िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 18181818 माघमाघमाघमाघ 1939 1939 1939 1939 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 06060606 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 7 7 7 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018201820182018 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 9ट(cid:15) और अ<य =य(cid:18)3गत सूचनाएं। 2-3 भाग-1-क—ःवयंसेवक गुAमB के समादेंटाओं के आदेश।
---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Kाओं के पर(cid:15)Kा-फल, कायLबम, छाऽवृ(cid:18)O ूदान, आPद।
---
भाग-1-ग—िशKा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Kाफल आPद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राQयपाल और कायाLRयKB (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आPद। ---
भाग-3—भारत सरकार, पSTम बंगाल सरकार और उVच <यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राQय गजटB के उXरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Pकये जानेवाले ूवर सिमितयB के ूितवेदन और उ]त (cid:18)वधान मंडल म[ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Sजनपर रांशपित क^ Qयेंठ अनुमित िमल चुक^ है। ---
भाग-8—भारत क^ संसद म[ पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद म[ उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितयB के ूितवेदन और संसद म[ पुर:ःथापन के पूवL ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व_ापन
---
भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क^ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, <यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इaयाPद। 4-5 पूरक
---
पूरक-क 6-92 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)3, पदःथापन, बदली, श(cid:18)3, छु 9ट(cid:15) और अ<य =य(cid:18)3गत सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
निर्वाचन निर्वाचन निर्वाचन निर्वाचन विभागविभागविभागविभाग
----------------------------------------
अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
4444 जनवरी 2018
सं0 ई2-2-036/2010-55551111—बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 240 एवं 248 में निहित प्रावधानों के आलोक में श्री प्रषांत शेखर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी (मु0), निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना को चेन्नई एवं तिरूपति यात्रा के निमित्त दिनांक 01.11.2017 से 17.11.2017 तक कुल 17 (सत्रह) दिनों का उपार्जित अवकाष तथा दिनांक 18.11.2017 एवं 19.11.2017 को शनिवारीय-रविवारीय अवकाष उपभोग करने की स्वीकृति दी जाती है।
आदेश से,
सोहन कुमार ठाकुर, अपर सचिव।
---------
शिक्षा विभाग
------
अधिसूचना
29 जनवरी 2018
सं0 15/एम 1-160/2014-124—बिहार राज्य के वैशाली जिलान्तर्गत भगवानपुर में निजी क्षेत्र में डॉ0 सी0वी रमण विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु प्रायोजक निकाय All India Society for Electronics and Computer Technology (AISECT) से प्राप्त प्रस्ताव/परियोजना प्रतिवेदन की बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 की घारा 4 के अधीन मूल्याकंन/समीक्षोपरांत विभागीय पत्रांक 1741 दिनांक 31.08.2015 द्वारा इस विश्वविद्यालय स्थापना हेतु आशय पत्र निर्गत किया गया है। पुनः विभागीय पत्रांक 1459 दिनांक 09.08.2017 द्वारा बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2017 की धारा 2 (2) के तहत आशय पत्र की समयावधि को दो वर्षों के लिए अधिकतम विस्तारित किया गया है। विभागीय स्तर से निर्गत उक्त आशय पत्र के आलोक में प्रायोजक निकाय द्वारा समर्पित अनुपालन प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षोपरांत बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 की घारा 6 एवं बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2017 में प्रदत अधिकार के तहत प्रायोजक निकाय All India Society for Electronics and Computer Technology (AISECT), SCOPE Campus, NH-12, Bhaironpur, (Near misrod) hosangabad road, Bhopal-462026 को '' डॉ0 सी0वी रमण विश्वविद्यालय'' के नाम से विश्वविद्यालय की स्थापना एवं भगवानपुर (वैशाली) में पटना साहिब एजुकेशनल ट्रस्ट से किराएनामा किए गए भवन से दो वर्षों के लिए औपबंधिक रूप से विश्वविद्यालय संचालन की अनुमति प्रदान की जाती है।
दो वर्षों के उपरांत बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 के धारा 5 (1) (iii) के तहत विश्वविद्यालय के लिए स्थायी भवन निर्मित नहीं किए जाने की स्थिति में विभागीय पत्रांक 1741 दिनांक 31.08.2015 एवं पत्रांक 1459 दिनांक 09.08.2017 द्वारा निर्गत आशय पत्र एवं इस अधिसूचना के माध्यम से विश्वविद्यालय स्थापना/औपबंघिक संचालन हेतु दी जा रही अनुमति स्वतः समाप्त समझी जाएगी।3 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 यह विश्वविद्यालय डॉ0 सी0वी रमण विश्वविद्यालय के नाम से एक निगमित निकाय होगा और इसका शाश्वत उतराधिकार एवं सामान्य मुहर (सील) होगी। इसे चल और अचल दोनों प्रकार की सम्पति अर्जित करने तथा धारण करने और संविदा करने की शक्ति होगी तथा यह उक्त नाम से वाद ला सकेगा एवं इसपर वाद चलाया जा सकेगा।
यह विश्वविद्यालय स्वयं वित्त पोषित होगा और राज्य सरकार से किसी तरह के अनुदान अथवा आर्थिक सहायता प्राप्त करने का हकदार नहीं होगा।
इस विश्वविद्यालय का संचालन पूर्णतः बिहार निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2013 में वर्णित प्रावधानों का अनुपालन करते हुए किया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मनोज कुमार, अपर सचिव।
---------
वाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभागवाणिज्य-कर विभाग
---------
अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना
30 जनवरी 201830 जनवरी 201830 जनवरी 201830 जनवरी 2018
सं0 6/प्रो॰-06-002/94(खण्ड)-281(अनु0)/वा॰कर—सी0डब्लु0जे0सी0 संख्या-5463/2009 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में श्री लक्ष्मी नारायण प्रसाद, सेवानिवृत्त वाणिज्य-कर उपायुक्त को वाणिज्य-कर उपायुक्त कोटि (वेतनमान् रू॰ 12000-375- 16500) से वाणिज्य-कर संयुक्त आयुक्त (वेतनमान् रू॰ 14300-400-18300) कोटि में दिनांक 11.
12.2008 से वैचारिक तथा दिनांक 12.01.2009 से आर्थिक लाभ सहित भूतलक्षी प्रभाव से प्रोन्नति प्रदान की जाती है।
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार एवं वित्त विभाग की सहमति प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
जनक राम, उप-सचिव।
———
अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 47474747ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in4 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018
भाग-9-ख
िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प`रवहन सूचनाएं, <यायालय सूचनाएं और सवLसाधारण सूचनाएं इaयाPद ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
अधीक्षक अधीक्षक अधीक्षक अधीक्षक का कार्यालय, प्रेस एवं फॉम्र्स, गयाका कार्यालय, प्रेस एवं फॉम्र्स, गयाका कार्यालय, प्रेस एवं फॉम्र्स, गयाका कार्यालय, प्रेस एवं फॉम्र्स, गया
--------------------------------
पुनपुनपुनपुननिनिनिर्र्निविदा सूचना-विदा सूचना-विदा सूचना-विदा सूचना-2222
23 जनवरी 201823 जनवरी 201823 जनवरी 201823 जनवरी 2018
सं0 600/प्र0—प्रेस एवं फॉम्र्स, गया में निम्नलिखित रद्दी कागज एवं एल्युमिनियम प्लेट जैसा जहाँ है के आधार पर बिक्री हेतु मुहर बंद निविदा दिनांक 23.02.2018 को 2ः00 बजे अपराहन् तक आमंत्रित किये जाते है। निविदा दिनांक 24.02.2018 को 12ः00 बजे उपस्थित क्रय समिति के सदस्यांें/निविदादाताओं या उनके प्राधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय कक्ष में निर्धारित तिथि एवं समय पर खोली जायेगी। निविदा दिनांक 23.02.2018 को 2ः00 बजे तक ही प्राप्त किये जायेंगे। विलंब से प्राप्त निविदा पर विचार नहीं किया जायेगा।
बिक्री की जाने वाले रद्दी कागजों का विवरण अनुमोदित मात्रा एवं पूर्व न्यूनतम बिक्री दर निम्नवत है। रद्दी कागजों का विवरण मात्रा न्यूनतम निर्धारित दर 1. रील अंत कोर के साथ बचा हुआ कागज - 05 M.T 22.00
2. रील से निकाला गया सादा रद्दी कागज - 05 M.T 26.00
3. मिले-जुले रद्दी कागज, मलाट स्वीपिंग आदि - 15 M.T 05.00
4. कतरण - 20 M.T 10.00
5. रद्दी अल्मुनियम प्लेट - 200 KG 100.00
निविदा की शतनिविदा की शतनिविदा की शतनिविदा की शर्तें
1. निविदादाताओं को निविदा के साथ 50,000(पचास हजार) रूपया का राष्ट्रीय प्रमाण-पत्र (आठवाँ निर्गम), बैंक ड्राफ्ट, जमानत की राशि के रूप में जमा करना होगा। जो अधीक्षक, प्रेस एवं फॉम्र्स, गया के नाम से प्लेज किया हुआ हो। 2. उपुर्यक्त सामग्रियों ''जहाँ है जैसा है'' उसी रूप में अधिकतम दर देने वाले निविदादाता को ले जाना होगा। 3. इच्छुक व्यक्ति निविदा के पूर्व किसी कार्य दिवस में कार्यालय में आकर उपुर्यक्त सामग्रियों का निरीक्षण कर सकते है।
4. निविदादाताओं को सामग्रियों का इकाई बार अधिकतम मूल्य प्रति किलो में देना होगा। जिस सामग्रियों में उनके द्वारा अपने निविदा में दर अभिव्यक्त नहीं किया होगा उस सामग्री के लिए उन्हें वंचित कर दिया जायेगा।
5. सफल निविदादाताओं को सामग्रियों के पूर्ण भुगतान करने के बाद ही उन्हें सामग्रियों की विमुक्ति की जायेगी। 6. निविदादाताओं को आयकर एवं बिक्री कर से निबंधन होना अनिवार्य होगा तथा निविदा में संबंधित भुगतान किये गये रकम के विरुद्ध आयकर/बिक्रीकर जी0एस0टी0 एवं अन्य कर का भुगतान वे स्वयं करने हेतु जिम्मेवार होगें।5 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 7. सफल निविदादाताओं द्वारा उच्चतम दर की स्वीकृति के पश्चात् उनके द्वारा या निर्धारित अवधि तक राशि जमा कर संबंधित सामग्रियाें का उठाव नहीं कर लिया जाता है तो उनके द्वारा दाखिल जमानत की राशि जब्त कर लिया जायेगा। जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेवार होगें।
8. अधोहस्ताक्षरी को पूर्ण अधिकार होगा कि बिना कोई कारण बताये किसी भी निविदा को अस्वीकृत अथवा रद्द कर सकते है।
9. विलंब से प्राप्त निविदा आमंत्रण पर कोई विचार नहीं किया जायेगा। 10. यदि इस निविदा के संबंध में किसी भी प्रकार का मुकदमा दायर करना आवश्यक हुआ तो वह गया के अदालत में होगा।
आदेश से,
अरूण कुमार सिंह, अधीक्षक।
———
अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 47474747ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।।
Website: http://egazette.bih.nic.in
6 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट काकाकाका पूरकपूरकपूरकपूरक((((अअअअ0000)))) ूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशतूािधकार(cid:15) (cid:24)ारा ूकािशत
ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
सं0 सं0 सं0 सं0 एल/एच॰जी॰- 2006/2015एल/एच॰जी॰- 2006/2015एल/एच॰जी॰- 2006/2015एल/एच॰जी॰- 2006/2015----726 726 726 726
गृह विभाग गृह विभाग गृह विभाग गृह विभाग
(विषेष शाखा)(विषेष शाखा)(विषेष शाखा)(विषेष शाखा)
------------------------
संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प
25 जनवरी 2018
समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय, पटना के पत्रांक-3854, दिनांक 28.09.2015 के द्वारा श्री आमिर श्री आमिर श्री आमिर श्री आमिर
सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नवादा, सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, इसरार,इसरार,इसरार,इसरार, तत्कालीनतत्कालीनतत्कालीनतत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नवादा, सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नवादा, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नवादा,
बेगूसरायबेगूसरायबेगूसरायबेगूसराय के विरूद्ध कर्तव्य के प्रति लापरवाही एवं कमजोर कार्यालय नियंत्रण से संबंधित आरोप प्रपत्र-'क' में विभाग को प्राप्त हुआ।
2. प्राप्त आरोप प्रस्ताव पर श्री इसरार के विरूद्ध प्रपत्र 'क' गठित करते हुए उनसे बचाव अभिकथन की मांग विभागीय पत्रांक-636, दिनांक 24.01.2017 द्वारा की गई। आरोपी पदाधिकारी द्वारा अपना बचाव अभिकथन विभाग में अपने कार्यालय के पत्रांक-259, दिनांक 25.02.2017 द्वारा समर्पित किया गया।
3. प्राप्त बचाव अभिकथन पर महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग विभागीय पत्रांक-4666, दिनांक 26.05.2017 द्वारा की गई। बिहार गृह रक्षा वाहिनी, मुख्यालय, पटना के पत्रांक-3337, दिनांक 05.09.2017 द्वारा महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के मंतव्य से अवगत कराया गया, जिसमें दोनों कंडिकाओं में अपचारी के विरूद्ध गठित आरोपों के संबंध में प्राप्त बचाव अभिकथन संतोषजनक बताया गया है। पुनः विभागीय पत्रांक-9866, दिनांक 16.11.2017 के आलोक में बिहार गृह रक्षा वाहिनी, मुख्यालय, पटना के पत्रांक-4846, दिनांक 12.12.2017 द्वारा आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध दो कंडिकाओं में गठित आरोप प्रपत्र 'क' के विरूद्ध समर्पित बचाव अभिकथन पर कंडिकावार समीक्षा/मंतव्य उपलब्ध कराया गया है, जिसमें बचाव अभिकथन संतोषजनक बताया गया है। 4. वर्णित स्थिति में श्री आमिर इसरार, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, नवादा, सम्प्रति बेगूसराय के द्वारा समर्पित बचाव अभिकथन को स्वीकार करते हुए उनके विरूद्ध गठित आरोप प्रपत्र-'क' की कार्रवाई समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।7 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,
विमलेष कुमार झा, विमलेष कुमार झा, विमलेष कुमार झा, विमलेष कुमार झा, संयुक्त सचिव।संयुक्त सचिव।संयुक्त सचिव।संयुक्त सचिव।
--------
सं0 5 नि॰गो॰वि॰(5) 15/2014 (खण्ड) -28 नि0गो0
i'kq ,oa eRL; lalk/ku foHkkx
&&&&&&&&
ladYi
1 फरवरी 20181 फरवरी 20181 फरवरी 20181 फरवरी 2018
वर्ष 2003 से 2007 एवं 01 जनवरी, 2008 से 31 जनवरी, 2008 तक पशु रक्षा पखवाड़ा कार्यक्रम में दवा क्रय में हुयी वित्तीय अनियमितता के लिए डॉ॰ दिलीप कुमार झा, तत्कालीन पशु शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, मधुबनी, सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध सरकार द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-139(ग) के तहत कार्यवाही करते हुये विभागीय संकल्प 142 नि॰गो॰, दिनांक 07.06.2016 द्वारा डॉ॰ झा का पूर्ण पेंशन रोका गया।
2- उक्त विभागीय संकल्प के विरूद्ध डॉ॰ झा द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, बिहार, पटना में सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ संख्या 12155/16 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 12.12.2017 को माननीय उच्च न्यायालय, बिहार, पटना के द्वारा पारित न्याय निर्णय में डॉ॰ झा को पूर्ण पेंशन (बकाया सहित) भुगतान किये जाने का आदेश दिया गया।
3- उक्त न्याय निर्णय की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी और समीक्षोपरान्त माननीय उच्च न्यायालय, बिहार, पटना द्वारा दिये गये न्याय निर्णय के अनुपालन में डॉ॰ झा का पूर्ण पेंशन (बकाया सहित) मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
4- अतः उक्त निर्णय के आलोक में डॉ॰ दिलीप कुमार झा, तत्कालीन पशु शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, मधुबनी, संप्रति सेवानिवृत के विभागीय संकल्प 142 नि॰गो॰, दिनांक 07.06.2016 द्वारा जब्त किये गये पूर्ण पेंशन (बकाया सहित) को मुक्त किया जाता है।
vkns'k %—आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
ohjsUnz dqekj flUgk] अवर सचिव।
----------------------------------------
सं0 कारा/नि0को0(विविध)-10-14/2015—655
कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय
गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)
----------------------------
संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प
30 30 30 30 जनवरीजनवरीजनवरीजनवरी 2018201820182018
श्री प्रताप नारायण सिंह, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई सम्प्रति उप महानिरीक्षक (सुधार), कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना के विरूद्ध उनके मंडल कारा, जमुई में पदस्थापन काल में बंदी नरेश यादव की इलाज में लापरवाही के फलस्वरूप दिनांक 11.04.2010 को सदर अस्पताल, जमुई में इलाज के दौरान हुई मृत्यु की घटना में बरती गई लापरवाही, कर्त्तव्योपेक्षा एवं प्रशासनिक विफलता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 888 दिनांक 09.02.2016 द्वारा उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी थी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।8 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 2. संचालन पदाधिकारी-सह-विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 327 अनु0 दिनांक 28.07.2017 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों को प्रमाणित पाया गया। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधानों के तहत विभागीय ज्ञापांक 5043 दिनांक 06.09.2017 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए श्री सिंह से उपर्युक्त प्रमाणित आरोपों के लिए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
3. श्री सिंह ने अपने पत्रांक 6398 दिनांक 09.11.2017 के द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा उल्लेख किया गया है कि किसी भी बंदी को कारा में प्रवेष कराने का दायित्व कारा हस्तक के नियमानुसार कारापाल, सहायक कारापाल अथवा अपराह्न ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारी का है, न कि काराधीक्षक का। मृत बंदी नरेष यादव दिनांक 03.04.2010 को अपराह्न 4ः10 बजे मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, जमुई के द्वारा निर्गत अभिरक्षा प्रपत्र के आधार पर कारा में प्रवेष पाया था। अभिरक्षा प्रपत्र पर माननीय न्यायालय द्वारा उसके शारीरिक चोट या इलाज से संबंधित किसी प्रकार का निर्देष अंकित नहीं था जिसके कारण उन्हें अथवा कारा प्रषासन के किसी पदाधिकारी को बंदी नरेष यादव के रिमांड के पूर्व गंभीर रूप से घायल रहने की सूचना नहीं थी। प्रवेष के समय चिकित्सा कर्मी द्वारा पूछताछ में बदन दर्द करने की मात्र जानकारी दी गयी, जिसके लिये उसे दर्द निवारक दवाई मात्र दी गयी। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि साक्ष्य रूप में प्रवेष पंजी मात्र के अवलोकन से स्पष्ट हो जाएगा कि वे दिनांक 03.04.2010 से 11.04.2010 के बीच 05 तिथियों में कारा के अंदर गये हैं। नियमानुसार अधीक्षक अपनी अनुपस्थिति की जानकारी मिनटबुक के माध्यम से हीं कारापाल को देते हैं। मिनट बुक नहीं रहने तथा 6-7 वर्ष का समय बीत जाने के कारण अपनी अनुपस्थिति की तिथियों के संबंध में सही-सही जानकारी देना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप को मिथ्या बताया है कि वे दिनांक 03.04.2010 से दिनांक 11.04.2010 तक की अवधि में कारा के अंदर नहीं गये। जवाब के अनुसार उसी प्रवेष पंजी के आधार पर अन्य पदाधिकारियों यथा कारापाल तथा सहायक कारापाल को कारा के भीतर जाने-आने को सही माना जा रहा है तथा उसी प्रवेष पंजी में उनके आने-जाने की प्रविष्टि को सही नहीं मानकर आरोप लगाया जा रहा है जो अन्यायपूर्ण है।
आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा कारा हस्तक के नियमों का सभी अधीनस्थ पदाधिकारियों से अनुपालन करवाया गया है। बंदी नरेष यादव का कारा प्रवेष नियमानुसार कारापाल के द्वारा कराया गया है। प्रवेष के उपरांत वहां मौजूद Medical Subordinate के द्वारा बंदी की जाँच कारापाल के निर्देष पर करायी गयी है। बाद में कारा के मेडिकल ऑफिसर द्वारा भी उसी तिथि को बंदी नरेष यादव का शारीरिक जांच किया गया तथा दवाई भी दी गयी। उनका कहना है कि जहाँ तक चिकित्सक द्वारा बंदी के शरीर का पूर्ण जांच नहीं किये जाने का प्रष्न है, वास्तव में यह उनकी लापरवाही और कार्य में उनकी उदासीनता है, न कि उनके अथवा कारा प्रषासन का।
4. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री सिंह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा जवाब की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी समीक्षा में पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कारा हस्तक नियमों का उल्लेख करते हुए यह कहना कि कारा में बंदियों को प्रवेष लेने की प्राथमिक जिम्मेवारी कारापाल की होती है न कि काराधीक्षक की तथा चिकित्सा के मामले में कारा अधीक्षक का चिकित्सक के उपर कोई नियंत्रण नहीं है। बंदी नरेष यादव का पूर्ण शारीरिक जांच दिनांक 03.04.2010 को नहीं किये जाने के लिए कारा अधीक्षक जवाबदेह नहीं है, उनका यह कहना उनकी कर्तव्य के प्रति उपेक्षा का द्योतक है, क्योंकि कारा हस्तक के नियम 60 एवं 61 के प्रावधानों के तहत काराधीक्षक संपूर्ण कारा के नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी होते हैं। आरोपित पदाधिकारी ने स्वीकार किया है कि वे दिनांक 03.04.2010 को 2ः30 बजे तक कारा कार्यालय में उपस्थित रहे हैं। बंदी नरेष यादव का कारा गेट पंजी के अनुसार कारा मेें प्रवेष अपराह्न 04ः10 बजे हुआ है। संयुक्त जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट लिखा है कि दिनांक 03.04.2010 से दिनांक 11.04.2010 तक उपाधीक्षक/सहायक अधीक्षक प्रतिदिन कारा में जाते रहे हैं, परन्तु संबंधित अभिलेखों में काराधीक्षक द्वारा कारा के अंदर जाने का उल्लेख नहीं9 (cid:18)बहार गजट, 7 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 पाया गया है। आरोपित पदाधिकारी ने अपने बचाव में कुछ नहीं लिख कर सिर्फ कारा हस्तक नियम का उल्लेख करते हुए कहा है कि बंदी प्रवेष में अधीक्षक की कोई जवाबदेही नहीं है। संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन के अनुसार काराधीक्षक की लापरवाही के कारण हीं बंदी नरेष यादव की मृत्यु हुई और माननीय उच्च न्यायालय ने जो कुछ भी आदेष दिया है वह इसी मृत्यु से जनित परिणाम है। उनके द्वारा अपने बचाव के पक्ष में कुछ न कह कर सिर्फ जवाबदेही से बचने का प्रयास मात्र किया गया है। अतः उनका द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार्य करने योग्य नहीं है।
5. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :-
'' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से दो वेतनवृद्धि घटाकर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल प्रभाव सेवान्त लाभ पर पड़ेगा ''।
2018 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, उपर्युक्त विनिष्चयी दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 10 दिनांक 02....01010101....2018 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, 6. उपर्युक्त विनिष्चयी दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 10 दिनांक 02 2018 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, 2018 के द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, उपर्युक्त विनिष्चयी दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 10 दिनांक 02 उपर्युक्त विनिष्चयी दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 10 दिनांक 02
पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2599 दिनांक 25....01010101....2018 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर 2018 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर 2018 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर 2018 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2599 दिनांक 25 पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2599 दिनांक 25 पटना से परामर्ष की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2599 दिनांक 25
सहमति संसूचित कीसहमति संसूचित कीसहमति संसूचित कीसहमति संसूचित की गयी है। गयी है। गयी है। गयी है।
7. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री प्रताप नारायण सिंह, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, जमुई, सम्प्रति उप महानिरीक्षक (सुधार), कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :-
'' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से दो वेतनवृद्धि घटाकर वेतन की अवनति का दंड जिसका प्रतिकूल प्रभाव ा प्रतिकूल प्रभाव ा प्रतिकूल प्रभाव ा प्रतिकूल प्रभाव '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से दो वेतनवृद्धि घटाकर वेतन की अवनति का दंड जिसक '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से दो वेतनवृद्धि घटाकर वेतन की अवनति का दंड जिसक '' वर्त्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से दो वेतनवृद्धि घटाकर वेतन की अवनति का दंड जिसक
सेवान्त लाभ पर पड़ेगा ''।सेवान्त लाभ पर पड़ेगा ''।सेवान्त लाभ पर पड़ेगा ''।सेवान्त लाभ पर पड़ेगा ''।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,
राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, राजीव वर्मा, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।
———
अधीKकअधीKकअधीKकअधीKक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुPित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 47474747ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।।