(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क
ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत
21 फ(cid:4)(cid:20)ग१न 1(cid:23)3(cid:23) (cid:25)श(cid:26)(cid:27)
(स(cid:28)(cid:26) पटन(cid:4) 2(cid:26)5) पटन(cid:4)(cid:31) स मव(cid:4)र 12 माच(cid:24) 2(cid:26)1# fcgkj jkT; /kkfeZd U;kl i"kZn
———
vf/klwpuk
3 tqykbZ 2017
laŒ 742—माता भगवती मंदिर, ग्रामपो0-गोविन्दचक, थाना-सोनपुर, जिला-सारण पर्षद् के अन्तर्गत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसका निबंधन संख्या-4462 है।
इस न्यास का पर्षद् द्वारा जाँच कराया गया। जाँच प्रतिवेदन से ज्ञात हुआ है कि इस न्यास का संचालन स्थानीय लोगों द्वारा एक लघु समिति बना कर किया जा रहा है, जिसकी मान्यता पर्षद से प्राप्त नहीं है। जाँच में स्थानीय लोगों द्वारा पर्षद से मान्यता प्राप्त न्यास समिति गठन किये जाने का अनुरोध किया गया। न्यास समिति गठन के लिए स्थानीय ग्रामीण जनता द्वारा मंदिर प्रांगण में बैठक कर न्यास समिति सदस्यों का चयन किया गया एवं आवेदन पत्र के माध्यम से न्यास समिति गठन किये जाने का पर्षद से अनुरोध किया गया। स्थानीय जनता के अनुरोध के आलोक में प्राप्त नामों की सूची पर्षदीय पत्रांक-270 दिनांक-11.05.2017 एवं पत्रांक-365 दिनांक-24.05.17 द्वारा थाना प्रभारी, सोनपुऱ को भेजते हुए चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन देने का अनुरोध किया गया। थाना प्रभारी, सोनपुर से प्राप्त चरित्र सत्यापन प्रतिवेदन में कोई प्रतिकुल बातें अंकित नहीं है।
उपर्युक्त परिस्थिति में न्यास सम्पत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था, सम्यक् संचालन एवं विकास हेतु एक योजना का निरूपण एवं उसके संचालन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:25)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:27)(cid:31) 12 म(cid:4)चZ 2(cid:26)1# अतः उपर्युक्त परिस्थिति में मैं, सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा, प्रशासक, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा 81 (ख) सह पठित धारा 8 (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस न्यास के सम्यक विकास एवं सुसंचालन के लिए अधिनियम की धारा 32 के तहत निम्नलिखित योजना का निरूपण करता हूँ।
योजनायोजनायोजनायोजना
''माता भगवती मंदिर, गोविन्दचक न्यास 1.... अधिनियम की धारा-32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''माता भगवती मंदिर, गोविन्दचक न्यास ''माता भगवती मंदिर, गोविन्दचक न्यास ''माता भगवती मंदिर, गोविन्दचक न्यास योजनायोजनायोजनायोजना होगा''होगा''होगा''होगा'' तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''माता भगवती मंदिर, ''माता भगवती मंदिर, ''माता भगवती मंदिर, ''माता भगवती मंदिर, गोविन्दचक न्यास समिति होगी''गोविन्दचक न्यास समिति होगी''गोविन्दचक न्यास समिति होगी''गोविन्दचक न्यास समिति होगी'' जिसमें न्यास की समग्र चल-अचल सम्पत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय न्यास के नाम किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव और कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगी। 5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के आय-व्यय की विवरणी, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्य वृत आदि सम्यक रूप से पर्षद् को प्रेषित करेगी।
6.... अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहूत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद् को प्रेषित की जायेगी।
7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझा जायेगा तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद् को अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की सम्पत्ति की सुरक्षा एवं व्यवस्था के साथ-साथ अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि, यदि कोई है, को वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिर्वतन, परिबर्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद् में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाए जायेंगे या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी। न्यास के प्रतिकुल कार्य पाये जाने की स्थिति में सदस्य को समिति के कार्यकाल की अवधि के दौरान उन्हे सदस्यता से मुक्त किया जा सकता हैं।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
12. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांतरित भूमि की वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी एवं पर्षद को समय-समय पर इससे सम्बद्ध तथ्यों की जानकारी देगी। पर्षद के आदेष के बिना समिति द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं किया जायेगा जिससे न्यास एवं पर्षद का हित प्रभावित होता हो।
13. न्यास समिति न्यास की जमीन/मकान का हस्तांतरण, लीज या अन्य किसी भी रूप में अन्यसंक्रमण पर्षद की अनुमति के बिना नहीं करेगी।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:25)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:27)(cid:31) 12 म(cid:4)चZ 2(cid:26)1# पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :- पर्षद् द्वारा निरूपित योजना को मूर्तरूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती है :-
1. श्री षिवजी सिंह पे0 स्व0 नगीना सिंह - अध्यक्ष
2. श्री देवनाम पासवान पे0 श्री राम चरण पासवान - उपाध्यक्ष
3. श्री अनिल कुमार शर्मा पे0 श्री राम जनम शर्मा - सचिव
4. श्री मन्टू पासवान पे0 श्री सुखनन्द पासवान - सदस्य 5. श्री सुरेष बैठा पे0 श्री जवाहर बैठा - सदस्य 6. श्री इन्द्र देवराम पे0 स्व0 लक्ष्मीराम - सदस्य
7. श्री पवन सिंह पे0 श्री कान्त सिंह - सदस्य
8. श्री गुड्डू सिंह पे0 श्री राज किषोर सिंह - सदस्य
9. श्री लाल मोहन रजक पे0 श्री गोरख रजक - सदस्य
10. श्री प्रदीप पासवान पे0 स्व0 लक्टू पासवान - सदस्य
11. श्री देवी पासवान पे0 स्व0 दुःखन पासवान - सदस्य
सभी ग्रामपो0-गोविन्दचक, थाना-सोनपुर, जिला-सारण। उपर्युक्त सभी सदस्य एक बैठक कर कोषाध्यक्ष का चयन कर पर्षद को सूचित करेंगे।
इस न्यास समिति का कार्यकाल आदेष की तिथि से (05) पॉच वर्ष का होगा। एक वर्ष के बाद इसके कार्यो की समीक्षा की जायेगी और संतोषप्रद पाये जाने पर कार्यकाल की निरन्तरता कायम रहेगी।
विश्वासभाजन,
सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा,
प्रषासक।
———— [ध(cid:3)¡क(cid:6) स०चव(cid:12)लय म१(cid:17)ण(cid:12)लय(cid:6) ॢबह(cid:12)र(cid:6) पटन(cid:12) ह(cid:12)र(cid:12) (cid:27)क(cid:12)०शत eव(cid:31) म१ॢ(cid:17)त? ॢबह(cid:12)र गजट #[स(cid:12)ध(cid:12)रण$ 2&5(5)1+10(ड(cid:3)&ट-&प(cid:3)&? Website: http://egazette.bih.nic.in