ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत
1(cid:18) म(cid:4)घ 1(cid:21)3(cid:21) (cid:23)श(cid:24)(cid:25)
((((स(cid:26)(cid:24) पटन(cid:4) (cid:21)4) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:30) स(cid:31)मव(cid:4)र(cid:30) 5555 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2(cid:24)1" जल संसाधन विभाग ——— अधिसूचना 7 नवम्बर 2017
सं॰ 22 नि0सि0(मोति0)-08-07/2013-1952—श्री सतीश प्रसाद सिंह (आई॰डी॰-3929), तत्कालीन अवर प्रमण्डल पदाधिकारी, अवर प्रमण्डल सं॰-01, चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के विरूद्ध पी॰डी॰ रिंग बाँध पर घोड़हिया स्थल पर कराये जा रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों में लापरवाही, र्काव्यहीनता, उच्चधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन करने आदि कतिपय प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए विभागीय अधिसूचना सं॰-905, दिनांक 01.08.2013 द्वारा निलंबित किया गया। निलंबनोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के तहत् विहित रीति से विभागीय संकल्प सं॰-1489, दिनांक 10.12.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।
विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी के मंतव्य से सहमत/असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक-1733, दिनांक-19.11.2014 द्वारा श्री सिंह से द्वितीय कारणपृच्छा की गयी। उक्त आलोक में श्री सिंह से प्राप्त द्वितीय कारणपृच्छा के समीक्षोपरांत विभागीय अधिसूचना सं॰-579, दिनांक 09.03.2015 द्वारा निलंबन मुक्त करते हुए निम्न दण्ड संसूचित किया गया :-
1. निन्दन वर्ष 2013-14 2. एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। 3. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। उक्त संसूचित दण्ड के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 22.05.2015 समर्पित किया गया। मामले की सम्यक समीक्षोपरांत श्री सिंह का पुनर्विलोकन अर्जी को आंशिक स्वीकार योग्य मानते हुए पूर्व निर्गत अधिसूचना सं॰-579, दिनांक 09.03.2015 द्वारा दिये गये दण्डादेश में परिवर्तन करते हुए विभागीय अधिसूचना सं॰-2381, दिनांक 15.10.2015 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गया :-
1. निन्दन वर्ष 2013-14 2. निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 फरवर(cid:20) 2(cid:22)1(cid:24) संचालित की गयी उन आरोपों में से आरोप सं॰-02 से 05 तक में उनकी कोई संबद्धता नही रही है। संचालन पदाधिकारी ने भी अपने जाँच प्रतिवेदन में उनके विरूद्ध गठित आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में आरोपों को प्रमाणित होने का मंतव्य नही दिया है। दण्ड अधिरोपित करने के पूर्व अधिरोपित दण्ड के संबंध में किसी तरह की कारणपृच्छा नही की गयी, जो स्थापित नियमों का उल्लंघन है। श्री सिंह द्वारा निलंबन को रद्द करते हुए आरोपों से मुक्त करने का आग्रह किया गया।
श्री सिंह से प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा में यह पाया गया कि उनके विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों को आंशिक रूप से प्रमाणित मानते हुए इन्हें वर्ष 2013-14 के लिए निन्दन का दण्ड दिया गया। अतः इनका निलंबन औचित्यपूर्ण था। उक्त आलोक में श्री सिंह के निलंबन अवधि (दिनांक-01.08.2013 से दिनांक-09.03.2015 तक) निम्नरूपेण विनियमित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया :-
''निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त अन्य कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु यह अवधि पेंशन प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जायेगी।''
उक्त निर्णय के आलोक में श्री सतीश प्रसाद सिंह (आई0डी0-3929), तत्कालीन अवर प्रमंडल पदाधिकारी, अवर प्रमंडल सं॰-01, चम्पारण प्रमण्डल, मोतिहारी के निलंबन अवधि दिनांक-01.08.2013 से दिनांक-09.03.2015 तक को निम्न रूप से विनियमित किया जाता है :-
''निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त अन्य कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु यह अवधि पेंशन प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि मानी जायेगी।''
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जीउत सिंह, सरकार के संयुक्त सचिव।
——— [ध(cid:25)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१"ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) &क(cid:4)०शत eव* म१ॢ"त(cid:16) ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 94+5,1+10+ड(cid:25)(cid:22)ट(cid:20)(cid:22)प(cid:25)(cid:22)? Website: http://egazette.bih.nic.in