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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 14 November 2017

Published 14 November 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-11-14.1057
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22/ नि0सि0(पट0)-03-02/2015

नि0सि0(पट0)-03-02/2015-1478—श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत सहायक अभियंता श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत सहायक अभियंता (आई0डी0-जे0-5519) तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर, पटना के विरूद्ध अपने (आई0डी0-जे0-5519) तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर, पटना के विरूद्ध अपने (आई0डी0-जे0-5519) तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर, पटना के विरूद्ध अपने पदस्थापन काल में बिना वैध लीज/बन्दोबस्ती के सरकारी भूमि की बन्दोब स्ती हेतु थोक में अनेक वर्षों का एक साथ पदस्थापन काल में बिना वैध लीज/बन्दोबस्ती के सरकारी भूमि की बन्दोबस्ती हेतु थोक में अनेक वर्षों का एक साथ एवं बाद में वर्ष वार रसीद अनियमित रूप से नियम के विरूद्ध काटकर सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने में सहयोग एवं बाद में वर्ष वार रसीद अनियमित रूप से नियम के विरूद्ध काटकर सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने में सहयोग एवं बाद में वर्ष वार रसीद अनियमित रूप से नियम के विरूद्ध काटकर सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने में सहयोग करने के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) में विहित रीति से विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1007, दिनांक करने के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) में विहित रीति से विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1007, दिनांक करने के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) में विहित रीति से विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1007, दिनांक 15 द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गई - 15 द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गई - 05.05.15 द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित की गई - (1) सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर में पदस्थापन काल के दौरान बिना वैध लीज/बन्दोबस्ती के सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर में पदस्थापन काल के दौरान बिना वैध लीज/बन्दोबस्ती के सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर में पदस्थापन काल के दौरान बिना वैध लीज/बन्दोबस्ती के बाद में वर्षवार रसीद सरकारी भूमि की बन्दोबस्ती हेतु थोक में अनेक वर्षों का एक साथ एवं बाद में वर्षवार रसीद सरकारी भूमि की बन्दोबस्ती हेतु थोक में अनेक वर्षों का एक साथ एवं अनियमित रूप से नियम के विरूद्ध काटा गया। अनियमित रूप से नियम के विरूद्ध काटा गया। स्वेच्छा से सरकारी भूमि की गृह निर्माण एवं व्यवसायिक कार्यों हेतु रसीद काटकर अवैध रूप से स्वेच्छा से सरकारी भूमि की गृह निर्माण एवं व्यवसायिक कार्यों हेतु रसीद काटकर अवैध रूप से (2) स्वेच्छा से सरकारी भूमि की गृह निर्माण एवं व्यवसायिक कार्यों हेतु रसीद काटकर अवैध रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने में सहयोग किया गया। सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने में सहयोग किया गया। री चाट के पट्‌टे के लिए पुनरीक्षित नियम नहर चाट भूमि की बन्दोबस्ती वर्ष 2007 के पूर्व प्रभावी सरकारी चाट के पट्‌टे के लिए पुनरीक्षित नियम नहर चाट भूमि की बन्दोबस्ती वर्ष 2007 के पूर्व प्रभावी सरका (बिहार सिंचाई हस्तक खण्ड-2, भाग-1 सामान्य नियम एवं अनुदेश पृ0 सं०-27/28) तत्पश्चात्‌ विभागीय पत्रांक-426, (बिहार सिंचाई हस्तक खण्ड-2, भाग-1 सामान्य नियम एवं अनुदेश पृ0 सं०-27/28) तत्पश्चात्‌ विभागीय पत्रांक-426, (बिहार सिंचाई हस्तक खण्ड-2, भाग-1 सामान्य नियम एवं अनुदेश पृ0 सं०-27/28) तत्पश्चात्‌ विभागीय पत्रांक-426, दिनांक 05.07.2007 द्वारा निर्गत बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती 2007 एवं पुनः संशोधित नियमावली बिहार नहर 2007 द्वारा निर्गत बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती 2007 एवं पुनः संशोधित नियमावली बिहार नहर 2007 द्वारा निर्गत बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती 2007 एवं पुनः संशोधित नियमावली बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली 2010 जो विभागीय अधिसूचना संख्या-276, दिनांक 13 2010 द्वारा परिचारित था। दोबस्ती नियमावली 2010 जो विभागीय अधिसूचना संख्या-276, दिनांक 13.07.2010 द्वारा परिचारित था। इस नहर चाट नियमावली के तहत अवर प्रमंडल पदाधिकारी को नहर चाट की बन्दोबस्ती विहित प्रक्रिया अपनाते हुए इस नहर चाट नियमावली के तहत अवर प्रमंडल पदाधिकारी को नहर चाट की बन्दोबस्ती विहित प्रक्रिया अपनाते हुए इस नहर चाट नियमावली के तहत अवर प्रमंडल पदाधिकारी को नहर चाट की बन्दोबस्ती विहित प्रक्रिया अपनाते हुए करना था। विभागीय पत्रांक-804, दिनांक 20 ष्ट निदेश है कि विभाग का पूर्व अनुमति प्राप्त करना था। विभागीय पत्रांक-804, दिनांक 20.10.2005 द्वारा विभाग का स्पष्ट निदेश है कि विभाग का पूर्व अनुमति प्राप्त किये बिना विभागीय जमीन को किसी व्यक्ति को लीज पर नहीं दिया जा सकता है। परन्तु श्री सिंह द्वारा आवंटियों के किये बिना विभागीय जमीन को किसी व्यक्ति को लीज पर नहीं दिया जा सकता है। परन्तु श्री सिंह द्वारा आवंटियों के किये बिना विभागीय जमीन को किसी व्यक्ति को लीज पर नहीं दिया जा सकता है। परन्तु श्री सिंह द्वारा आवंटियों के साथ मिलीभगत कर बिना किसी वैध एकरारनामा के विगत कई वर्षों का एक साथ गृह निर्माण एवं व्यवसायिक कार्य साथ मिलीभगत कर बिना किसी वैध एकरारनामा के विगत कई वर्षों का एक साथ गृह निर्माण एवं व्यवसायिक कार्य साथ मिलीभगत कर बिना किसी वैध एकरारनामा के विगत कई वर्षों का एक साथ गृह निर्माण एवं व्यवसायिक कार्य हेतु स्वेच्छापूर्वक रसीद काटा गया।15 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जिसमें श्री संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-574, दिनांक 09.09.15 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जिसमें श्री संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-574, दिनांक 09 सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों संख्या-1 एवं 2 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों संख्या-1 एवं 2 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों संख्या-1 एवं 2 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2322, दिनांक 08. आरोप सं०-1 एवं 2 के संबंध में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2322, दिनांक 08 में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-2322, दिनांक 08 2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री सिंह से प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा 10.2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री सिंह से प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा 2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए श्री सिंह से प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गई। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 14 नव(cid:16)बर 2017 श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के बचाव-बयान में मुख्य रूप से निम्न तथ्यों का उल्लेख किया गया - ¼1½ vkjksi laå&1&विभागीय संकल्प सं०-426, दिनांक 05.07.2007 द्वारा निर्गत बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली 2007 एवं पुनः संशोधित नियमावली 2010 जो विभागीय अधिसूचना संख्या-276, दिनांक 13.07. 2010 द्वारा परिचारित था, की जानकारी सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर में नहीं था। विभागीय अधिसूचना संख्या-276, दिनांक 13.07.2010 की प्रति कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल, खगौल के कार्यालय द्वारा उनके पत्रांक-183, दिनांक 20.08.2011 द्वारा अवर प्रमंडल पदाधिकारी, सोन नहर अवर प्रमंडल अरवल/विक्रम/नौबतपुर को अग्रेत्तर क्रियार्थ भेजी गई थी, जिसमें स्पष्ट रूप से निदेशित किया गया था कि पूर्व से आवंटित व्यक्तियों या उनके उत्तराधिकारी से रसीद काट कर बकाया राशि शीघ्र वसूल कर जमा कराना सुनिश्चित करें। कार्यपालक अभियंता के उक्त पत्र की छायाप्रति अवलोकनार्थ संलग्न है। तदनुसार कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल, खगौल से प्राप्त निदेश के अनुपालन के क्रम में राजस्व हित में श्री सिंह द्वारा आवंटी बन्दोबस्तीधरियों/उनके उत्तराधिकारियों से रसीद काटी गयी तथा उसे ससमय राजकीय कोषागार में जमा भी करा दिया गया। प्रमंडलीय कार्यालय में संरक्षित पंजी/अभिलेख के आलोक में उक्त रसीद काटा गया है। स्पष्टतः अपने उच्चाधिकारी के आदेश के अनुपालन के क्रम में ही उक्त रसीद काटा गया है जिसके दोषी ठहराया जाना युक्ति संगत नहीं है।

¼2½ vkjksi laå&2&कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल, खगौल के लिखित निदेश के आलोक में ही विषयगत रसीद काटने की कार्रवाई की गई है। उक्त मामले में न तो कार्यपालक अभियंता और न ही उनके कार्यालय में पदस्थापित पत्राचार/लिपिक द्वारा कभी कोई आपत्ति व्यक्त की गई तथा इस हेतु ना ही कोई अपेक्षित निदेश दिया गया। ऐसी स्थिति में निदेश का अनुपालन करने एवं सरकारी राजस्व हित में रसीद काटने को अपराध माना जाना उचित प्रतीत नहीं होता है। अपने उच्चाधिकारी के आदेश का अनुपालन नहीं करने की स्थिति में उनका कोपभाजन भी बनने की प्रबल संभावना थी। किसी बन्दोबस्तधारी से कोई मिलीभगत नहीं रही तथा सरकारी भूमि पर कब्जा दिलाने में सहयोग का आरोप सर्वथा तथ्यहीन एवं निमूल है।

श्री सिंह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के बचाव बयान की समीक्षा में पाया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा दिए गए लिखित आदेश के बाद ही उनके द्वारा पूर्व आवंटियों के नाम से रसीद काटी गयी तथा ससमय प्राप्त राशि को कोषागार में जमा किया गया। स्पष्टतः उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों के आदेश के अनुपालन के क्रम में ही उक्त रसीद काटा है, जिसके लिए उन्हें दोषी ठहराया जाना उचित नहीं है। विभागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी ने अपना मंतव्य अंकित किया है कि बिना छानबीन के कई वर्षों पुराना बकाया एवं वर्तमन बकाया बन्दोबस्ती रसीद काटने हेतु तत्कालीन सहायक अभियंता एवं तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के कर्मी भी उत्तरदायी है। सत्य है कि श्री सिंह ने कार्यपालक अभियंता के पत्र के आलोक में ही पूर्व आवंटियों को रसीद निर्गत किया है, किन्तु उनका दायित्व था कि विभाग द्वारा संशोधित नियमावली के आलोक में चाट भूमि की बन्दोबस्ती करते। इनके द्वारा बिहार नहर चाट/भूमि बन्दोबस्ती नियमावली 2010 के प्रतिकूल पूर्व आवंटियों के नाम से लगान रसीद निर्गत किया गया है। इसलिए श्री सिंह का द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर स्वीकार योग्य नहीं है।

उक्त के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह के विरूद्ध आरोप सं०-1 एवं 2 को प्रमाणित पाया गया एवं प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह को "पेंशन से 10 प्रतिशत की कटौती पाँच वर्षों के लिए" दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है।

उपर्युक्त विनिश्चित दण्ड पर विभागीय पत्रांक-702, दिनांक 19.05.2017 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श हेतु अनुरोध किया गया। आयोग ने अपने पत्रांक-942, दिनांक 24.07.2017 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध विनिश्चित दंड पर सहमति दी गई।

अनुशासनिक प्राधिकार के उक्त निर्णय एवं बिहार लोक सेवा आयोग, पटना की सहमति के आलोक में सम्यक विचारोपरांत श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, आई0डी0-जे05519, तत्कालीन सहायक अभियंता (सेवानिवृत) सोन नहर प्रमंडल, नौबतपुर, पटना को निम्न दंड संसूचित किया जाता है -

Þisa'ku ls 10 izfr'kr dVkSrh ik¡p o"kksZa ds fy,ß

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, jkds'k eksgu] सरकार के संयुक्त सचिव।——— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त(cid:16) ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 1057-5%1+10(ड(cid:17)*ट+*प(cid:17)*? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 14 November 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-11-14.1057/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-11-14.1057.