Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 22 February 2018

Published 22 February 2018

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2018-02-22.155
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क

ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत

3 फ(cid:4)(cid:19)ग१न 1(cid:23)3(cid:23) (cid:24)श(cid:25)(cid:26)

(स(cid:27)(cid:25) पटन(cid:4) 155) पटन(cid:4)(cid:30) व५ह!प०तव(cid:4)र(cid:30) 22 फरवर(cid:15) 2(cid:25)1# laŒ 2/आरोप-01-52/2014-14196/सा0प्र0

lkekU; iz'kklu foHkkx

———

ladYi

9 uoEcj 2017

श्री अविनाश कुमार सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1055/11, तत्कालीन वरीय उप समार्हाा, सीतामढ़ी-सह- प्रभारी काराधीक्षक, सीतामढ़ी सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, सदर मधुबनी के विरूद्ध कारा अन्तर्गत अनियमित एवं नियम के विरूद्ध कार्य होने की गुप्त सूचना के आधार पर मंडल कारा, सीतामढ़ी में औचक छापामारी के क्रम में आपत्तिजनक सामग्रियों के प्राप्त होने, जेल परिसर में मंदिर का निर्माण कराये जाने, रमजान के महीने में जेल परिसर में इफ्तार पार्टी दिये जाने तथा मुस्लिम कैदियों के बीच वस्त्र वितरण किये जाने, NGO की वैधता की जाँच किये बिना NGO से जेनरेटर लिए जाने, संसीमित कुख्यात बन्दी द्वारा नया पंखा लगाये जाने, जमीन पर कालीन लगाये जाने आदि के प्रतिवेदित आरोपों के लिए आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक 2002 दिनांक 11.08.2014 के द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक 12739 दिनांक 12.09.2014 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री सिंह के पत्रांक 286 दिनांक 10.04.2015 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण में श्री सिंह का कहना है कि-वरीय उप समार्हाा के पद पर पदस्थापन के साथ कई विभागों के अलावा काराधीक्षक, मंडल कारा, सीतामढ़ी के प्रभार भी थी। उनके कार्यकाल में समय-समय पर कारा में छापामारी की जाती थी एवं सामग्री जप्त होने पर प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है। दिनांक 08.08.2014 के औचक छापामारी की उन्हें2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:24)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:26)(cid:30) 22 फरवर' 2(cid:25)1# कोई सूचना नहीं थी। कारा हस्तक, 2012 की धारा 800 की उप धारा (i), (ii) एवं (iii) के मुताबिक जेल के अन्दर जाने वाले सामान की जिम्मेवारी डिपुटी सुपरीटेंडेंट (एडमिनिस्ट्रेषन एवं सेक्यूरिटी) की है। उनका कहना है कि पुराने जेल परिसर से संबंधित जीर्ण-शीर्ण सामग्री जेल के अन्दर मौजूद रहने के संबंध में काराधीक्षक के पत्रांक 1169 दिनांक 06.08.2018 एवं 882 दिनांक 26.04.2014 द्वारा जिला पदाधिकारी एवं कारा महानिरीक्षक को भेजा गया है। कैदियों के बीच आपसी झड़प, मार-पीट एवं रोडेबाजी की आशंका के संबंध में SDO/SDPO के द्वारा कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया गया है। रमजान के महीने में विधि व्यवस्था संधारण हेतु उनकी प्रतिनियुक्ति अन्यत्र की गयी थी। इफ्तार पार्टी के आयोजन के संबंध में उनका कहना है कि यह आरोप पूर्णतः गलत है। मुस्लिम कैदियों के बीच जेल प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का वस्त्र वितरण नहीं किया गया है। विश्व जागरण मंच द्वारा जेनरेटर दिये जाने संबंधी कोई अनुमति उनके द्वारा नहीं दी गई है। संयुक्त प्रतिवेदन द्वारा लगायी गयी यह आरोप निराधार है। उनका आगे कहना है कि जेल में उनके प्रभार ग्रहण करने के पूर्व से हीं पंखा, कालीन और चादर लगा हुआ था। अतः उक्त सामग्रियों की खरीदगी उनके द्वारा नहीं की गयी तो कैश बुक में उसका संधारण कैसे किया जाता। दिनांक 09.08.2014 को जिला पदाधिकारी द्वारा सूचना दी गयी कि दो बन्दियों को जिला से बाहर भेजा जाना है। SDPO सदर तथा अन्य पुलिस पदाधिकारियों से बल की मांग किये जाने के बावजूद बल उपलब्ध नहीं कराया गया। फलस्वरूप कैदियों के बीच अफवाह फैलने एवं गुटबाजी होने का मौका मिला। आगे उनका कहना है कि काराधीक्षक के रूप में उनके द्वारा सभी कार्रवाईयाँ की गयी तथा समय-समय पर कारा की सुरक्षा एवं इसकी खामियों के बारे में काराधीक्षक, जिला पदाधिकारी तथा पुलिस प्रशासन को इसकी सूचना दी गयी।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप तथा समर्पित स्पष्टीकरण के सम्यक्‌ विचारोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9592 दिनांक 11.07.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 1019 दिनांक 26.09.2016 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। जाँच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोप के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 14317 दिनांक 21.10.2016 के आलोक में श्री सिंह के पत्रांक 153 (निर्वाचन) दिनांक 31.12.2016 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि जेल परिसर में निर्माण किये जा रहे मंदिर के संबंध में उनके द्वारा कुछ नहीं कहा गया। जेल के अन्दर विश्वजागरण मंच द्वारा जेनरेटर दिये जाने संबंधी आवेदन पर उनके द्वारा किसी प्रकार का आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन उनके द्वारा इस तथ्य से इन्कार नहीं किया गया है कि उक्त संस्था के द्वारा जेल के अन्दर जेनरेटर नहीं दिया गया था। यदि जेल के अन्दर जेनरेटर दिया गया था तो इसकी जानकारी निश्चित रूप से काराधीक्षक को होनी चाहिए थी एवं बिना उनकी अनुमति के जेल में जेनरेटर ले जाये जाने की स्थिति में जेनरेटर को वापस किया जाना चाहिए था तथा जेनरेटर दिये जाने अथवा पहुंचाये जाने हेतु दोषी व्यक्तियों/कर्मियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए थी, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। रमजान के महीने में संसीमित बन्दियों के द्वारा इफ्तार पार्टी दिये जाने के संबंध में उनके द्वारा यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जेल के नियमों के तहत किस तिथि को एवं किसके आदेश से इफ्तार पार्टी दिया गया है। इस संबंध में उनके द्वारा कोई साक्ष्य नहीं दिया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी कारा परिसर में मंदिर निर्माण कराये जाने, कारा परिसर के अन्दर NGO से जेनरेटर संचालित कराये जाने, संसीमित कैदियों द्वारा इफ्तार पार्टी का आयोजन तथा वस्त्र वितरण किया जाना एवं वार्डो में अवैध ढ़ंग से पंखा लगाये जाने के संबंध मे जेल में मैनुअल के विपरीत और विधि व्यवस्था के प्रतिकूल प्रतिवेदित किया गया3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:24)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:26)(cid:30) 22 फरवर' 2(cid:25)1# है। काराधीक्षक के रूप में यह पद उनके दायित्वों से जुड़ा कार्य था और ऐसी स्थिति में पायी गयी अनियमितता के लिए वे अपने दायित्वों से नहीं बच सकते, इनके द्वारा सजगता में कमी, नियमित पर्यवेक्षण का अभाव एवं प्रशासनिक नियंत्रण में कमी का आरोप प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। साथ ही जाँच प्रतिवेदन में यह भी कहा गया है कि कारा प्रबंधन में प्रशासनिक नियंत्रण एवं अनुश्रवण के अभाव के कारण कारा में अराजकतापूर्ण परिस्थिति उत्पन्न हुई, जिसके लिए अपरोक्ष रूप से इनकी जिम्मेवारी बनती है।

उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के संगत प्रावधानों के तहत (i) 'निन्दन' तथा (ii) 'तीन वेतनवृद्धियाें पर संचयात्मक प्रभाव से रोक' का दंड अधिरोपित किये जाने का विनिश्चय किया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध उक्त विनिश्चत दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 9690 दिनांक 28.07.2017 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/परामर्श की अपेक्षा की गयी। आयोग के पत्रांक 1541 दिनांक 22.09.2017 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध विनिश्चित विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।

उक्त प्रतिवेदित आरोपों, संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना से प्राप्त सहमति के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) (संशोधन) नियमावली 2005 के विहित प्रावधानों के तहत श्री अविनाश कुमार सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1055/11, तत्कालीन वरीय उप समार्हाा, सीतामढ़ी-सह-प्रभारी काराधीक्षक, सीतामढ़ी सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, सदर मधुबनी को (i) 'निन्दन' तथा (ii) 'तीन वेतनवृद्धियाें पर संचयात्मक प्रभाव से रोक' का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अविनाश कुमार सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1055/11, तत्कालीन वरीय उप समार्हाा, सीतामढ़ी-सह-प्रभारी काराधीक्षक, सीतामढ़ी सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, सदर मधुबनी के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) 'निन्दन' तथा

(ii) 'तीन वेतनवृद्धियाें पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'।

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

राज्यपाल के आदेशानुसार, भीम प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।

———— [ध(cid:3)¡क(cid:6) स०चव(cid:12)लय म१(cid:17)ण(cid:12)लय(cid:6) ॢबह(cid:12)र(cid:6) पटन(cid:12) ह(cid:12)र(cid:12) (cid:27)क(cid:12)०शत eव(cid:31) म१ॢ(cid:17)त? ॢबह(cid:12)र गजट #[स(cid:12)ध(cid:12)रण$ 155&5'1+10&ड(cid:3)+ट,+प(cid:3)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 22 February 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2018-02-22.155/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2018-02-22.155.