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(स(cid:26)(cid:18) पटन(cid:4) 125) पटन(cid:4)(cid:30) श१ व(cid:4)र(cid:30) 9 फरवर(cid:15) 2(cid:18)1" सं॰ 08/आरोप-01-127/2014-14473/सा॰प्र॰ सामान्य प्रशासन विभाग
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15 uoEcj 2017
श्री विपिन कुमार यादव, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1052/11 के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, खड़गपुर (मुंगेर) के पदस्थापन काल में इन्दिरा आवास योजना में अनियमितता एवं राजस्व के दुरूपयोग संबंधी आरोपों से आच्छादित आरोप-प्रपत्र 'क' आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पत्रांक-591, दिनांक 05.07.2010 द्वारा प्राप्त हुआ। उक्त अनियमितता के क्रम में खड़गपुर थाना कांड सं॰ 164/10 दर्ज होने की सूचना जिला पदाधिकारी, मुंगेर के ज्ञापांक-3281, दिनांक 09.09.2010 द्वारा प्राप्त हुई। सम्यक् विचारोपरांत संकल्प ज्ञापांक-7825, दिनांक 29.05.2015 द्वारा आरोपित पदाधिकारी (श्री विपिन कुमार यादव) को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही (संकल्प ज्ञापांक-7824, दिनांक 29.05.2015) संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-11333, दिनांक 22.08.2016 द्वारा प्रमाणित आरोपों पर श्री यादव से लिखित अभिकथन माँगा गया। इस क्रम में श्री यादव का स्पष्टीकरण (कैम्प मुंगेर-4, दिनांक 31.08.2016) प्राप्त हुआ। अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर सम्यक् समीक्षा के उपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-15244, दिनांक 11.11. 2016 द्वारा श्री यादव को निलंबन मुक्त कर दिया गया। कालान्तर में आरोपों की प्रमाणिकता के आधार पर संकल्प ज्ञापांक-2764 दिनांक 07.03.2017 द्वारा 03 (तीन) वेतन वृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं प्रोन्नति पर 04 (चार) वर्षों तक रोक (प्रोन्नति देयता तिथि से) का दंड संसूचित किया गया है। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8980 दिनांक 21.07.2017 द्वारा श्री यादव के निलंबन अवधि (दिनांक 29.05.2015 से दिनांक 11.11.2016) के लिए मात्र जीवन यापन भत्ता की अनुमान्यता दी गयी। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:24)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:25)(cid:30) (cid:22) फरवर' 2(cid:18)1" आरोप, प्रपत्र 'क', जाँच प्रतिवेदन, पारित दंडादेश एवं पुनर्विचार आवेदन में निहित तथ्यों की समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि आरोपों के बचाव में श्री यादव द्वारा जो तथ्य प्रस्तुत किये गये उनपर पूर्व में विचार हो चुका है तथा उसी के आधार पर दंडादेश संसूचित किया गया। निलंबन अवधि के वेतन भुगतान के संबंध में भी स्पष्टीकरण प्राप्ति के उपरांत तथ्यों की समीक्षा के आलोक में आदेश पारित किया जा चुका है। इस प्रकार पुनर्विचार अभ्यावेदन में प्रमाणित आरोपों के बचाव में कोई ठोस तथ्य नहीं पाया गया।
3.वर्णित स्थिति में श्री यादव के पुनर्विचार अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2764 दिनांक 07.03.2017 द्वारा पारित दंडादेश एवं संकल्प ज्ञापांक-8980 दिनांक 27.03.2017 द्वारा निलंबन अवधि के विनियमन के संबंध में पारित आदेश को यथावत रखा जाता है।
आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, सरकार के अवर सचिव।
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