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3 ebZ 2017
laŒ 216—पटना जिलान्तर्गत श्री हनश्री हनश्री हनश्री हनुमान मंदिर, महेन्द्रु घाट, पो0-ुमान मंदिर, महेन्द्रु घाट, पो0-ुमान मंदिर, महेन्द्रु घाट, पो0-ुमान मंदिर, महेन्द्रु घाट, पो0-बांकीपुर, पटना बांकीपुर, पटना बांकीपुर, पटना बांकीपुर, पटना पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है। इसकी निबंधन सं0- 4443 है।
इस न्यास के संबंध में स्थानीय जनता द्वारा एक आवेदन दिनांक 11.03.16 पर्षद कार्यालय को प्राप्त हुआ। प्राप्त आवेदन के आलोक में न्यास स्थल का जांच कराया गया। स्थल निरीक्षण से यह तथ्य प्रकाष में आया कि कोई व्यवस्था नहीं रहने के कारण मंदिर में दैनिक पूजा-पाठ बाधित है। साथ ही श्री रामा मंडल एवं श्री राम चन्द्र सिंह द्वारा शपथ-पत्र मंदिर के निबंधन के बिंदु पर दिनांक 16.05.16 को पर्षद में दाखिल किया। तदुपरांत अंचलाधिकारी, सदर, पटना को पर्षदीय पत्रांक-960, दिनांक 21.06.16 द्वारा न्यास के जांच हेतु पत्र निर्गत किया गया। इसके आलोक में प्राप्त अंचलाधिकारी, पटना सदर के पत्रांक-5325, दिनांक 10.08.16 के आलोक में दिनांक 09.09.16 को मंदिर का निबंधन पर्षद में किया गया, जिसका निबंधन सं0 4443 है। इसके बाद स्थानीय जनता द्वारा उक्त न्यास की व्यवस्था हेतु न्यास समिति के गठन हेतु 11 नामों की सूची प्राप्त हुई। उक्त सूची को संलग्न कर, थाना प्रभारी, पीरबहोर, पटना से पर्षदीय पत्रांक-1978, दिनांक 05.10.16 को सूची में वर्णित नामों का चरित्र सत्यापन हेतु पत्र निर्गत किया गया एवं पर्षदीय पत्रांक-1979, दिनांक 05.10.16 द्वारा अनुमंडलाधिकारी, सदर, पटना से भी 11 स्वच्छ छवि के हिन्दू सज्जनों के नामों की मांग की गयी। पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष, पीरबहोर, थाना का पत्र डी0आर0-2355/10, दिनांक 09.11.16 उक्त नामों का चरित्र-सत्यापन प्राप्त हुआ। अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर का पत्रांक-1406, दिनांक 17.12.16 द्वारा 11 नामों की सूची प्राप्त हुई।
उक्त परिस्थिति में बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा-32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण तथा इसके संचालन के लिए नवीन न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है। 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:25)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:27)(cid:30) 12 म(cid:4)चZ 2(cid:26)1" योजनायोजनायोजनायोजना 1. अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''श्री हनुमान मंदिर न्''श्री हनुमान मंदिर न्''श्री हनुमान मंदिर न्''श्री हनुमान मंदिर न्यास योजना, महेन्द्रु यास योजना, महेन्द्रु यास योजना, महेन्द्रु यास योजना, महेन्द्रु घाट, पो0-घाट, पो0-घाट, पो0-घाट, पो0-बांकीपुर, पटना'' बांकीपुर, पटना'' बांकीपुर, पटना'' बांकीपुर, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''श्री हनुमान मंदिर ''श्री हनुमान मंदिर ''श्री हनुमान मंदिर ''श्री हनुमान मंदिर न्यास समिति, महेन्द्रु घाट, पो0-न्यास समिति, महेन्द्रु घाट, पो0-न्यास समिति, महेन्द्रु घाट, पो0-न्यास समिति, महेन्द्रु घाट, पो0-बांकीपुर, पटना'' बांकीपुर, पटना'' बांकीपुर, पटना'' बांकीपुर, पटना'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालने करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी। यह विवरणी मार्गदर्षिका के आलोक में देय होगा।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि ''यदि कोई हो तो'', उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी। पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों को न्यास समिति गठित की जाती हैः- (1) श्रीमती शारदा देवी पति-रामचन्द्र सिंह, महेन्द्रु घाट रोड, पीरबहोर, पटना। (2) श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह पिता-राम लगन सिंह, भागीरथी लेन, महेन्द्रु, पटना। (3) श्री अजय कुमार सिन्हा उर्फ बंटी पिता-अदया प्रसाद, इस्ट लोहानीपुर काषीनाथ लेन, कदमकुआं, पटना। (4) श्री शीलानाथ साह पिता-बैद्यनाथ साव, रिक्षा स्टैण्ड कॉन्वेन्ट रोड, सिविल कोर्ट, पीरबहोर, पटना। (5) श्री श्रवण कुमार पिता-रामा सहनी, भागीरथी लेन, महेन्द्रु, पीरबहोर, पटना। (6) श्री सुनील कुमार पिता-राम बाबू सहनी, 75 गौतम बुद्ध स्कूल के पास, महेन्द्रु, पीरबहोर, पटना। (7) श्री पांचू ेसाह पिता-सोनेलाल साह, महेन्द्रु घाट, पटना। (8) श्री शंकर कुमार पिता-स्व0 मुंषी सिंह, महेन्द्रु घाट,पटना। (9) श्री केष्वर पासवान पिता-अयोध्या पासवान, झुग्गी झोपड़ी, महेन्द्रु घाट, पीरबहोर, पटना। (10) श्री अरूण साह पिता-पासु साह, महेन्दु्र घाट, पटना। (11) श्री राम कुमार मंडल पिता-सिताबी मंडल, महेन्द्रु घाट, पीरबहोर, पटना।
न्यास समिति अधिसूचना निर्गत होने के पश्चात सात दिनों के अन्दर सभी लोग बैठक करके सर्वसम्मति से अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं सदस्यगण का चयन कर पर्षद के अनुमोदन हेतु प्रेषित करेगी।
12. उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर इसकी निरन्तरता कायम रहेगी।
विश्वासभाजन, सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा, प्रषासक।