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विषय ः- सरकारी सेवकों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु जाँच/संचालन पदाधिकारी के रूप में सेवा-निवृत्त पदाधिकारियों को सूचीबद्ध करने हेतु प्रक्रिया का निर्धारण।
विभागीय कार्यवाहियों के त्वरित निष्पादन हेतु निर्गत विस्तृत दिशा-निर्देश के बावजूद अधिकतर विभागीय कार्यवाहियाँ काफी समय तक लम्बित रहती हैं, जिसके कारण कई निर्दोष सरकारी सेवक लंबे समय तक निलम्बित रहते है। समीक्षा के क्रम में स्पष्ट हुआ है कि विभागीय कार्यवाहियों के निष्पादन में विलंब के मुख्य कारणों में, संचालन पदाधिकारी के रूप में नियुक्ति हेतु पदाधिकारियों का अभाव, पदाधिकारियों की विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया से अनभिज्ञता, कार्यबोझ एवं अन्य आवश्यक कार्य में व्यस्तता आदि हैं।
2. आरोपित सरकारी सेवकों के विरूद्ध लम्बित विभागीय कार्यवाहियों के संचालन हेतु जाँच/संचालन पदाधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को सूचीबद्ध करने हेतु प्रक्रिया का अवधारण विचाराधीन है। 3. अतः सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की नियुक्ति, संचालन पदाधिकारी के रूप में करने के लिए आधार एवं प्रक्रिया निम्नलिखित रूप में अवधारित की जाती है :-
(i) प्रत्येक विभाग/संवर्ग नियंत्री प्राधिकार, विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु अवर सचिव अथवा समकक्ष पद से अन्यून पंक्ति के भारतीय प्रशासनिक सेवा, बिहार प्रशासनिक सेवा एवं बिहार सचिवालय सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की सूची संधारित करेगा। उक्त सूची की वैधता तीन वर्षाें के लिये होगी। उक्त सूची को अद्यतन रखना विभाग/संवर्ग नियंत्री प्राधिकार का दायित्व होगा। ऐसे सूचीबद्ध पदाधिकारियों की उम्र 65 वर्ष पूरी हो जाने पर उनका नाम सूची से हटा दिया जायेगा।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 9 नव(cid:19)बर 2(cid:21)1(cid:23) (ii) उपर्युक्त सूची निर्माण हेतु योग्यता के निम्नलिखित मानदण्ड पूरा करने वाले इच्छुक सेवानिवृत्त पदाधिकारियों के नामों पर विचार किया जा सकेगाः- (क) संचालन पदाधिकारी का दायित्व निभाने हेतु इच्छुक सेवानिवृत्त पदाधिकारी की उम्र सूचीबद्ध किये जाने के वर्ष की पहली अप्रैल को तिरसठ (63) वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए;
(ख) उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूर्णतः स्वस्थ्य होना चाहिए; (ग) उसे वित्तीय अनियमितता/गंभीर कदाचार के लिये कोई बृहत् दंड नहीं दिया गया हो, वर्त्तमान में उसके विरूद्ध कोई न्यायिक कार्रवाई/विभागीय कार्यवाही लंबित नहीं हो तथा उसकी सत्यनिष्ठा असंदिग्ध होनी चाहिए।
(iii) संबंधित संवर्ग नियंत्री प्राधिकार यथाशीघ्र उपर्युक्त योग्यताधारी इच्छुक सेवानिवृत्त पदाधिकारी से विहित प्रपत्र (अनुसूची-1) में आवेदन प्राप्त करने हेतु विज्ञापन प्रकाशित करायेगा।
(iv) विभागीय सचिव/प्रधान सचिव/संवर्ग नियंत्री प्राधिकार द्वारा उनकी अध्यक्षता में संयुक्त सचिव से अन्यून पंक्ति के पदाधिकारियों की एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया जायेगा, जिसका एक सदस्य अनिवार्य रूप से संबंधित विभाग के मुख्य निगरानी पदाधिकारी होंगे। अन्य सदस्य संबंधित विभाग अथवा उसके संलग्न कार्यालय से लिए जा सकते हैं। योग्य एवं इच्छुक सेवानिवृत्त पदाधिकारियों से प्राप्त आवेदन की जाँचोपरांत, उपर्युक्त समिति द्वारा पदसोपानवार, (यथा-अवर सचिव, उप सचिव, निदेशक, संयुक्त सचिव, अपर सचिव, विशेष सचिव अथवा समकक्ष पद) सूची अनुमोदित की जाएगी। भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को अपर विभागीय जाँच आयुक्त के रूप में नियुक्त करने हेतु सूचीबद्ध किया जाएगा। सूची निर्माण के क्रम में समिति द्वारा उपर्युक्त वर्णित योग्यता के आधार पर आवेदन पत्र की छंटनी की जायेगी एवं अंतर्वीक्षा के पश्चात् अंतिम सूची तैयार कर विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा। संबंधित विभाग द्वारा सूचीबद्ध ऐसे पदाधिकारियों के लिए बिपार्ड के माध्यम से विभागीय कार्यवाही के संबंध में, एक संक्षिप्त प्रशिक्षण की व्यवस्था, सामान्य प्रशासन विभाग के द्वारा, की जायेगी। ऐसे प्रशिक्षण में लगे व्यय का वहन संबंधित विभाग द्वारा किया जायेगा।
(v) किसी मामले में विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संचालन पदाधिकारी के रूप में नियुक्ति हेतु नाम का चयन उपर्युक्त पद्धति से तैयार सूची में से, अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा, किया जायेगा। (vi) विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथासंशोधित) के प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही का संचालन कर जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु मामलों को, अपर विभागीय जाँच आयुक्त के लिए सूचीबद्ध सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को हस्तान्तरित कर सकेगें।
(vii) उपर्युक्त पद्धति से सूचीबद्ध किसी सेवानिवृत्त पदाधिकारी को किसी वर्ष विशेष में 12 से अधिक विभागीय कार्यवाहियों में संचालन पदाधिकारी नहीं बनाया जायेगा। किसी भी समय उन्हें एक साथ चार से अधिक विभागीय कार्यवाहियाें के संचालन का दायित्व नहीं सौंपा जायेगा।
4. सेवानिवृत्त पदाधिकारियों को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति हेतु सेवा शर्त्तें :-
(i) सूचीबद्ध सेवानिवृत्त पदाधिकारी की सेवा, संचालन पदाधिकारी के रूप में लेने संबंधी नियुक्ति पत्र, संबंधित विभाग/कार्यालय के संवर्ग नियंत्री प्राधिकार/ अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत ही निर्गत किया जा सकेगा।
(ii) उपर्युक्त पद्धति से नियुक्त संचालन पदाधिकारी को यह शपथ पत्र देना होगा कि :-
(क) वह जाँचाधीन विभागीय कार्यवाही में न तो गवाह है न ही परिवादी है, साथ ही वह आरोपित सरकारी सेवक का निकट संबंधी अथवा मित्र भी नहीं है।
(ख) वह जाँचाधीन विभागीय कार्यवाही के दौरान प्राप्त अथवा संकलित, जाँच से संबंधित कागजात/सूचना/डाटा के संबंध में पूर्ण गोपनीयता बरतेगा एवं उसका उपयोग मात्र उसे सुपुर्द संबंधित विभागीय कार्यवाही हेतु ही करेगा।
(iii) संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँचाधीन विभागीय कार्यवाही के दौरान प्राप्त अथवा संकलित सभी कागजात/सूचना/डाटा को विभागीय कार्यवाही के दौरान अथवा जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने के पश्चात्, किसी भी परिस्थिति में प्रकट नहीं किया जायेगा। जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने के समय, जाँच से संबंधित सभी अभिलेख/रिपोर्ट को अनुशासनिक प्राधिकार को सौंप दिया जायेगा। (iv) संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही का संचालन, विभाग/संगठन द्वारा निर्धारित कार्यालय में, किया जायेगा, जिसके सुचारू संचालन हेतु अनुसचिवीय सहायता एवं संरचना उपलब्ध कराने का दायित्व संबंधित विभाग का होगा।
(v) संचालन पदाधिकारी अपनी नियुक्ति के चार माह से छः माह के भीतर, अपना जाँच प्रतिवेदन अनुशासनिक प्राधिकार को समर्पित करेगें।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 9 नव(cid:19)बर 2(cid:21)1(cid:23) (vi) संचालन पदाधिकारी को भुगतेय मानदेय एवं अन्य भत्ते निम्नवत होंगेः-
| मद/विवरण | प्रति कार्यवाही दर (रुपये में) | |||
| मद | कोटि | विभागीय कार्यवाही पूरा होने में लगा समय | अवर सचिव अथवा समकक्ष पद से अन्यून स्तर के पद से सेवानिवृत्त पदाधिकारी | संयुक्त सचिव अथवा समकक्ष पद से अन्यून स्तर के पद से सेवानिवृत्त पदाधिकारी |
| मानदेय | I | चार माह के अन्दर | रुपये 36000/- | रुपये 45000/- |
| II | छह माह के अन्दर | रुपये 30000/- | रुपये 36000/- | |
| परिवहन भत्ता | रुपये 15000/- प्रति कार्यवाही |
संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित एवं उसे अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा स्वीकृत किये जाने के पश्चात् ही मानदेय का भुगतान किया जा सकेगा। अगर किसी न्यायालय द्वारा लगाये गये स्थगनादेश अथवा अन्य आदेश के कारण विभागीय कार्यवाही का संचालन संभव नहीं हो तो संचालन पदाधिकारी को उक्त मामले के कार्य-दायित्व से मुक्त कर दिया जायेगा एवं मानदेय एवं अन्य भत्तों का भुगतान अनुपातिक आधार पर किया जायेगा। (vii) संचालन पदाधिकारी का यह दायित्व होगा कि वह मानदेय आदि प्राप्त करने से पूर्व सुनिश्चित करें किः-
(क) विभागीय कार्यवाही से संबंधित आदेश फलक (सभी मूल अभिलेख एवं अन्य कागजात सहित), जाँच प्रतिवेदन की तीन हस्ताक्षरित प्रति सहित, सुव्यवस्थित रूप में अनुशासनिक प्राधिकार को समर्पित किया जायेगा।
(ख) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियमावली), 2005 (समय-समय पर यथासंशोधित) एवं समय-समय पर निर्गत अन्य परिपत्र/मार्गदर्शन में विहित प्रक्रिया/विहित प्रावधानों के आलोक में प्रपत्र 'क' में लगाये गये आरोप के प्रत्येक मद की जाँच करते हुए, अपने निष्कर्ष का एवं आरोपित सरकारी सेवक द्वारा जाँच प्रक्रिया में उठाये गये प्रक्रियागत आपत्तियों का, वर्त्तमान नियमों एवं दिशा निर्देशाें के आलोक में निराकरण करते हुए, भी उल्लेख जाँच प्रतिवेदन में किया गया है।
(ग) जाँच प्रतिवेदन में किसी भी तरह की अस्पष्टता नहीं है तथा आरोपित सरकारी कर्मी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में तत्समय विहित समस्त प्रक्रियाओं का अनुपालन किया गया है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 9 नव(cid:19)बर 2(cid:21)1(cid:23)
(अनुसूची-1)
विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु जाँच/संचालन पदाधिकारी के रूप में सेवा-निवृत्त पदाधिकारियों को सूचीबद्ध किये जाने हेतु आवेदन पत्र
1. पदाधिकारी का नाम :-
2. सेवानिवृत्ति की तिथि :-
3. आवेदन करने की तिथि को आयु :-
4. सेवानिवृत्ति से पूर्व धारित पद :-
5. सेवानिवृत्ति से पूर्व धारित पद एवं विभाग का विवरण :-
6. पूर्व में जाँच/संचालन पदाधिकारी का दायित्व निर्वहन किया गया है :-
7. यदि हाँ, तो उसका विवरण :-
8. क्या वार्धक्य सेवानिवृत्त हुए हैं अथवा ऐच्छिक सेवानिवृत्त :-
9. क्या सेवाकाल में किसी तरह का दंड अधिरोपित किया गया था :-
10. यदि हाँ, तो उसका विवरणः-
नाम एवं हस्ताक्षर स्थायी/वर्त्तमान पता सम्पर्क मोबाईल/टेलिफोन नम्बर स्थानः
तिथिः
(सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की सूची बनाने हेतु विभाग/संवर्ग नियंत्री प्राधिकार द्वारा संयुक्त सचिव से अन्यून स्तर के पदाधिकारियों की एक त्रिसदस्यीय समिति का गठन किया जायेगा, जिसके एक सदस्य अनिवार्य रूप से संबंधित विभाग के मुख्य निगरानी पदाधिकारी भी होंगे।)
राजेन्द्र राम, सरकार के अपर सचिव।
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