िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 29292929 अमहायणअमहायणअमहायणअमहायण 1931931931939999 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 51515151 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ————————
20202020 )दस)दस)दस)दस+ब+ब+ब+बरररर 2017201720172017 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)5, पदःथापन, बदली, श(cid:18)5, छु :ट(cid:15) और अ<य =य(cid:18)5गत सूचनाएं। 2-5 भाग-1-क—ःवयंसेवक गुAमC के समादेंटाओं के आदेश।
---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Lाओं के पर(cid:15)Lा-फल, कायNबम, छाऽवृ(cid:18)Q ूदान, आ)द।
---
भाग-1-ग—िशLा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Lाफल आ)द ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राRयपाल और कायाNSयLC (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आ)द। ---
भाग-3—भारत सरकार, पTUम बंगाल सरकार और उWच <यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राRय गजटC के उYरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत )कये जानेवाले ूवर सिमितयC के ूितवेदन और उ\त (cid:18)वधान मंडल मZ पुर:ःथापन के पूवN ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Tजनपर रांशपित क] Rयेंठ अनुमित िमल चुक] है। ---
भाग-8—भारत क] संसद मZ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयC के ूितवेदन और संसद मZ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयC के ूितवेदन और संसद मZ पुर:ःथापन के पूवN ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व_ापन
---
भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क] नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, <यायालय सूचनाएं और सवNसाधारण सूचनाएं इaया)द। 6-6 पूरक
---
पूरक-क 7-102 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)5, पदःथापन, बदली, श(cid:18)5, छु :ट(cid:15) और अ<य =य(cid:18)5गत सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
जल संसाधन विभाग
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आवश्यक सूचना
13 दिसम्बर 2017
सं0 सिं0 को0-सं0 सिं0 को0-सं0 सिं0 को0-सं0 सिं0 को0-1/2001 पार्ट 1/2001 पार्ट 1/2001 पार्ट 1/2001 पार्ट III-571-571-571-571—मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, भागलपुर के परिक्षेत्राधीन सिंचाई प्रमंडल, बौंसी एवं सिंचाई प्रमंडल, भागलपुर के अन्तर्गत चन्दन जलाशय योजना के अंतर्गत डैम का सुरक्षात्मक कार्य, सूखनियां वीयर, डकाई वीयर एवं नहर प्रणालियों का पुनस्र्थापन कार्य प्रगति पर है जिससे रब्बी सिंचाई 2017-18 के दौरान चन्दन जलाशय योजना के नहरों में जलापूर्ति बन्द रखने का निर्णय लिया गया है ।
नहरों के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि आगामी रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक अतः संबंधित अतः संबंधित अतः संबंधित अतः संबंधित नहरों के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि आगामी रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक नहरों के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि आगामी रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक नहरों के कमांड क्षेत्र के कृषक बन्धुओं से अनुरोध है कि आगामी रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक
रेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है । व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट कव्यवस्था से पटवन करने का कष्ट कव्यवस्था से पटवन करने का कष्ट कव्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है । रेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है । रेगें । उपरोक्त कार्य में आप सबों का सहयोग प्रार्थित है । आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से,/-/-/-/- अरूण कुमार द्विवेदी, अरूण कुमार द्विवेदी, अरूण कुमार द्विवेदी, अरूण कुमार द्विवेदी, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।।।।
----------- गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग (आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा)(आरक्षी शाखा) ---------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाएंएंएंएं 13 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 2017
सं0 2/पी05-20-01/2016 गृ0आ0-9733—सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के परिपत्र सं0-4800 दिनांक 01.04.2016 में निहित प्रावधान के तहत बिहार पुलिस सेवा संवर्ग के निम्नांकित अपर पुलिस अधीक्षकों को आदेश निर्गत की तिथि से स्टाफ ऑफिसर के पद पर वेतनमान-लेवल -13 (पी0 बी0-4, ग्रेड वेतन-` 8700, अपुनरीक्षित) में औपबंधिक प्रोन्नति प्रदान की जाती है :-
| क्र0क्र0क्र0क्र0 | पदाधिकारी का नाम | मूल वरीयता क्रमांक |
| 1. | श्री छोटे लाल प्रसाद (अनु0 जाति) | 06/14 |
| 2. | श्री आमीर जावेद | 28/14 |
| 3. | श्री अशोक कुमार सिंह | 29/14 |
| 4. | श्री संजय कुमार सिंह | 30/14 |
| 5. | श्री राजीव रंजन-1 | 31/14 |
| 6. | श्री राकेश कुमार सिन्हा | 32/14 |
2. प्रोन्नति का आर्थिक लाभ प्रोन्नत पद पर पदभार ग्रहण करने की तिथि से देय होगा। 3. प्रोन्नति के फलस्वरूप वेतन का नियतन मौलिक नियमावली के नियम-22 (1) (A) (1) में निहित प्रावधान के आलोक में किया जायेगा तथा इस संंंबंध में पदाधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत अपना विकल्प देना होगा। 4. यह प्रोन्नति माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन एस0एल0पी0 (सी0) सं0-29770/2015, बिहार सरकार बनाम सुशील कुमार सिंह एवं अन्य में पारित आदेश के फलाफल से प्रभावित होगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दुर्गेश कुमार पाण्डेय, उप-सचिव।
---------- 13 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 2017 सं0 7/सी0सी0ए0-1024/2001(खंड-II)गृ0आ0-9731—बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1981 (7/81) की अध्याय 2 की धारा 12 (2) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल, राज्य के सभी जिला दण्डाधिकारियों को उपर्युक्त अधिनियम की धारा 12 (1) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का अपने जिला के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के एतद् विषयक अधिसूचना संख्या-7566756675667566, दिनांक 18181818....09090909....2017201720172017 के क्रम में अगले तीन महीनों के3 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017 लिए अर्थात दिनांक 01010101....01010101....2018 से 312018 से 312018 से 312018 से 31....03030303....2018201820182018 तक (एक जनवरी दो हजार अठारह से एकतीस मार्च दो हजार अठारह तक) प्रयोग करने की शक्ति प्रदान करते हैं।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, गिरीष मोहन ठाकुर, गिरीष मोहन ठाकुर, गिरीष मोहन ठाकुर, गिरीष मोहन ठाकुर, अवर सचिव।
--------- कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग गृह विभाग गृह विभाग गृह विभाग (कारा)(कारा)(कारा)(कारा) -------------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 12 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 2017
सं0 कारा/स्था0 (चि0) 01-03/2010-7024—राज्य के कारा निरीक्षणालय (मुख्यालय)/कारा में पदस्थापित निम्नांकित चिकित्सा पदाधिकारियों को स्थानांतरित करते हुए उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित स्थल पर पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र0क्र0क्र0क्र0 | चिकित्सा पदाधिकारी चिकित्सा पदाधिकारी चिकित्सा पदाधिकारी चिकित्सा पदाधिकारी का नाम | गृह जिला | वर्तमान पदस्थापन | नये पद का नाम एवं नये पद का नाम एवं पदस्थापन का स्थान |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. डॉ0 परमेश्वर पाण्डेय, सारण | उप निदेषक, चिकित्सा सेवा कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना। | निदेशक, चिकित्सा स े वा, कारा एवं स ुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना। | ||
| 2. डॉ0 प्रशांत सिन्हा, | नालन्दा | चिकित्सा पदाधिकारी, शिविर मंडल कारा, फुलवारीशरीफ | उप निदेशक, चिकित्सा सेवा, कारा एवं स ुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना। (अपने वेतनमान में) |
2. दोनों पदाधिकारियों को निदेश दिया जाता है कि वे प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किये बिना प्रभार सौंपकर नव पदस्थापन स्थल पर अविलम्ब योेगदान करना सुनिश्चित करेगें।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, (ह0) अस्पष्ट, (ह0) अस्पष्ट, (ह0) अस्पष्ट, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।।।।
------------------------------------ स्वास्थ्य विभागस्वास्थ्य विभागस्वास्थ्य विभागस्वास्थ्य विभाग -------------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाएंएंएंएं 12 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 2017
सं0 16/आई.जी.1-09/2014(पार्ट)-1378 (आ0चि0)/स्वा0—राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत अधिसूचना संख्या 1283(आ0चि0) दिनांक 20.11.2017 द्वारा राज्य आयुश सोसाइटी, बिहार, पटना का गठन किया गया है। श्री सच्चिदान्नद चौधरी, विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को राज्य आयुष सोसाइटी, बिहार, पटना का सदस्य सचिव-सह- कार्यपालक निदेशक एवं श्री नागेन्द्र प्रसाद, अवर सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को राज्य आयुष सोसाइटी, बिहार, पटना का सदस्य-सह-नोडल पदाधिकारी नामित किया जाता है।
2. माननीय मंत्री, स्वास्थ्य का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, सच्चिदानन्द चौधरी, विशेष सचिव।
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12 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 2017
सं0 16/आई.जी.1-09/2014(पार्ट)-1379 (आ0चि0)/स्वा0—राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत अधिसूचना संख्या 1283(आ0चि0) दिनांक 20.11.2017 द्वारा राज्य आयुष सोसाइटी, बिहार, पटना का गठन किया गया है। श्री प्रशांत कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को राज्य आयुष सोसाइटी, बिहार, पटना के प्रशासी-सह-बजट पदाधिकारी के रुप में कार्य करने हेतु प्राधि—त किया जाता है।
2. माननीय मंत्री, स्वास्थ्य का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, सच्चिदानन्द चौधरी, विशेष सचिव।4 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017
24 अक्तूबर 201724 अक्तूबर 201724 अक्तूबर 201724 अक्तूबर 2017
सं0 15/ख0-15-02/17-944 (15)/स्वा0,—औषधि एवं अंगराग अधिनियम 1940 की धारा क्रमशः 20, 33F द्वारा प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए औषधि एवं अंगराग नियमावली, 1945 में विहित अनुसूची सी को छोड़कर एवं अनुसूची सी (1) के आइटम नं0 1 से 8 एवं 10, 11 को छोड़कर सभी प्रकार की औषधियाँ, सौंदर्य प्रसाधन सामग्री, होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी औषधियों की जाँच/विश्लेषण हेतु श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, संविदा के आधार पर नियुक्त फार्मासिस्ट, बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला, अगमकुआँ, पटना-7 को उनके अपने ही मानदेय में बिहार औषधि नियंत्रण प्रयोगशाला के रिक्त सरकारी विश्लेषक के पद पर अगले आदेश तक कार्य करने हेतु प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, अवर सचिव।
-------------------------------- सं0 म॰/ योजना - 14/2017—1660 पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (मत्स्य)पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (मत्स्य)पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (मत्स्य)पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग (मत्स्य) --------------------------------
प्रेषक,
डा0 एन विजयलक्ष्मी, भा॰प्र॰से॰, सचिव,
सेवा में,
प्रमंडलीय आयुक्त, सभी। जिला पदाधिकारी, सभी। उप विकास आयुक्त, सभी।
मत्स्य/पटना, दिनांक 12 दिसम्बर 2017 मत्स्य प्रक्षेत्र के स्वीकृत योजनान्तर्गत योग्य मत्स्यपालकों द्वारा किये जानेवाले निर्माण कार्यों पर 15 जून से विषय :विषय :विषय :विषय : मत्स्य प्रक्षेत्र के स्वीकृत योजनान्तर्गत योग्य मत्स्यपालकों द्वारा किये जानेवाले निर्माण कार्यों पर 15 जून से मत्स्य प्रक्षेत्र के स्वीकृत योजनान्तर्गत योग्य मत्स्यपालकों द्वारा किये जानेवाले निर्माण कार्यों पर 15 जून से मत्स्य प्रक्षेत्र के स्वीकृत योजनान्तर्गत योग्य मत्स्यपालकों द्वारा किये जानेवाले निर्माण कार्यों पर 15 जून से 15 अक्टूबर के बीच लोक निर्माण विभाग के स्थगन आदेश को शिथिल करने के संबंध में।करने के संबंध में।करने के संबंध में।करने के संबंध में। 15 अक्टूबर के बीच लोक निर्माण विभाग के स्थगन आदेश को शिथिल 15 अक्टूबर के बीच लोक निर्माण विभाग के स्थगन आदेश को शिथिल 15 अक्टूबर के बीच लोक निर्माण विभाग के स्थगन आदेश को शिथिल
महाशय,महाशय,महाशय,महाशय,
उपर्युक्त विषयक मत्स्य प्रक्षेत्र से संबंधित योजनाओं के प्रगति की समीक्षा के क्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि मानसून होने के कारण 15 जून से 15 अक्टूबर के बीच होनेवाले निर्माण कार्यों पर लोक निर्माण विभाग के स्थगन आदेश रहने के कारण मत्स्य विकास योजनाओं का कार्यान्वयन उक्त अवधि में नहीं हो पाता है, जिसके कारण मत्स्य विकास से संबंधित योजनाओं में आशातित प्रगति का आभाव है। वस्तुतः मत्स्य प्रक्षेत्र के स्वीकृत योजनाओं में योग्य लाभूकों द्वारा अनुदानित मुल्य पर स्वलागत अथवा वित्तीय संस्थाओं से वित्त पोषण द्वारा विभागीय मापदंड के अनुरूप निर्माण कार्य स्वयं किया जाता है। उक्त अवधि में लोक निर्माण विभाग के द्वारा निर्माण कार्याें पर स्थगन आदेश के कारण निर्माण हेतु अनुकूल परिस्थिति रहने के बावजूद निर्माण कार्य अवरूद्ध हो जाता है, जिसके कारण कृषि रोडमैप के अनुसार लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं हो पा रही है। अतः लोक निर्माण विभाग के द्वारा निर्गत स्थगन आदेश को मत्स्य प्रक्षेत्र के योजनाओं के कार्यान्वयन में शिथिल करने की आवश्यकता है।
सम्यक् विचारोपरांत यह निदेश दिया जाता है कि परिक्षेत्र स्तर पर उप मत्स्य निदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति स्थल की जाँच कर साक्ष्य के साथ उक्त अवधि में कार्य कराने के लिए निर्णय लेगी एवं कार्यादेश निर्गत कर सकेगी। साथ ही किये गये कार्य की मापी कर निर्धारित प्रक्रियानुसार लाभूकों को अनुदान भी निर्गत करेगी। संबंधित जिला मत्स्य पदाधिकारी कार्यों की प्रगति से जिला स्तरीय कृषि टास्कफोर्स की बैठक में जिला पदाधिकारी को अवगत करायेंगे।
विश्वासभाजन, डा0 एन विजयलक्ष्मी, सचिव।
--------------------------------
i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx
¼xO; fodkl½
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अधिसूचना
8 दिसम्बर 2017
सं0 1821—जिला भभुआ (कैमूर), सासाराम (रोहतास), मोतिहारी (पू0 चम्पारण), बेतिया (प0 चम्पारण), मुजफ्फरपुर, शिवहर, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, जहानाबाद, गया, भागलपुर, खगड़िया, बेगुसराय, हाजीपुर (वैशाली), आरा (भोजपुर) एवं बक्सर में गव्य5 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017 विकास निदेशालय, बिहार, पटना के अधीन जिला गव्य विकास कार्यालय स्वीकृत नहीं होने के फलस्वरूप गव्य विकास संबंधी कार्यों के सफल क्रियान्वयन हेतु उक्त जिला के जिला पशुपालन पदाधिकारी को अगले आदेश तक कार्य करने हेतु प्राधिकृत किया जाता है। 2. प्रस्ताव में माननीय विभागीय मंत्राी का अनुमोदन प्राप्त है।
3. यह आदेश तात्कालिक प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
ब्रजेश्वर पाण्डेय, अवर सचिव।
———
अधीLकअधीLकअधीLकअधीLक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 40404040ÑÑÑÑ571+11110000----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।।
Website: http://egazette.bih.nic.in
6 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017भागभागभागभाग----9999----खखखख
िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, <यायालय सूचनाएं और सवNसाधारण
सूचनाएं इaया)द
ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
सूचनासूचनासूचनासूचना ----------------------------
No. 1567—I, No. 614244F , Rank Ex-Seargant, Name- Lal Mani Rai, S/O Late Marai Rai, Permanent Address – Vill – Fatehpur, PO – Anjani (Parsa), PS- Parsa, Dist – Chapra- Saran, Bihar, Declare that in my service record name of my wife is wrongly recorded as Hemwanti Devi Correct name of my wife is Hema Devi, Affidavit No. 18546/Dated 09:10:2017.
Lal Mani Rai.
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सं0 1568—मैं विभांशु, पिता-चन्द्र भूषण प्रसाद, माता-विभा कुमारी, पता-सदल्लीचक, पोस्ट-मित्तनचक, थाना- गोपालपुर, पटना-804453, हालमोकाम-पश्चिमी रामकृष्णानगर, पोस्ट-न्यूजगनपुरा, थाना-रामकृष्णानगर, जिला-पटना-800027 बिहार, घोषणा करता हूँ कि शपथ पत्र संख्या-16761, दिनांक 17.11.2017 से मैं अब विभांशु चन्द्रा के नाम से जाना जाऊँगा।
विभांशु.
No. 1568—1, Bibhanshu S/O- Chandra Bhushan Prasad, R/O- Sadallichak, P.O. Mittan Chak, P.S– Gopalpur, District Patna, A/P–West Ramkrishna Nagar, P.O-New Jaganpura, P.S.- Ramkrishna Nagar, District Patna-800027 declare vide Affd. No. 16761 Dated 17/11/17 that now on wards I shall be known as Bibhanshu Chandra.
Bibhanshu
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सं0 1575—मैं, विशेश्वर नाथ, पिता-देवकान्त सिंह, पता-तारेगना गोला, मसौढ़ी, पटना का निवासी हूँ शपथ पूर्वक ब्यान करता हूँ कि मैं दिनांक 30.10.2017 शपथ पत्र सं.-10957 से विशेश्वर नाथ सिंह के नाम से जाना एवं पहचाना जॉऊगाा।
विशेश्वर नाथ. No. 1575—I, VISHESHWAR NATH S/O Deokant Singh born on 10/02/1990 residing at Taregna Gola, P/O + P/S- Masaurhi, Dist –Patna, Bihar, have changed my name to Visheshwar Nath Singh vide affidavit no: 10957 dated 30/10/2017 at Masaurhi (Patna).
VISHESHWAR NATH.
———
अधीLकअधीLकअधीLकअधीLक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 40404040ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।।
Website: http://egazette.bih.nic.in
7 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
काकाकाका
पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000))))
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सं0 कारा/नि0को0(मुक)-09-28/2017—7006
कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय
गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा) -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 11 दिसम्बर 201711 दिसम्बर 201711 दिसम्बर 201711 दिसम्बर 2017
श्री प्रेम कुमार, काराधीक्षक (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को उनके मंडल कारा, सीतामढ़ी में पदस्थापन के दौरान आपूरक श्री राम लखन यादव से 1,00,000/-(एक लाख) रूपया रिष्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिनांक 06.11.2006 को रंगे हाथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस संदर्भ में श्री कुमार के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 73/06 दिनांक 07.11.2006 धारा-07/13 (2) सह पठित धारा-13 (1) (डी0) भ्र0नि0अधी0 1988 दर्ज की गई है।
2. श्री कुमार को न्यायिक हिरासत में लिये जाने के फलस्वरूप उनके गिरफ्तार होने की तिथि 06.11.2006 के अपराहन् से गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना ज्ञापांक 15799 दिनांक 20.11.2006 द्वारा निलंबित किया गया था। 3. माननीय न्यायालय द्वारा उन्हें जमानत दिये जाने के फलस्वरूप गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 1168 दिनांक 31.01.2008 द्वारा उनके योगदान की तिथि 30.11.2007 से निलंबन से मुक्त करते हुए उनका योगदान स्वीकृत किया गया।
4. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 9 (1) (ग) सहपठित 9 (3) (ii) के आलोक में श्री कुमार को पुनः गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 1353 दिनांक 06.02.2008 द्वारा निलंबित किया गया। उनके विरूद्ध गठित आरोप पत्र के आधार पर गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना संख्या 11454 दिनांक 02.12.2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई।
5. माननीय उच्च न्यायालय, पटना में श्री प्रेम कुमार द्वारा दायर सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-17803/2008 प्रेम कुमार बनाम् बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 04.03.2009 को पारित आदेष के आलोक में गृह (विषेष) विभाग की अधिसूचना सं0-5315 दिनांक 20.07.2009 के द्वारा न्यायादेष की तिथि से निलंबन मुक्त किया गया तथा पुनः उन्हें विभागीय संकल्प ज्ञापांक-672 दिनांक 05.02.2014 के द्वारा निलंबित कर दिया गया।
6. श्री कुमार के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही हेतु नियुक्त संचालन पदाधिकारी, श्री सुधीर कुमार, प्रधान सचिव-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना का जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें दोनों आरोपों को प्रमाणित पाया गया। तत्पष्चात् सभी विहित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए तथा समीक्षोपरांत प्रमाणित आरोपों को अत्यंत गंभीर मानते हुए अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार को सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड देने का निर्णय लिया गया।
7. सरकार द्वारा दिये गये वृहत दण्ड पर परामर्ष के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(7) के तहत् विभागीय पत्रांक-1695 दिनांक 16.03.2015 के द्वारा सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग को प्रेषित किया गया। तद्अलोक में सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-1291 दिनांक 11.08.2015 के द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध उक्त दण्ड के प्रस्ताव पर सहमति दी गई ।8 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017 8. तत्पश्चात विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6348 दिनांक 14.10.2015 के द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध सेवा से बर्खास्तगी का दण्ड अधिरोपित किया गया। उक्त दण्डादेष के विरूद्ध श्री कुमार के द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया। जिसे अस्वीकृत करते हुए विभागीय पत्रांक-2608 दिनांक 03.05.2016 के द्वारा श्री कुमार को सूचित किया गया। 9. उक्त दण्डादेष एवं पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की अस्वीकृति के विरूद्ध श्री कुमार के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-10664/2016, प्रेम कुमार बनाम् बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 19.04.2017 को माननीय न्यायालय द्वारा न्यायनिर्णय पारित किया गया जिसमें '' सेवा से बर्खास्तगी '' आदेष को रद्द करते हुए सभी परिणामी लाभ देने का आदेष दिया गया है।
10. न्यायनिर्णय का operative part निम्नवत है :-
In the uncontested circumstances discussed above, it is manifest that the enquiry report at
Annexure-11/1 and its affirmation by the disciplinary authority vide Annexure-13 are a
mechanical exercise for none of them have bothered to satisfy themselves whether there is any
supporting evidence of giving bribe and its acceptance by the petitioner. Apart from the gross
infirmity listed above, the admission by the disciplinary authority that of the papers demanded by
the petitioner to prepare his reply, he was not entitled to any other paper other than the vigilance
report, is another glaring infirmity in the proceeding.
Last but not the least is the non speaking character of the order of punishment which
neither deals with the evidence lending support to the charge not deals with the explanation
given by the petitioner. An extreme penalty of dismissal is passed in a routine and mechanical
manner dehors the obligation cast on the disciplinary authority under the rules as well as in the
judgments on the issue.
For the reason aforementioned, the order of punishment is held resting on no evidence
and consequentially Annexure-13 bearing Memo No. 6348 dated 14.10.2015 and Annexure-15
bearing letter No. 2608 dated 03.05.2016 are quashed and set aside. The writ petition is allowed
with consequential benefits.
पर्युक्त परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6348 दिनांक 11. उउउउपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6348 दिनांक पर्युक्त परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6348 दिनांक पर्युक्त परिप्रेक्ष्य में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6348 दिनांक 14141414....10101010....2015 को निरस्त करते हुए श्री प्रेम कुमार तत्कालीन काराधीक्षक (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को सेवा में पुनर्स्थापित 2015 को निरस्त करते हुए श्री प्रेम कुमार तत्कालीन काराधीक्षक (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को सेवा में पुनर्स्थापित 2015 को निरस्त करते हुए श्री प्रेम कुमार तत्कालीन काराधीक्षक (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को सेवा में पुनर्स्थापित 2015 को निरस्त करते हुए श्री प्रेम कुमार तत्कालीन काराधीक्षक (सम्प्रति सेवा से बर्खास्त) को सेवा में पुनर्स्थापित ाार्स्त रहने की अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि माना जायेगा। किया जाता है। उनके निलंबन अवधि एवं सेवा से बर्खास्त रहने की अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि माना जायेगा। किया जाता है। उनके निलंबन अवधि एवं सेवा से बख् ाार्स्त रहने की अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि माना जायेगा। ाार्स्त रहने की अवधि को कर्त्तव्य पर बितायी गयी अवधि माना जायेगा। किया जाता है। उनके निलंबन अवधि एवं सेवा से बख् किया जाता है। उनके निलंबन अवधि एवं सेवा से बख् आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-संयुक्त सचिव-संयुक्त सचिव-संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)सह-निदेषक (प्र0)सह-निदेषक (प्र0)सह-निदेषक (प्र0)।।।।
---------------------------- सं0 कारा/नि0को0(उपा0)-02-10/2014—7062 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा) -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 13 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 2017
श्री सीप्रियन टोप्पो, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई) के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मधुबनी में पदस्थापन काल में तत्कालीन उपाधीक्षक से आपसी सामन्जस्य नहीं बनाने, जेनरेटर रहते हुए भी उसे मरम्मति नहीं कराने, कारा जैसे संवेदनषील स्थान पर बिजली विभाग से निदान हेतु ठोस कार्रवाई नहीं किये जाने, नियमित रूप से बैट्री की आपूर्ति नहीं किये जाने, किरासन तेल का उठाव नहीं किये जाने तथा बंदियों का पारिश्रमिक का भुगतान ससमय नहीं किये जाने के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3779 दिनांक 23.06.2016 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त विभागीय जाँच आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 25 दिनांक 14.01.2017 से प्राप्त संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच)-सह-संचालन पदाधिकारी, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के जाँच प्रतिवेदन में श्री टोप्पो के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित छः (06) आरोपों में से आरोप संख्या-01 को पूर्णतः प्रमाणित नहीं पाया गया जबकि शेष पाँच (05) आरोपों को अप्रमाणित पाया गया है। समीक्षोपरान्त पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा कतिपय बिन्दुओं पर आरोपों की जाँच गहराई से नहीं की गई तथा विषयवस्तु की संवेदनषीलता को देखते हुए सूक्ष्मता से इसकी समीक्षा नहीं की गई। तद्आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम9 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांक 3312 दिनाकं 27.06.2017 द्वारा संचालन पदाधिकारी के अधिगम से कतिपय बिन्दुओं पर असहमत होते हुए जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री टोप्पो से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी। 3. श्री टोप्पो के द्वारा अपने पत्रांक 1497/जेल दिनांक 03.08.2017 के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया है कि उक्त कारा के पत्रांक-512 दिनांक-25.03.2014, पत्रांक-571 दिनांक-04.04.2014 एवं पत्रांक-644 दिनांक-17.04.2014 द्वारा एवं पुनः व्यक्तिगत रूप से भी कार्यपालक अभियंता, विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल, मधुबनी से अनुरोध किया गया था। जेनरेटर खराब रहने के संबंध में उनका कहना है कि मरम्मति ठीक से नहीं हो सकी, परन्तु मरम्मति के लिए प्रयास किया गया है। कक्षपालों को ससमय बैट्री उपलब्ध नहीं कराये जाने के आरोप के संबंध में आरोपित का कहना है कि यह आरोप बिल्कुल ही मनगढंत है। जांच समिति को भी ऐसी षिकायत नहीं मिली। आरोपित का कहना है कि किसी ओर से किरासन तेल की कमी की षिकायत नहीं है। माह जून 2014 एवं जुलाई 2014 में दिनांक 21.06.2014 और 17.07.2014 को किरासन तेल का उठाव किया गया है। बंदियों को पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किये जाने के संबंध में आरोपित का कहना है कि बंदी पारिश्रमिक के भुगतान हेतु जब भी शाखा प्रभारी द्वारा विपत्र प्रस्तुत किया गया है, उनके द्वारा कार्रवाई की गई है। उपाधीक्षक, जो गोदाम प्रभारी थे, को गैस चुल्हा की खराबी की सूचना होने पर उन्होंने तुरन्त ठीक करवाने के लिए आदेष दिया है। गैस चूल्हा की मरम्मति चालान सं0-102 दिनांक 22.03.2014 एवं चालान सं0-102 दिनांक 15.04.2014 द्वारा करायी गई है।
4. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन, संचिका में उपलब्ध अभिलेख एवं श्री टोप्पो द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा जबाव की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी समीक्षा में पाया गया कि श्री टोप्पो का यह कहना कि कारा में विद्युत आपूर्ति के लिए उनके द्वारा कार्यपालक अभियन्ता से कई बार पत्राचार किया गया एवं व्यक्तिगत रूप से सम्पर्क किया गया, उनका आरोप से बचने मात्र का प्रयास है। आरोपित का कारा के मुख्य नियंत्री पदाधिकारी होने के कारण यह दायित्व था कि वे कारा जैसे संवेदनषील स्थान पर सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से कारा में प्रकाष की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिष्चित करते, परन्तु इसमें वे पूर्णतः विफल रहें है। जेनरेटर की मरम्मति भी ससमय नहीं की गई।कक्षपालों को ससमय बैट्री उपलब्ध नहीं कराने एवं बंदियों के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं करने के संबंध में उनका जवाब संतोषप्रद नहीं है। इसके अतिरिक्त कारा में जब बिजली की समस्या विद्यमान थी तब उनके द्वारा किरासन तेल का ससमय उठाव नहीं किया जाना उनकी कारा के सुरक्षा के प्रति लापरवाही परिलक्षित करता है। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जबाव अस्वीकार्य है। 5. वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सीप्रियन टोप्पो, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :- (i) निंदन।निंदन।निंदन।निंदन।
(ii) दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड। दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड। दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड। दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक संयुक्त सचिव-सह-निदेषक संयुक्त सचिव-सह-निदेषक संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)(प्र0)(प्र0)(प्र0)।।।।
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सं0 कारा/नि0को0(उपा0)-02-10/2014—7063
कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय
गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा) -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 13 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 201713 दिसम्बर 2017
श्री सुरेष चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन उपाधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सुपौल) के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मधुबनी में पदस्थापन काल में तत्कालीन अधीक्षक से आपसी सामन्जस्य नहीं बनाने, जेनरेटर रहते हुए भी उसे मरम्मति नहीं कराने, कारा जैसे संवेदनषील स्थान पर बिजली विभाग से निदान हेतु ठोस कार्रवाई नहीं किये जाने, नियमित रूप से बैट्री की आपूर्ति नहीं किये जाने, किरासन तेल का उठाव नहीं किये जाने तथा बंदियों का पारिश्रमिक का भुगतान ससमय नहीं किये जाने के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3778 दिनांक 23.06.2016 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त विभागीय जाँच आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 26 दिनांक 14.01.2017 से प्राप्त संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच)-सह-संचालन पदाधिकारी, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के जाँच प्रतिवेदन में श्री चौधरी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित छः (06) आरोपों में से किसी भी आरोप को प्रमाणित नहीं पाया गया। समीक्षोपरान्त पाया गया कि संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा कतिपय बिन्दुओं पर आरोपों की जाँच गहराई से नहीं की गई तथा विषयवस्तु की संवेदनषीलता को देखते हुए सूक्ष्मता से इसकी समीक्षा नहीं की गई। तद्आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांक 3311 दिनाकं10 (cid:18)बहार गजट, 20 )दस+बर 2017 27.06.2017 द्वारा संचालन पदाधिकारी के अधिगम से कतिपय बिन्दुओं पर असहमत होते हुए जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
3. श्री चौधरी के द्वारा अपने पत्रांक 1097 दिनांक 26.07.2017 के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया है कि मंडल कारा, मधुबनी में विद्युत आपूर्ति की स्थिति एवं उसके निराकरण की समस्या इतनी गंभीर थी, कि यह न तो उपाधीक्षक और न ही कारा अधीक्षक के वष में थी, और उसको सुव्यवस्थित किये जाने का अनुश्रवण सीधे महानिरीक्षक के स्तर से किया जा रहा था। जेनरेटर खराब रहने एवं बनवाने के संबंध में आरोपित का कहना है कि कारा में लगे जेनरेटर 7.5 के0वी0ए0 काफी पुराना हो चुका है और उसे चलाने के ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं की गई है। फिर भी उनके द्वारा एन-केन-प्रकारेण से किसी तरह उसी पुराने जेनरेटर को चलवाया जाता था एवं प्रकाष की व्यवस्था की गई थी। जवाब के अनुसार उनके द्वारा अधीक्षक से तालमेल स्थापित रखने में कभी कोई कमी नहीं की गई है। कक्षपालों को ससमय बैट्री नहीं दिये जाने के संबंध में कहना है कि प्रत्येक माह टार्च का बैट्री मँगाया जाता था तथा कारा कर्मियों में वितरण कर दिया जाता था। किरासन तेल उठाव के संबंध में उनका कहना है कि किरासन तेल का उठाव प्रत्येक माह नियमित रूप से जन वितरण प्रणाली के दुकान से किया जाता था। बंदी पारिश्रमिक के बिन्दु के संबंध में उनका कहना है कि बंदी पारिश्रमिक का भुगतान बंदी पारिश्रमिक पंजी के माध्यम से किया जाता है एवं बंदी पारिश्रमिक पंजी से स्पष्ट होता है कि बंदी पारिश्रमिक का भुगतान किया गया है एवं इसे अधीक्षक द्वारा सत्यापित भी किया गया है। 4. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन, संचिका में उपलब्ध अभिलेख एवं श्री चौधरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा जवाब की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी समीक्षा में पाया गया कि श्री चौधरी का यह कहना कि कारा में विद्युत की समस्या इतनी गंभीर थी कि उसका निराकरण उपाधीक्षक और काराधीक्षक के वश में नहीं थी, उनकी कर्त्तव्यहीनता एवं गैर जिम्मेदार होने का द्योतक है। उपाधीक्षक का कारा के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में यह दायित्व था कि वे कारा में बिजली की समस्या के मद्देनजर सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से प्रकाश की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराते। कारा में अधिष्ठापित जेनरेटर का चालू अवस्था में नहीं रहना, मरम्मति के तरुंत बाद खराब हो जाना उनकी लापरवाही को इंगित करता है। संयुक्त जांच दल के जांच में पाया गया कि कारा में विद्युत समस्या के बावजूद कक्षपालों को ससमय बैट्री नहीं उपलब्ध कराया जाता था और न हीं समय पर किरासन तेल का उठाव किया जाता था। बंदियों का पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया जा रहा था। उपर्युक्त से स्पष्ट होता है कि इनका अधीक्षक से आपसी सामन्जस्य एवं ताल-मेल में कमी थी। अतएव आरोपित का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब अस्वीकार्य है। 5. वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सुरेष चौधरी, तत्कालीन उपाधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सुपौल) को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :- (i) निंदन।निंदन।निंदन।निंदन।
(ii) दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड। दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड। दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड। दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंड।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।
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अधीLकअधीLकअधीLकअधीLक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मु)ित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 40404040ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।।