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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 21 December 2017

Published 21 December 2017

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2017-12-21.1202
Languages
English, Hindi

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श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ सम्प्रति पुलिस उपाधीक्षक एस0टी0एफ0 श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ सम्प्रति पुलिस उपाधीक्षक एस0टी0एफ0 श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ सम्प्रति पुलिस उपाधीक्षक एस0टी0एफ0 पटना के विरूद्ध आरोप है कि जब ये अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़ पटना के पद पर कार्यरत थे तब बिहार राज्य पटना के विरूद्ध आरोप है कि जब ये अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़ पटना के पद पर कार्यरत थे तब बिहार राज्य पटना के विरूद्ध आरोप है कि जब ये अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बाढ़ पटना के पद पर कार्यरत थे तब बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग के पत्रांक-3088/13-11510 दिनांक 13 2013 के माध्यम से श्री सुरेन्द्र प्रसाद, पिता-स्व0 आयोग के पत्रांक-3088/13-11510 दिनांक 13.09.2013 के माध्यम से श्री सुरेन्द्र प्रसाद, पिता-स्व0 रामचन्द्र साव से प्राप्त परिवाद पत्र जिसमें श्री राज किषोर सिंह के विरूद्ध परिवाद के बाढ़ स्थित दाल मिल को गलत रामचन्द्र साव से प्राप्त परिवाद पत्र जिसमें श्री राज किषोर सिंह के विरूद्ध परिवाद के बाढ़ स्थित दाल मिल को गलत रामचन्द्र साव से प्राप्त परिवाद पत्र जिसमें श्री राज किषोर सिंह के विरूद्ध परिवाद के बाढ़ स्थित दाल मिल को गलत पत्र की जांच पुलिस उप-महानिरीक्षक ढंग से सील करने तथा अन्य कतिपय आरोप लगाये गये थे। प्राप्त परिवाद पत्र की जांच पुलिस उप-महानिरीक्षक ढंग से सील करने तथा अन्य कतिपय आरोप लगाये गये थे। प्राप्त परिवाद केन्द्रीय क्षेत्र पटना से कराई गई। जाचोपरांत पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जांच प्रतिवेदन समर्पित किया। प्रतिवेदन में श्री केन्द्रीय क्षेत्र पटना से कराई गई। जाचोपरांत पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जांच प्रतिवेदन समर्पित किया। प्रतिवेदन में श्री केन्द्रीय क्षेत्र पटना से कराई गई। जाचोपरांत पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जांच प्रतिवेदन समर्पित किया। प्रतिवेदन में श्री राज किषोर सिंह के विरूद्ध निम्नांकित त्रुटियाँ पाई गई :- राज किषोर सिंह के विरूद्ध निम्नांकित त्रुटियाँ पाई गई :-

1. उक्त कांड में प्राथमिकी दिनांक 023. उक्त आरोप के लिए श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक ा, जबकि दिनांक 27.04.2013 को उक्त कांड में प्राथमिकी दिनांक 02.05.2013 को अंकित किया गया, जबकि दिनांक 27 2014 को प्रातः 8ः00 बजे ही आवेदनकर्त्ता श्री सुरेन्द्र प्रसाद को नोटिस भेज कर दिनांक 28.04.2014 को प्रातः 8ः00 बजे ही आवेदनकर्त्ता श्री सुरेन्द्र प्रसाद को नोटिस भेज कर दिनांक 28 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ पटना के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देष दिया गया, जबकि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ पटना के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देष दिया गया, जबकि अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ पटना के कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देष दिया गया, जबकि कसी को अनुसंधान के क्रम में ही बुलाया जा द0प्र0 सं0 की धारा-160 के अंतर्गत साक्ष्य के लिए किसी को अनुसंधान के क्रम में ही बुलाया जा द0प्र0 सं0 की धारा-160 के अंतर्गत साक्ष्य के लिए ि सकता है। पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पटना के पर्यवेक्षण टिप्पणी सह प्रतिवेदन दो में परिवादी सुरेन्द्र प्रसाद, पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पटना के पर्यवेक्षण टिप्पणी सह प्रतिवेदन दो में परिवादी सुरेन्द्र प्रसाद, 2. पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पटना के पर्यवेक्षण टिप्पणी सह प्रतिवेदन दो में परिवादी सुरेन्द्र प्रसाद, मनीष कुमार एवं अनीष प्रसाद के विरूद्ध सत्य पाया गया है तथा कांड में अन्य निर्देष जारी किए मनीष कुमार एवं अनीष प्रसाद के विरूद्ध सत्य पाया गया है तथा कांड में अन्य निर्देष जारी किए मनीष कुमार एवं अनीष प्रसाद के विरूद्ध सत्य पाया गया है तथा कांड में अन्य निर्देष जारी किए गये हैं। आवेदक श्री सुरेन् द्र प्रसाद द्वारा उनके सील दाल मिलों को पुलिस द्वारा सील किये जाने पर गये हैं। आवेदक श्री सुरेन्द्र प्रसाद द्वारा उनके सील दाल मिलों को पुलिस द्वारा सील किये जाने पर आपत्ति प्रकट की गयी है। जिसे पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पटना द्वारा भी औचित्य से परे माना गया आपत्ति प्रकट की गयी है। जिसे पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पटना द्वारा भी औचित्य से परे माना गया आपत्ति प्रकट की गयी है। जिसे पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण पटना द्वारा भी औचित्य से परे माना गया है। अपराधिक कांडों में दोषी पाये गये अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही साक्ष्य अनुसार की जाती है, है। अपराधिक कांडों में दोषी पाये गये अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही साक्ष्य अनुसार की जाती है, है। अपराधिक कांडों में दोषी पाये गये अभियुक्तों के विरूद्ध कार्यवाही साक्ष्य अनुसार की जाती है, स मामले में श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ पटना द्वारा परन्तु इस मामले में श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ पटना द्वारा स मामले में श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ पटना द्वारा दाल मिलों को सील किया जाना अनुचित है। दाल मिलों को सील किया जाना अनुचित है। उक्त आरोप के लिए श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) करते हुए गृह (आरक्षी) विभाग के ज्ञापन नियमावली 2005 के तहत विभागीय कार्यवाही संस्थित करते हुए गृह (आरक्षी) विभाग के ज्ञापन नियमावली 2005 के तहत विभागीय कार्यवाही संस्थित 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 21 (cid:15)दस(cid:17)बर 2017 सं0-1524 दिनांक 25.02.2016 के द्वारा लिखित बचाव अभिकथन प्रस्तुत करने का आदेष दिया गया। श्री सिंह के द्वारा समर्पित लिखित बचाव अभिकथन के समीक्षोपरांत सरकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (2) के अन्तर्गत उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प सं0-4743 दिनांक 15.06.2016 द्वारा संचालन पदाधिकारी नियुक्त कर विभागीय जांच का निर्णय लिया गया।

4. संचालन पदाधिकारी ने अपने पत्रांक-65 दिनांक 06.12.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के उपरांत श्री राज किषोर सिंह के विरूद्ध लगाये गये सभी आरोपों के लिए उन्हें दोषी पाया। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जांच प्रतिवेदन की प्रति आरोपी पदाधिकारी को भेजते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गयी। श्री सिंह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के समीक्षोपरांत इसे अस्वीकृत करने का निर्णय लिया गया तथा विभागीय पत्र सं0-6342 दिनांक 03.08.2017 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्ष की अपेक्षा की गई। बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने पत्र सं0-1908 दिनांक 03.11.2017 द्वारा इस मामले में प्रक्रियात्मक त्रुटि को आधार मानते हुए दंड प्रस्ताव पर अपनी असहमति व्यक्त की। बिहार लोक सेवा आयोग के परामर्ष की समीक्षा की गई तथा आयोग के परामर्ष से असहमत होते हुए आरोपी पदाधिकारी श्री सिंह के विरूद्ध निम्नलिखित दंड अधिरोपित किया जाता है :- (I) निन्दन (आरोप वर्ष से प्रभावित)। (II) 03 (तीन) वेतनवृद्धियॉं संचयी प्रभाव (Cumulative Effect) से रोकने का दंड अधिरोपित किया जाता है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी एक प्रति श्री राज किषोर सिंह, तत्कालीन अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बाढ़ सम्प्रति पुलिस उपाधीक्षक एस0टी0एफ0 पटना को एवं अन्य संबंधित को भेजा जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दुर्गेष कुमार पाण्डेय, सरकार के उप-सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 21 December 2017. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2017-12-21.1202/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2017-12-21.1202.