ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 1(cid:18) [(cid:20)ह(cid:4)यण 1(cid:23)3(cid:23) (cid:25)श(cid:18)(cid:26)
(स(cid:27)(cid:18) पटन(cid:4) 112(cid:31)) पटन(cid:4) श१"व(cid:4)र 1 (cid:21)दस(cid:23)बर 2(cid:18)1$ सं0 01/स्था॰ (ले॰से॰)-11/2016-9370 foÙk foHkkxfoHkkxfoHkkxfoHkkx
——— संकल्प 1 दिसम्बर 2017 विषयः- राज्य के प्रत्येक जिला में जिला लेखा कार्यालय की स्थापना एवं जिला लेखा पदाधिकारी के कर्तव्य एवं दायित्वों के निर्धारण के संबंध में।
राज्य के 27 जिलों में जिला लेखा कार्यालय समाहरणालय की एक शाखा के रूप में कार्यरत है। वर्त्तमान में लेखा कार्यालय द्वारा सम्पादित वित्तीय कार्यकलापों में गुणवत्ता की स्पष्ट कमी देखी जा रही है। यह भी लक्ष्य किया जा रहा है कि लेखा कार्यालय के स्थापना कार्याे के लिए संसाधनों की कमी रहती है। ऐसी स्थिति में इन जिला लेखा कार्यालय के कार्यो को गतिशीलता प्रदान करने की अवश्यकता है ताकि वित्तीय प्रबंधन एवं वित्तीय कार्यकलापों में पारदर्शिता बनाए रखने तथा राज्यहित में इनका सतत अनुश्रवण होता रहे। इस उद्देश्य से वित्त विभागीय समिति की अनुशंसा प्राप्त की गई है। प्राप्त अनुशंसा के आलोक में निम्नांकित निर्णय लिए जाते हैं :-
(i) उपर्युक्त समस्याओं के आलोक में राज्य में वित्तीय प्रबंधन एवं अनुशासन स्थापित करने हेतु जिला लेखा पदाधिकारी के निम्नांकित कर्तव्य एवं अधिकार निर्धारित किये जाते हैं :-
(क) लेखा एवं अभिलेख संधारण- प्रत्येक निकासी एवं व्ययन कार्यालय में लोकधन के व्यय एवं प्राप्ति संबंधी सभी संव्यवहारों का बिहार बजट हस्तक, बिहार कोषागार संहिता, बिहार वित्तीय नियमावली, लेखांकन नियमावली तथा वित्त विभाग द्वारा समय-समय पर निर्गत आदेशों/दिशानिदेशों के आलोक में लेखा एवं संगत अभिलेख/पंजी का संधारण सुनिश्चित कराना। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 ॢदस(cid:19)बर 2(cid:21)1(cid:22) (ड.) लेखा समाशोधन- बिहार वित्त नियमावली के नियम-475 के अंतर्गत निकासी एवं व्ययन कार्यालय के लेखा का कोषागार एवं महालेखाकार के लेखा से नियमित रूप से सत्यापन का अनुश्रवण करना।
(च) समीक्षा बैठक- वित्तीय प्रबंधन, बजट निर्माण, योजना सूत्रण एवं स्वीकृति आदि विषयों पर निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों एवं नियंत्री पदाधिकारियों के साथ बैठक करना। (छ) वित्तीय अनियमितता, गवन, दुर्विनियोग, अधिकाई व्यय, आदि मामलों की जाँच करना तथा जिला पदाधिकारी को प्रतिवेदन देना।
(ज) वेतन निर्धारण का सत्यापन- जिला में पदस्थापित चतुर्थ एवं तृतीय वर्ग के सभी कर्मियों का निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/कार्यालय प्रधान द्वारा किये गये वेतन निर्धारण का सत्यापन करना।
(झ) प्रशिक्षण-जिला स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों का लेखा संबंधी प्रशिक्षण की व्यवस्था करना तथा नियमित रूप से कार्यालय/योजना लक्षित प्रशिक्षण आयोजित करना। () कार्यालय प्रधान/निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के द्वारा निकासी की गयी अग्रिम राशि और सहायक अनुदान की राशि के सामंजन का अनुश्रवण।
(ट) कार्यालय प्रधान/डीडीओ द्वारा बैंक खातों में संधारित राशि का अनुश्रवण। (ठ) पी0एल0/पी0डी0/कार्य जमा शीर्ष खातों का अनुश्रवण। (ड) स्थानीय निकायों को लेखा संबंधी मार्गदर्शन देना।
(ii) जिला लेखा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना- जिला पदाधिकारी के नियंत्राधीन 38 जिला में एक-एक जिला लेखा पदाधिकारी कार्यालय स्थापित किया जायेगा। जिला लेखा पदाधिकारी, जिला लेखा कार्यालय के कार्यालय प्रधान तथा निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे। वित्त विभाग के नियंत्राधीन बिहार लेखा सेवा के वरीय लेखा पदाधिकारी कोटि, वेतनमान 15600-39100/-ग्रेड पे-6600/- में जिला लेखा पदाधिकारी के 38 पद सृजित है।
(iii) स्थापना व्यय- जिला लेखा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों एवं पदाधिकारियों का वेतन भुगतान तथा अन्य स्थापना व्यय वित्त विभाग, मांग संख्या-12 के मुख्य शीर्ष-2054 से किया जायेगा। (iv) बिहार लेखा सेवा के पदाधिकारी की अनुपलब्धता की स्थिति में जिला पदाधिकारी के द्वारा बिहार प्रशासनिक सेवा/बिहार वित्त सेवा के पदाधिकारी को जिला लेखा पदाधिकारी का प्रभार दिया जा सकता है।
(v) जिला लेखा कार्यालय में तत्काल जिला लिपिक संवर्ग से लिपिकों एवं कार्यालय परिचारी का पदस्थापन किया जायेगा।
(vi) संबंधित जिला पदाधिकारी द्वारा जिला लेखा कार्यालय के लिए स्थल/भवन उपलब्ध कराया जायेगा। उपस्कर, कम्प्यूटर, वाहन, दूरभाष आदि की व्यवस्था हेतु वित्त विभाग द्वारा धन उपलब्ध कराया जायेगा।
(vii) जिला पदाधिकारी जिला स्तर पर जिला लेखा पदाधिकारी के नियंत्री पदाधिकारी होंगे इसलिए उनसे अपेक्षा की जाती है कि जिला लेखा पदाधिकारी की सेवाओं का पूरा-पूरा उपयोग वित्त एवं लेखा संबंधी निरीक्षण, प्रशिक्षण, अभिलेख संधारण, क्षेत्रीय कार्यालयों को मार्गदर्शन, उतम वित्तीय प्रबंधन आदि कार्यों के लिए करेंगे।
2. जिला लेखा कार्यालय स्थापित करने तथा आवश्यक पद सृजन हेतु प्रशासी पदवर्ग समिति की स्वीकृति के उपरांत जिला लेखा कार्यालय स्थापित करने की अधिसूचना निर्गत की जायेगी।
3. पूर्व निर्गत संकल्प, परिपत्र एवं आदेश इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे। 4. यह संकल्प निर्गमन की तिथि से प्रभावी होगी।
आदेश से, जयन्त कुमार सिंह, सरकार के अपर सचिव।