(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)ब(cid:1)बहारहारहारहार
हारहारहारहार गजटगजटगजटगजट गजटगजटगजटगजट
(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार(cid:1)बहार
असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण अंकअंकअंकअंक
असाधारणअसाधारणअसाधारणअसाधारण
सरकारसरकारसरकारसरकार (cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा(cid:23)ारा ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत
ूकािशतूकािशतूकािशतूकािशत 1 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1939 (शशशश0) 1
((((संसंसंसं0 पटनापटनापटनापटना 1094) ) ) ) पटनापटनापटनापटना
पटनापटनापटनापटना, बुधबुधबुधबुधवारवारवारवार, 22222222 नव(cid:31)बनव(cid:31)बनव(cid:31)बनव(cid:31)बरररर 2017
वाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभाग
----------------------------
शुद्धि-पत्रशुद्धि-पत्रशुद्धि-पत्रशुद्धि-पत्र
22222222 नवम्बरनवम्बरनवम्बरनवम्बर 2017201720172017
एस०ओ० 300, दिनांक 22 नवम्बर
नवम्बर 2017— बिहार गजट (असाधारण अंक) में संख्या 922 दिनांक 10 अक्टूबर, बिहार गजट (असाधारण अंक) में संख्या 922 दिनांक 10 अक्टूबर, 203, दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित वाणिज्य-कर विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या एस. ओ. 203, दिनांक 10 अक्टूबर, 2017 द्वारा प्रकाशित वाणिज्य-कर विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या एस 2017, की कंडिका (iii) में, -
रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, बिहार माल और सेवा कर नियमावली, 2017 के नियम 96क के उपनियम (1) ''यदि कोई रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, बिहार माल और सेवा कर नियमावली, 2017 के नियम 96क के उपनियम (1) रजिस्ट्रीकृत व्यक्ति, बिहार माल और सेवा कर नियमावली, 2017 के नियम 96क के उपनियम (1) के खंड (क) और खंड (ख) में उल्लिखित अवधि के भीतर, उक्त उपनियमय (1) के अधीन यथाविनिर्दिष्ट ब्याज सहित के खंड (क) और खंड (ख) में उल्लिखित अवधि के भीतर, उक्त उपनियमय (1) के अधीन यथाविनिर्दिष्ट ब्याज सहित के खंड (क) और खंड (ख) में उल्लिखित अवधि के भीतर, उक्त उपनियमय (1) के अधीन यथाविनिर्दिष्ट ब्याज सहित ेगा और यह ऐसे कर और ब्याज का देय कर का संदाय करने में असफल रहता है तो परिवचन पत्र विधिमान्य नहीं रहेगा और यह ऐसे कर और ब्याज का देय कर का संदाय करने में असफल रहता है तो परिवचन पत्र विधिमान्य नहीं रह संदाय के पश्चात् फिर से विधिमान्य होगा।'' संदाय के पश्चात् फिर से विधिमान्य होगा।'' 2 (cid:1)बहार गजट (असाधारण), 22 नव(cid:31)बनव(cid:31)बनव(cid:31)बनव(cid:31)बरररर 2017 22222222 नवम्बर 2017नवम्बर 2017नवम्बर 2017नवम्बर 2017 एस०ओ० 301, एस०ओ० 300, दिनांक 22 नवम्बर 2017 का अंगेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार-राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 348 के खण्ड (3) के अधीन अंगे्रजी भाषा में उसका प्राधिकृत पाठ समझा जाय।
[(सं0सं0-ब्रिकी-कर/जी0एस0टी0/विविध-21/2017 (खंड-1)-4193)] बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुजाता चतुर्वेदी, वाणिज्य-कर आयुक्त-सह-प्रधान सचिव।
The 22nd November 2017
S.O. 300 dated the 22nd November 2017— In the S.O. 203, dated 10th October, 2017 published in the Gazette of Bihar, Extraordinary, Commercial Taxes Department, which was published vide no. 922 dated-10th October, 2017 in the Gazette of Bihar, Extraordinary in column (iii) –
for, "the letter of undertaking shall cease to be valid if the registered person fails to pay the tax due along with interest, as specified under sub-rule (1) of rule 96A State Goods and Services Tax Rules, 2017, within the period mentioned in clause (a) or clause (b) of the said sub-rule, and it shall resume being valid after such tax and interest is paid."
read,-
"(iii) where the registered person fails to pay the tax due along with interest, as specified under sub-rule (1) of rule 96A State Goods and Services Tax Rules, 2017, within the period mentioned in clause (a) or clause (b) of the said sub-rule, the facility of export without payment of integrated tax will be deemed to have been withdrawn and if the amount mentioned in the said sub-rule is paid, the facility of export without payment of integrated tax shall be restored."