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पटन(cid:4) श१"व(cid:4)र 23232323 माच(cid:17)माच(cid:17)माच(cid:17)माच(cid:17) 2(cid:15)1(cid:21) सं॰ 5/आ02-102/2014-137 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ———
संकल्प
10 Qjojh 2018
पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध ईकाई-3, बिहार, पटना के पत्रांक 903 दिनांक 06. पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध ईकाई-3,
.03.2014 द्वारा श्री ब्रजभूषण प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, भभुआ (सम्प्रति निलंबित, ब्रजभूषण प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, भभुआ (सम्प्रति निलंबित, ब्रजभूषण प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, भभुआ (सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर) मुख्यालय, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर) मुख्यालय, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर)
कये जाने के कारण भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के विरूद्ध आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति अर्जित किये जाने के कारण भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के विरूद्ध आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक सम्पत्ति अर्जित ि 1988 की धारा 13(2) पठित धारा 13(1)(e) अन्तर्गत आर्थिक अपराध थाना काण्ड सं0-13/2014 दिनांक ा थाना काण्ड सं0-13/2014 दिनांक 05. 1988 की धारा 13(2) पठित धारा 13(1)( 2014 दर्ज किये जाने का मामला सरकार के संज्ञान में आया। उक्त आलोक में विभागीय आदेश 2014 दर्ज किये जाने का मामला सरकार के संज्ञान में आया। उक्त आलोक में विभागीय आदेश 03.2014 दर्ज किये जाने का मामला सरकार के संज्ञान में आया। उक्त आलोक में विभागीय आदेश
2014 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) क 19.03.2014 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) सं0-5/आ02-102/2014-347 दिनांक नियमावली 2005 के नियम 9(1) (ग) अन्तर्गत श्री सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। नियमावली 2005 के नियम 9(1) (ग) अन्तर्गत श्री सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। नियमावली 2005 के नियम 9(1) (ग) अन्तर्गत श्री सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। आर्थिक अपराध ईकाई-3, बिहार, पटना द्वारा की गयी जांच एवं तलाशी में श्री सिन्हा के विरूद्ध 2. आर्थिक अपराध ईकाई-3, बिहार, पटना द्वारा की गयी जांच एवं तलाशी में श्री सिन्हा के विरूद्ध आर्थिक अपराध ईकाई-3, बिहार, पटना द्वारा की गयी जांच एवं तलाशी में श्री सिन्हा के विरूद्ध अप्रत्यानुपातिक धनार्जन के ठोस साक्ष्य मिले हैं। श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रथम दृष्टया प्रमाणित यह आरोप बिहार धनार्जन के ठोस साक्ष्य मिले हैं। श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रथम दृष्टया प्रमाणित यह आरोप बिहार धनार्जन के ठोस साक्ष्य मिले हैं। श्री सिन्हा के विरूद्ध प्रथम दृष्टया प्रमाणित यह आरोप बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 19(2), 19(3) एवं 19(6) के आलोक में गंभीर कदाचार है सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 19(2), 19(3) एवं 19(6) के आलोक में गंभीर कदाचार है सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम 19(2), 19(3) एवं 19(6) के आलोक में गंभीर कदाचार है तथा सरकारी सेवक के प्रतिकूल आचरण है। फलतः मामले की सरकार द्वारा समीक्षा की गयी एवं उनके तथा सरकारी सेवक के प्रतिकूल आचरण है। फलतः मामले की सरकार द्वारा समीक्षा की गय तथा सरकारी सेवक के प्रतिकूल आचरण है। फलतः मामले की सरकार द्वारा समीक्षा की गय 2014 द्वारा बिहार सरकारी विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' गठित करते हुए विभागीय संकल्प सं0-409 दिनांक 28.04.2014 द्वारा बिहार सरकारी विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' गठित करते हु 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:30)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:31) 23 म(cid:4)चZ 2(cid:15)1(cid:21) श्री सिन्हा के विरूद्ध लगे तीन आरोपों में से आरोप सं0-1 एवं 3, जो ज्ञात स्रोतो से अधिक सम्पति अर्जित किये जाने से संबधित है, को प्रमाणित तथा आरोप सं0-2, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 19(2) के उल्लंघन से संबंधित है, को अप्रमाणित बताया गया। 4. जांच प्रतिवेदन की विभाग द्वारा सम्यक् समीक्षा की गयी एवं समीक्षोपरांत जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आरोपित पदाधिकारी श्री सिन्हा से विभागीय पत्रांक-472 दिनांक 07.07.2017, विभागीय पत्रांक-524 दिनांक 27.07.17 एवं विभागीय पत्रांक-525 दिनांक 27.07.2017 द्वारा द्वितीय कारणपृच्छा संबंधी लिखित अभिकथन की मांग की गयी।
5. आरोपित पदाधिकारी द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक 17.08.2017 द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का प्रत्युत्तर/लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। आरोपित पदाधिकारी के प्रत्युत्तर/लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी एवं उनका बचाव बयान स्वीकार्य योग्य नहीं पाया गया।
6. वर्णित परिपेक्ष्य में श्री ब्रजभूषण प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, भभुआ (सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर) के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(XI) के तहत सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी की शास्ति अधिरोपित करने का प्रस्ताव गठित किया गया तथा सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
7. उपरोक्त विभागीय प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्रस्तावित दण्ड पर परामर्श देने हेतु विभागीय पत्रांक-5/आ02-102/2014-905, दिनांक 17.10.2017 द्वारा अनुरोध किया गया।
8. बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-05/प्रो0-3-02/2017-(2495)/लो0से0आ0 दिनांक 12.01.2018 द्वारा आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध अधिरोपित विभागीय दण्ड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त की गयी। 9. वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री ब्रजभूषण प्रसाद सिन्हा, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमण्डल, भभुआ (सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय, क्षेत्रीय मुख्य अभियंता का कार्यालय, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र, मुजफ्फरपुर) के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(XI) के तहत निम्नांकित शास्ति अधिरोपित कर संसूचित किया जाता हैः-
सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी
10. उक्त निर्णय पर सक्षम अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। 11. उपर्युक्त कंडिका-9 में निहित शास्ति पर मंत्रिपरिषद के दिनांक 06.02.2018 की संपन्न बैठक की मद संख्या-4 के रूप में अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शशिकांत तिवारी,
अपर सचिव।
———— [ध(cid:3)¡क(cid:6) स०चव(cid:12)लय म१(cid:17)ण(cid:12)लय(cid:6) ॢबह(cid:12)र(cid:6) पटन(cid:12) ह(cid:12)र(cid:12) (cid:27)क(cid:12)०शत eव(cid:31) म१ॢ(cid:17)त? ॢबह(cid:12)र गजट #[स(cid:12)ध(cid:12)रण$ 258%5'1+10%ड(cid:3)+ट,+प(cid:3)+? Website: http://egazette.bih.nic.in