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laŒ v0fu0¼02½10@2013¼fu0la0½&1137—श्री वीरेन्द्र प्रसाद चौधरी, तत्कालीन सहायक अभियोजन श्री वीरेन्द्र प्रसाद चौधरी, तत्कालीन सहायक अभियोजन laŒ v0fu0¼02½10@2013¼fu0la0½& पदाधिकारी, जिला अभियोजन कार्यालय, बिहारशरीफ(नालन्दा) को जिला अभियोजन पदाधिकारी, बिहारशरीफ(नालन्दा) पदाधिकारी, जिला अभियोजन कार्यालय, बिहारशरीफ(नालन्दा) को जिला अभियोजन पदाधिकारी, बिहारशरीफ(नालन्दा) पदाधिकारी, जिला अभियोजन कार्यालय, बिहारशरीफ(नालन्दा) को जिला अभियोजन पदाधिकारी, बिहारशरीफ(नालन्दा) 2013 तथा जिला पदाधिकारी, बिहारशरीफ(नालन्दा) के 2013 एवं पत्रांक 596 दिनांक 11.09.2013 तथा जिला पदाधिकारी, बिहारशरीफ(नालन्दा) के के पत्रांक 583 दिनांक 30.08.2013 एवं पत्रांक 5 पत्रांक 732 दिनांक 16.05.2013 के आलोक में पूर्ण विचारोपरान्त अपने कर्त्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के 2013 के आलोक में पूर्ण विचारोपरान्त अपने कर्त्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के 2013 के आलोक में पूर्ण विचारोपरान्त अपने कर्त्तव्य से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के आरोप में अभियोजन निदेशालय की अधिसूचना ज्ञापांक 960 दिनांक 09 ल प्रभाव से निलंबित करते आरोप में अभियोजन निदेशालय की अधिसूचना ज्ञापांक 960 दिनांक 09.10.2013 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया तथा संयुक्त विभागीय जाँच आयुक्त, गया को हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया तथा संयुक्त विभागीय जाँच आयुक्त, गया को हुए इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्णय लिया गया तथा संयुक्त विभागीय जाँच आयुक्त, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच) मगध प्रमण्डल, गया-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 2147 दिनांक संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच) मगध प्रमण्डल, गया-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 2147 दिनांक संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच) मगध प्रमण्डल, गया-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 2147 दिनांक 01.09.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही सम्पन्न कर जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री चौधरी के विरूद्ध 2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही सम्पन्न कर जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री चौधरी के विरूद्ध 2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही सम्पन्न कर जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री चौधरी के विरूद्ध दिनांक 01.05.2013 से 28.09.2013 तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का प्रपत्र 'क' के आरोप को प्रमाणित पाया 2013 तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का प्रपत्र 'क' के आरोप को प्रमाणित पाया 2013 तक अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने का प्रपत्र 'क' के आरोप को प्रमाणित पाया से सहमत होकर लिये गये निर्णय के आलोक में श्री चौधरी से गया। फलतः संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सहमत होकर लिये गये निर्णय के आलोक में श्री चौधरी से गया। फलतः संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गई। श्री चौधरी के पत्रांक 2026 दिनांक 06 2015 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण द्वितीय कारण पृच्छा की माँग की गई। श्री चौधरी के पत्रांक 2026 दिनांक 06.06.2015 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में संचालन पदाधिकारी के जॉंच प्रतिवेदन को अविष्वनीय, असत्य, ठोस एवं प्रमाणित तथ् पृच्छा के जवाब में संचालन पदाधिकारी के जॉंच प्रतिवेदन को अविष्वनीय, असत्य, ठोस एवं प्रमाणित तथ्यों पर पृच्छा के जवाब में संचालन पदाधिकारी के जॉंच प्रतिवेदन को अविष्वनीय, असत्य, ठोस एवं प्रमाणित तथ् आधारित नहीं होने, भ्रामक, आरोपित पदाधिकारी के द्वारा समर्पित कार्य विवरणी को अनदेखा करने, जिला अभियोजन आधारित नहीं होने, भ्रामक, आरोपित पदाधिकारी के द्वारा समर्पित कार्य विवरणी को अनदेखा करने, जिला अभियोजन आधारित नहीं होने, भ्रामक, आरोपित पदाधिकारी के द्वारा समर्पित कार्य विवरणी को अनदेखा करने, जिला अभियोजन 2013 (दो दिन का) आकस्मिक अवकाष स्वीकृत करने, पदाधिकारी, नालन्दा द्वारा दिनांक 09.05.2013 से 10.05.2013 (दो दिन का) आकस्मिक अवकाष स्वीकृत करने, पदाधिकारी, नालन्दा द्वारा दिनांक 09 ने पर पुनः योगदान स्वीकृत करने, सही तथ्यों को छुपाकर अवकाष अवकाषोपरान्त तथा न्यायालय से जमानत मिलने पर पुनः योगदान स्वीकृत करने, सही तथ्यों को छुपाकर अवकाष अवकाषोपरान्त तथा न्यायालय से जमानत मिल आवेदन देने के संचालन पदाधिकारी का कथन गलत होने आदि का तथ्य प्रस्तुत किया गया है। आवेदन देने के संचालन पदाधिकारी का कथन गलत होने आदि का तथ्य प्रस्तुत किया गया है। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 8 नव(cid:15)बर 2017 निलम्बन अवधि में अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा" का दण्ड अधिरोपित किया गया है। दण्ड के बिन्दु पर बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। साथ ही, सरकार द्वारा सम्यक् विचारोपरांत दण्ड अधिरोपित करते हुए श्री चौधरी को निलम्बन से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
उक्त निर्णय एवं परामर्ष के आलोक में श्री वीरेन्द्र प्रसाद चौधरी, तत्कालीन सहायक अभियोजन पदाधिकारी, बिहारशरीफ(नालन्दा) सम्प्रति निलंबित को अधिसूचना निर्गत की तिथि से निलम्बन से मुक्त करते हुए "दो वेतन वृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध किये जाने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है एवं निलम्बन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा" का दण्ड श्री चौधरी को संसूचित करते हुए इस विभागीय कार्यवाही को निष्पादित किया जाता है।
श्री चौधरी को निदेश दिया जाता है कि अभियोजन निदेशालय, बिहार, पटना में अपना योगदान अविलम्ब समर्पित करेंगे।
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सरकार के संयुक्त सचिव-सह-संयुक्त निदेशक।
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