्मीदवार चयनित हो जाता है, तो अगले रोस्टर बिन्दु-25 तक किसी अन्य दृष्टि दिव्यांग उम्मीदवार हेतु आरक्षण देय नहीं होगा। इसी क्रम में रोस्टर बिन्दु-38, 63 एवं 88 तक क्रमशः मूक बधिर दिव्यांग, चलन दिव्यांग एवं मनोविकार दिव्यांग उम्मीदवार चयनित हो जाते हैं, तो क्रमशः रोस्टर बिन्दु-50, 75 एवं 100 तक अन्य दिव्यांग उम्मीदवार हेतु आरक्षण देय नहीं होगा।

परन्तु यदि किसी स्थापना में रिक्तियों की प्रकृृति ऐसी हो कि किसी निश्चित प्रवर्ग के उम्मीदवार को नियोजित नहीं किया जा सकता है, तो रिक्तियां सरकार के पूर्व अनुमोदन से चारों प्रवर्गों के बीच परस्पर परिवर्तित की जा सकेंगी।

किसी सेवा संवर्ग में की गई नियुक्ति प्रोन्नति के तुरत बाद अलग रोस्टर पंजी में उसकी प्रविष्टि की जायेगी और दिव्यांगता से ग्रस्त उपर्युक्त चारों श्रेणियों के जिस व्यक्ति की नियुक्ति/प्रोन्नति जिस रोस्टर बिन्दु के विरूद्ध की गई है, वहां उनकी प्रविष्टि की जाय और अभ्युक्ति कॉलम में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जायेगा कि इनकी नियुक्ति/प्रोन्नति दिव्यांग कोटि के अन्तर्गत की गई है (दिव्यांगता से ग्रसित अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण रोस्टर प्रपत्र संलग्न)।

(ix) जहाँ किसी भर्त्ती वर्ष में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा-34 के अधीन किसी रिक्ति के विरूद्ध उपर्युक्त दिव्यांग व्यक्ति की अनुपलब्धता के कारण या किन्ही अन्य पर्याप्त कारण से भरा नहीं जा सकता है, तो इसे उसी समव्यवहार में चारों प्रवर्गों के बीच परस्पर परिवर्तन द्वारा भरा जा सकेगा और केवल तभी जब उस वर्ष में पद के लिए कोई दिव्यांग व्यक्ति उपलब्ध नहीं है, नियोजक दिव्यांग व्यक्ति से भिन्न किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति करके रिक्ति को भरेगा, वहां ऐसी रिक्ति अगले वर्ष में अग्रणित नहीं की जायेगी।

(x) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा-32 में निहित प्रावधानों के अनुरूप यह निदेश दिया जाता है कि राज्य सरकार के अधीन शैक्षणिक संस्थानों में तथा ऐसे सभी शैक्षणिक संस्थानों में, जिन्हें राज्य सरकार से सहायता मिली हो, नामांकन में दिव्यांगों के लिए 4 प्रतिशत स्थान आरक्षित रहेंगे। यह आरक्षण भी दिव्यांगता आधारित होगा, जातिगत आधारित नहीं होगा। नामांकन हेतु चयनित दिव्यांग उम्मीदवार जिस आरक्षित/गैर आरक्षित वर्ग का होगा, उसकी गणना उसी आरक्षित/गैर आरक्षित वर्ग के विरूद्ध होगी। शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन हेतु दिव्यांग किसे कहा जायेगा तथा विभिन्न प्रकार के दिव्यांगों के लिए आरक्षण की क्या व्यवस्था होगी, इस संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के प्रावधानों का अनुपालन किया जायेगा।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24) (xi) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का मूल उद्देश्य सरकारी नियोजन में अविभेद (Non discrimination in Gov. Employment) है, जिसके अनुसार दिव्यांगता किसी व्यक्ति की सेवा में नियुक्ति/प्रोन्नति में बाधक नहीं होगी तथा दिव्यांगता के आधार पर किसी को मूल अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकेगा। दिव्यांगता के कारण किसी व्यक्ति विशेष के धारित पद के योग्य नहीं रहने पर उन्हंंें अतिरिक्त पद पर तबतक समायोजित रखा जा सकता है, जबतक कि उनके लिए उपयुक्त पद प्राप्त न हो जाये अथवा वे सेवानिवृृत्ति की उम्र को प्राप्त नहीं कर लें।

(xii) आयु सीमा में छूट ः- सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित एवं समय-समय पर यथा संशोधित अधिकतम आयु सीमा के अतिरिक्त खुले प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर होने वाली नियुक्ति में सभी पदों एवे वर्गों के लिए दिव्यांगता के आधार पर अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्षों की छूट रहेगी, जबकि सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर नियुक्ति की स्थिति में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्षों की छूट रहेगी।

(xiii) श्रुतिलेखक उपलब्ध कराने के संबंध में :- विभिन्न प्रकार की परीक्षाओं में परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था द्वारा दृृष्टिहीन या कम दृृष्टि वाले परीक्षार्थियों को श्रुतिलेखक की व्यवस्था की जायेगी। श्रुतिलेखक की शैक्षणिक योग्यता आयोजित परीक्षा (जिसमें परीक्षार्थी सम्मिलित होने वाला है) से एक स्तर नीचे होगा।

श्रुतिलेखक के पारिश्रमिक का भुगतान प्रति पाली 100/- (एक सौ) रुपये मात्र की दर से परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था द्वारा देय होगा।

दृृष्टीहीन अथवा कम दृष्टि वाले परीक्षार्थी को संबंधित परीक्षा हेतु निर्धारित समय के साथ-साथ प्रति घण्टा 15 मिनट के दर से न्यूनतम 15 मिनट तथा अधिकतम 45 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान किया जायेगा।

(xiv) अर्हतांक में छूट ः- सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित एवं समय-समय पर यथा संशोधित अर्हतांक में छूट के अतिरिक्त खुली प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर होने वाली नियुक्ति में सभी पदों एवं वर्गों के लिए दिव्यांगता के आधार पर अर्हतांक अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/महिला अभ्यर्थियों के समतुल्य न्यूनतम 32 प्रतिशत निर्धारित किया जायेगा।

(xv) कम्प्यूटर सक्षमता परीक्षा में उत्तीर्णता संबंधी शर्त्तों से विमुक्ति :- पूर्णतः दृृष्टि दिव्यांग (पूर्ण अंधेपन से ग्रसित) तथा एक हाथ अथवा दोनों से दिव्यांग कर्मियाें को कम्प्यूटर सक्षमता जाँच परीक्षा में उत्तीर्णता संबंधी शर्त्तों से विमुक्ति दी जायेगी।

(xvi) परीक्षा शुल्क में छूट :- सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निर्धारित एवं समय-समय पर यथा संशोधित परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त खुले/सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर होने वाली नियुक्ति में सभी पदों एवं वर्गों के लिए दिव्यांगता के आधार पर परीक्षा शुल्क अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के समतुल्य अर्थात गैर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित शुल्क का एक चौथाई देय होगा।

(xvii) दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए होरिजेन्टल आरक्षण :- दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए प्रस्तावित 4 प्रतिशत (प्रत्येक प्रवर्ग को एक प्रतिशत) आरक्षण क्षैतिज आरक्षण है तथा चयनित दिव्यांग अभ्यर्थी, जिस कोटि से संबंध रखते होंगे, उनका समायोजन उसी संगत कोटि (आरक्षित/गैर आरक्षित) में की जायेगी। चयनित दिव्यांग अभ्यर्थी का समायोजन उस समव्यवहार में उससे संबंधित प्रयुक्त होने वाले अंतिम रोस्टर बिन्दु के विरूद्ध किया जायेगा।

यदि चयनित दिव्यांग अभ्यर्थी के लिए उस समव्यवहार में कोई भी रिक्ति उपलब्ध नहीं होगी, तो ऐसे अभ्यर्थी का समायोजन भविष्य में उपलब्ध होने वाली रिक्ति के विरूद्ध किया जायेगा। (xviii) उपयुक्तता मानदण्डों में छूट :- यदि दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए आरक्षित सभी रिक्तियों को भरने के लिए सामान्य मानदण्डों के आधार पर इस श्रेणी के उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो इनके लिए आरक्षित शेष रिक्तियों को भरने के लिए मानदण्डों में ढील देकर इस श्रेणी के उम्मीदवारों का चयन किया जाय, बशर्त्तें कि वे ऐसे पद अथवा पदों के लिए अनुपयुक्त न हों। इस प्रकार यदि दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए आरक्षित सभी रिक्तियों को सामान्य मानदण्डों के आधार पर नहीं भरा जा सके, तो आरक्षित5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24) कोटा में कमी को पूरा करने के लिए इन श्रेणियों में उम्मीदवारों का मानदण्डों को शिथिल करके चयन कर लिया जाय, बशर्त्तें कि विचाराधीन पद/पदों पर नियुक्ति हेतु उम्मीदवार उपयुक्त पाए जाएँ।

(xix) दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के निहित प्रावधानों के आलोक में प्रत्येक विभाग/कार्यालय/संस्थान आदि द्वारा दिव्यांगजनों के शिकायतों के निवारण हेतु एवं एतद्‌ संबंधी आरक्षण की देख-रेख हेतु शिकायत निवारण पदाधिकारी की नियुक्ति की जायेगी। 3. एतद्‌ संबंधी पूर्व निर्गत आदेश/संकल्प/परिपत्र आदि के असंगत अंश (यदि हों) इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे। किसी बिन्दु पर विभेद होने की स्थिति में एतद्‌ संबंधी पूर्व निर्गत मूल आदेशों/परिपत्रों आदि का अवलोकन किया जा सकता है। आवश्यकतानुसार सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना से परामर्श भी प्राप्त किया जा सकता है।

यह आदेश तुरंत प्रभावी होगा। आदेश- आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय और इसकी प्रति महालेखाकार, बिहार, पटना/लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना/कर्मचारी चयन आयोग, बिहार, पटना/बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद, पटना/केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती)/पिछड़े वर्गो के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना/अति पिछड़े वर्गो के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना/राज्य महादलित आयोग, बिहार, पटना/राज्यपाल सचिवालय, बिहार, पटना/बिहार विधान सभा सचिवालय, पटना/बिहार विधान परिषद्‌ सचिवालय, पटना/सभी विभागाध्यक्ष/सभी प्रमण्डलीय आयुक्त एवं सभी जिला पदाधिकारी को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।

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6 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24)

अनुबन्ध-I संस्थान/अस्पताल का नाम और पता

प्रमाण-पत्र सं0-.................तारीख-.............................

दिव्यांगता प्रमाण-पत्र

चिकित्सा बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा विधिवत प्रमाणित उम्मीदवार का हाल का फोटो जो उम्मीदवार की दिव्यांगता दर्शाता हो। प्रमाणित किया जाता है कि श्री/श्रीमती/कुमारी..........................................सुपुत्र/पत्नी/सुपुत्री................................................... आयु................................लिंग..........................................................पहचान चिन्ह....................................निम्नलिखित श्रेणी की स्थायी दिव्यांगता ग्रस्त है :-

(क) गति विषयक (लोकोमोटर) अथवा प्रमस्तिष्कीय पक्षाघात (फालिज)

(i) दोनों टांगे (बी एल)--दोनों पैर प्रभावित किन्तु हाथ प्रभावित नहीं

(ii) दोनों बांहे (बी ए)--दोनों बाहें प्रभावित (क) दुर्बल पहुँच (ख) कमजोर पकड़

(iii) दोनों टांगे और बाहें (बी एल ए)--दोनों टांगे और दोनों बाहें प्रभावित

(iv) एक टांग (ओ एल)--एक टांग प्रभावित (दायां या बाया) (क) दुर्बल पहुँच (ख) कमजोर पकड़ (ग) गति विभ्रम (अटैक्सिस)

(v) एक बांह (ओ ए)--एक बाह प्रभावित--(क) दुर्बल पहुँच (ख) कमजोर पकड़ (ग) गति विभ्रम (अटैक्सिस)

(vi) पीठ और नितम्ब (बी एस)--पीठ और नितम्ब में कड़ापन (बैठ और झुक नहीं सकते)।

(vii) कमजोर मांस पेशियां (एम डब्ल्यू)--मांस पेशियों में कमजोरी और सीमित शारीरिक सहनशक्ति। (viii) तेजाब अटैक से चलन दिव्यांगता

(ख) अंधापन अथवा अल्प दृष्टि--

(i) बी--अंधता

(ii) पी बी--आंशिक रूप से अंधता

(iii) तेजाब अटैक से दृष्टि दिव्यांगता

(ग) कम सुनाई देना

(i) डी--बधिर

(ii) पी डी--आंशिक रूप से बधिर

(iii) तेजाब अटैक से मूक बधिर दिव्यांगता

(घ) मनोविकार

(i) सभी प्रकार के मनोरोग

(ii) तेजाब अटैक से उत्पन्न मनोविकार (उस श्रेणी को हटा दें, जो लागू न हो)

2. यह स्थिति में प्रगामी है गैर प्रगामी है/इसमें सुधार होने की संभावना है/सुधार होने की संभावना नहीं है। इस मामले का पुनर्निधारण किये जाने की अनुशंसा नहीं की जाती/........................वर्षों..........................महीनों की अवधि के पश्चात्‌ पुनर्निधारण किये जाने की अनुशंसा की जाती है।

3. उनके मामले में दिव्यांगता का प्रतिशत..........................है।7 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24) 4. श्री/श्रीमती/कुमारी...................................................अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन के लिए निम्नलिखित शारीरिक अपेक्षाओं को पूरा करते/करती है :-

(i) एफ--अंगुलियों को चलाकर कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(ii) पी पी--धकेलने और खींचने के जरिये कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(iii) एल--उठाने के जरिये कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(iv) के सी--घुटनों के बल झुकने और दबक कर कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(v) बी--झुक कर कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(vi) एस--बैठकर कार्य कर सकते/सकती है--हां/नहीं

(vii) एस टी--खडे होकर कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(viii) डब्ल्यू--चलते हुए कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(ix) एस ई--देख कर कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(x) एच--सुनने/बोलने के जरिये कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(xi) आर डब्ल्यू--पढ़ने और लिखने के जरिये कार्य कर सकते/सकती हैं--हां/नहीं

(डॉ...............................) सदस्य, चिकित्सा बोर्ड

(डॉ...............................) सदस्य, चिकित्सा बोर्ड

(डॉ...............................) सदस्य, चिकित्सा बोर्ड

(डॉ...............................) अध्यक्ष, चिकित्सा बोर्ड

चिकित्सा अधीक्षक/मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ अस्पताल के मुखिया द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित (मुहर सहित)

*जो लागू न हो काट दें।8 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24)

ANNEXURE – I

Name and Address of the Institute/Hospital………………………………………………

Certificate No……………………………………….. Date……………….

DISABILITY CERTIFICATE

Recent Photograph

of the Candidate

showing the

disability duly

attested by the

Chairperson of the

Medical Board This is certified that Shri/Smt./Kum…………………………………………………………

Son/wife/ daughter of Shri………………………………………………………age………………...

Sex………………………… identification mark(s)…………………………………………………is suffering from permanent disability of following catagory- A. Locomotor or cerebral palsy :-

(i) BL-Both legs affected but not arms. (ii) BA-Both arms affected (a) Impaired reach

(b) Weakness of grip

(iii) BLA- Both legs and both arms affected

(iv) OL- One leg affected (right or left)-

(a) Impaired reach (b) Weakness of grip (c) Ataxic

(v) OA-One arm affected (a) Impaired reach

(b) Weakness of grip

(c) Ataxic

(vi) BH-Stiff back and hips (Cannot sit or stoop)

(vii) MW-Muscular weakness and limited physical endurance.

(viii) Locomotor disability due to Acid attack

B. Blindness or Low Vision :-

(i) B-Blind

(ii) PB-Partially Blind

(iii) Blindness or Low Vision due to Acid attack

C. Hearing Impairment :-

(i) D-Deaf

(ii) PD-Partially Deaf

(iii) Deafness or Dumbness due to Acid attack

D. Mental Disorder :-

(i) All types of mental illness

(ii) Mental disorder due to Acid attack

(Delete the category whichever is not applicable)

2. This Condition is progressive/non-progressive/likely to improve/not likely to improve.

Re-assessment of this case is not recommended/is recommended after a period of……………….years………………..month.*9 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24) 3. Percentage of disability in his/her case is ……………percent.

4. Sri/Smt./Kum………………………………………….meets the following physical requirements for discharge of his/ her duties:-

(i) F-can perform work by manipulating with fingers Yes/No

(ii) PP-can perform work by pulling and pushing Yes/No

(iii) L- can perform work by lifting Yes/No

(iv) KC- can perform work by kneeling and crouching Yes/No

(v) B- can perform work by bending Yes/No

(vi) S- can perform work by sitting Yes/No

(vii) ST- can perform work by standing Yes/No

(viii) W- can perform work by walking Yes/No

(ix) SE- can perform work by seeing Yes/No

(x) H- can perform work by hearing/speaking Yes/No

(xi) RW- can perform work by reading and writing Yes/No

(Dr………………) Member Medical Board

(Dr………………) Member Medical Board

(Dr………………) Member Medical Board

(Dr……………) Chairperson Medical Board

Countersigned by the

Medical Superitendent/CMO/Head of Hospital

(with seal)

*strike out which is not applicable

10 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24)

दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए आरक्षण रोस्टर

अनुबन्ध-II

भर्त्ती का वर्ष साईकिल संख्या और पोइन्ट सं0 पद का नाम क्या दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए पद उपयुक्त पाया गया है अनारक्षित अथवा आरक्षित नियुक्त व्यक्ति का नाम और नियुक्ति की तारिख* क्या नियुक्त किया गया व्यक्ति दृृ0दि0/ब0दि0/ शा0दि0/म0दि0 अथवा इनमें से कोई नहीं** अभ्युक्ति यदि कोई हो
दृृ0दि0 ब0दि0 शा0दि0 म0दि0
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

* यदि आरक्षित पहचाने गए हों तो लिखे दृृ0दि0/ब0दि0/शा0दि0/म0दि0, जैसा कि मामला हो, अन्यथा लिखे अनारक्षित

** लिखे दृृ0दि0/ब0दि0/शा0दि0/म0दि0 अथवा इनमें से कोई नहीं, जैसा भी मामला हो। *** दृृ0दि0/ब0दि0/शा0दि0/म0दि0 का आशय दृृष्टि दिव्यांग, बधिर दिव्यांग, शारीरिक दिव्यांग और मानसिक दिव्यांग से है।11 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 13 [Çत३बर 2(cid:23)1(cid:24)

ANNEXURE – II

RESERVATION ROSTER FOR PERSONS WITH DISABILITIES --------------------------------------------------------------------------------------------------------------

Year of recruitment Cycle no. and Point no. Name of post Whether identified suitable for persons with disabilities suffering from Unreserved or Reserved Name of the person and date of appointment whether the person appointed is VD/HD/OD/MD or None Remarks if any
VD HD OD MD
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11

* If identified reserved, write VD/HD/OD/MD, as the case may be, otherwise write UR ** Write VD/HD/OD/MD or None, as the case may be.

*** VD/HD/OD/MD stands for Visually disabled, Hearing disabled, Orthopedically disabled and Mentally disabled.

———

[ध(cid:25)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१#ण(cid:4)लय(cid:16)

ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) 'क(cid:4)०शत eव* म१ॢ#त(cid:16) ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)960+5(cid:24)1+200+ड(cid:25)(cid:23)ट/(cid:23)प(cid:25)(cid:23)? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 13 October 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-10-13.960/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-10-13.960.