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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 14 November 2017

Published 14 November 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-11-14.1058
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22 नि0 सि0 (डि0)-14-03/2013

22 नि0 सि0 (डि0)-14-03/2013-1402—श्री सुभाष सिंह (आई0डी0-जे0-7681), सहायक अभियंता, जे0-7681), सहायक अभियंता, सोन नहर अवर प्रमण्डल, दनवार के विरूद्ध वर्ष 2011-12 में विभागीय नियम के प ्रतिकूल निविदा कर सरकारी राशि सोन नहर अवर प्रमण्डल, दनवार के विरूद्ध वर्ष 2011-12 में विभागीय नियम के प्रतिकूल निविदा कर सरकारी राशि की लूट एवं गबन के मामले में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 की लूट एवं गबन के मामले में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 की लूट एवं गबन के मामले में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 15 द्वारा निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1276 दिनांक 05.06.15 द्वारा निम्नांकित आरोपों के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1276 दिनांक 05 की गईः-

सोन नहर प्रमण्डल, आरा में वर्ष 2011-12 के दौरान बिहियाँ शाखा नहर के 2.00 से 3.00 कि0 मी0, 3 सोन नहर प्रमण्डल, आरा में वर्ष 2011-12 के दौरान

00 कि0 मी0, 3.00 से 00 कि0 मी0 के बीच तल सफाई एवं बाँध मरम्मति कार्य से 50 कि0 मी0 एवं 5.50 से 6.00 कि0 मी0 के बीच तल सफाई एवं बाँध मरम्मति कार्य से 4.00 कि0 मी0, 4.00 से 4.50 कि0 मी0 एवं 5 संबंधित उड़नदस्ता के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा के उपरान्त पाया गया कि े प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा के उपरान्त पाया गया कि संबंधित उड़नदस्ता के जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आपस लिए जे0 सी0 बी0 से कराए गए कार्यों की मापी न लेकर महज प्राक्कलन बिना PRE-LEVEL एवं POST-LEVEL LEVEL लिए जे0 सी0 बी0 से कराए गए कार्यों की मापी न लेकर महज प्राक्कलन के अनुसार कार्य की मात्रा अंकित किया गया जिसके लिए आप दोषी हैं। के अनुसार कार्य की मात्रा अंकित किया गया जिसके लिए आप दोषी हैं। गया कि बिहियाँ शाखा नहर में जल प्रवाह संचालन पदाधिकारी के समक्ष अपने बचाव बयान में बताया गया कि बिहियाँ शाखा नहर में जल प्रवाह संचालन पदाधिकारी के समक्ष अपने बचाव बयान में बताया बढ़ाकर अन्तिम छोर तक पानी पहुँचाने के लिए जे0 सी0 बी0 द्वारा नहर तल से सिल्ट निकाला गया। उक्त अवधि में बढ़ाकर अन्तिम छोर तक पानी पहुँचाने के लिए जे0 सी0 बी0 द्वारा नहर तल से सिल्ट निकाला गया। उक्त अवधि में बढ़ाकर अन्तिम छोर तक पानी पहुँचाने के लिए जे0 सी0 बी0 द्वारा नहर तल से सिल्ट निकाला गया। उक्त अवधि में लेना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। साथ ही उनके द्वारा यह भी कहा गया LEVEL लेना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। साथ ही उनके द्वारा यह भी कहा गया PRE-LEVEL या POST-LEVEL अभियंता द्वारा कार्य कराया गया एवं मापपुस्त में प्रविष्टि भी उन्हीं के द्वारा की गई। अपने कि श्री विनय कुमार, कनीय अभियंता द्वारा कार्य कराया गया एवं मापपुस्त में प्रविष्टि भी उन्हीं के द्वारा की गई। अपने अभियंता द्वारा कार्य कराया गया एवं मापपुस्त में प्रविष्टि भी उन्हीं के द्वारा की गई। अपने बचाव बयान में उनके द्वारा नहर तल में गाद, घास-फूस एवं बेहाया भरे रहने तथा नहर के कई जगहों पर कमजोर बचाव बयान में उनके द्वारा नहर तल में गाद, घास-फूस एवं बेहाया भरे रहने तथा नहर के कई जगहों पर कमजोर बचाव बयान में उनके द्वारा नहर तल में गाद, घास-फूस एवं बेहाया भरे रहने तथा नहर के कई जगहों पर कमजोर रहने के कारण कार्य कराकर नहर के अन्तिम छोर तक जल पहुँचाने का उल्लेख किया गया। अपने पूरक बचाव बयान रहने के कारण कार्य कराकर नहर के अन्तिम छोर तक जल पहुँचाने का उल्लेख किया गया। अपने पूरक बचाव बयान में उनके द्वारा स्पष्ट किया गया कि जन प्रतिनिधि एवं विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा नहर के अन्तिम छोर तक पानी में उनके द्वारा स्पष्ट किया गया कि जन प्रतिनिधि एवं विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा नहर के अन्तिम छोर तक पानी में उनके द्वारा स्पष्ट किया गया कि जन प्रतिनिधि एवं विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा नहर के अन्तिम छोर तक पानी पहुँचाने हेतु दबाव बनाया गया था। उक्त आलोक में औसत गहराई तक गाद सफाई करने का प्राक्कलन तैयार किया । उक्त आलोक में औसत गहराई तक गाद सफाई करने का प्राक्कलन तैयार किया । उक्त आलोक में औसत गहराई तक गाद सफाई करने का प्राक्कलन तैयार किया गया एवं तद्‌नुसार जे0सी0बी0 से प्राक्कलन के अनुसार नहर के तल से गाद निकालकर नहर के तटबंध पर रखा सी0बी0 से प्राक्कलन के अनुसार नहर के तल से गाद निकालकर नहर के तटबंध पर रखा सी0बी0 से प्राक्कलन के अनुसार नहर के तल से गाद निकालकर नहर के तटबंध पर रखा गया। उनके द्वारा नहर के किनारे रखी गई मिट्‌टी की मात्रा प्राक्कलित मात्रा के बराबर ही पाए जाने का सत्यापन गया। उनके द्वारा नहर के किनारे रखी गई मिट्‌टी की मात्रा प्राक्कलित मात्रा के बराबर ही पाए जाने का सत्यापन गया। उनके द्वारा नहर के किनारे रखी गई मिट्‌टी की मात्रा प्राक्कलित मात्रा के बराबर ही पाए जाने का सत्यापन किया जाने का उल्लेख किया गया। श्री सिंह के द्वारा कनीय अभियंता द्वारा तैयार विपत्र पर अपना हस्ताक्षर किए जाने किया जाने का उल्लेख किया गया। श्री सिंह के द्वारा कनीय अभियंता द्वारा तैयार विपत्र पर अपना किया जाने का उल्लेख किया गया। श्री सिंह के द्वारा कनीय अभियंता द्वारा तैयार विपत्र पर अपना2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 14 नव(cid:16)बर 2017 तथा खरीफ पटवन अवधि में फसल की सुरक्षा एवं जनहित में कार्य कराए जाने का उल्लेख करते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया।

संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सिंह द्वारा दिए गए बचाव बयान एवं उपलब्ध अभिलेखों के आलोक में मामले की जाँच के क्रम में पाया गया कि (1) बिहियाँ शाखा नहर के चेन 2.00 से 3.00 कि0 मी0 के बीच नहर तल की सफाई (2) 3.00 से 4.00 कि0 मी0 के बीच नहर तल की सफाई के साथ नहर बाँध की मरम्मति में बाँस पाइलिंग एवं बालू भरे सिमेन्ट के बोरे के प्रावधान के साथ (3) 4.00 से 4.50 कि0 मी0 के बीच मात्र 87 मीटर की लम्बाई में तल सफाई (4) 5.50 से 6.00 कि0 मी0 के तल सफाई कार्य के लिए माह दिसम्बर, 2011 में प्राक्कलन तैयार किया गया जिसकी प्राक्कलित राशि क्रमशः 98300 रू0, 96076 रू0, 98900 रू0 एवं 98900 रू0 थी। इन कार्यों के PRE- LEVEL (Reduced Level) का प्राक्कलन में उल्लेख नहीं है।

इन कार्यों का कार्यान्वयन विभिन्न एकरारनामों के द्वारा माह जनवरी, 2012 से मार्च, 2012 के बीच कार्य समापन हेतु एक सप्ताह की अवधि निर्धारित करते हुए कराए गए हैं।

मापपुस्त सं0 492 (DN) के पृष्ठ सं0 17 पर बिहियाँ शाखा नहर के 2.00 से 3.00 कि0 मी0 के बीच तल सफाई कार्य के एकरारनामा सं0 35F2/2011-12 के तहत प्रथम चालू विपत्र की मापी दर्ज है जिसमें कार्य प्रारंभ की तिथि 24.01.12 एवं समापन की तिथि 29.01.12 दर्शायी गई है।

इसमें दर्ज मापी में 89Mx18M2=1602M3 मिट्‌टी कार्य की प्रविष्टि है अर्थात्‌ प्राक्कलन में प्रावधानित C/S एरिया को मात्र लम्बाई से गुणा कर कार्य की मात्रा की गणना की गई है। इसी कार्य का अन्तिम विपत्र मापपुस्त के पृष्ठ 66 पर दर्ज है। इसमें भी अलग से कोई मापी नहीं ली गई है। अन्य कार्यों की मापी भी इसी प्रकार लिए जाने का उल्लेख है। वर्णित परिस्थिति में कार्य जनवरी, 2012 से मार्च, 2012 की अवधि में कराया गया है जो रबी पटवन की अवधि है साथ ही साथ शाखा नहर के प्रारंभिक भाग में कार्य कराए गए हैं जिसमें पानी की गहराई ज्यादा रहने की संभावना होती है। नहर के अन्तिम छोर तक जलश्राव सुनिश्चित कराए जाने के उद्धेश्य से ये कार्य कराए गए हैं। अतएव कार्य कराने की अनिवार्यता निश्चित रूप से रही होगी।

पानी के रहते नहर तल के गाद की सफाई के कार्य की मापी नहर की लम्बाई एवं प्राक्कलन में उल्लेखित क्रॉस सेक्शन के आधार पर ही ली गई है। जब कार्य हुआ तो कराए गए कार्य की लम्बाई की मापी के साथ विभिन्न बिन्दुओं (सामान्यतः 30M के अन्तराल) पर कराए गए कार्य की चौड़ाई एवं गहराई का भी मापपुस्त में उल्लेख होना चाहिए था।

आरोपित पदाधिकारी का कथन है कि नहर में पानी रहने के कारण प्री-लेवल या पोस्ट लेवल की मापी व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। यदि मापी संभव नहीं था तो कार्य कराना भी संभव नहीं होता। सहायक अभियंता पानी के रहते अन्य वैकल्पिक रूप से नया बाँस/छड़ आदि के द्वारा पानी की कार्य के पूर्व की गहराई एवं वर्तमान गहराई माप कर इसे PRE-LEVEL या POST-LEVEL के रूप में Reduced कर प्रविष्ट कर सकते थे। यदि तल सफाई से प्राप्त मिट्‌टी को नहर किनारे रखा गया तो किनारे की मिट्‌टी की मापी लेकर भी भुगतान की प्रक्रिया अपनाने का दूसरा विकल्प था। सम्यक जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा बिना PRE-LEVEL या POST- LEVEL लिए जे0 सी0 बी0 से कराए गए कार्यों की मापी न लेकर महज प्राक्कलन के अनुसार कार्य की मात्रा अंकित करने का आरोप प्रमाणित पाया गया।

संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। सम्यक समीक्षोपरान्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा करने का निर्णय लिया गया। उक्त निर्णय के आलोक में विभागीय पत्रांक 1005 दिनांक 01.06.16 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के साथ श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।

द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में श्री सुभाष सिंह, सहायक अभियंता द्वारा बताया गया कि नहर तल की मिट्‌टी एवं गाद जे0 सी0 बी0 से निकालकर नहर बाँध पर रखा गया था। कनीय अभियंता द्वारा बाँध पर रखी गई मिट्‌टी एवं गाद की मापी लेकर मापीपुस्त में अंकित किया गया जिसे उनके द्वारा स्थल पर जाँचकर मापीपुस्त पर हस्ताक्षर किया गया। यह कार्य ंिसंचाई जल को अंतिम छोर तक पहुँचाने हेतु उच्चधिकारियों के आदेशानुसार एवं जन प्रतिनिधि की अनुशंसा पर कराया गया था। प्राक्कलन में प्राक्कलित मात्रा के अनुसार मिट्‌टी एवं गाद जो बाँध पर रखा गया था, उसकी मापी तत्कालीन कार्यपालक अभियंता द्वारा जाँच कर भुगतान किया गया। कार्य में कहीं अनियमितता नहीं किया गया है एवं मापी गई मात्रा को स्थल पर जाँचने के बाद संतुष्ट होने पर हस्ताक्षर किया। श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि मामले में मूल आरोप है कि बिहियाँ शाखा नहर के कतिपय बिन्दुओं के बीच जे0 सी0 बी0 से कराए गए3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 14 नव(cid:16)बर 2017 तल सफाई एवं बाँध मरम्मति कार्य की मात्रा बिना प्री एवं पोस्ट लेवल लिए प्राक्कलन के अनुसार अंकित किया गया है।

संचालन पदाधिकारी द्वारा बोगस कार्य कराने का प्रमाण नहीं पाया गया परन्तु मापी लेने में लापरवाही बरते जाने का आरोप प्रमाणित पाया गया जिसके लिए श्री सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। श्री सिंह का कहना है कि जे0 सी0 बी0 से मिट्‌टी गाद निकालकर बाँध पर रखी गई मिट्‌टी का कनीय अभियंता द्वारा मापी लिया गया। जिसकी जाँचोपरान्त संतुष्ट होने पर मापीपुस्त पर हस्ताक्षर किया गया। आरोपित पदाधिकारी द्वारा कोई साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया है परन्तु उड़नदस्ता जाँच प्रतिवेदन के साथ संलग्न संंबंधित प्राक्कलन एवं मापीपुस्त से परिलक्षित हुआ कि मिट्‌टी/गाद की मात्र क्रॉस सेक्शनल एरिया का गुणा कर आकलित किया गया है एवं तदनुसार मापीपुस्त में अंकित किया गया है जिससे प्राक्कलन के अनुरूप कराए गए कार्य की मात्रा की प्रविष्टि किया जाना प्रमाणित होता है। उक्त अभिलेख से क्रॉस सेक्शनल एरिया के आकलन हेतु प्री एवं पोस्ट लेवल लिए बिना प्राक्कलन के अनुरूप कराए गए कार्य की मात्रा अंकित किया जाना परिलक्षित हुआ जिसके आलोक में श्री सुभाष सिंह, सहायक अभियंता, सोन नहर अवर प्रमण्डल, दनवार के विरूद्ध प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय अधिसूचना सं०-387, दिनांक 09.03.2017 द्वारा निम्न दंड संसूचित किया गया :-

^^,d osruo`f) ij lap;kRed izHkko ls jksd**A उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री सुभाष सिंह, सहायक अभियंता द्वारा शिकायत निवारण कोषांग के माध्यम से पुनर्विचार अभ्यावेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से बताया गया कि माननीय जन प्रतिनिधि श्री दिनेश कुमार सिंह, तत्कालीन विधान सभा सदस्य, जगदीशपुर एवं उच्चाधिकारी यथा कार्यपालक अभियंता/अधीक्षण अभियंता के आदेशानुसार वर्ष 2011-12 में बिहियाँ शाखा नहर के 2.00 से 3.00कि0मी0 3.00से 4.00कि0मी0 4.00से 4. 50कि0मी0 एवं 5.50 से 6.00कि0मी0 के बीच नहर संचालन अवधि में नहर के तल से गाद, घास-फूस, बेहया आदि का सफाई कार्य श्री विनय कुमार, कनीय अभियंता द्वारा कराया गया। उनके द्वारा प्री-लेवल एवं पोस्ट लेवल नहीं लिया गया क्योंकि नहर में 7'-0" गहराई में जल स्त्राव हो रहा था। प्री एवं पोस्ट लेवल व्यवहारिक रूप से संभव नहीं था। संचालन पदाधिकारी द्वारा सुझाया गया अन्य वैकल्पिक विधि यथा बाँस/छड़ द्वारा कार्य प्रारंभ के पूर्व एवं कार्य समाप्ति के बाद गहराई मापा जाना भी व्यवहारिक रूप से संभव नहीं था क्योंकि 7'-0" गहराई में जलस्त्राव हो रहा था। ऐसी परिस्थति में जबकि आदमी की ऊँचाई 5'-6" होती है, बिना नाव या छोटा जहाज के गहराई मापना संभव नहीं था।

संचालन पदाधिकारी द्वारा किसी प्रकार का बोगस (अधिक) भुगतान नहीं होना स्पष्ट किया गया है। अतएव मुझ पर (श्री सुभाष सिंह) आरोप नहीं बनता है।

श्री सिंह द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन में दिए गए तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। समीक्षा में यह पाया गया कि श्री सिंह के विरूद्ध आरोप, वर्ष 2011-12 में बिहियाँ शाखा नहर के कि0मी0 2.00 से 4.50 एवं 5.50-6. 00 कि0मी0 के बीच कराए गए तल सफाई एवं बाँध मरम्मति कार्य का विपत्र बिना प्री एवं पोस्ट लेवल की मापी लिए प्राक्कलन के अनुरूप मापी की जाँच किए जाने से संबंधित है।

श्री सिंह के पुनर्विचार अभ्यावेदन एवं द्वितीय कारण पृच्छा के प्रत्युत्तर में लगभग सृदश तथ्य अंकित किया गया है। साथ ही नहर में 7'-0" नीचे जलस्त्राव होने की स्थिति में संचालन पदाधिकारी द्वारा सुझायी गई वैकल्पिक व्यवस्था यथा छड़/बाँस से प्री एवं पोस्ट लेवल की मापी किया जाना बिना नाव या छोटा जहाज के संभव नहीं होने का उल्लेख किया गया है।

श्री सिंह के पुनर्विचार अभ्यावेदन से बिना प्री लेवल के प्राक्कलन गठित किए जाने एवं बिना पोस्ट लेवल के प्राक्कलन के अनुरूप मापी की जाँच किए जाने के आरोप से सहमत होने का बोध होता है क्योंकि, उक्त संदर्भ में कोई तथ्य नहीं देते हुए नहर की गहराई 7'-0" होने एवं जलस्त्राव होते रहने की स्थिति में प्री एवं पोस्ट लेवल लिए जाने को संभव नहीं होना उल्लेख किया गया है। यहाँ तक कि गहराई की मापी संचालन पदाधिकारी के सुझाए वैकल्पिक व्यवस्था से भी संभव नहीं होने का उल्लेख किया गया। जब उक्त स्थिति में नहर तल से गाद, घास-फूस एवं बेहया की सफाई कराई जा सकती है तो प्री एवं पोस्ट लेवल की मापी संभव नहीं होने के श्री सिंह का कथन स्वीकार योग्य नहीं है। यह सही है कि जन प्रतिनिधियों का दबाव एवं उच्चाधिकारियों के आदेश से नहर के अंतिम छोर तक जल प्रवाह कराने हेतु नहर तल की सफाई कराई गई परन्तु बिना प्री एवं पोस्ट लेवल की मापी की जाँच किए भुगतान किए जाने को उचित नहीं माना जा सकता है। प्रस्तुत मामले में संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप प्रमाणित पाया गया है। पुनर्विचार अभ्यावेदन में उल्लेखित बचाव-बयान एवं संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री सुभाष सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा सम्प्रति सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अवर4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 14 नव(cid:16)बर 2017 प्रमंडल-1, कारीसाथ, आरा के पुनर्विचार अभ्यावेदन पर सम्यक विचारोपरांत इसे अस्वीकृत करने का निर्णय सरकार के स्तर से लिया गया है।

उक्त निर्णय के आलोक में श्री सुभाष सिंह, तत्कालीन सहायक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, आरा सम्प्रति सहायक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण अवर प्रमंडल-1, कारीसाथ का पुनर्विचार अभ्यावेदन अस्वीकृत किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, pUnzek izlkn] ljdkj ds voj lfpo।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 14 November 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-11-14.1058/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-11-14.1058.