िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40
(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट
(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत(cid:18)बहार सरकार (cid:24)ारा ूकािशत 9999 फा(cid:30)गुफा(cid:30)गुफा(cid:30)गुफा(cid:30)गुनननन 1939 1939 1939 1939 ((((शशशश0000)))) सं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)यासं(cid:8)या 09090909 पटनापटनापटनापटना, , , , बुधवारबुधवारबुधवारबुधवार,,,, ———————— 28282828 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018201820182018 ((((ईईईई0000)))) (cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय(cid:18)वषय----सूचीसूचीसूचीसूची पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-1—िनयु(cid:18)0, पदःथापन, बदली, श(cid:18)0, छु 6ट(cid:15) और अ9य :य(cid:18)0गत सूचनाएं। 2-10 भाग-1-क—ःवयंसेवक गु(cid:30)म? के समादेंटाओं के आदेश।
---
भाग-1-ख—मैश(cid:15)कु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, ड(cid:15)प0-इन- एड0, एम0एस0 और मु(cid:8)तार(cid:15) पर(cid:15)Hाओं के पर(cid:15)Hा-फल, कायIबम, छाऽवृ(cid:18)L ूदान, आMद।
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भाग-1-ग—िशHा संबंधी सूचनाएं, पर(cid:15)Hाफल आMद ---
भाग-2—(cid:18)बहार-राNयपाल और कायाIOयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आMद। 11-11 भाग-3—भारत सरकार, पPQम बंगाल सरकार और उSच 9यायालय के आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम, 'भारत गजट' और राNय गजट? के उUरण। ---
भाग-4—(cid:18)बहार अिधिनयम ---
पृंठपृंठपृंठपृंठ भाग-5—(cid:18)बहार (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, उZत (cid:18)वधान मंडल मX उपःथा(cid:18)पत या उपःथा(cid:18)पत Mकये जानेवाले ूवर सिमितय? के ूितवेदन और उZत (cid:18)वधान मंडल मX पुर:ःथापन के पूवI ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-7—संसद के अिधिनयम Pजनपर रांशपित क\ Nयेंठ अनुमित िमल चुक\ है। ---
भाग-8—भारत क\ संसद मX पुर:ःथा(cid:18)पत (cid:18)वधेयक, संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मX उपःथा(cid:18)पत ूवर सिमितय? के ूितवेदन और संसद मX पुर:ःथापन के पूवI ूकािशत (cid:18)वधेयक। ---
भाग-9—(cid:18)व]ापन
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भाग-9-क—वन (cid:18)वभाग क\ नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवIसाधारण सूचनाएं इ_याMद। 12-12 पूरक
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पूरक-क 13-312 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018
भागभागभागभाग----1111
िनयु(cid:18)0, पदःथापन, बदली, श(cid:18)0, छु 6ट(cid:15) और अ9य :य(cid:18)0गत सूचनाएं ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
समाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभागसमाज कल्याण विभाग ------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाएंएंएंएं 7 सितम्बर 20177 सितम्बर 20177 सितम्बर 20177 सितम्बर 2017
संसंसंसं0 0 0 0 स0क0स्था0-01-मु0-42/2015-4189—भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परंतुक द्वारा प्रदा शक्तियोें का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद्द्वारा बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तों) नियमावली, 2014 का संषोधन करने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें)(संषोधन) नियमावली, 2017 बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें)(संषोधन) नियमावली, 2017 बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें)(संषोधन) नियमावली, 2017 बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें)(संषोधन) नियमावली, 2017
1111.... संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ-संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ-(1) यह नियमावली बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं बिहार बाल संरक्षण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें)(संषोधन) सेवा शर्तें)(संषोधन) सेवा शर्तें)(संषोधन) सेवा शर्तें)(संषोधन) नियमावली, 2017नियमावली, 2017नियमावली, 2017नियमावली, 2017 कही जा सकेगी।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह राजपत्र में प्रकाषन की तिथि से प्रवृत होगी। 2222.... उक्त नियमावली-2014 के नियम 9 में प्रावधानित परिवीक्षा संबंधी प्रावधान को उप नियम (1) के रूप में संख्यांकित किया जाएगा तथा उसके बाद निम्नलिखित (2) प्रषिक्षण जोड़ा जाएगा :-
परिवीक्षा अवधि में निम्नलिखित प्रषिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा :- (2) प्रषिक्षण-प्रषिक्षण-प्रषिक्षण-प्रषिक्षण-परिवीक्षा अवधि में निम्नलिखित प्रषिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा :- परिवीक्षा अवधि में निम्नलिखित प्रषिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा :- परिवीक्षा अवधि में निम्नलिखित प्रषिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा :- (क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु :- (क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु :- (क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु :- (क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु :- (i) संस्थागत प्रषिक्षण- 03 माह (ii) कोषागार प्रषिक्षण- 01 माह (iii) जिला पदाधिकारी के यहाँ प्रषिक्षण - 01 माह (विभिन्न शाखाओं में साप्ताहिक प्रषिक्षण प्रोटोकॉल सहित) (iv) बाल कल्याण समिति एवं किषोर न्याय परिषद् में प्रषिक्षण- 01माह (v) बाल गृह/पर्यवेक्षण गृह में प्रषिक्षण- 01 माह (vi) बाल संरक्षण पदाधिकारी के रूप में प्रषिक्षण (संस्थागत/गैर संस्थागत)(प्रत्येक 01 माह)- 02 माह (vii) कम्प्यूटर प्रषिक्षण - 01 माह (कुल दस माह)(कुल दस माह)(कुल दस माह)(कुल दस माह) (ख) प्रोन्नति द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु :- (i) संस्थागत प्रषिक्षण- 03 माह (ii) कोषागार प्रषिक्षण- 01 माह (iii) जिला पदाधिकारी के यहाँ प्रषिक्षण - 01 माह (विभिन्न शाखाओं में साप्ताहिक प्रषिक्षण प्रोटोकॉल सहित)
(iv) बाल कल्याण समिति एवं किषोर न्याय परिषद् में प्रषिक्षण- 01 माह (v) बाल गृह/पर्यवेक्षण गृह में प्रषिक्षण- 01 माह (vi) सहायक निदेषक, बाल संरक्षण इकाई के यहाँ प्रषिक्षण- 01 माह (vii) कम्प्यूटर प्रषिक्षण - 01 माह (कुल नौ माह)(कुल नौ माह)(कुल नौ माह)(कुल नौ माह) 3333.... इस नियमावली- 2014 के नियम 10 को निम्नलिख्ि ात द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- इस नियमावली- 2014 के नियम 10 को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- इस नियमावली- 2014 के नियम 10 को निम्नलिख्ि ात द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- ात द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- इस नियमावली- 2014 के नियम 10 को निम्नलिख्ि 10-विभागीय परीक्षा राजस्व पर्षद द्वारा संचालित की जाएगी। विभागीय परीक्षा में दो पत्र होंगे और प्रत्येक पत्र में उत्तीर्ण होने के लिए न्यूनतम 60 प्रतिषत अंक प्राप्त करना आवष्यक होगा।
'' परीक्षा के विषय निम्नलिखित होंगे :-'' परीक्षा के विषय निम्नलिखित होंगे :-'' परीक्षा के विषय निम्नलिखित होंगे :-'' परीक्षा के विषय निम्नलिखित होंगे :- प्रथम पत्र :- प्रथम पत्र :- प्रथम पत्र :- प्रथम पत्र :- बिहार सेवा संहिता, पेंषन नियमावली एवं विधि नियमावली।बिहार सेवा संहिता, पेंषन नियमावली एवं विधि नियमावली।बिहार सेवा संहिता, पेंषन नियमावली एवं विधि नियमावली।बिहार सेवा संहिता, पेंषन नियमावली एवं विधि नियमावली। द्वितीय पत्र :- कोषागार संहिता, वित्तीय नियमावली, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसिडियोर, बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली, सामान्य द्वितीय पत्र :- कोषागार संहिता, वित्तीय नियमावली, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसिडियोर, बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली, सामान्य द्वितीय पत्र :- कोषागार संहिता, वित्तीय नियमावली, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसिडियोर, बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली, सामान्य द्वितीय पत्र :- कोषागार संहिता, वित्तीय नियमावली, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसिडियोर, बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली, सामान्य भविष्य निधि नियमावली एवं यात्रा भत्ता नियमावली।भविष्य निधि नियमावली एवं यात्रा भत्ता नियमावली।भविष्य निधि नियमावली एवं यात्रा भत्ता नियमावली।भविष्य निधि नियमावली एवं यात्रा भत्ता नियमावली। तृतीय पत्र :-तृतीय पत्र :-तृतीय पत्र :-तृतीय पत्र :- हिन्दी (लिखित/साक्षात्काहिन्दी (लिखित/साक्षात्काहिन्दी (लिखित/साक्षात्काहिन्दी (लिखित/साक्षात्कार )।र )।र )।र )। चतुर्थ पत्र :-चतुर्थ पत्र :-चतुर्थ पत्र :-चतुर्थ पत्र :- लेखा (पुस्तक रहित)।लेखा (पुस्तक रहित)।लेखा (पुस्तक रहित)।लेखा (पुस्तक रहित)। पंचम् पत्र :- पंचम् पत्र :- पंचम् पत्र :- पंचम् पत्र :- लेखा (पुस्तक सहित)।लेखा (पुस्तक सहित)।लेखा (पुस्तक सहित)।लेखा (पुस्तक सहित)। षष्टम् पत्र :- बाल संरक्षण अधिनियम/योजना एवं नियम -षष्टम् पत्र :- बाल संरक्षण अधिनियम/योजना एवं नियम -षष्टम् पत्र :- बाल संरक्षण अधिनियम/योजना एवं नियम -षष्टम् पत्र :- बाल संरक्षण अधिनियम/योजना एवं नियम -3 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 षष्टम् पत्र के पाठ्यक्रम निम्नवत् रहेंगे -षष्टम् पत्र के पाठ्यक्रम निम्नवत् रहेंगे -षष्टम् पत्र के पाठ्यक्रम निम्नवत् रहेंगे -षष्टम् पत्र के पाठ्यक्रम निम्नवत् रहेंगे -
(बाल संरक्षण एवं समाज कल्याण से संबंधित केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न अधिनियम/विि (बाल संरक्षण एवं समाज कल्याण से संबंधित केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न अधिनियम/विनियम/आदेष इत्यादि नयम/आदेष इत्यादि नयम/आदेष इत्यादि नयम/आदेष इत्यादि (बाल संरक्षण एवं समाज कल्याण से संबंधित केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न अधिनियम/विि (बाल संरक्षण एवं समाज कल्याण से संबंधित केन्द्र एवं राज्य के विभिन्न अधिनियम/विि एवं केन्द्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाएँ यथा - किषोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम'' , एवं केन्द्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाएँ यथा - किषोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम'' , एवं केन्द्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाएँ यथा - किषोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम'' , एवं केन्द्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाएँ यथा - किषोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम'' , 2000 (समय-समय पर यथा संषोधित), बिहार किषोर न्याय नियमावली, 2012 घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण 2000 (समय-समय पर यथा संषोधित), बिहार किषोर न्याय नियमावली, 2012 घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण 2000 (समय-समय पर यथा संषोधित), बिहार किषोर न्याय नियमावली, 2012 घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण 2000 (समय-समय पर यथा संषोधित), बिहार किषोर न्याय नियमावली, 2012 घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण प्रतिषेध अधिनियम, 2006 एवं बिहार नियमावली 2010, अनैतिक पणन निवारण अधिनियम, 2005, बाल विवाहअधिनियम, 2005, बाल विवाहअधिनियम, 2005, बाल विवाहअधिनियम, 2005, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 एवं बिहार नियमावली 2010, अनैतिक पणन निवारण प्रतिषेध अधिनियम, 2006 एवं बिहार नियमावली 2010, अनैतिक पणन निवारण प्रतिषेध अधिनियम, 2006 एवं बिहार नियमावली 2010, अनैतिक पणन निवारण अधिनियम, 1956, परवरिष, अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, प्रायोजन एवं देखभाल इत्यादि ।)'' अधिनियम, 1956, परवरिष, अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, प्रायोजन एवं देखभाल इत्यादि ।)'' अधिनियम, 1956, परवरिष, अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, प्रायोजन एवं देखभाल इत्यादि ।)'' अधिनियम, 1956, परवरिष, अन्तर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, प्रायोजन एवं देखभाल इत्यादि ।)''
4444.... उक्त नियमावली 2014 के ''''''''नियम 11'' को नियम 11'' को नियम 11'' को नियम 11'' को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित प्रतिस्थापित प्रतिस्थापित प्रतिस्थापित किया जाएगा-
'' '' '' '' वार्षिक वेतन वृद्धि एवं सम्पुष्टि :- (वार्षिक वेतन वृद्धि एवं सम्पुष्टि :- (वार्षिक वेतन वृद्धि एवं सम्पुष्टि :- (वार्षिक वेतन वृद्धि एवं सम्पुष्टि :- (1) राजपत्रित पदाधिकारियों के लिए प्रथम वार्षिक वेतनवृद्धि हेतु राजभाषा ) राजपत्रित पदाधिकारियों के लिए प्रथम वार्षिक वेतनवृद्धि हेतु राजभाषा ) राजपत्रित पदाधिकारियों के लिए प्रथम वार्षिक वेतनवृद्धि हेतु राजभाषा ) राजपत्रित पदाधिकारियों के लिए प्रथम वार्षिक वेतनवृद्धि हेतु राजभाषा द्वारा आयोजित हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा तथा विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवष्यक होगा। नियुक्ति द्वारा आयोजित हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा तथा विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवष्यक होगा। नियुक्ति द्वारा आयोजित हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा तथा विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवष्यक होगा। नियुक्ति द्वारा आयोजित हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा तथा विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवष्यक होगा। नियुक्ति एवं प्रथम वेतनवृद्धि के बीच हिन्दी टिप्पणी एवंएवं प्रथम वेतनवृद्धि के बीच हिन्दी टिप्पणी एवंएवं प्रथम वेतनवृद्धि के बीच हिन्दी टिप्पणी एवंएवं प्रथम वेतनवृद्धि के बीच हिन्दी टिप्पणी एवं प्रारूपण परीक्षा/विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में प्रारूपण परीक्षा/विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में प्रारूपण परीक्षा/विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में प्रारूपण परीक्षा/विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में प्रथम वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाएगी।प्रथम वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाएगी।प्रथम वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाएगी।प्रथम वेतन वृद्धि नहीं रोकी जाएगी। ((((2) सम्पुष्टि (इस संवर्ग में प्रोन्नत व्यक्ति को छोड़ कर) - परिवीक्षा पर नियुक्त व्यक्ति परिवीक्षावधि समाप्त होने ) सम्पुष्टि (इस संवर्ग में प्रोन्नत व्यक्ति को छोड़ कर) - परिवीक्षा पर नियुक्त व्यक्ति परिवीक्षावधि समाप्त होने ) सम्पुष्टि (इस संवर्ग में प्रोन्नत व्यक्ति को छोड़ कर) - परिवीक्षा पर नियुक्त व्यक्ति परिवीक्षावधि समाप्त होने ) सम्पुष्टि (इस संवर्ग में प्रोन्नत व्यक्ति को छोड़ कर) - परिवीक्षा पर नियुक्त व्यक्ति परिवीक्षावधि समाप्त होने पर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन सेवा में सम्पुष्टि पर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन सेवा में सम्पुष्टि पर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन सेवा में सम्पुष्टि पर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन सेवा में सम्पुष्टि के पात्र होंगे :-के पात्र होंगे :-के पात्र होंगे :-के पात्र होंगे :- (क)(क)(क)(क) विभाग द्वारा प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण एवं विहित प्रक्रिया अनुसार कोषागार प्रषिक्षण प्रमाण विभाग द्वारा प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण एवं विहित प्रक्रिया अनुसार कोषागार प्रषिक्षण प्रमाण विभाग द्वारा प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण एवं विहित प्रक्रिया अनुसार कोषागार प्रषिक्षण प्रमाण विभाग द्वारा प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण एवं विहित प्रक्रिया अनुसार कोषागार प्रषिक्षण प्रमाण पत्र प्राप्त हो।पत्र प्राप्त हो।पत्र प्राप्त हो।पत्र प्राप्त हो। (ख)(ख)(ख)(ख) परिवीक्षा पर नियुक्त पदाधिकारी को परिवीक्षा अवपिरिवीक्षा पर नियुक्त पदाधिकारी को परिवीक्षा अवपिरिवीक्षा पर नियुक्त पदाधिकारी को परिवीक्षा अवपिरिवीक्षा पर नियुक्त पदाधिकारी को परिवीक्षा अवधि की समाप्ति पर सम्पुष्ट किया जा ध की समाप्ति पर सम्पुष्ट किया जा ध की समाप्ति पर सम्पुष्ट किया जा ध की समाप्ति पर सम्पुष्ट किया जा सकेगा यदि वह सकेगा यदि वह सकेगा यदि वह सकेगा यदि वह निर्धारित मापदण्ड एवं निर्धारित मापदण्ड एवं निर्धारित मापदण्ड एवं निर्धारित मापदण्ड एवं विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण हो।विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण हो।विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण हो।विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण हो। (ग)(ग)(ग)(ग) समय-समय पर विहित प्रषिक्षण प्राप्त कर लिया हो तथा समय-समय पर विहित प्रषिक्षण प्राप्त कर लिया हो तथा समय-समय पर विहित प्रषिक्षण प्राप्त कर लिया हो तथा समय-समय पर विहित प्रषिक्षण प्राप्त कर लिया हो तथा प्रषिक्षण के उपरान्त यदि परीक्षा प्रषिक्षण के उपरान्त यदि परीक्षा प्रषिक्षण के उपरान्त यदि परीक्षा प्रषिक्षण के उपरान्त यदि परीक्षा हो, तो उसमें हो, तो उसमें हो, तो उसमें हो, तो उसमें उत्तीर्ण हो चुका हो।उत्तीर्ण हो चुका हो।उत्तीर्ण हो चुका हो।उत्तीर्ण हो चुका हो। इस अवधि में उसका आचरण और सेवा संतोषजनक एवं नियमित रहा हो। '' (घ)(घ)(घ)(घ) इस अवधि में उसका आचरण और सेवा संतोषजनक एवं नियमित रहा हो। '' इस अवधि में उसका आचरण और सेवा संतोषजनक एवं नियमित रहा हो। '' इस अवधि में उसका आचरण और सेवा संतोषजनक एवं नियमित रहा हो। '' 5. उक्त नियमावली के ''''''''नियम 13 'नियम 13 'नियम 13 'नियम 13 '' ' ' ' को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापितप्रतिस्थापितप्रतिस्थापितप्रतिस्थापित किया जाएगा :-
'' प्रोन्नति :- इस सेवा के द्वितीय पद सोपान एवं उसके उपर के सभी पद सोपानों पर नियुक्ति नीचे के पद '' प्रोन्नति :- इस सेवा के द्वितीय पद सोपान एवं उसके उपर के सभी पद सोपानों पर नियुक्ति नीचे के पद '' प्रोन्नति :- इस सेवा के द्वितीय पद सोपान एवं उसके उपर के सभी पद सोपानों पर नियुक्ति नीचे के पद '' प्रोन्नति :- इस सेवा के द्वितीय पद सोपान एवं उसके उपर के सभी पद सोपानों पर नियुक्ति नीचे के पद सोपानों के पदाधिकारियों में से वरीयता सह अर्हता के आधार पर, विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुषंसाओं के सोपानों के पदाधिकारियों में से वरीयता सह अर्हता के आधार पर, विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुषंसाओं के सोपानों के पदाधिकारियों में से वरीयता सह अर्हता के आधार पर, विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुषंसाओं के सोपानों के पदाधिकारियों में से वरीयता सह अर्हता के आधार पर, विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुषंसाओं के आधार पर, की जाएगी।आधार पर, की जाएगी।आधार पर, की जाएगी।आधार पर, की जाएगी।
प्रोन्नति के लिए पदाधिकारियों को सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर प्रोन्नति हेतु विहित प्रोन्नति के लिए पदाधिकारियों को सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर प्रोन्नति हेतु विहित प्रोन्नति के लिए पदाधिकारियों को सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर प्रोन्नति हेतु विहित प्रोन्नति के लिए पदाधिकारियों को सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा विभिन्न पदों पर प्रोन्नति हेतु विहित न्यूनतम कालावधि पूरी करना एवं संतोषप्रद सेवा पूर्ण करना अनिवार्य होगा। सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा न्यूनतम कालावधि पूरी करना एवं संतोषप्रद सेवा पूर्ण करना अनिवार्य होगा। सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा न्यूनतम कालावधि पूरी करना एवं संतोषप्रद सेवा पूर्ण करना अनिवार्य होगा। सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा न्यूनतम कालावधि पूरी करना एवं संतोषप्रद सेवा पूर्ण करना अनिवार्य होगा। सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा समय-समय पर प्रोन्नति संबंधित निर्गत ससमय-समय पर प्रोन्नति संबंधित निर्गत ससमय-समय पर प्रोन्नति संबंधित निर्गत ससमय-समय पर प्रोन्नति संबंधित निर्गत संकल्प/परिपत्र/अधिसूचना इस सेवा की प्रोन्नति संबंधी मामलों में लागू ंकल्प/परिपत्र/अधिसूचना इस सेवा की प्रोन्नति संबंधी मामलों में लागू ंकल्प/परिपत्र/अधिसूचना इस सेवा की प्रोन्नति संबंधी मामलों में लागू ंकल्प/परिपत्र/अधिसूचना इस सेवा की प्रोन्नति संबंधी मामलों में लागू होंगे।''होंगे।''होंगे।''होंगे।''
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष सेराज्यपाल के आदेष से,,,, सुजाता चलाना, सुजाता चलाना, सुजाता चलाना, सुजाता चलाना, अपर सचिव।
The 7th September 2017 No. स0क0स्था0-01-मु0-42/2015स0क0स्था0-01-मु0-42/2015स0क0स्था0-01-मु0-42/2015स0क0स्था0-01-मु0-42/2015-4189—In exercise of the powers conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India, The Governor of Bihar is hereby pleased to make the following Rules to amend the Bihar Child Protection Service (Recruitment & Conditions) Rules, 2014 :-
Bihar Child Protection Service (Recruitment & Service Conditions) (Amendment)
Rules, 2017
1. Short title, Extent and commencement- (1) These Rules may be referred to as Bihar Child Protection Service (Recruitment and Service Conditions) (Amendment) Rules, 2017.
(2) It shall extend to the whole of the State of Bihar. (3) It shall come in force from the date of publication in the official Gazette. 2. Provision relating to probation provided in Rule 9 of the said rules, 2014 shall be renumbered as sub rule (1) and there after the following sub rule (2) Shall be added :-
(2) "Training" – It will be compulsory to obtain the following training in the Probation period :-
(A) For officers appointed by direct recruitment :– (i) Institutional training - 03 months (ii) Treasury training - 01 month (iii) Training under District Magistrate (including Weekly Training Protocol in various branches) - 01 month4 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 (iv) Training in Child Welfare Committee and Juvenile Justice Board . - 01 month (v) Training in Children Home/ Observation Home. - 01 month (vi) Training as Child Protection Officer (Institutional /non Institutional) (One Month each - 02 months (vii) Computer Training - 01 month (Total Ten months) (B) For Officers appointed by Promotion : (i) Institutional training - 03 months (ii) Treasury training - 01 month (iii) Training under District Magistrate (including Weekly Training Protocol in various branches) - 01 month (iv) Training in Child Welfare Committee and Juvenile Justice Board . - 01 month (v) Training in Children Home/ Observation Home. - 01 month (vi) Training as Assistant Director in Child Protection Unit. - 01 month (vii) Computer Training - 01 month (Total Nine Months)
3. Rule 10 of the said Rules, 2014 will be substituted by the following: -
"10 Departmental Examination will be conducted by the Revenue Board. There will be two Papers in the departmental examination and it will be necessary to get minimum 60% marks to be passed in each Paper .
"The following will be the subjects of the examination :-
First Paper - Bihar Service Code, Pension Rules and law Rules Second Paper- Treasury Code, Finance Rules, Practice and Procedure, Board
circular Rules, General Provident Fund Rules and TA Rules.
Third Paper - Hindi (Written/Interview) Fourth Paper - Accounts (Without Books) Fifth Paper - Accounts (With Books) sixth Paper - Child Protection Act./Plans and Rules
The syllabus of sixth Paper will be as follows:-– Various Acts / Regulations / Orders of Central and State related to Child Protection and Social Welfare and various schemes of Central/State such as The Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2000 (as amended from time to time) The Bihar Juvenile Justice Rules, 2012, Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005, Child Marriage Prohibition Act, 2006 and Bihar Rules, 2010 Unethical Prevention Act, 1956, Parvarish Scheme, Inter-caste Marriage encouragement Scheme, Care and Observation etc.)
4. Rule 11 of the said Rules, 2014 will be substituted by the following - (1) "Annual increment and confirmation - (i) For the first annual increment, it will be compulsory for the gazetted officers to pass Hindi Noting and Drafting Examination conducted by Rajya Bhasha Department and Departmental Examinations In the event of non-organizing the Hindi Noting and Drafting Examination / Departmental Examination between the period from appointment and first annual increment, the first annual increment will not be stopped.
(2) Confirmation (except for the promoted person in this cadre) - The persons appointed on probation will be eligible for confirmation in the service under the following conditions on the expiry of the probation period :-
(a) Passed in the Departmental Examination as provided by the department and should be obtain treasury training certificate according to the prescribed procedure ;
5 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018(b) The officers appointed on probation may be confirmed at the end of the probation if he fulfills all the criterion and has passed the Departmental Examination.
(c) He has obtained the prescribed training, from time to time, and after the training has passed the Departmental Examination.
(d) In this period, his/her conduct and service has been satisfactory and regular. " 5. Rules-13 of the said Rules, 2014 Will be substituted by the following : - "13" Promotions – The appointment on immediate second hierarchical post and above all designated posts in this service will be made on the basis of the recommendation of the Departmental Promotion Committee on the basis of merit –cum- qualification from among the officers of the post below hierarchy.
It will be compulsory for officers to complete the kalawadhi prescribed by the General Administration Department for the promotion to the various posts and satisfactory service Resolutions /Circulars / Notifications related to promotion, issued by the General Administration Department from time to time will be applicable to the matters in respect to the promotion of this service.
By order of the Governor of Bihar, Sujata Chalana, Additional Secretary.
--------------------------------
7 सितम्बर 20177 सितम्बर 20177 सितम्बर 20177 सितम्बर 2017
सं0 स0 क0 स्था0-01-मु0-41/2015-4190—भारत के संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल एतद्द्वारा '' बिहार सामाजिक सुरक्षा सेवा नियमावली, 2004 '' का संषोधन करने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
1111.... संक्षिप्त नाम और विस्तार :-संक्षिप्त नाम और विस्तार :-संक्षिप्त नाम और विस्तार :-संक्षिप्त नाम और विस्तार :- (1) यह नियमावली ''बिहार सामाजिक सुरक्षा सेवा (संषोधन) नियमावली, 2017'' कही जा सकेगी। (2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरन्त प्रवृत होगी।
2222.... उक्त नियमावली, 2004 के नियम-2 मेें संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम-2 मेें संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम-2 मेें संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम-2 मेें संशोधन :-
उक्त नियमावली, 2004 के नियम-2 के खण्ड ''च'' में प्रयुक्त शब्द ''श्रम, नियोजन एवं प्रषिक्षण विभाग'' शब्द बिहार सरकार का समाज कल्याण विभाग '' द्वारा प्रतिस्थापित किए जाएँगे तथा उसके बाद निम्नलिखित खण्ड '' (छ) '' एवं ''(ज)'' जोड़े जाएँगें :-
(छ.) ''नियंत्री पदाधिकारी'' से अभिप्रेत है प्रधान सचिव/सचिव, समाज कल्याण विभाग; (ज.) ''नियुक्ति प्राधिकार'' से अभिप्रेत है राज्य सरकार का समाज कल्याण विभाग;
3333.... उक्त नियमावली, 2004 के नियम-4 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम-4 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम-4 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम-4 में संशोधन :-
उक्त नियमावली, 2004 के नियम-4 का उप नियम-(1) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा- (1) यह सेवा समाज कल्याण विभाग के प्रषासी नियंत्रण में होगी। इस सेवा कोटि के पदों की संवर्ग
| प् प् ा ा प् प् ा ा दनाम | स्तरस्तरस्तरस्तर |
| ( क ) सहायक निदेशक | म ल कोटि ू |
| ( ख् ा ) उप निदेशक | प ्र थ् ा म प्रोन्नति स्तर |
| ( ग ) संयुक्त निदेशक | ि द्वतीय प्रोन्नति स्तर |
4444.... उक्त नियमावली, 2004 के नियम-13 उक्त नियमावली, 2004 के नियम-13 उक्त नियमावली, 2004 के नियम-13 उक्त नियमावली, 2004 के नियम-13 में संशोधन :-में संशोधन :-में संशोधन :-में संशोधन :- (1) उक्त नियमावली, 2004 के नियम-13 के उप नियम (1) मे निम्नलिखित जोड़ा जाएगा :-
'' परिवीक्षा अवधि में निम्नलिखित प्रषिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा :-
(क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -(क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -(क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -(क) सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -
(i) संस्थागत प्रषिक्षण - 03 माह, (ii) कोषागार प्रषिक्षण - 01 माह, (iii) जिला पदाधिकारी के यहाँ प्रषिक्षण - 03 माह, (विभिन्न शाखाओं में साप्ताहिक प्रषिक्षण प्रोटोकॉल सहित) (iv) सहायक निदेषक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग के यहाँ प्रषिक्षण - 01 माह, (v) प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के यहाँ प्रषिक्षण - 01 माह6 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 (vi) कम्प्यूटर प्रषिक्षण - 01 माह
(कुल दस माह) (ख) प्रोन्नति द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -(ख) प्रोन्नति द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -(ख) प्रोन्नति द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -(ख) प्रोन्नति द्वारा नियुक्त पदाधिकारियों हेतु -
(i) संस्थागत प्रषिक्षण - 03 माह, (ii) कोषागार प्रषिक्षण - 01 माह, (iii) कम्प्यूटर प्रषिक्षण - 01 माह
(कुल पाँच माह) (2) उक्त नियमावली, 2004 के नियम 13 के उपनियम (4) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- ''(4) '' सम्पुष्टि :- परिवीक्षा पर नियुक्त व्यक्ति (इस संवर्ग में प्रोन्नत व्यक्ति को छोड़ कर) परिवीक्षावधि समाप्त होने पर, निम्नलिखित शर्तों के अधीन सेवा में सम्पुष्टि के पात्र होंगे :- (क) विभाग द्वारा प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्णता एवं विहित प्रक्रियानुसार कोषागार प्रषिक्षण प्रमाण पत्र अवश्य प्राप्त होना चाहिए। (ख) परिवीक्षा पर नियुक्त पदाधिकारी को परिवीक्षा अवधि की समाप्ति पर सम्पुष्ट किया जा सकेगा, यदि वह विहित मापदण्ड एवं विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण हो। (ग) यदि वह समय-समय पर विहित प्रषिक्षण प्राप्त कर लिया हो तथा प्रषिक्षण के उपरान्त यदि परीक्षा हो, तो उसमें उत्तीर्ण हो चुका हो। (घ) इस अवधि में उसका आचरण और सेवा संतोषजनक एवं नियमित रहा हो।'' (3) उक्त नियमावली, 2004 के नियम 13 के उपनियम (4) के बाद निम्नलिखित उपनियम (5) जोड़ा जाएगा :-
''(5) ''वार्षिक वेतनवृद्धि :- ''वार्षिक वेतनवृद्धि :- ''वार्षिक वेतनवृद्धि :- ''वार्षिक वेतनवृद्धि :- प्रथम वार्षिक वेतनवृद्धि हेतु राजभाषा द्वारा आयोजित राजपत्रित पदाधिकारियों के लिए हिन्दी टिप्पण एवं प्रारूपण परीक्षा तथा विभागीय परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवष्यक है। नियुक्ति और प्रथम वेतनवृद्धि की अवधि के बीच हिन्दी टिप्पणी एवं प्रारूपण परीक्षा/विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने की स्थिति में प्रथम वेतनवृद्धि नहीं रोकी जाएगी।'' 5555.... उक्त नियमावली, 2004 के नियम 14 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 14 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 14 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 14 में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 14 का उपनियम (1) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगाः- ''(1) विभागीय परीक्षा राजस्व पर्षद, बिहार द्वारा संचालित की जाएगी। विभागीय परीक्षा में प्रत्येक पत्र में उत्तीर्ण होने के लिए 60% (साठ प्रतिषत) अंक प्राप्त करना आवष्यक होगा। '' परीक्षा के विषय निम्नलिखित होंगे :- प्रथम पत्र :- बिहार सेवा संहिता, पेंषन नियमावली एवं विधि नियमावली। द्वितीय पत्र :- कोषागार संहिता, वित्तीय नियमावली, प्रैक्टिस एण्ड प्रोसिडियोर, बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली, सामान्य भविष्य निधि नियमावली एवं यात्रा भत्ता नियमावली। तृतीय पत्र :- हिन्दी (लिखित/साक्षात्कार )। चतुर्थ पत्र :- लेखा (पुस्तक रहित)। पंचम् पत्र :- लेखा (पुस्तक सहित)। षष्टम् पत्र :-सामाजिक सुरक्षा एवं निःषक्तता से संबंधित विभिन्न अधिनियम/विनियम/आदेष/कानूनी प्रावधान इत्यादि तथा इस से संबंधित केन्द्र एवं राज्य की विभिन्न योजनाएँ ।'' 6666.... उक्त नियमावली, 2004 के नियम 16 का प्रतिस्थापन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 16 का प्रतिस्थापन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 16 का प्रतिस्थापन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 16 का प्रतिस्थापन :- उक्त नियमावली, 2004 के नियम 16 निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- ''16'' वरीयता संवर्ग के सदस्य की आपसी वरीयता आयोग द्वारा अवधारित उनकी मेधा क्रम के अनुसार होगी : परन्तु इस नियमावली के प्रवृत्त होने के पूर्व की आपसी वरीयता अपरिवर्त्तनीय रहेगीः परन्तु और कि किसी भर्ती वर्ष में प्रोन्नति द्वारा नियुक्त व्यक्ति संबंधित भर्ती वर्ष में प्रतियोगिता परीक्षा द्वारा नियुक्त व्यक्ति से वरीय होंगे। '' 7777.... उक्त नियमावली, 2004 का नियम 17 का प्रतिस्थापन : उक्त नियमावली, 2004 का नियम 17 का प्रतिस्थापन :---- उक्त नियमावली, 2004 का नियम 17 का प्रतिस्थापन : उक्त नियमावली, 2004 का नियम 17 का प्रतिस्थापन : उक्त नियमावली, 2004 का नियम 17 निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जाएगा :- ''17 अवषिष्ट मामले :- अवषिष्ट मामले :- अवषिष्ट मामले :- अवषिष्ट मामले :- ऐसे मामलों के संबंध में जो इस नियमावली द्वारा विषिष्ट रूप से आच्छादित नहीं है; संवर्गों के सदस्य राज्य सरकार के समुचित स्तर के पदाधिकारियों/कर्मचारियों के लिए लागू नियमावली, विनियमावली या आदेषों से शासित होेंगे। ''
8888.... नियम-18 एवं 19 को जोड़ा जाना :-नियम-18 एवं 19 को जोड़ा जाना :-नियम-18 एवं 19 को जोड़ा जाना :-नियम-18 एवं 19 को जोड़ा जाना :-
उक्त नियमावली, 2004 के नियम 17 के बाद निम्नलिखत नए नियम 18 एवं 19 जोड़े जाएँगे :- ''18 कठिनाईयों का निराकरण :- ''18 कठिनाईयों का निराकरण :- ''18 कठिनाईयों का निराकरण :- ''18 कठिनाईयों का निराकरण :- यदि इस नियमावली के प्रावधानों को प्रभावी करने मेें यदि कोई कठिनाई उत्पन्न हो तो सरकार, समय-समय पर, ऐसा सामान्य या विषेष निदेष द्वारा, ऐसा प्रावधान, विधि विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के परामर्श के पश्चात, कर सकेगी जो इस नियमावली के प्रावधानों से असंगत न हो और उक्त कठिनाई के निराकरण के लिए आवष्यक एवं समीचीन हो।7 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 19 निर्वचन :-19 निर्वचन :-19 निर्वचन :-19 निर्वचन :- जहाँ इस नियमावली के प्रावधानों में से किसी के निर्वचन के संबंध में कोई शंका उत्पन्न हो वहाँ विनिष्चिय विभाग द्वारा, विधि विभाग से परामर्श के पश्चात, किया जाएगा और उसका निर्णय अंतिम होगा।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष सराज्यपाल के आदेष सराज्यपाल के आदेष सराज्यपाल के आदेष सेेेे,,,, सुसुसुसुजाता चलाना, जाता चलाना, जाता चलाना, जाता चलाना, अपर सचिव।
The 7th September 2017 No. स0क0स्था0-01-मु0-41स0क0स्था0-01-मु0-41स0क0स्था0-01-मु0-41स0क0स्था0-01-मु0-41/2015/2015/2015/2015-4190—In exercise of the powers conferred by proviso to Article 309 of the Constitution of India the Governor of Bihar is hereby pleased to make the following Rules to amend the Bihar Social Security Service Rules, 2004 :-
2. Short title, extent and commencement. - (1) These Rules may be called the Bihar Social Security Service (Amendment) Rules, 2017. 2. It shall extend to the whole of the State of Bihar. 3. It shall come into force at once.
2. Amendment in Rule 2 of the said Rules, 2004 . - The words "Labour Planning and Training Department" used in clause (f) of Rule 2 of the said Rules, 2004 shall be substituted by the words " Social Welfare Department of Bihar Government" and thereafter the following clauses (g) and (h) shall be added :-
(g) "Controlling officer" means the Principal Secretary / Secretary Social Welfare Department.
(h) "Appointing Authority" means Social Welfare Department Government of Bihar." 3. Amendment in Rule 4 . of the said Rules, 2004 . - sub- Rule (1) of rule 4 of said Rules, 2004 shall be substituted by the following : – (1) This service will be under the administrative control of Social Welfare Department. The Cadre structure of this service category will be as follows :-
| Designation | Level |
| 1. Assistant Director | Basic Category |
| 2. Deputy Director | First Promotional Level |
| 3. Joint Director | Second Promotional Level |
(a) Passing of the Departmental Examination Conducted by The Department and Treasury training Certificate according to the prescribed procedure must be obtained.
(b) The officer appointed on probation may be confirmed at the end of the probation period if he has passed in the prescribed criterion and Departmental Examination. (c) If he has obtained training prescribed from time to time, and after the training, he has passed the examination, if any.
(d) In this period, his conduct and service have been satisfactory and regular."
(3) The following sub rule (5) shall be added after sub rule (4) of Rule 13 of the said
Rules, 2004:-
" (5) Annual increment – For first annual increment, it is necessary for the gazetted Officers to pass the Hindi Noting and Drafting Examination conducted by the Rajbhasha and in the Departmental Examination. In case of not organizing the Hindi Noting and Drafting Examination / Departmental Examination between the period of the appointment and first annual increment, the first annual increment will not be stopped." 5. Amendment in Rule 14 of the said Rules, 2004 . – Sub- rule (1) of rule 14 of the said Rules, 2004 shall be substituted by the following – "(1) The Departmental Examination will be conducted by the Revenue board. For passing in each paper in the Departmental Examination, it will be necessary to get 60% marks. The subjects of the examination will be the following :- First Paper - Bihar Service Code, Pension Rule and law Rules Second Paper - Treasury Code, Finance Rules, Practice and Procedure, Board Miscellaneous Rules , General Provident Fund Rules and TA Rules. Third Paper - Hindi (Written/Interview) Fourth Paper - Accounts (Without Books) Fifth Paper - Accounts (With Books)
Sixth Paper - Various Acts/ Regulations/Orders/Schemes etc. of related to
Social Security and Disability and various state and central schemes related thereto"
6. Substitution of Rule 16 of the said Rules, 2004 .– Rule 16 of the said Rule, 2004 shall be substituted by the following : – "16 Inter-se-seniority of the members of the cadre will be according to their merit-list determined by the Commission : Provided that Inter-se- seniority before coming in to force of these Rules will remain unchanged : Provided further that in any recruitment year the person appointed by promotion will be senior to the person appointed by the Competitive Examination in the concerned year. 7. Substitution of Rule - 17 of the said Rules, 2004. – Rule-17 of the said Rules, 2004 shall be substituted by the following :- " 17 Residual case – Regarding such matters which are not specifically covered by these Rules, the members of the cadre shall be governed by the rules, regulations or orders for the officers / employees of the appropriate level of the State Government. 8. Addition of new Rule 18 and 19 in the said rules, 2004. - The following new Rules 18 and 19 shall be added after rule 17 of the said Rules, 2004: – " 18 – Removal of difficulties. - If any difficulty arises to make effective the provisions of these Rule , the Government may after consultation with the Law Department and General Administration Department make such provision, from time to time , by such general or9 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 special direction which is not inconsistent with the provisions of these Rules and is necessary and expedient for the removal of the said difficulty. 19- Interpretation - Where any doubt arises regarding the interpretation of any of the provisions of these Rules, the decision will be taken by the department after consultation with the Law Department and its decision will be final.
By order of the Governor of Bihar, Sujata Chalana, Additional Secretary.
-------------------------------- खान एवं भूतत्व विभागखान एवं भूतत्व विभागखान एवं भूतत्व विभागखान एवं भूतत्व विभाग -------------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 19 फरवरी 201819 फरवरी 201819 फरवरी 201819 फरवरी 2018
सं0 बी0एस0डी0सी0-59/2014बी0एस0डी0सी0-59/2014बी0एस0डी0सी0-59/2014बी0एस0डी0सी0-59/2014-951—बिहार राज्य खनिज विकास निगम के आर्टिकल ऑफ एसोसियेषन के आर्टिकल 24(1), जिसे कम्पनी एक्ट 2013 के साथ पढ़ा जाय, के द्वारा बिहार राज्य खनिज विकास निगम लि0 के शेयर होल्डर के नामांकन के संबंध में प्रदा शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल के द्वारा निम्न व्यक्तियों को बिहार राज्य खनिज विकास निगम लि0 के शेयर होल्डर के रूप में तत्काल प्रभाव से नामित किया जाता है :-
1. श्री असांगबा चुबा आओ, भा0प्र0से0श्री असांगबा चुबा आओ, भा0प्र0से0श्री असांगबा चुबा आओ, भा0प्र0से0श्री असांगबा चुबा आओ, भा0प्र0से0, विषेष सचिव-सह- निदेषक, खान एवं भूतत्व को श्री आर0सी0वैष्यश्री आर0सी0वैष्यश्री आर0सी0वैष्यश्री आर0सी0वैष्य के स्थान पर एवं
2. श्रीश्रीश्रीश्री विष्वजीत दाविष्वजीत दाविष्वजीत दाविष्वजीत दाँ, उपनिदेषक, खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार, पटना को श्रीमती लक्ष्मी सिंहश्रीमती लक्ष्मी सिंहश्रीमती लक्ष्मी सिंहश्रीमती लक्ष्मी सिंह के स्थान पर ।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सुषील कुमार, अवर सचिव।
The 19th February 2018
No. BSMDC-59/2014-951—In exercise of the powers conferred under Article 24 (1) of Article of Association of the Company read with Companies Act, 2013 regarding the nomination of Shareholders in Bihar Sate Mineral Development Corporation Ltd, the Governor of Bihar nominates the following persons as the Shareholders of Bihar State Mineral Development Corporation Ltd with immediate effect :-
1. Sri Asangba Chuba Ao, IAS, Special Secretary-cum-Director, Mines & Geology. in place of Shri R.C Vaish
2. Shri Biwajeet Dan, Deputy Director, Department of Mines & Geology in place of Smt Laxmi Singh.
By Order of the Governor of Bihar, Sushil Kumar, Under Secretary.
-------------------------------- पथ निर्माण विभागपथ निर्माण विभागपथ निर्माण विभागपथ निर्माण विभाग -------------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 1 नवम्बर 20171 नवम्बर 20171 नवम्बर 20171 नवम्बर 2017
सं॰ 1/विविध-11/2011-10002(s)—बिहार लोक कार्य संविदा विवाद माध्यस्थम् न्यायाधिकरण अधिनियम-2008 की धारा-3 की उपधारा-2 के अधीन न्यायमूर्त्ति श्री मुंगेश्वर साहू, सेवा निवृत्त न्यायाधीश, पटना उच्च न्यायालय, 16एम॰, स्टै्रन्ड रोड, पटना को बिहार लोक कार्य संविदा विवाद माध्यस्थम् न्यायाधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। 2. यह नियुक्ति बिहार लोक कार्य संविदा विवाद माध्यस्थम् न्यायाधिकरण अधिनियम-2008 की धारा-4 उपधारा-1 के अनुसार पदग्रहण की तिथि से तीन वर्षों तक या 70 (सत्तर) वर्ष की आयु पूरी करने तक (दोनों में जो पहले हो) वैध होगी।
3. अध्यक्ष, बिहार लोक कार्य संविदा विवाद माध्यस्थम् न्यायाधिकरण के अन्य सभी सेवा शर्त्त पूर्ववत रहेगी।
बिबिबिबिहार-हार-हार-हार-राज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश से,,,, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, अपर सचिवअपर सचिवअपर सचिवअपर सचिव।।।।10 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 गृह विभागगृह विभागगृह विभागगृह विभाग (विषेष शाखा)(विषेष शाखा)(विषेष शाखा)(विषेष शाखा) -------------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 21 फरवरी 201821 फरवरी 201821 फरवरी 201821 फरवरी 2018
सं॰ एल/एच॰जी॰-1508/2015-1489148914891489—श्री अशोक कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, गोपालगंज के दिनांक 31.12.2017 के अपराह्न से सेवानिवृति के फलस्वरूप मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के आदेश सहपठित ज्ञापांक-5076, दिनांक 29.12.2017 द्वारा पूर्णकालिक पदस्थापन होने तक श्री रितेश कुमार पाण्डेय, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सीवान (अतिरिक्त प्रभार-जिला समादेष्टा, छपरा) को अपने कार्याें के अतिरिक्त जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, गोपालगंज को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
2. मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के उक्त आदेश में सरकार की सहमति प्रदान की जाती है।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपालराज्यपालराज्यपालराज्यपाल के आदेश से,के आदेश से,के आदेश से,के आदेश से, विमलेश कुमार झा, विमलेश कुमार झा, विमलेश कुमार झा, विमलेश कुमार झा, संयुक्त सचिव।
-------------------------------- निर्वाचन विभागनिर्वाचन विभागनिर्वाचन विभागनिर्वाचन विभाग ---------------------------------------- अधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचनाअधिसूचना 22 फरवरी 201822 फरवरी 201822 फरवरी 201822 फरवरी 2018
सं0 ई2-207/82-8888—निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या ई2-207/82-03 सह-पठित ज्ञापांक 367 दिनांक 30.01. 2018 द्वारा उक्त अधिसूचना में अंकित सारणी के क्रमांक-2 पर श्री अनिल कुमार तिवारी (बिहार निर्वाचन सेवा) को अवर निर्वाचन पदाधिकारी के मौलिक पद (वेतनमान Level 9) की सेवा में दिनांक 26.09.2017 के प्रभाव से संपुश्ट किया गया है। किन्तु तत्पष्चात् यह प्रकाष में आया कि श्री अनिल कुमार तिवारी, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, तेघड़ा अनुमंडल केन्द्रीय परीक्षा समिति, राजस्व पर्शद, बिहार द्वारा दिनांक 12.06.2013 से 15.06. 2013 तक तथा दिनांक 01.09.2015 से 04.09.2015 तक आयोजित दोनों ही विभागीय परीक्षाओं में लेखा (पुस्तक रहित) विशय में ही उत्तीर्ण हैं एवं लेखा (पुस्तक सहित) विशय में वे उत्तीर्ण नहीं हैं। इसके संबंध में इस कार्यालय के पत्रांक 643 दिनांक 15.02.2018 के माध्यम से श्री अनिल कुमार तिवारी से स्पश्टीकरण की मांग की गयी, जिसके आलोक में उनके द्वारा न तो कोई स्पश्टीकरण और न ही लेखा (पुस्तक सहित) विशय में उत्तीर्णता प्राप्त करने संबंधी कोई साक्ष्य समर्पित किया गया। उपलब्ध अभिलेखों पर विचारोपरान्त यह पाया गया कि श्री अनिल कुमार तिवारी सेवा संपुश्टि हेतु आवष्यक विभागीय परीक्षा के सभी विशयों में उत्तीर्ण होने की अर्हता पूरी नहीं करते हैं।
वर्णित तथ्यों के आलोक में निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या ई2-207/82-03 सह-पठित ज्ञापांक 367 दिनांक 30.
01.2018 में अंकित सारणी के क्रमांक-2 पर श्री अनिल कुमार तिवारी (बिहार निर्वाचन सेवा) की अवर निर्वाचन पदाधिकारी के मौलिक पद पर (वेतनमान Level 9 में) दिनांक 26.09.2017 के प्रभाव से की गयी सेवा संपुश्टि को रद्द किया जाता है।
2. निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या ई2-207/82-03 सह-पठित ज्ञापांक 367 दिनांक 30.01.2018 को इस हद तक संषोधित समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, सोहन कुमार ठाकुर, अपर सचिव।
———
अधीHकअधीHकअधीHकअधीHक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित।पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 50ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in11 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018
भाग-2
(cid:18)बहार-राNयपाल और कायाIOयH? (cid:24)ारा िनकाले गये (cid:18)विनयम, आदेश, अिधसूचनाएं और िनयम आMद ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
सामान्य प्रश्सामान्य प्रश्सामान्य प्रश्सामान्य प्रशासन विभागाासन विभागाासन विभागाासन विभाग
-------------------------------- शुद्धि-शुद्धि-शुद्धि-शुद्धि-पत्रपत्रपत्रपत्र 25 जनवरी 201825 जनवरी 201825 जनवरी 201825 जनवरी 2018
सं0 सं0 सं0 सं0 2/ज0षि0-07-02/ज0षि0-07-02/ज0षि0-07-02/ज0षि0-07-07/2016-सा0प्र0-7/2016-सा0प्र0-7/2016-सा0प्र0-7/2016-सा0प्र0-1232123212321232—विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16692 दिनांक 29.12.2017 जिसके द्वारा श्री अनिमेष कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 864/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, कैमूर (भभुआ) के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है, में उनका वर्तमान पदस्थापन भूलवश अपर समार्हाा, सहरसा टंकित हो गया है। इसे सम्प्रति सम्प्रति सम्प्रति सम्प्रति उप सचिव, उप सचिव, उप सचिव, उप सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार, पटनापर्यटन विभाग, बिहार, पटनापर्यटन विभाग, बिहार, पटनापर्यटन विभाग, बिहार, पटना पढ़ा जाय।
2222.... शेष यथावत रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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अधीHकअधीHकअधीHकअधीHक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
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भाग-9-ख
िन(cid:18)वदा सूचनाएं, प^रवहन सूचनाएं, 9यायालय सूचनाएं और सवIसाधारण सूचनाएं इ_याMद ÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑÑ
सूचनासूचनासूचनासूचना ----------------------------
No. 223—I, ANKIT S/o Ajoy kr. Lall R/o- J-118, P.C.Colony, K.Bagh, Patna-20 vide Affidavit No. 19168 dated 23.10.17 will be known as Ankit Lall for all future purposes.
ANKIT.
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No. 224—I, ABHINEET KUMAR S/o Ajoy kr. Lall R/o- J-118, P.C.Colony, K.Bagh, Patna-20 vide Affidavit No. 19169 dated 23.10.17 will be known as Abhineet Lall for all future purposes.
ABHINEET KUMAR.
----------------------------
No. 233—I, Satyanarayan Baitha S/o Late Rajendra Baitha R/o Vill+ Po- Pachnaur, P.S.- Belsand, District- Sitamarhi at present R/0 Gokul Krishna ashram Road Road Purnea, P.S.- K.Hat, District-Purnia do hereby declare vide affidavit No. 1241 dated 30.01.2018 that I will be known as Satya Narayan Lal in future for all purposes.
Satya Narayan Baitha.
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No. 234—I, PRIYA D/o Dinanath Tiwari R/o Vill. Hittan Parari PO/Umarpur Diara P/S Buxar Industrial Dist. Buxar declare vide Affdvt. No. 23153 dated 29.12.17 that now onwards I will be known as Priya Tiwari for all future Purposes.
PRIYA.
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No. 238— I, KISHAN S/o Dinanath Tiwari R/o Vill. Hittan Parari PO/Umarpur Diara P/S Buxar Industrial Dist. Buxar declare vide Affdvt. No. 23154 dated 28.12.17 that now onwards I will be known as Kishan Tiwari for all future Purposes.
KISHAN.
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No. 261—I, Farhat Naaz wife of Mohd.Ittesaq Zafar resident of 297- Patliputra Colony, Patna-13, Bihar as per affidavit no: 1027; dated:05.02.2018 will be known as Farhat Ittesaq for all future Purposes.
Farhat Naaz.
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No. 276—I, ROSY D/o Shyam Nandan Prasad R/o Flat no 502 ,Grand Patliputra Apartment, Patna 13 vide Afdvt No 9247 dated 06.09.17 shall be known as Rosy Srivastava for all future purposes.
ROSY.
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अधीHकअधीHकअधीHकअधीHक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
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सं0 कारा/नि0को0(उपा0)-02-07/2015—1029 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालयकारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा)गृह विभाग (कारा) -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 19 फरवरी 201819 फरवरी 201819 फरवरी 201819 फरवरी 2018
श्री कृपा शंकर पाण्डेय, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध कारा के सप्लायर की बेटी का शारीरिक शोषण करने, अवैध आचरण में लिप्त होने एवं अन्य कतिपय प्रतिवेदित आरोप के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1722 दिनांक 16.03.2016 के द्वारा उन्हें निलंबित करते हुए मंडल कारा, बेतिया में संलग्न किया गया। साथ ही प्रपत्र 'क' में गठित उक्त प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1938 दिनांक 30.03.2016 द्वारा श्री पाण्डेय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई जो सम्प्रति प्रक्रियाधीन है। श्री पाण्डेय दिनांक 31.01.2018 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
अतः श्री कृपा शंकर पाण्डेय, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज (सम्प्रति सेवानिवृत्त) को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि दिनांक 31.01.2018 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त करते हुए उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से,राज्यपाल के आदेश से, राजीवराजीवराजीवराजीव वर्मा, वर्मा, वर्मा, वर्मा, संयुक्त संयुक्त संयुक्त संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)सचिव-सह-निदेषक (प्र0)सचिव-सह-निदेषक (प्र0)सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।।।।
-------------------------------- सं0 6/आ0-376/2006(खण्ड)सा0प्र0—2477 सामान्य प्रश्सामान्य प्रश्सामान्य प्रश्सामान्य प्रशासन विभागाासन विभागाासन विभागाासन विभाग
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 21 फरवरी 201821 फरवरी 201821 फरवरी 201821 फरवरी 2018
वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के पत्रांक-1431 दिनांक 27.02.2017 द्वारा सूचित किया गया था कि श्री सुधीर कुमार, भा.प्र.से.(बिहारः1987), तत्कालीन अध्यक्ष, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना के विरूद्ध बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित इण्टर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (प्रारम्भिक-2014) के प्रश्न-पत्र के परीक्षा पूर्व सार्वजनिक हो जाने के मामले में भा0द0वि0 की धारा-419/420/467/468/ 471/34 एवं आई0 टी0 एक्ट की धारा-66/(डी.) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा-13(2) के तहत अगमकुऑ थाना में आपराधिक कांड संख्या-44/2017 दिनांक 04.02. 2017 दर्ज किया गया है। जो सम्प्रति अनुसंधानान्तर्गत है। 2. प्रासंगिक आपराधिक कृत्य में श्री सुधीर कुमार की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने के आधार पर दिनांक 24.02.2017 को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में अग्रसारित किया गया तथा मामला अनुसंधानांतर्गत होने के कारण राज्य सरकार द्वारा सम्यक् विचारोपरांत उन्हें अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के नियम-3 के14 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 उप नियम-2 एवं उप नियम-3 के प्रावधानों के तहत् उन्हें हिरासत में लिये जाने की तिथि 24.02.2017 से विभागीय आदेश संख्या-2628 दिनांक 03.03.2017 के द्वारा निलंबित किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना के पत्रांक 2856/गो0 दिनांक 18.04.2017 द्वारा इनके विरूद्ध अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव जांच प्रतिवेदन सहित प्राप्त है। मामले में विधि विभाग, बिहार के आदेश ज्ञाप संख्या-95/जे0 दिनांक 24.05.2017 द्वारा अभियोजन स्वीकृति प्राप्त है।
3. अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के नियम-3(8)(d) के अधीन भारतीय प्रशासनिक सेवा के बिहार संवर्ग के श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0 (बिहारः 1987) के निलंबन की समीक्षा राज्य निलंबन समीक्षा समिति द्वारा दिनांक 12.02.2018 को की गई। श्री कुमार के न्यायिक हिरासत में रहने एवं इनके विरूद्ध दर्ज मामले में भ्रष्टाचार के आरोपों के निहित होने के कारण उनके निलंबन को बरकरार रखने की अनुशंसा की गयी है।
4. अतः दिनांक 12.02.2018 को आयोजित निलंबन समीक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में राज्य सरकार द्वारा सम्यक् विचारोपरांत श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0 (बिहारः 1987) तत्कालीन अध्यक्ष, बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना को निलंबन में बनाये रखने का निर्णय लिया गया है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दयानिधान पाण्डेय, अपर सचिव।
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सं0 6/आ0-376/2006(खण्ड)सा0प्र0—2478
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 21 फरवरी 201821 फरवरी 201821 फरवरी 201821 फरवरी 2018
निगरानी विभाग(अन्वेषण ब्यूरो), बिहार के पत्रांक-2756/अप.शा. दिनांक 06.12.2016 द्वारा सूचित किया गया था कि श्री एस. एम. राजू, भा.प्र.से.(91) सम्प्रति निलंबित, तत्कालीन सचिव, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना-तदेन अपर सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार, पटना के विरूद्ध राज्य के बाहर विभिन्न तकनीकी संस्थानों/महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति/ जनजाति के छात्रों तथा छात्राओं को वर्ष 2013-14 और इससे पूर्व के वर्षों में छात्रवृति भुगतान में हुई अनियमितताओं के मामलों में भ्रष्टाचार अधिनियम-1988 की धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(सी) (डी) के अंतर्गत निगरानी थाना कांड संख्या-127/16, दिनांक 29.11.16 दर्ज किया गया है जो सम्प्रति अनुसंधानान्तर्गत है। 2. मामले की गंभीरता, निहित नैतिक भ्रष्टाचार एवं उनके कर्त्तव्य निर्वहन में संभावित असहजता को देखते हुए तथा मामला अनुसंधानांतर्गत होने के कारण सरकार द्वारा सम्यक् विचारोपरांत अखिल भारतीय सेवायें (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-3 के उपनियम-3 के प्रावधानों के अंतर्गत श्री एस. एम. राजू, भा.प्र.से.(1991), तत्कालीन सचिव, अनुसूचित जाति/ जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना-तदेन अपर सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार को तत्काल प्रभाव से आदेश संख्या-336 दिनांक 12.01.2017 द्वारा निलंबित किया गया है। 3. अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के नियम-3(8)(d) के अधीन श्री एस. एम. राजू, भा.प्र.से.(1991) के निलम्बन की समीक्षा राज्य निलंबन समीक्षा समिति द्वारा दिनांक 12.02.2018 को की गयी। पूरे मामले की समीक्षा के उपरांत प्रतिवेदित आलोच्य निगरानी वाद की गंभीरता एवं भ्रष्टाचार के आरोप को दृष्टिगत करते हुए श्री राजू के निलंबन को बरकरार रखने की अनुशंसा की गयी है। 4. अतः दिनांक 12.02.2018 को आयोजित निलंबन समीक्षा समिति की अनुशंसा के आलोक में राज्य सरकार द्वारा सम्यक् विचारोपरांत श्री एस. एम. राजू, भा.प्र.से.(बिहारः 1991) तत्कालीन सचिव, अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना-तदेन अपर सदस्य, राजस्व पर्षद, बिहार, पटना को निलंबन में बनाये रखने का निर्णय लिया गया है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दयानिधान पाण्डेय, अपर सचिव।
सं0 2/आरोप-01-39/2015 -सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-39/2015 -सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-39/2015 -सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-39/2015 -सा0प्र0-1087 1087 1087 1087
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 23 जन23 जन23 जन23 जनवरी 2018वरी 2018वरी 2018वरी 2018
डॉ0 रविन्द्र नाथ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 587/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, केवटी, दरभंगा सम्प्रति अपर समार्हाा, पूर्णिया के विरूद्ध गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' साक्ष्य सहित आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 559 दिनांक 25.05.2009 द्वारा उपलब्ध कराया गया। उक्त आरोप-पत्र में आचार संहिता के अनुपालन में निष्क्रियता, चुनाव सभा की विडियोग्राफी कराने के संबंध में गलत जानकारी देना, चुनावी सभा की संवेदनशीलता के प्रति उदासीनता, अपने अधीनस्थ कर्मियों को उनके र्काव्य के बारे में सही जानकारी नहीं देने, चुनाव संबंधी कार्य में समन्वय का अभाव तथा संवादहीनता पैदा करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2222.... डॉ0 रविन्द्र नाथ से उक्त आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 620 दिनांक 14.01.2016 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग किये जाने पर डॉ0 रविन्द्र नाथ के पत्रांक 08 दिनांक 24.01.2016 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 3821 दिनांक 11.03.2016 द्वारा आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा से मंतव्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। आयुक्त के सचिव, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 424 दिनांक 21.04.2017 द्वारा आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा का मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा आरोपी पदाधिकारी के स्पष्टीकरण को अस्वीकार किया गया।15 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 3333.... प्रतिवेदित आरोपों, डॉ0 रविन्द्र नाथ के स्पष्टीकरण एवं आयुक्त के सचिव, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा द्वारा समर्पित मंतव्य पर सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार डॉ0 रविन्द्र नाथ के विरूद्ध संलग्न अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच विहित रीति से करने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानोंं के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10074 दिनांक 07.08.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, दरभंगा के द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
4444.... संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 888 दिनांक 26.08.2017 द्वारा इस आशय की सूचना दी गई है कि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध उनके कार्यालय स्तर से आरोप-पत्र गठित किया गया है एवं आरोपी पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर मंतव्य भी उपलब्ध कराया गया है। ऐसी स्थिति में पुनः आयुक्त के स्तर से ही विभागीय कार्यवाही का संचालन कर जाँच प्रतिवेदन अभिलेखित किया जाना समीचीन प्रतीत नहीं होता है।
5555.... विभागीय स्तर पर आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्र के समीक्षोपान्त एवं अनुशासनिक प्राधिकार के आदेशानुसार प्रासंगिक विभागीय कार्यवाही में विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। जिला पदाधिकारी, दरभंगा को निदेश दिया जाता है कि विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर इसकी सूचना संचालन पदाधिकारी एवं सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना को देंगे।
6666.... डॉ0 रविन्द्र नाथ (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 587/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, केवटी, दरभंगा सम्प्रति अपर समार्हाा, पूर्णिया को निदेश दिया जाता है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी एवं आवश्नकारी एवं आवश्नकारी एवं आवश्नकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के यक कार्रवाई के यक कार्रवाई के यक कार्रवाई के आदेश :-आदेश्आदेश :-आदेश्आदेश :-आदेश्आदेश :-आदेश दिया जाा दिया जाा दिया जाा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जा ता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जा ता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति सभी संबंधितों को जा
लिए भेज दी जाय।लिए भेज दी जाय।लिए भेज दी जाय।लिए भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हभीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
---------------------------------------- सं0 सं0 सं0 सं0 2/परि2/परि2/परि2/परि0-712/2011 -सा0प्र0-0-712/2011 -सा0प्र0-0-712/2011 -सा0प्र0-0-712/2011 -सा0प्र0-15857 15857 15857 15857
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 12 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 201712 दिसम्बर 2017
मो0 इमरान, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-713/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, शेखपुरा सम्प्रति वरीय उप समाहर्त्ता, सिवान के विरूद्ध श्री रणधीर कुमार सोनी माननीय सदस्य, बिहार विधानसभा के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं करने एवं मांगी गयी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने संबंधी परिवाद के आलोक में जिला पदाधिकारी, शेखपुरा के पत्रांक 1032 दिनांक 27.07. 2011 के माध्यम से अपर समाहर्त्ता के जाँचोपरांत पत्रांक 611 दिनांक 20.07.2011 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित किया गया।
विभागीय पत्रांक 9619 दिनांक 05.07.12 द्वारा गठित आरोप पत्र पर स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। मो0 इमरान के पत्र दिनांक 16.10.2012 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में तत्कालीन अपर समाहर्त्ता एवं तत्कालीन जिला पदाधिकारी के विरूद्ध ही आरोप लगाते हुए मामले की जाँच पदाधिकारियों के एक जाँच दल से कराने का अनुरोध किया गया। मो0 इमरान के विरूद्ध गठित आरोप एवं समर्पित स्पष्टीकरण के सम्यक् विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9102 दिनांक 03.07.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
आयुक्त कार्यालय, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पत्रांक 1688 दिनांक 02.05.2015 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में मो0 इमरान के विरूद्ध लगाये गये आरोप प्रमाणित नहीं होता है, प्रतिवेदित किया गया। मो0 इमरान के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा जाँच प्रतिवेदन के निम्नांकित बिन्दुओं पर असहमति व्यक्त की गयीः-
(i) संसदीय कार्य विभाग के पत्रांक 248 दिनांक 08.04.1999 के कंडिका- झ एवं ट, जिसमें सासंदों/विधायकों/ पार्षदों को सम्मानपूर्वक व्यवहार करने के संबंध में निदेश निर्गत किया गया है, जिसमें उक्त अनुदेशों का अनुपालन हर स्तर पर कड़ाई से किये जाने हेतु निदेशित हैः-
कंडिका (झ)ः- लोकतंत्र में जन प्रतिनिधियों की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सभी स्तर के पदाधिकारियों से अपेक्षा कंडिका (झ)ः- लोकतंत्र में जन प्रतिनिधियों की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सभी स्तर के पदाधिकारियों से अपेक्षा कंडिका (झ)ः- लोकतंत्र में जन प्रतिनिधियों की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सभी स्तर के पदाधिकारियों से अपेक्षा कंडिका (झ)ः- लोकतंत्र में जन प्रतिनिधियों की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सभी स्तर के पदाधिकारियों से अपेक्षा है कि माननीय सांसद/विधायक/पार्षद जब कभी उनसे मिलने है कि माननीय सांसद/विधायक/पार्षद जब कभी उनसे मिलने है कि माननीय सांसद/विधायक/पार्षद जब कभी उनसे मिलने है कि माननीय सांसद/विधायक/पार्षद जब कभी उनसे मिलने आवें तो अपने विवेक एवं कर्त्तव्य का निर्वाह करते हुए उनके आवें तो अपने विवेक एवं कर्त्तव्य का निर्वाह करते हुए उनके आवें तो अपने विवेक एवं कर्त्तव्य का निर्वाह करते हुए उनके आवें तो अपने विवेक एवं कर्त्तव्य का निर्वाह करते हुए उनके साथ शिष्ट बर्ताव किया जाय तथा उचित सम्मान प्रदर्शित किया जाय।साथ शिष्ट बर्ताव किया जाय तथा उचित सम्मान प्रदर्शित किया जाय।साथ शिष्ट बर्ताव किया जाय तथा उचित सम्मान प्रदर्शित किया जाय।साथ शिष्ट बर्ताव किया जाय तथा उचित सम्मान प्रदर्शित किया जाय।
कंडिका (ट)ः- लोकतंत्र में राज्य सभा के सदस्यों को लोकसभा के सदस्यों के समान प्रतिष्ठा एवं सम्मान प्राप्त है। कंडिका (ट)ः- लोकतंत्र में राज्य सभा के सदस्यों को लोकसभा के सदस्यों के समान प्रतिष्ठा एवं सम्मान प्राप्त है। कंडिका (ट)ः- लोकतंत्र में राज्य सभा के सदस्यों को लोकसभा के सदस्यों के समान प्रतिष्ठा एवं सम्मान प्राप्त है। कंडिका (ट)ः- लोकतंत्र में राज्य सभा के सदस्यों को लोकसभा के सदस्यों के समान प्रतिष्ठा एवं सम्मान प्राप्त है। उसी प्रकार विधान सभा एवं विधान उसी प्रकार विधान सभा एवं विधान उसी प्रकार विधान सभा एवं विधान उसी प्रकार विधान सभा एवं विधान परिषद् के सदस्यों को भी समान रूप सेे सम्मान प्राप्त है। अतः विधान मण्डल के दोनों परिषद् के सदस्यों को भी समान रूप सेे सम्मान प्राप्त है। अतः विधान मण्डल के दोनों परिषद् के सदस्यों को भी समान रूप सेे सम्मान प्राप्त है। अतः विधान मण्डल के दोनों परिषद् के सदस्यों को भी समान रूप सेे सम्मान प्राप्त है। अतः विधान मण्डल के दोनों सदनों के सदस्यों को भी समान रूप से सम्मान प्रदर्शित किया जाय।सदनों के सदस्यों को भी समान रूप से सम्मान प्रदर्शित किया जाय।सदनों के सदस्यों को भी समान रूप से सम्मान प्रदर्शित किया जाय।सदनों के सदस्यों को भी समान रूप से सम्मान प्रदर्शित किया जाय।16 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 उल्लेखनीय है कि कार्मिक विभाग के पत्रांक 8701 दिनांक 17.05.1975 द्वारा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, भारत सरकार के पत्रांक 25/19/4-स्था0(4) दिनांक 08.11.1947 की प्रतिलिपि सभी को भेजते हुए भारत सरकार के द्वारा दिये गये अनुदेश के पूर्ण अनुपालन हेतु निदेशित है। भारत सरकार द्वारा निर्गत प्रासंगिक पत्र की कंडिका-5 निम्नवत् हैः- "When a Member of parliament or of a State Legislature comes to see him, an officer should rise in his seat to receive the Member and to see him off, small gestures have symbolic value and officers should, therefore, be meticlously correct and courteous in their dealings with Member of Parliament and of State Legislatures."
स्पष्ट है कि कि माननीय सांसद/विधायक के आगमन/विदा के समय सरकारी सेवक को अपनी सीट से उठकर/खड़ा होकर स्वागत/विदा करना है।
अतः आपका यह कथन कि ''जबरदस्ती किसी से प्रणाम/नमस्कार/सलाम/गुड मार्निंग/गुड नाइट नहीं कहलवाया जाता है। जहाँ तक मेरी जानकारी है कि आज तक सरकार द्वारा कोई ऐसा परिपत्र जारी नहीं किया गया है जिसमें यह उल्लेख हो कि जब कोई विधायक/सासंद/जन प्रतिनिधि लोक सेवक के कार्यालय में आयें तो उन्हें खड़ा हो जाना चाहिए और प्रणाम/नमस्कार/सलाम/गुड मार्निंग/गुड नाइट कहना चाहिए'' स्पष्टतया आपके द्वारा माननीय विधायक के आगमन पर प्रासंगिक निदेश का अनुपालन नहीं किया गया।
(ii) जिला पदाधिकारी, शेखपुरा के ज्ञापांक 445 दिनांक 08.03.2011 के अवलोकन से स्पष्ट है कि आपके द्वारा माननीय विधायक के शिष्टाचार के नाते न तो बैठने के लिए कहा गया आर न ही कोई बात की गयी। जिला पदाधिकारी को समर्पित स्पष्टीकरण अथवा विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में समर्पित बचाव बयान/स्पष्टीकरण में कहीं भी यह उल्लेख नहीं किया गया है कि मा0 विधायक के कार्यालय में आने पर आपके द्वारा सम्मानजनक व्यवहार किया गया अथवा नहीं, यदि किया गया तो किस प्रकार का व्यवहार किया गया, इसके उल्लेख नहीं किया गया है।
(iii) अपर समाहर्त्ता, शेखपुरा के पत्रांक 611 दिनांक 20.07.2011 द्वारा भी स्पष्ट प्रतिवेदित किया गया कि मो0 इमरान जिनसे किसी कार्यवश माननीय विधायक इनके कक्ष में प्रवेश किये थे, इनके द्वारा माननीय विधायक के साथ सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया, जो सरकार से प्राप्त निदेश के प्रतिकूल है।
उक्त असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 1447 दिनांक 07.02.2017 एवं विभागीय पत्रांक 6832 दिनांक 06.06.2017 द्वारा अभ्यावेदन की मांग की गयी। मो0 इमरान के पत्र दिनांक 12.06.2017 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया। मो0 इमरान के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं समर्पित स्पष्टीकरण के सम्यक् समीक्षोपरांत पाया गया कि माननीय विधायक के साथ दिनांक 07.03.2011 को उनके कक्ष में हुयी घटना को मात्र एक संयोग नहीं माना जा सकता है। इस संबंध में उनका यह कहना उचित नहीं है कि सरकार द्वारा ऐसा कोई परिपत्र जारी नहीं किया गया है, जिसमें यह उल्लेख किया गया हो कि जब कोई सासंद/विधायक/जन प्रतिनिधि/लोक सेवक कार्यालय में आयें तो उन्हें खड़ा होना चाहिए और उन्हें प्रणाम, नमस्कार, सलाम, गुड मार्निंग या गुड नाइट कहना चाहिए। इस संबंध में संसदीय कार्य विभाग के पत्रांक 248 दिनांक 08.04.1999 का (झ) एवं (ट) में स्पष्ट उल्लेख है कि माननीय सासंद, विधायक, पार्षद एवं जब कभी मिलने आयें तो उनके साथ शिष्ट बर्ताव किया जाय तथा उचित सम्मान प्रदर्शित किया जाय। मो0 इमरान द्वारा माननीय विधायक को शिष्टाचार के नाते न तो बैठने को कहा गया और न ही कुछ कहा गया और न ही बात की गयी। स्पष्ट है कि मो0 इमरान द्वारा सरकार से निर्गत अनुदेशों के आलोक में माननीय विधायक के साथ उचित एवं सम्मानजनक व्यवहार करने में चूक की गयी है। जिला पदाधिकारी, शेखपुरा द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन में इसी आशय का उल्लेख किया गया है।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में मो0 इमरान, बि0प्र0से0 के विरूद्ध माननीय विधायक के साथ असम्मानजनक व्यवहार करने एवं सरकार द्वारा निर्गत मार्ग निर्देशों का उल्लंघन करने संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् निन्दन एवं एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 इमरान, (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 713/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, शेखपुरा सम्प्रति वरीय उप समार्हाा, सिवान को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत प्रमाणित आरोपों के लिए निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता हैः- (1) निन्दन (आरोप वर्ष 2011-12) (1) निन्दन (आरोप वर्ष 2011-12) (1) निन्दन (आरोप वर्ष 2011-12) (1) निन्दन (आरोप वर्ष 2011-12) (2) एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड। (2) एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड। (2) एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड। (2) एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड।
ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी जाय।जाय।जाय।जाय। आदेशः-आदेश्आदेशः-आदेश्आदेशः-आदेश्आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, राम बिशुन राय, राम बिशुन राय, राम बिशुन राय, अवर सचिव।17 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 सं0 2/आरोप-01-66/2013-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-66/2013-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-66/2013-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-66/2013-सा0प्र0-15421 15421 15421 15421
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 5 दिसम्बर 20175 दिसम्बर 20175 दिसम्बर 20175 दिसम्बर 2017
श्री मुकेश कुमार सिन्हा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 72/11, तत्कालीन अपर निदेशक (नियोजन), श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध निदेशालय (नियोजन), क्षेत्राधीन कार्यालयों के कर्मचारियों, जिला नियोजनालय के लिपिकों एवं अन्य के पदस्थापन में अनियमितता बरतने, स्थानांतरण हेतु रिश्वत लेने तथा स्थानांतरण/पदस्थापन करते समय 8-10 वर्षों से एक ही कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण/पदस्थापन पर सम्यक् रूप से विचार करने में सतर्कता नहीं बरतने से संबंधित आरोप के लिए श्रम संसाधन विभाग के पत्रांक 718 दिनांक 13.03.2015 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया। विभागीय पत्रांक 4693 दिनांक 26.03.2015 द्वारा श्री सिन्हा को आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' (साक्ष्य सहित) उपलब्ध कराते हुए उक्त आरोपों के संदर्भ में स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सिन्हा द्वारा अपना स्पष्टीकरण दिनांक 02.04.2015 को समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 6016 दिनांक 21.04.2015 द्वारा उक्त स्पष्टीकरण पर प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना से कंडिकावार स्पष्ट मंतव्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किये जाने पर सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2578 दिनांक 07.09.2015 द्वारा कंडिकावार स्पष्ट मंतव्य प्राप्त हुआ।
2222.... श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना के मंतव्य पर समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार उक्त आरोपों के लिए श्री सिन्हा के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के प्रावधानों तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3179 दिनांक 01.03.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी तथा विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3333.... विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 352/अनु0 दिनांक 01.08.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिन्हा के विरूद्ध सभी आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
4444.... अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री निरंजन कुमार श्रीवास्तव, लिपिक जिला नियोजनालय, समस्तीपुर का स्थानांतरण उनके गृह जिला, सारण, छपरा किया गया, लेकिन वास्तविक रूप में नियोजन निदेशालय, पटना में कर्मचारियाें की कमी से उत्पन्न आसन्न परिस्थिति के मद्देनजर श्री श्रीवास्तव की प्रतिनियुक्ति नियोजन निदेषालय, पटना में की गयी। श्री बृज मोहन ठाकुर, लिपिक, जिला नियोजनालय, बेतिया का स्थानांतरण मंत्रिमंडल सचिवालय के संगत अनुदेशों के अनुसार उनके गृह जिला में किया गया। वर्ष 2013 में कतिपय कर्मियों के स्थानांतरण के संबंध में प्राप्त अभ्यावेदनों को श्री सिन्हा द्वारा मात्र उपस्थापित किया गया, जिसपर कर्मियों का नाम, पदनाम, वर्तमान पदस्थापन एवं स्थानांतरण स्थान मात्र को दर्शाया गया था। इन कर्मियों के स्थानांतरण के संबंध में निर्णय निदेशक, नियोजन के स्तर से किया गया था। श्री सिन्हा द्वारा श्री भोला राम, लिपिक, उप निदेशक, नियोजन कार्यालय एवं श्री अरविन्द कुमार पासवान, लिपिक, अवर प्रादेषिक नियोजनालय, पटना के स्थानांतरण प्रस्ताव के संबंध में मात्र औपचारिक्ता पूरी की गई है, उक्त स्थानान्तरण में अंतिम निर्णय निदेशक, नियोजन द्वारा लिया गया है। जहाँ तक श्री सिन्हा द्वारा 8-10 वर्षों से एक ही कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण/पदस्थापन नहीं करने का प्रश्न है, के संंंबंध में भी निर्णय निदेषक, नियोजन द्वारा लिया गया है। इस संंबंध में निदेशक, नियोजन द्वारा निर्णय लिया गया था कि सिर्फ अभ्यावेदनों के आधार पर ही स्थानांतरण/पदस्थापन हेतु विचार किया जाना है। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में भी श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में जाँच पदाधिकारी के प्रतिवेदन से सहमत होते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मुकेश कुमार सिन्हा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 72/11, तत्कालीन अपर निदेशक (नियोजन), श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
5555.... अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री मुकेश कुमार सिन्हा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 72/11, तत्कालीन अपर निदेशक (नियोजन), श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा प्रकाषित किया जाय तथा प्रकाषित किया जाय तथा प्रकाषित किया जाय तथा आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में
इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय। इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन राय, राम बिशुन राय, राम बिशुन राय, राम बिशुन राय, अवर सचिव।18 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 सं0 2/सी0-1051/2011-सा0प्र0-सं0 2/सी0-1051/2011-सा0प्र0-सं0 2/सी0-1051/2011-सा0प्र0-सं0 2/सी0-1051/2011-सा0प्र0-1139 1139 1139 1139
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 24 जन24 जन24 जन24 जनवरी 2018वरी 2018वरी 2018वरी 2018
मो0 जहाँगीर आलम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 880/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सलखुआ, सहरसा सम्प्रति जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, पूर्णियाँ के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सहरसा के ज्ञापांक 88-1 दिनांक 19.02. 2011 द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' में आरोप गठित कर साक्ष्य सहित भेजा गया। उक्त आरोप पत्र में मो0 आलम के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना में वास्तविक लाभुकों को भुगतान न कर फर्जी व्यक्ति को भुगतान कर इंदिरा आवास योजना की राशि का गबन करने तथा मृत व्यक्ति के नाम पर इंदिरा आवास योजना की राशि निकासी करने का आरोप प्रतिवेदित किया गया। 2222.... विभागीय पत्रांक 10978 दिनांक 26.09.2011 द्वारा मो0 आलम से उक्त प्रतिवेदित आरोप पर स्पष्टीकरण की मांग की गई, जिसके आलोक में मो0 आलम, तत्कालीन वरीय उप समार्हाा, समाहरणालय, शिवहर के पत्रांक 298 दिनांक 25.09. 2014 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। मो0 आलम के स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 14901 दिनांक 03.11.2014 द्वारा जिला पदाधिकारी, सहरसा से मंतव्य की मांग की गई। जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 90-2 दिनांक 30.03.2015 द्वारा प्रतिवदित मंतव्य में मो0 आलम के विरूद्ध इंदिरा आवास मार्गनिदेशिका एवं सरकारी परिपत्रों के प्रतिकूल कार्य करने, सरकारी राशि का गबन करने, आदेशोलंघन एवं स्वेच्छाचारिता के लिए विभागीय कार्यवाही करने की अनुशंसा की गई।
3333.... मो0 आलम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी सहरसा द्वारा समर्पित मंतव्य के सम्यक् समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7902 दिनांक 29.05.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। संचालन पदाधिकारी-सह- आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा के पत्रांक 53 दिनांक 10.01.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें मो0 आलम के विरूद्ध सभी आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। विभागीय पत्रांक 8212 दिनांक 06.07.2017 द्वारा मो0 आलम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित निष्कर्ष के आलोक में ग्रामीण विकास विभाग से मंतव्य उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध किया गया। उक्त के आलोक में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा अपने पत्रांक 333301 दिनांक 13.10.2017 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें अंकित किया गया है कि आरोप के बिन्दु एवं आरोपित पदाधिकारी का स्पष्टीकरण तथा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य से असहमत होने का बिन्दु परिलक्षित नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सहमति जतायी गयी है।
4444.... अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् समीक्षोपरान्त मो0 जहाँगीर आलम के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी, सहरसा से प्राप्त मंतव्य एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन तथा ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त मंतव्य से सहमत होते हुए मो0 आलम के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
5555.... अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 जहाँगीर आलम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 880/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सलखुआ, सहरसा सम्प्रति जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, पूर्णियाँ के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति प्रति प्रति प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
-------------------------------- सं0 2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-सं0 2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-सं0 2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-सं0 2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-14352 14352 14352 14352
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 14 नवम्बर 201714 नवम्बर 201714 नवम्बर 201714 नवम्बर 2017
पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्र ज्ञापांक 3051 दिनांक 20.10.2017 जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को सम्बोधित है, जिसकी प्रतिलिपि सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध करायी गयी है, में मो0 कामिल अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 833/11, वरीय उप समार्हाा-सह-भू-अर्जन पदाधिकारी, शेखपुरा को दस हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर दिनांक 13.10.2017 को न्यायिक हिरासत में (आदर्श केन्द्रीय कारा, बेउर, पटना) भेजे जाने तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 079/2017 दिनांक 13.10.2017, धारा-7/13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(डी) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज किये जाने की सूचना प्राप्त है।
2222.... मो0 अख्तर को रंगे हाथ घूस लेते दिनांक 13.10.2017 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अतः बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(1)(क), (ग) एवं नियम-9(2) के प्रावधानों के तहत् उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि दिनांक 13.10.2017 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है।
3333.... निलंबन अवधि में मो0 अख्तर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-10 के तहत् अनुमान्य दर से जीवन निर्वाह भाा देय होगा।19 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 सं0 सं0 सं0 2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-2/नि0था0-11-05/2017 -सा0प्र0-1461 1461 1461 1461
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 30 जन30 जन30 जन30 जनवरी 2018वरी 2018वरी 2018वरी 2018
पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्र ज्ञापांक 3051 दिनांक 20.10.2017, जो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना को सम्बोधित है, जिसकी प्रतिलिपि सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध करायी गयी है, के द्वारा मो0 कामिल अख्तर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 833/11, तत्कालीन वरीय उप समार्हाा-सह-भू-अर्जन पदाधिकारी, शेखपुरा को दस हजार रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर दिनांक 13.10.2017 को न्यायिक हिरासत में (आदर्श केन्द्रीय कारा, बेउर, पटना) भेजे जाने तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या 079/2017 दिनांक 13.10.2017, धारा-7/13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(डी) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज किये जाने के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क), (ग) एवं नियम-9(2) के प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14352 दिनांक 14.11. 2017 द्वारा निलंबित किया गया।
2222.... मो0 अख्तर द्वारा जमानत पर रिहा होने के उपरान्त दिनांक 21.12.2017 को सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान समर्पित किया गया।
3333.... निलंबन अवधि में मो0 अख्तर का मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूणियाँ निर्धारित किया जाता है। 4444.... निलंबन अवधि में मो0 अख्तर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के तहत् अनुमान्य दर से जीवन निर्वाह भाा देय होगा। राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार हार हार हार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्ि आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्ि राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्ि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
-------------------------------- सं0 2/सी0-1121/2011 -सा0प्र0-सं0 2/सी0-1121/2011 -सा0प्र0-सं0 2/सी0-1121/2011 -सा0प्र0-सं0 2/सी0-1121/2011 -सा0प्र0-15429 15429 15429 15429
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 5 दिसम्बर 20175 दिसम्बर 20175 दिसम्बर 20175 दिसम्बर 2017
मो0 मुश्ताक (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, चरपोखरी, भोजपुर सम्प्रति वरीय उप समार्हाा, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध सरकारी कार्यों में अभिरूचि नहीं लेने, सरकारी कार्यों का निष्पादन ससमय नहीं करने, आम जनता एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायत प्राप्त होने, कार्यकलापों से विकास कार्य एवं अन्य सरकारी कार्य बाधित होने तथा विधि-व्यवस्था की समस्या बनी रहने आदि आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, भोजपुर, आरा के पत्रांक 1967 दिनांक 29.09.2009 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। मो0 मुश्ताक से उक्त आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक 7838 दिनांक 29.06.2017 एवं कई स्मार पत्रों द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। कतिपय स्मारों के बावजूद भी मो0 मुश्ताक द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। स्पष्टीकरण समर्पित नहीं करने की स्थिति में मो0 मुश्ताक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मो0 मुश्ताक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पर सम्यक् विचारोपरान्त मो0 मुष्ताक के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है। विभागीय कार्यवाही में आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, भोजपुर, आरा द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
जिला पदाधिकारी, भोजपुर, आरा को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।
मो0 मुश्ताक से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।20 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 सं0 2/आरोप-01-19/2016-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-19/2016-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-19/2016-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-19/2016-सा0प्र0-1857 1857 1857 1857
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 7777 फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018
मो0 नासिर हुसैन (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 720/11, वरीय उप समार्हाा-सह-तत्कालीन नजारत उप समार्हाा, बक्सर सम्प्रति उप सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध मुख्यमंत्री सेतु निर्माण योजना से संबंधित पंजाब नेशनल बैंक, मुख्य शाखा, बक्सर में संचालित खाता रोकड़ बही, चेक बुक, चेक पंजी आदि का प्रभार सहायक नाजिर को नजारत शाखा, बक्सर के ज्ञापांक 08-0018/नजा0 दिनांक 14.01.2015 देने के आरोप के लिए जिला पदाधिकारी, बक्सर के पत्रांक 08-0565 दिनांक 28.07.2016 द्वारा साक्ष्य सहित गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया। 2222.... मो0 हुसैन से उक्त आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 14539 दिनांक 26.10.2016 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। मो0 हुसैन के पत्रांक 2790 दिनांक 08.11.2016 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 16250 दिनांक 06.12.2016 एवं स्मारित पत्रांक 533 दिनांक 17.01.2017 द्वारा जिला पदाधिकारी, बक्सर से मंतव्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। उक्त के आलोक में जिला पदाधिकारी, बक्सर के पत्रांक 10-0967 दिनांक 05.04.2017 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें आरोपी के स्पष्टीकरण पर असहमति व्यक्त की गयी।
3333.... प्रतिवेदित आरोपों पर मो0 हुसैन से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, बक्सर द्वारा समर्पित मंतव्य पर सम्यक् विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार मो0 हुसैन के विरूद्ध संलग्न अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच विहित रीति से करने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानोंं के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6826 दिनांक 06.06.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, बक्सर के द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
4444.... संचालन पदाधिकारी-सह संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 1930 दिनांक 19.12. 2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। सचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में निष्कर्ष में आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध ठोस साक्ष्यों के अभाव में आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
5555.... आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी, बक्सर से प्राप्त मन्तव्य एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत स्पष्ट हुआ है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन गंभीरतापूर्वक नहीं किया गया। आरोपित पदाधिकारी का बयान है कि उन्हें जिला पदाधिकारी के आदेश की जानकारी नहीं थी, यह स्वीकारयोग्य नहीं हो सकता है। अगर उनके द्वारा सहायक नाजिर को मुख्यमंत्री सेतु योजना का कार्य सौंपा गया तो इसके साथ चेक बुक, चेक पंजी, रोकड़ पंजी आदि देने का कोई औचित्य नहीं बनता है। वित्तीय शक्तियों को प्राधि—त करने एवं चेक बुक आदि सहायक नाजिर को सौंपने से पूर्व जिला पदाधिकारी का आदेश आवश्यक था, क्योंकि चेक बुक का सामान्यतया कस्टोडियन नाजिर ही होते हैं। मो0 हुसैन के द्वारा जिला पदाधिकारी, बक्सर के आदेश की अवहेलना करने से वित्तीय अनियमितता का रास्ता आसान हो गया। इस प्रकार अरोपित पदाधिकारी को दायित्व का निर्वहन गंभीरतापूर्वक नहीं करने का दोषी पाया गया है।
6666.... अतएव मो0 नासिर हुसैन (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 720/11, वरीय उप समार्हाा-सह-तत्कालीन नजारत उप समार्हाा, बक्सर सम्प्रति उप सचिव, अंल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना द्वारा दायित्व का निर्वहन गंभीरतापूर्वक नहीं करने संबंधित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(i) के तहत् 'निन्दन''निन्दन''निन्दन''निन्दन' (वर्ष 2014-15) का दंड अधिरोपित किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र हार राजपत्र हार राजपत्र हार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्किे अगले अंक में प्रकाश्किे अगले अंक में प्रकाश्किे अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
सं0 2/ज0श्सिं0 2/ज0श्सिं0 2/ज0श्सिं0 2/ज0शि0-07-07/2016-सा0प्र0-ा0-07-07/2016-सा0प्र0-ा0-07-07/2016-सा0प्र0-ा0-07-07/2016-सा0प्र0-16692 16692 16692 16692 -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 29 दिसम्बर 201729 दिसम्बर 201729 दिसम्बर 201729 दिसम्बर 2017
श्री अनिमेष कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 864/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, कैमूर (भभुआ) सम्प्रति अपर समार्हाा, सहरसा के विरूद्ध परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 5055 दिनांक 19.08.2016 द्वारा गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' (साक्ष्य सहित) विभाग को उपलब्ध कराया गया। श्री कुमार के विरूद्ध निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 16.03.2016 को की गयी छापेमारी में वैध राजस्व वसूली की कुल राशि से अधिक राशि का पाया जाना, मोटरवाहन अपराध के तहत वसूले गये जुर्माना के रूप में वसूली गयी राशि के एवज में वाहन मालिक को वैध मनी रसीद उपलब्ध नहीं कराने, अनाधि—त रूप से वाह्य व्यक्तियों द्वारा कार्य कराये जाने एवं अनाधि—त अनुपस्थिति का आरोप प्रतिवेदित है।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर विभागीय पत्रांक 12758 दिनांक 20.09.2016 के आलोक में श्री कुमार के पत्र दिनांक 07.10.2016 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 15312 दिनांक 14.11.2016 के आलोक में परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3226 दिनांक 20.06.2017 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया।21 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं परिवहन विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक् विचारोपरान्त अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है। विभागीय कार्यवाही में विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं परिवहन विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
परिवहन विभाग, बिहार, पटना से अनुरोध है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित किया जाय।
श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक हार राजपत्र के अगले अंक हार राजपत्र के अगले अंक हार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्मिें प्रकाश्मिें प्रकाश्मिें प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/अभि0-03-16/2013-सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-16/2013-सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-16/2013-सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-16/2013-सा0प्र0-1140 1140 1140 1140
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श्री अशोक कुमार पाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 296/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, परसौनी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध प्रखंड विकास पदाधिकारी, परसौनी के पदस्थापन अवधि में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के अन्तर्गत शाखा डाकपाल परशुरामपुर डाकघर को अनुमंडल/प्रखंड स्तर से 93 व्यक्तियों की स्वी—त सूची भेजी गयी, परन्तु अन्य कर्मियों/लोगों के मेल से 293 व्यक्तियों का खाता डाकघर में खोला गया तथा अतिरिक्त खोले गये 200 खाता से जालसाजी करके लगभग 5,00,000/-(पाँच लाख) रूपये का गबन किया गया है। उक्त प्रकरण में परसौनी थाना कांड संख्या 23/08 दिनांक 27.05.2008 दर्ज किया गया है, जिसमें श्री पाल को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया है। विधि विभाग के आदेश ज्ञापांक 79 दिनांक 28.02.2014 द्वारा श्री पाल के विरूद्ध अभियोजन की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
2222.... उक्त प्रकरण में श्री पाल की भूमिका के संदर्भ में उनके विरूद्ध प्रपत्र 'क' में आरोप-पत्र गठित किया गया। विभागीय पत्रांक 12273 दिनांक 03.09.2014 द्वारा श्री पाल से प्रपत्र 'क' में अंतर्विष्ट आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग किये जाने पर श्री पाल द्वारा दिनांक 08.06.2015 को स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री पाल के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से विभागीय पत्रांक 10093 दिनांक 13.07.2015 द्वारा मंतव्य की मांग किये जाने पर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक 20 दिनांक 11.01.2016 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ ।
3333.... उक्त वर्णित आरोप-पत्र, श्री पाल द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण तथा जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के मंतव्य की समीक्षा के उपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री पाल के विरूद्ध संलग्न अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच विहित रीति से करने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानोंं के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3936 दिनांक 14.03.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी एवं आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
4444.... श्री पाल के सेवानिवृाि दिनांक 31.01.2017 के पूर्व विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3936 दिनांक 14.03.2016 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1807 दिनांक 15.02.2017 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत् सम्परिवर्तित किया गया।
5555.... आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पत्रांक 697 दिनांक 24.05.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के उपरान्त जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी के द्वारा सभी तथ्यों की सम्यक् समीक्षा करते हुए वर्तमान साक्ष्यों के आधार पर आरोपित पदाधिकारी को संदेह का लाभ देते हुए आरोप को प्रमाणित नहीं माना गया। संचालन पदाधिकारी के द्वारा यह भी अंकित किया गया कि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध जो अनुसंधान चल रहा है, उस अनुसंधान में यदि कोई नया तथ्य सामने आता है तो परिस्थितियाँ परिवर्तित हो सकती है, तब नये सिरे से कार्रवाई की जायेगी।
6666.... श्री पाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण, उनके स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी के मंतव्य एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री पाल के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3936 दिनांक 14.03.2016 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही जो विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1807 दिनांक 15.02.2017 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत् सम्परिवर्तित है, को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
7777.... अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अशोक कुमार पाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 296/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, परसौनी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा ा कांड सं0-23/2008, दिनांक 27272727....05050505....2008 में 2008 में 2008 में 2008 में इस शर्त के साथ समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है कि प्रासंगिक थाना कांड सं0-23/2008, दिनांक इस शर्त के साथ समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है कि प्रासंगिक थान ा कांड सं0-23/2008, दिनांक ा कांड सं0-23/2008, दिनांक इस शर्त के साथ समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है कि प्रासंगिक थान इस शर्त के साथ समाप्त किये जाने का निर्णय लिया गया है कि प्रासंगिक थान22 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 दाखिल आरोप-पत्र के आलोक में माननीय न्यायालय ा में श्री पाल के विरूद्ध कोई नया तथ्य परिलक्षित होने दाखिल आरोप-पत्र के आलोक में माननीय न्यायालय द्वारा द्वारा द्वारा द्वारा पारित आदेश्पारित आदेश्पारित आदेश्पारित आदेश में श्री पाल के विरूद्ध कोई नया तथ्य परिलक्षित होने ा में श्री पाल के विरूद्ध कोई नया तथ्य परिलक्षित होने ा में श्री पाल के विरूद्ध कोई नया तथ्य परिलक्षित होने दाखिल आरोप-पत्र के आलोक में माननीय न्यायालय दाखिल आरोप-पत्र के आलोक में माननीय न्यायालय अथवा सजा का निर्धारण होने के आधार पर पुनः नये सिरे से अग्रेतर कार्रवाई की जा सकेगी। अथवा सजा का निर्धारण होने के आधार पर पुनः नये सिरे से अग्रेतर कार्रवाई की जा सकेगी। अथवा सजा का निर्धारण होने के आधार पर पुनः नये सिरे से अग्रेतर कार्रवाई की जा सकेगी। अथवा सजा का निर्धारण होने के आधार पर पुनः नये सिरे से अग्रेतर कार्रवाई की जा सकेगी।
अतः विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3936 दिनांक 14.03.2016 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को सषर्त समाप्त किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/नि0था0-11-07/2017-सा0प्र0-सं0 2/नि0था0-11-07/2017-सा0प्र0-सं0 2/नि0था0-11-07/2017-सा0प्र0-सं0 2/नि0था0-11-07/2017-सा0प्र0-16459164591645916459
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 26 दिसम्बर 201726 दिसम्बर 201726 दिसम्बर 201726 दिसम्बर 2017
पुलिस अधीक्षक, निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो), बिहार, पटना के ज्ञापांक 3346 दिनांक 22.11.2017 द्वारा श्री देवेन्द्र कुमार दर्द (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1103/11, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भागलपुर के विरूद्ध 77,85,546/-रूपये के प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 082/17 दिनांक 31.01.2017 धारा-13(2)सह-पठित धारा-13(1)(ई) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज किया गया है।
2222.... अत्एव श्री दर्द के विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन संबंधी गंभीर आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) एवं (ग) के प्रावधानों के तहत् श्री दर्द को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
3333.... निलंबन अवधि में श्री दर्द को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-10(1) के तहत् जीवन निर्वाह भाा देय होगा।
4444.... निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी प्रति सभी संबंधित को भेज दी प्रति सभी संबंधित को भेज दी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाय।जाय।जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
------------------------------------ सं0 सं0 सं0 सं0 2/आरोप-01-28/2016 -सा0प्र0-2/आरोप-01-28/2016 -सा0प्र0-2/आरोप-01-28/2016 -सा0प्र0-2/आरोप-01-28/2016 -सा0प्र0-15293 15293 15293 15293
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 1 दिसम्बर 20171 दिसम्बर 20171 दिसम्बर 20171 दिसम्बर 2017
श्री धीरेन्द्र कुमार झा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 578/11, तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, बाढ़ सुरक्षा योजना, पटना सम्प्रति अपर समार्हाा, सहरसा के विरूद्ध पंचाटियों को नियम विरूद्ध आर्थिक लाभ पहुंचाने हेतु जालसाजों के मेल से सरकारी अभिलेख में गलत तथ्य अंकित कर, जालसाजी से तैयार किये गये पूर्व तिथि अंकित आवेदन पत्रों को अपने पद का दुरूपयोग कर न्यायालय में विचारण हेतु भेजने के आरोप के लिए संयुक्त सचिव-सह-निदेषक, भू-अर्जन एवं पुनर्वास के पत्रांक 1748 दिनांक 21.10.2016 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया।
श्री झा से उक्त आरोप के संबंध में विभागीय पत्रांक 15934 दिनांक 29.11.2016 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री झा के पत्रांक 933 दिनांक 23.12.2016 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री झा के समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 2059 दिनांक 20.02.2017 द्वारा जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गई। उक्त के आलोक मेें जल संसाधन विभाग के पत्रांक 784 दिनांक 22.05.2017 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री झा के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री झा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक् विचारोपरान्त अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है। विभागीय कार्यवाही में विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।23 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।
श्री झा से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे।
ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक मेंहार राजपत्र के अगले अंक मेंहार राजपत्र के अगले अंक मेंहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्प्रिकाश्प्रिकाश्प्रिकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-31/2014सं0 2/आरोप-01-31/2014सं0 2/आरोप-01-31/2014सं0 2/आरोप-01-31/2014-सा0प्र0-14105 -सा0प्र0-14105 -सा0प्र0-14105 -सा0प्र0-14105
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 8 नवम्बर 20178 नवम्बर 20178 नवम्बर 20178 नवम्बर 2017
श्री गिरधारी लाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1175/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, पटोरी, समस्तीपुर सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, बाढ़, पटना के विरूद्ध बाढ़ राहत कार्यों में षिथिलता बरतने, कार्यों में रूची नहीं लेने तथा उच्चाधिकारियों द्वारा दिये गये निर्देशों की अवहेलना करने के आरोप के लिए जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' (साक्ष्य सहित) को आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंंडल, दरभंगा के पत्रांक 1137 दिनांक 22.09.2016 के माध्यम से विभाग को उपलब्ध कराया गया।
विभागीय पत्रांक 15760 दिनांक 25.11.2016 के आलोक में श्री लाल के पत्र दिनांक 30.12.2016 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री लाल के स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 820 दिनांक 23.01.2017 द्वारा आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा से मंतव्य की मांग की गई। आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 613 दिनांक 13.06.2017 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री लाल के स्पष्टीकरण को अस्वी—त कर दिया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री लाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा प्राप्त मंतव्य के सम्यक् विचारोपरान्त श्री गिरधारी लाल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1175/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, पटोरी, समस्तीपुर सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, बाढ़, पटना के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है। विभागीय कार्यवाही में विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर द्वारा मनोनीत किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
जिला पदाधिकारी, समस्तीपुर को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी, विभागीय जाँच आयुक्त, बिहार, पटना एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।
श्री लाल से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रहार राजपत्र के अगले अंक में प्रहार राजपत्र के अगले अंक में प्रहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्किाश्किाश्किाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-48/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-48/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-48/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-48/2017-सा0प्र0-16387 16387 16387 16387
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 22 दिसम्बर 201722 दिसम्बर 201722 दिसम्बर 201722 दिसम्बर 2017
श्री —ष्ण कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 377/11, तत्कालीन विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, कोशी योजना, सहरसा सम्प्रति विशेष सचिव, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी, सहरसा के पदस्थापन काल में सरकारी मानदण्डों के अनुरूप बैंक से अंतरण एवं बैंक खाता का संचालन नहीं करने, बचत खाता से सूद की राशि की अधिप्राप्ति नहीं करने एवं सहरसा से भागलपुर के बैंक में राषि स्थानातरित कर सृजन महिला विकास सहयोग समिति के लिए जालसाजी एवं फर्जीवाड़ा का मार्ग प्रषस्त करने के आरोपों पर कार्रवाई हेतु जल संसाधन विभाग के पत्रांक 1859 दिनांक 06.
24(cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 12.2017 द्वारा अनुषंसा प्राप्त हुई। इस क्रम में सहरसा सदर थाना कांड संख्या 850/17 दिनांक 17.08.2017 द्वारा धारा-406/409/419/420/467/ 468/471/120(बी) भा0द0वि0 दायर होने की सूचना प्राप्त है।
2222.... अतएव उपर्युक्त प्रतिवेदित आरोप की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(1)(क) के प्रावधानों के तहत् अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है।
3333.... निलंबन अवधि में श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-10 के तहत् अनुमान्य दर से जीवन निर्वाह भाा देय होगा।
4444.... निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रतिप्रतिप्रतिप्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-70/2012 -सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-70/2012 -सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-70/2012 -सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-70/2012 -सा0प्र0-15991599159915996666
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 14 दिसम्बर 201714 दिसम्बर 201714 दिसम्बर 201714 दिसम्बर 2017
श्री —ष्ण मोहन प्रसाद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-472/11, तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा सम्प्रति जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गोपालगंज के विरूद्ध बी0पी0एल0 एवं अन्त्योदय योजनान्तर्गत खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण की समीक्षा/अनुश्रवण नहीं करने के आरोप के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-5697 दिनांक 06. 09.2012 द्वारा आरोप प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया।
उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिए विभागीय पत्रांक-14136 दिनांक 10.10.2012 द्वारा श्री प्रसाद को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री प्रसाद के पत्रांक-461 दिनांक 02.08.2014 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-13538 दिनांक 26.09.2014 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मन्तव्य की मांग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-2596 दिनांक 27.03.2015 के द्वारा समर्पित मंतव्य में आरोप सं0 1 एवं 3 के संबंध में प्रतिवेदित किया गया कि श्री प्रसाद भ्रामक प्रतिवेदन के दोषी है एवं आरोप की पुष्टि होती है। आरोप सं0 4 के संदर्भ में प्रतिवेदित किया गया कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में विभिन्न योजनान्तर्गत खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण का सम्यक् अनुश्रवण उनके पदीय कर्त्तव्य के अन्तर्गत आता है, आरोप सही है। आरोप सं0 5 के संदर्भ में आरोपी के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं माना गया।
श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण तथा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा समर्पित मंतव्य के सम्यक् विचारोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9629 दिनांक 03.07.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 2764 दिनांक 02.12.2015 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में आरोप सं0 1 से 4 तक को अप्रमाणित तथा आरोप सं0 5 को आंशिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। जाँच प्रतिवेदन में पाये गये प्रमाणित आरोप के लिए विभागीय पत्रांक 218 दिनांक 06.01.2016 द्वारा श्री प्रसाद से अभ्यावेदन समर्पित करने का निदेश दिया गया। इस संबंध में विभागीय पत्रांक 12694 दिनांक 19.09.2016 द्वारा स्मारित भी किया गया। श्री प्रसाद द्वारा अभ्यावेदन सम्प्रति अप्राप्त रहा।
श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य तथा जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री प्रसाद का कहना है कि जिला आपूर्ति पदाधिकारी, पणन पदाधिकारी एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के प्रतिवेदनों पर आधारित होता है। संबंधित पदाधिकारी अपना प्रतिवेदन गोदाम सहायक प्रबंधकों द्वारा दिये गये उठाव प्रतिवेदन की सूचना से अपना प्रतिवेदन तैयार करते हैं जबकि सहायक गोदाम प्रबंधकों के यहाँ आँकड़े कच्चा बही के रूप में संधारित होता है जिसे बाद में गोदाम की विहित पंजी में दर्ज किया जाता है जिससे आँकड़ों में भिन्नता की संभावना बनी रहती है। आरोपी का यह कहना उचित नहीं है। इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी के नाते इनका कर्त्तव्य था कि पणन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं सहायक प्रबंधकों द्वारा प्राप्त उठाव प्रतिवेदनों की सूचना विहित पंजी में उचित रूप से मिलान कर दर्ज किया गया है या नहीं, की जाँच कर लिया जाता। उसमें कोई त्रुटि नजर आती है तो उसे संशोधित कर प्रतिवेदन समर्पित किया जाता, जो श्री प्रसाद द्वारा नहीं किया गया। आवंटित खाद्यान्न के उठाव हेतु ज0वि0प्र0 विक्रेताओं द्वारा राज्य खाद्य निगम का मूल्य जमा करना तथा ज0वि0प्र0 विक्रेताओं द्वारा जमा किये गये राशि के विरूद्ध उठाव हेतु राज्य खाद्य निगम द्वारा विक्रेताओं को SIO निर्गत करने से संबंधित कार्यों का अनुपालन जिला आपूर्ति पदाधिकारी के दायित्वों के अन्तर्गत आता है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी के रूप में विभिन्न योजनान्तर्गत खाद्यान्न के उठाव एवं वितरण का सम्यक् अनुश्रवण श्री प्रसाद के पदीय कर्त्तव्य के अन्तर्गत आता है। इस संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा भी बी0पी0एल0 एवं अंत्योदय योजनान्तर्गत खाद्यान्न का उठाव एवं वितरण का अनुश्रवण नहीं करने, अपने कर्त्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने एवं अधीनस्थ कार्मिकों के बीच ताल-मेल का अभाव पाते हुए आरोपों को आंशिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।
उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा प्राप्त मन्तव्य एवं जाँच प्रतिवेदन में आंशिक रूप से पाये गये प्रमाणित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक25 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के अन्तर्गत 'निन्दन'(वर्ष 2010-11) 'निन्दन'(वर्ष 2010-11) 'निन्दन'(वर्ष 2010-11) 'निन्दन'(वर्ष 2010-11) एवं 'एक 'एक 'एक 'एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड' अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है। वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड' वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड' वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड'
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के उक्त निर्णयानुसार श्री —ष्ण मोहन प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-472/11, तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी, दरभंगा सम्प्रति जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गोपालगंज को प्रतिवेदित आरोप के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 14 के संगत प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता हैः- (1) निन्दन (वर्ष 2010-11) एवं निन्दन (वर्ष 2010-11) एवं निन्दन (वर्ष 2010-11) एवं निन्दन (वर्ष 2010-11) एवं एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड। (2) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड। एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड। एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड।
ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन रायराम बिशुन राय, , , , अवर सचिव।
------------------------------------ सं0 2/अभि0-03-17/2013 -सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-17/2013 -सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-17/2013 -सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-17/2013 -सा0प्र0-14686 14686 14686 14686
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 20 नवम्बर 201720 नवम्बर 201720 नवम्बर 201720 नवम्बर 2017
जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के ज्ञापांक 234 दिनांक 24.10.2017 के पत्र द्वारा सूचित किया गया है कि बेलागंज थाना कांड संख्या 161/2005 दिनांक 01.11.2005 धारा-406/409/420/467/468/471/477ए/120(बी) भा0द0वि0 के प्राथमिक अभियुक्त श्री कुमार अमरकान्त (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 768/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेलागंज सम्प्रति जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को दिनांक 12.10.2017 को गिरफ्तार किया गया है।
2222.... बेलागंज थाना कांड संख्या 161/2005 दिनांक 01.11.2005 के प्राथमिकी अभियुक्त श्री अमरकान्त को गिरफ्तार किये जाने के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(1)(ग) एवं नियम-9(2) के प्रावधानों के तहत् गिरफ्तार किये जाने की तिथि दिनांक 12.10.2017 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है।
3333.... निलंबन अवधि में श्री अमरकान्त को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-10 के तहत् अनुमान्य दर से जीवन निर्वाह भाा देय होगा। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/अभि0-03-17/2013-सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-17/2013-सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-17/2013-सा0प्र0-सं0 2/अभि0-03-17/2013-सा0प्र0-1842 1842 1842 1842
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 7777 फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018
जिलाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के ज्ञापांक 234 दिनांक 24.10.2017 के बेलागंज थाना कांड संख्या 161/2005 दिनांक 01.11.2005 के प्राथमिक अभियुक्त श्री कुमार अमरकान्त (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 768/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बेलागंज सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को दिनांक 12. 10.2017 को गिरफ्तार किये जाने के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(1)(ग) एवं नियम-9(2) के प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14686 दिनांक 20.11.2017 द्वारा दिनांक 12. 10.2017 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया।
2222.... दिनांक 28.11.2017 को जमानत के पश्चात् विभाग में दिनांक 01.12.2017 को योगदान हेतु समर्पित अभ्यावेदन के आलोक में श्री अमरकान्त को निलंबन से मुक्त करते हुए योगदान की तिथि दिनांक 01.12.2017 से इनका योगदान स्वी—त किया जाता है।
3333.... श्री अमरकान्त का निलंबन अवधि का विनियमन अपराधिक कांड के निर्णय के फलाफल के उपरान्त किया जायेगा। आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्पा दिया जाता है कि इस संकल्पा दिया जाता है कि इस संकल्पा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिकी प्रति बिकी प्रति बिकी प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।26 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 सं0 2/आरोप-01-22/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-22/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-22/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-22/2017-सा0प्र0-14353 14353 14353 14353
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 14 नवम्बर 201714 नवम्बर 201714 नवम्बर 201714 नवम्बर 2017
श्री कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1018/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, सदर पटना सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध कंकडबाग पावर सब स्टेशन की सरकारी जमीन को गलत एवं अवैध रूप से लगान निर्धारण करने एवं गलत स्वामित्व प्रमाण-पत्र निर्गत किये जाने के संबंध में पत्रकार नगर थाना में प्राथमिकी संख्य 319/2017 दर्ज की गई है। आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना से प्राप्त पत्रांक 437 दिनांक 28.06.2017 के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(1)(क) एवं (ग) के प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9093 दिनांक 24.07. 2017 द्वारा निलंबित किया गया।
2222.... श्री सिंह के विरूद्ध सरकारी जमीन का धोखाधड़ी कर लगान निर्धारण करने एवं फर्जीवाड़ा किये जाने संबंधी आरोप के लिए जिला पदाधिकारी, पटना को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9093 दिनांक 24.07.2017, स्मारित पत्रांक 11061 दिनांक 29.08.2017 एवं पत्रांक 12785 दिनांक 06.10.2017 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, जो सम्प्रति अप्राप्त है।
3333.... वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(7) के प्रावधानों के तहत श्री सिंह के निलंबन अवधि को अगले चार माह के लिए विस्तारित किया जाता है।
4444.... प्रस्ताव पर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित कियात कियात कियात किया जाय तथा इसकी ा जाय तथा इसकी ा जाय तथा इसकी ा जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
-------------------------------- सं0 सं0 सं0 सं0 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14783 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14783 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14783 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14783 -------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 21 नवम्बर 201721 नवम्बर 201721 नवम्बर 201721 नवम्बर 2017
श्री महर्षि राम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 303/11, तत्कालीन अपर समार्हाा, नवादा के विरूद्ध चार लाख रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर दिनांक 08.09.2016 को न्यायिक हिरासत में (आदर्श केन्द्रीय कारा, बेउर, पटना) भेजे जाने एवं निगरानी थाना कांड संख्या 087/2016 दिनांक 09.09.2016 दर्ज किये जाने की सूचना पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक 2174 दिनांक 21.09.2016 द्वारा विभाग को उपलब्ध करायी गयी। उक्त के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13501 दिनांक 03.10.2016 द्वारा दिनांक 08.09.2016 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया। विभागीय संकल्प ज्ञापांक 17445 दिनांक 30.12.2016 द्वारा निलंबन अवधि को अगले चार माह के लिए विस्तारित किया गया।
प्रासंगिक मामले में श्री राम के विरूद्ध विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभागीय पत्रांक 3394 दिनांक 21.03.2017 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। आदर्श केन्द्रीय कारा बेऊर, पटना के पत्र संख्या 2184 दिनांक 24.04. 2017 द्वारा प्राप्त पत्र में श्री राम द्वारा अनुरोध किया गया कि ''मैं कारा में संसीमित हूँ। ऐसी स्थिति में स्पष्टीकरण समर्पित करने में असमर्थ हूँ।'' श्री राम के कारा से मुक्ति के पश्चात् स्पष्टीकरण प्राप्त होने की प्रतीक्षा का निर्णय लिया गया। निगरानी थाना कांड संख्या 087/2016 दिनांक 09.09.2016 धारा-7/13(2) सह पठित धारा-13(1)(डी) भ्र0नि0अधि0, 1988 के प्राथमिकी अभियुक्त होने के कारण धारा-19 भ्र0नि0अधि0 1988 के प्रावधानों के तहत पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के प्रस्ताव के आलोक में विधि विभाग के आदेष ज्ञापांक 220 दिनांक 08.11.2016 द्वारा अभियोजन स्वी—ति प्रदान की गयी।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक 6486 दिनांक 30.10.2017 द्वारा माननीय विशेष न्यायालय निगरानी (Trap) पटना द्वारा दिनांक 11.08.2017 को पारित न्यायनिर्णय की छायाप्रति उपलब्ध करायी गई है, जिसका कार्यकारी अंष निम्नवत् है :-
"After considering all the materials available on the record and submission of learned counsel for the convict and the learned Spl. P.P, I find that it just and proper to sentence the convict Maharshi Ram to undergo Rigorous Imprisonment for five years with fine of Rs. 25,000/- for the offence U/s 7 of P.C. Act, 1988 and in case of default in payment of fine further Simple Imprisonment for six months. He is further sentenced to undergo Rigiorous Imprisonment for five years and fine of Rs. 25,000/- for the offence Under Section 13 (2) read with section 13 (1) (d) of P.C. Act, 1988 and in default of payment of fine further Simple Imprisonment of six months. All27 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 the sentences will run concurrently. The period of custody undergone by the convict will be set off."
उल्लेखनीय है कि श्री राम दिनांक 30.09.2017 को सेवानिवृा हो चुके हैं और विभागीय संकल्प ज्ञापांक 14775 दिनांक 21.11.2017 द्वारा निलंबन मुक्त किया जा चुका है।
सरकार के निर्णयानुसार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के धावादल द्वारा श्री राम को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किये जाने के संदर्भ में गठित आरोप-पत्रों और निगरानी थाना कांड संख्या 87/2016, विशेष वाद संख्या 49/2016 में माननीय विशेष न्यायालय द्वारा भ्र0नि0अधि0, 1988 की धारा-7/13(2) सह पठित धारा-13(1)(डी) के अन्तर्गत प्रत्येक धाराओं में पाँच-पाँच वर्ष की सजा एवं 25,000/-रू0-25,000/-रू0 कुल 50,000/- रूपये अर्थ दंड दिये जाने के फलस्वरूप बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(ए) के तहत शत-प्रतिशत (100%) पेंशन अवरूद्ध करने का निर्णय लिया गया है। अतः सरकार के निर्णयानुसार श्री महर्षि राम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 303/11, तत्कालीन अपर समार्हाा, नवादा सम्प्रति सेवानिवृा को बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(ए) के संगत प्रावधानों के तहत ''शत-प्रतिश्''शत-प्रतिश्''शत-प्रतिश्''शत-प्रतिशत (100ात (100ात (100ात (100%) ) ) ) पेंश्पेंश्पेंश्पेंशन अवरूद्ध''ान अवरूद्ध''ान अवरूद्ध''ान अवरूद्ध'' किये जाने का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज प्रति सभी संबंधित को भेज प्रति सभी संबंधित को भेज प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।दी जाय।दी जाय।दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14775सं0 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14775सं0 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14775सं0 2/अभि0-03-08/2016 -सा0प्र0-14775
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 21 नवम्बर 201721 नवम्बर 201721 नवम्बर 201721 नवम्बर 2017
श्री महर्षि राम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 303/11, तत्कालीन अपर समार्हाा, नवादा के विरूद्ध चार लाख रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर दिनांक 08.09.2016 को न्यायिक हिरासत में (आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना) भेजे जाने एवं निगरानी थाना कांड संख्या 087/2016 दिनांक 09.09.2016 दर्ज किये जाने की सूचना पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक 2174 दिनांक 21.09.2016 द्वारा विभाग को उपलब्ध करायी गयी। उक्त के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13501 दिनांक 03.10.2016 द्वारा दिनांक 08.09.2016 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया।
2222.... श्री राम दिनांक 30.09.2017 को सेवानिवृा हो चुके हैं, अतएव सेवानिवृाि की तिथि दिनांक 30.09.2017 से इन्हें निलंबन से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है।
3333.... अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री महर्षि राम (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 303/11, तत्कालीन अपर समार्हाा, नवादा को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत दिनांक 30.09.2017 के प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित ात ात ात किया जाय तथा इसकी किया जाय तथा इसकी किया जाय तथा इसकी किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-04/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-04/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-04/2017-सा0प्र0-सं0 2/आरोप-01-04/2017-सा0प्र0-15296 15296 15296 15296
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 1 दिसम्बर 20171 दिसम्बर 20171 दिसम्बर 20171 दिसम्बर 2017
श्री महेश्वर प्रसाद सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1098/11, तत्कालीन नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्, मोतिहारी सम्प्रति नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, चकिया के विरूद्ध बस स्टैण्ड, छतौनी एवं नगर परिषद् मोतिहारी के कार्यालय के पीछे पार्किंग स्थान की बन्दोबस्ती हेतु सुरक्षित जमा की निर्धारित राशि से कम राशि में करने, बजट में प्रावधानित राशि से अधिक राशि का बिना बोर्ड/सशक्त स्थायी समिति से पारित कर कर्मचारियों का वेतन भुगतान करने, एल0ई0डी0 लाईट एवं जी0पी0एस0 क्रय में विाीय शक्ति प्राप्त किये बिना एवं तकनीकी मूल्यांकन निविदा के शर्तों के अनुरूप नहीं करने आदि आरोपों के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 988 दिनांक 14.02.2017 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया।
श्री सिंह से उक्त आरोपों के संबंध में विभागीय पत्रांक 2536 दिनांक 02.03.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री सिंह के पत्रांक 377 दिनांक 16.03.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री सिंह के समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 6011 दिनांक 22.05.2017 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग से मंतव्य की मांग की गई। उक्त के आलोक मेें नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक 6028 दिनांक 08.09.2017 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री सिंह के स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य नहीं पाया गया।28 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण एवं नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्राप्त मंतव्य के सम्यक् विचारोपरान्त श्री सिंह के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है। विभागीय कार्यवाही में आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है। जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे। श्री सिंह से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 2/सी0-108/2011 सं0 2/सी0-108/2011 सं0 2/सी0-108/2011 सं0 2/सी0-108/2011 -सा0प्र0--सा0प्र0--सा0प्र0--सा0प्र0-661 661 661 661
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 12 जनवरी 201812 जनवरी 201812 जनवरी 201812 जनवरी 2018
श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 699/11, तत्कालीन प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, नवादा के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, नवादा के द्वारा बुलाये गये जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से अनुपस्थित रहने, जिला मुख्यालय से बराबर अनुपस्थित रहने, अपने विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या 031/2010 दिनांक 22.04.2010 की सूचना विभाग को नहीं देने, दायित्वों का निर्वाह नहीं करने एवं अवैध वसूली, काम के बदले अनाज योजना एवं सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना मद में वर्ष 2003-04 से 2005-06 तक के अवधि में आवंटित चावल के उठाव व वितरण पर महालेखाकार, बिहार, पटना द्वारा उठाये गये आपत्तियों का अनुपालन नहीं करने आदि आरोपों के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 2462 दिनांक 06.04.2011 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया।
2222.... प्रतिवेदित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 7450 दिनांक 30.06.2011 द्वारा श्री कुमार को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। कई स्मारों के बावजूद स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। सम्यक् जाँचोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 957 दिनांक 20.01.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। जिसमें विभागीय जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3333.... प्रधान सचिव-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त, श्रम संसाधन विभाग के पत्रांक 1094 दिनांक 30.11.2016 द्वारा जाँच प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित सभी आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। साथ ही अंतिम निष्कर्ष में प्रतिवेदित है कि ''आरोपित पदाधिकारी पर लगाये गये, उनके द्वारा दी गयी कारण-पृच्छा एवं उस पर किये गये विश्लेषण के आधार पर आरोपित पदाधिकारी पर कोई भी आरोप प्रमाणित नहीं होता है।''
4. श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, जिला पदाधिकारी, नवादा को समर्पित कारण-पृच्छा तथा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के सम्यक् समीक्षोपरान्त पाया गया कि दिनांक 15.05.2010 को टास्क फोर्स की बैठक की सूचना श्री कुमार को नहीं थी। दिनांक 15.05.2010 की संध्या 5ः00 बजे नवादा का प्रभार ग्रहण किया। दूसरे आरोप के संदर्भ में उनका कहना है कि उनके द्वारा मुख्यालय में ससमय प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। दिनांक 20.08.2010 को video conference की सूचना उन्हें नहीं थी। निगरानी थाना कांड सं0-031/2010 दिनांक 22.04.2010 की सूचना के संबंध में उनका कहना है कि प्राथमिकी दर्ज करने के पूर्व विभाग से स्वी—ति अनिवार्य है। साथ ही प्राथमिकी दर्ज करने के उपरांत लोक सेवक को इसकी सूचना दिया जाना आवश्यक है। वाद सिविल प्र—ति का होने के कारण माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा उक्त वाद के कार्यवाही को स्थगित करने का आदेश दिया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में उपर्युक्त आरोप राजस्व वाद से संबंधित है तथा इसकी सूचना निगरानी विभाग द्वारा संबंधित विभागों को दिया जाना चाहिए था। राष्ट्रीय कार्य के बदले अनाज योजना एवं सम्पूर्ण ग्रामीण योजना मद में श्री कुमार का कहना है कि उक्त के संबंध में सारी जानकारी जिला पदाधिकारी को थी। जिला पदाधिकारी, नवादा के पत्रांक 2575 दिनांक 07.10.2010 के आलोक में दिनांक 13.10.2010 को इसकी सूचना प्रदान कर दी गयी थी। माननीय मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा दिनांक 18.02.2011 को वैशाली जिला के निरीक्षण के दौरान कर्त्तव्य पर अनुपस्थित पाये जाने के संबंध में उनका कहना है कि माननीय मंत्री दिनांक 18.02.2011 को वैशाली जिले का निरीक्षण नहीं किया गया बल्कि मंत्री जी की अध्यक्षता में आपूर्ति संबंधी समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गयी थी जिसमें उनके द्वारा भाग लिया गया। जिसकी पुष्टि कार्यवाही पंजी पर उनके हस्ताक्षर से होती है। वैशाली जिले में धान के लक्ष्य की अधिप्राप्ति कम होने के संबंध में उनका कहना है कि उनका पदस्थापन जनवरी 2011 में ही हुआ था। भारतीय खाद्य निगम, स्थानीय पैक्स एवं बिस्कोमान द्वारा किसानों से धान क्रय किया जा रहा था। उनके कार्यकाल में मई 2011 तक लगभग 75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका था जिसपर संचालन पदाधिकारी द्वारा भी सहमति व्यक्त की गयी है।29 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोप, समर्पित कारण-पृच्छा/स्पष्टीकरण एवं समर्पित जाँच प्रतिवेदन के सम्यक् समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री मनोज कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 699/11, तत्कालीन प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, नवादा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम बिश्राम बिश्राम बिश्राम बिशुन रायाुन रायाुन रायाुन राय, , , , अवर सचिव।
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2/सी0- 10106/2010-सा0प्र0- 1595 सं0 सं0 सं0 सं0 2/सी0- 10106/2010-सा0प्र0- 1595 2/सी0- 10106/2010-सा0प्र0- 1595 2/सी0- 10106/2010-सा0प्र0- 1595
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 2222 फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018
श्री मनोज कुमार शाही, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-565/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, कहलगाँव, भागलपुर सम्प्रति जिला परिवहन पदाधिकारी, पूर्णियाँ के विरूद्ध स्ट्रीट लाइट के निविदा स्वी—त करने में वित्त विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने का आरोप आयुक्त के सचिव, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर के पत्रांक-381/गो0 सपत्र दिनांक 17.12.2011 द्वारा प्रतिवेदित किया गया।
2222.... प्रतिवेदित आरोपों के संदर्भ में विभागीय पत्रांक-1027 दिनांक 20.01.2015 के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग किये जाने पर श्री शाही के पत्रांक-115/परि0 दिनांक 12.02.2015 द्वारा उनका स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ। पुनः श्री शाही के पत्रांक-126/परि0 दिनांक 14.02.2015 द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराए गए स्पष्टीकरण से संबंधित अनुलग्नक विभाग को उपलब्ध कराया गया।
3333.... श्री शाही के द्वारा उपलब्ध कराए गए स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-3492 दिनांक 04.03.2015 द्वारा जिला पदाधिकारी, भागलपुर से मन्तव्य की अपेक्षा की गयी। जिला पदाधिकारी, भागलपुर के पत्रांक-35 (प्र0) दिनांक 05.06.2015 द्वारा उपलब्ध कराए गए मन्तव्य में आरोप सं0-01, 02, 03 एवं 07 के संदर्भ में स्पष्टीकरण को स्वीकारयोग्य तथा आरोप सं0-04, 05 एवं 06 के संदर्भ में स्पष्टीकरण को अस्वीकार योग्य प्रतिवेदित किया गया।
4444.... अतएव सम्यक् विचारोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री शाही के विरूद्ध लगाये गये आरोपों की सम्यक् जाँच करने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
आयुक्त-सह-जाँच पदाधिकारी, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर के पत्रांक 05/गो0 दिनांक 18.01.2017 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप सं0-01, 02, 03, 04, 06 एवं 07 को अप्रमाणित तथा आरोप सं0-05 के संबंध में आरोपित पदाधिकारी को प्रक्रियात्मक त्रुटि का दोषी पाया गया है। आरोप सं0-05 के संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा मन्तव्य/निष्कर्ष दिया गया है कि ''निर्धारित समय-सीमा के अन्तर्गत बजट उपबंध के अनुरूप व्यय करने की बाध्यता होती है। सभी पंचायतों के लिए अलग-अलग अभिलेख तैयार कर स्वी—ति की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता और वित्तीय वर्ष 2010-11 समाप्ति पर था। अतः योजना की महत्ता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। सामान्यतः प्रत्येक कार्य इकाई के लिए अलग-अलग अभिलेख संधारित किया जाना था, जिसे आरोपी पदाधिकारी द्वारा क्षेत्रवार छः कलस्टर बनाकर कार्रवाई पूरी की गई है।
समीक्षोपरांत पाया गया है कि आरोपी पदाधिकारी द्वार योजना को पूरा करने में प्रक्रियात्मक त्रुटि की गई है। इस प्रकार आरोपी पदाधिकारी प्रक्रियात्मक त्रुटि के दोषी पाये गये है।''
5555. जाँच पदाधिकारी के उक्त जाँच प्रतिवेदन में आरोप सं0-05 के संबंध में दिये गये निष्कर्ष के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 8208 दिनांक 06.07.2017 द्वारा श्री शाही से अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री शाही के पत्रांक 1325 दिनांक 19.07. 2017 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया। अपने अभ्यावेदन में श्री शाही का कहना है कि ग्रामीण विकास विभाग का ज्ञापांक 12686 दिनांक 15.11.2006 में प्रदत्त शक्ति के आलोक में पाँच लाख रूपया की सीमा 81 योजनाओं को क्षेत्रवार कलस्टर तैयार कर प्रशासनिक स्वी—ति दी गयी। बी0आर0जी0एफ0 मद में तीन साल से राशि लंबित पड़ी हुई थी, जिसका व्यय किया जाना आवश्यक था ताकि इस मद में राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से अगला आवंटन मिल सके। अतः पाँच लाख रूपया की सीमा के भीतर 34-34 हजार की 81 योजनाओं का क्षेत्रवार कलस्टर तैयार कर स्वी—ति उपरांत कार्यों को सम्पन्न कराया गया। इस कार्य में उनका एक मात्र उद्देश्य अच्छी गुणवत्ता की सामग्री (सोलर लाईट) का अधिष्ठापन शीघ्र कराना था। अपने अभ्यावेदन में श्री शाही द्वारा मूल रूप से उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जो उन्होंने पूर्व में स्पष्टीकरण/बचाव बयान में किया है।
6666. श्री शाही के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा समर्पित मन्तव्य, जाँच पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं प्राप्त लिखित अभिकथन के सम्यक् समीक्षोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार30 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 द्वारा श्री शाही को प्रत्येक कार्य ईकाई के लिए अलग-अलग अभिलेख संधारित न कर क्षेत्रवार छः कलस्टर बनाकर कार्रवाई पूरी करने के लिए प्रक्रियात्मक त्रुटि का दोषी पाया गया है।
7777.... अतएव श्री मनोज कुमार शाही, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-565/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, कहलगाँव, भागलपुर सम्प्रति जिला परिवहन पदाधिकारी, पूर्णियाँ द्वारा किये गये इस प्रक्रियात्मक त्रुटि के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् 'निन्दन''निन्दन''निन्दन''निन्दन' (वर्ष 2007-08) का दंड अधिरोपित किया जाता है। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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सं0 सं0 सं0 सं0 2/आरोप-01-22/2016-2/आरोप-01-22/2016-2/आरोप-01-22/2016-2/आरोप-01-22/2016-सा0प्र0-1820सा0प्र0-1820सा0प्र0-1820सा0प्र0-1820 सामान्य प्रश्सामान्य प्रश्सामान्य प्रश्सामान्य प्रशासन विभागाासन विभागाासन विभागाासन विभाग
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 7777 फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018फरवरी 2018
श्री मिनेन्द्र कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 633/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, अरवल सम्प्रति कुल सचिव, ललित नारायण मिश्र, आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना के विरूद्ध लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 608 दिनांक 12.08.2016 द्वारा आरोप प्रतिवेदित किया गया। विभागीय पत्रांक 12058 दिनांक 05.09. 2016 द्वारा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के पत्रांक 215 दिनांक 08.03.2017 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर विभाग को उपलब्ध कराई गई है।
2222.... लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध आरोप प्रतिवेदित किया गया है कि निर्मल भारत अभियान अन्तर्गत जिला जल एवं स्वच्छता समिति, अरवल द्वारा करपी प्रखंड के रामपुर चाय पंचायत में घरेलू शौचालय निर्माण की जाँच मुख्य अभियंता, पटना प्रक्षेत्र की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय संयुक्त दल के द्वारा किया गया तथा जाँच के क्रम में पाया गया कि विभिन्न स्वयं सेवीसंस्था एवं अन्य द्वारा कराये गये 351 अद्द शौचालय निर्माण में से मात्र 115 अद्द शौचालय ही निर्मित हैं एवं शेष 227 अद्द घरेलू शौचालय अनिर्मित हैं। कुल 227 अद्द घरेलू शौचालय मद में राशि 6,99,310/- का भुगतान अनियमित ढंग से श्री कुमार द्वारा किया गया है। इस अनियमित भुगतान की स्वी—ति एवं चेक का निर्गमन तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, अरवल श्री सरयु राम एवं श्री कुमार द्वारा संयुक्त रूप से की गई है।
3333.... श्री कुमार से उक्त आरोप पर विभागीय पत्रांक 4783 दिनांक 21.04.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। उक्त के आलोक में पत्रांक 205 दिनांक 24.05.2017 द्वारा प्रतिवेदित आरोप के संदर्भ में स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
4444.... प्रतिवेदित आरोपों एवं श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर सम्यक विचारोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री कुमार के विरूद्ध संलग्न अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोप की जाँच विहित रीति से करने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानोंं के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया जाता है, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी एवं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
5555.... लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना को निदेश दिया जाता है कि विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु किसी वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर इसकी सूचना संचालन पदाधिकारी एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को देंगे।
6666.... श्री मिनेन्द्र कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 633/11, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, अरवल सम्प्रति कुल सचिव, ललित नारायण मिश्र, आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन संस्थान, पटना को निदेश दिया जाता है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी प्रति सभी प्रति सभी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।संबंधित को भेज दी जाय।संबंधित को भेज दी जाय।संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।31 (cid:18)बहार गजट, 28 फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15)फरवर(cid:15) 2018 सं0 सं0 सं0 सं0 2/आरोप-01-25/2016-सा0प्र0-2/आरोप-01-25/2016-सा0प्र0-2/आरोप-01-25/2016-सा0प्र0-2/आरोप-01-25/2016-सा0प्र0-15342 15342 15342 15342
-------------------------------- संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 4 दिसम्बर 20174 दिसम्बर 20174 दिसम्बर 20174 दिसम्बर 2017
श्री मुकेश कुमार मुकुल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1053/11, वरीय उप समार्हाा, औरंगाबाद के विरूद्ध गढ़पुरा थाना कांड सं0 29/2005 दिनांक 10.05.2005 में विधि विभाग के आदेश ज्ञापांक 3968 दिनांक 22.05.2012 द्वारा अभियोजन स्वी—ति के बावजूद भारतीय पार-पत्र के निमित अनापाि प्रमाण-पत्र निर्गत किये जाने हेतु अनुशंसित आवेदन-पत्र के साथ गलत शपथ-पत्र समर्पित करने के आरोप के लिए सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित किया गया।
श्री मुकुल से उक्त आरोप के संबंध में विभागीय पत्रांक 1474 दिनांक 07.02.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री मुकुल के पत्रांक 1/कैम्प दिनांक 24.02.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसे विभाग द्वारा असंतोषजन पाते हुए अस्वी—त किया गया।
अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मुकुल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं समर्पित स्पष्टीकरण के सम्यक् विचारोपरान्त श्री मुकुल के विरूद्ध अनुलग्नक अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित की जाती है। विभागीय कार्यवाही में आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।
श्री मुकुल से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाश्हिार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी ात किया जाय तथा इसकी आदेश्आदेश्आदेश्आदेश :-ा :-ा :-ा :- आदेश्आदेश्आदेश्आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि ा दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बि
प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, भीम प्रसाद, संयुक्त सचिव।
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अधीHकअधीHकअधीHकअधीHक, , , , सिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालयसिचवालय मुिणालय
(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार(cid:18)बहार, , , , पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं पटना (cid:24)ारा ूकािशत एवं मुMित।मुMित।मुMित।मुMित। (cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट(cid:18)बहार गजट, , , , 50ÑÑÑÑ571+10101010----ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)ड(cid:15)0000ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)ट(cid:15)0000पीपीपीपी0000।।।। Website: http://egazette.bih.nic.in