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सं॰ 1403—पटना जिलान्तर्गत माणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यासमाणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यासमाणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यासमाणिकचन्द तालाब तथा मन्दिर न्यास, अनिसाबाद, अनिसाबाद, अनिसाबाद, अनिसाबाद बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के तहत निबंधित एक सार्वजनिक धार्मिक न्यास है, जिसकी निबंधन सं0- 984 है।
इस न्यास के लिए एक न्यास समिति का गठन पर्षदीय अधिसूचना ज्ञापांक-749, दिनांक 01/09/2014 द्वारा किया गया। न्यास समिति गठन के कुछ समय पश्चात ही न्यास समिति के कार्यकलाप पर स्थानीय जनता द्वारा कई गंभीर आरोप प्राप्त हुए। पर्षदीय पत्रांक-1691, दिनांक 09/03/2015 द्वारा न्यास समिति से न्यास भूमि के दुरूपयोग के संबंध में स्पष्टीकरण पूछा गया। इस संबंध में पर्षदीय पत्रांक-1680, दिनांक 04/03/2015 द्वारा जिलाधिकारी, पटना को भी यथोचित कार्रवाई हेतु पत्र दिया गया। पर्षदीय पत्रांक-2797, दिनांक 02/12/2015 द्वारा न्यास समिति से बिना पर्षद की अनुमति के न्यास की भूमि पर डिजनीलैंड मेला का आयोजन के आरोप के संबंध में स्पष्टीकरण पूछा गया। पर्षद को इस बीच लगातार न्यास की व्यवस्था के संबंध में स्थानीय लोगों से षिकायत प्राप्त होती रही। प्राप्त आरोपों के आलोक में पर्षदीय पत्रांक-3700, दिनांक 04/02/2016 द्वारा न्यास समिति से स्पष्टीकरण पूछा गया। स्पष्टीकरण का उत्तर केवल न्यास के सचिव-श्री इन्द्रेष प्रसाद द्वारा दिया गया। शेष सदस्यों का प्रत्यूत्तर अप्राप्त रहा। पर्षदीय पत्रांक-2386, दिनांक 05/12/2016 द्वारा तत्कालीन प्रषासक द्वारा अधिनियम की धारा-28 (2) द्वारा कई बार पूछे गये स्पष्टीकरण के उत्तर असंतोषप्रद होने पर, न्यास की गिरती व्यवस्था तथा पूर्व न्यास समिति एवं वर्त्तमान समिति द्वारा प्रस्तुत की गयी आय में काफी असमानता रहने के कारण स्पष्टीकरण पूछा गया। इसमें सात (7) सदस्यों का स्पष्टीकरण-पत्र पर्षद में वापस प्राप्त हो गया। इस स्पष्टीकरण का उत्तर भी मात्र सचिव द्वारा दिया गया। न्यास स्थल पर अवांछित लोगों के जमघट, महिलाओं को पूजा-पाठ में हो रही परेषानी के संबंध में श्री निरज कुमार, सदस्य, बिहार विधान परिषद द्वारा विधि-सम्मत कार्रवाई करने की अनुषंसा की गयी। पर्षदीय पत्रांक-756, दिनांक 05/07/2017 द्वारा अधिनियम की धारा-29 (2) के तहत न्यास समिति को स्पष्टीकरण पूछा गया एवं इसका जबाब दिनांक 24/07/17 तक पर्षद में प्रस्तुत करने हेतु कहा गया। इस स्पष्टीकरण का उत्तर श्री इन्द्रेष प्रसाद द्वारा दिया गया। इसके साथ ही न्यास समिति के कोषाध्यक्ष, श्री राजेन्द्र प्रसाद ने त्याग-पत्र दे दिया तथा न्यास समिति के सदस्या श्रीमति कुंदन चौधरी ने भी त्याग-पत्र दे दिया। पर्षद के निर्देषों के पालन में असफलता, पर्षद के अनुमोदन के बिना डिजनीलैंड को न्यास के जमीन पर लगवाना, कारण-पृच्छा का संतोषजनक उत्तर न देना, आय-व्यय की विवरणी2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 म(cid:4)चZ 2(cid:22)1(cid:23) सही रूप में नहीं देने के कारण न्यास सचिव के कारण-पृच्छा उत्तर को असंतोषजनक पाते हुए पर्षदीय ज्ञापांक-1233, दिनांक-24.08.2017 द्वारा बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम की धारा- 29 (2) के तहत उक्त न्यास समिति को विघटित किया गया। पर्षदीय पत्रांक-1216, दिनांक-22.08.2017 द्वारा न्यास समिति गठन हेतु प्राप्त सूची को संलग्न करते हुए, चरित्र सत्यापन हेतु, थाना प्रभारी, गर्दनीबाग को प्रेषित किया गया। इसके साथ ही पर्षदीय पत्रांक-1217, दिनांक 22.08.2017 के द्वारा अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर पटना से 11 स्वच्छ छवि के हिन्दू जनो का नाम चयन कर पर्षद कार्यालय को प्रेषित करने का अनुरोध किया गया। अनुमण्डल पदाधिकारी ने अपने पत्रांक-1898, दिनांक 31.08.2018 द्वारा स्वच्छ छवि के हिन्दू जनो की सूची अग्रेतर कार्रवाई हेतु प्रेषित की, वही थाना अध्यक्ष, गर्दनीबाग ने अपने पत्रांक डी0 आर0 नं0-2779, दिनांक 05.09.2017 के द्वारा 9 सदस्यों का चरित्र सत्यापन पर्षद को प्रेषित किया। उपरोक्त परिस्थिति में उक्त न्यास के सुचारू प्रबंधन एवं सम्यक विकास के लिए बिहार राज्य धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा- 32 के अन्तर्गत एक योजना का निरूपण एवं इसके कार्यान्वयन हेतु न्यास समिति का गठन आवष्यक प्रतीत होता है।
अतः मैं, सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा, प्रषासक, बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम 1950 की धारा- 8 (क) सह पठित माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, धारा- 32 (1) एवं 81 (ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, अनिसाबाद, पटना अनिसाबाद, पटना अनिसाबाद, पटना अनिसाबाद, पटना के सुचारू प्रबंधन, सम्पत्तियों की सुरक्षा तथा सम्यक विकास के लिए नीचे लिखे योजना का निरूपण तथा इसे मूर्त्त रूप देने के लिए एक न्यास समिति का गठन करता हूँ।
योजना
1. अधिनियम की धारा- 32 के तहत निरूपित इस योजना का नाम ''माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास योजना, न्यास योजना, न्यास योजना, न्यास योजना, अनिसाबाद, पटना'' होगा तथा इसके कार्यान्वयन एवं संचालन के लिए गठित न्यास समिति का नाम ''माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिि माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिति, त, त, त, अनिसाबाद, पटना'' जिसमें न्यास की माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिि माणिकचन्द तालाब एवं मंदिर न्यास समिि समग्र चल-अचल संपत्ति के संधारण एवं संचालन का अधिकार निहित होगा।
2. इस न्यास समिति का मुख्य कर्त्तव्य न्यास की संपत्तियों की सुरक्षा एवं सुसंचालन तथा मंदिर की परम्परा एवं आचारों के अनुकूल पूजा-पाठ, तीर्थ-यात्री एवं साधु-सेवा की समुचित व्यवस्था करना होगा।
3. न्यास की समस्त आय, न्यास के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलकर जमा किया जायेगा तथा सचिव एवं कोषाध्यक्ष के संयुक्त हस्ताक्षर से इसका संचालन होगा।
4. न्यास की आय-व्यय में, आर्थिक शुचिता एवं पारदर्षिता रखना न्यास समिति की असली कसौटी होगा।
5. न्यास समिति अधिनियम एवं उप-विधि में वर्णित सभी नियमों का पालन करते हुए प्रतिवर्ष न्यास के बजट, आय-व्यय की विवरणी, पर्षद शुल्क, अंकेक्षण प्रतिवेदन, कार्यवृत आदि सम्यक रूप से पर्षद को प्रेषित करेगी।
6. अध्यक्ष की अनुमति से सचिव न्यास समिति की बैठक आहुत करेंगे। न्यास समिति की बैठक प्रत्येक तिमाही में एक बार अवष्य बुलायी जायेगी और बैठक की कार्यवृत पर्षद को प्रेषित की जायेगी। 7. न्यास समिति द्वारा कोई नयी योजना न्यास हित में आवष्यक समझी जाय, तो इस हेतु निर्धारित विषेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर पर्षद के अनुमोदन के लिए भेजेगी।
8. न्यास समिति न्यास की अतिक्रमित/हस्तांरित भूमि, यदि कोई हो तो, उसकी वापसी के लिए समुचित वैधानिक कार्रवाई करेगी।
9. इस योजना में परिवर्त्तन, परिवर्द्धन या संषोधन तथा आकस्मिक रिक्तियों की पूर्ति का अधिकार पर्षद में निहित होगा।
10. न्यास समिति के कोई सदस्य प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से न्यास से लाभ उठाते पाये जायेगें या न्यास हित के प्रतिकुल कार्य करेंगे, तो इस संबंध में उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त कर समुचित कार्रवाई की जाएगी।
11. न्यास समिति के सदस्य की यदि कोई आपराधिक पृष्ठभूमि होगी या वे आपराधिक काण्ड में आरोप-पात्रित होंगे तो, उनकी अर्हता स्वतः समाप्त हो जायेगी।
पर्षद द्वारा निरूपित योजना को मूर्त रूप देने के लिए निम्नलिखित सदस्यों की न्यास समिति गठित की जाती हैः-
(1) श्री दामोदर प्रसाद, अ0 प्रा0 जिला न्यायाधीष, पटना - अध्यक्ष (2) श्री अरूण कुमार, पिता-स्व0 रामदेव प्रसाद, अनिसाबाद, पटना - उपाध्यक्ष (3) श्री अनिल कुमार, अधिवक्ता पिता- प्रो0 राम सकल सिंह यादव, बलमीचक, अनिसाबाद, पटना - सचिव (4) श्री गजेन्द्र कुमार पिता- श्री विषुनदेव सिंह, मो0- मानिकचंद तालाब, अनिसाबाद, पटना- 2 - कोषाध्यक्ष3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 12 म(cid:4)चZ 2(cid:22)1(cid:23) (5) श्री सच्चिदानन्द प्रसाद, पिता- श्री लक्ष्मी प्रसाद सिन्हा, पुलिस कॉलोनी, क्वाटनर नं0-28, बी0, अनिसाबाद, पटना - सदस्य (6) श्री उमेष कुमार पिता- श्री नवल किषोर सिंह, ऐसीचक, बेउर, पटना-2 - सदस्य (7) श्री अभिजीत प्रकाष, पिता- श्री अर्जून प्रसाद, अनिसाबाद, पटना - सदस्य (8) श्री उपेन्द्र विष्वकर्मा, पिता- श्री राजेन्द्र विष्वकर्मा, सा0-पहाड़पुर, अनिसाबाद, पटना - सदस्य (9) श्री अमित कुमार, पिता- श्री अषोक कुमार, सा0-सरिस्ताबाद, पटना - सदस्य (10) श्री अरबिन्द कुमार, पिता- श्री बालकिषुन गुप्ता, पहाड़पुर मोर, - सदस्य (11) श्री हरिनन्दन प्रसाद, पिता- श्री रामसोहादत प्रसाद, अनिसाबाद, पटना - सदस्य उपरोक्त वर्णित न्यास समिति का कार्यकाल, अधिसूचना का गजट प्रकाषन होने की तिथि से अगले 05 वर्षों का होगा, लेकिन एक वर्ष के बाद न्यास समिति के कार्यों की समीक्षा की जायेगी और कार्य संतोषप्रद पाये जाने पर न्यास समिति की निरन्तरता पर यथोचित निर्णय लिया जा सकेगा।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, सुरेसुरेसुरेसुरेन्द्र प्रसाद शर्मान्द्र प्रसाद शर्मान्द्र प्रसाद शर्मान्द्र प्रसाद शर्मा,,,, प्रशासक।
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