ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 1(cid:18) च(cid:20)(cid:21) 1(cid:18)4(cid:23) (cid:24)श(cid:23)(cid:25)
(स(cid:26)(cid:23) पटन(cid:4) 31(cid:30)) पटन(cid:4)(cid:31) स मव(cid:4)र(cid:31) 9 अ(cid:22)ील 2018 बिहार विधान-सभा सचिवालय
———
अधिसूचना
2 अप्रील 2018
सं॰ वि॰स॰वि॰-07/2018-3172/वि॰स॰—''बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक, 2018'', जो बिहार विधान-सभा में दिनांक 2 अप्रील 2018 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान-सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य ओर हेतु 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 9 अ(cid:22)ील 2018 बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक, 2018 [Ñç∫ä∫Ñç∫CMR]OMNU⁄= बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग अधिनियम, 2017 (बिहार अधिनियम 21, 2017) का संशोधन करने के लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के उनहत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान-मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारंभ ।- (1) यह अधिनियम बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (संशोधन) अधिनियम, 2018 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह उस तिथि से प्रवृत्त होगा जो राज्य सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत करे। 2. बिहार अधिनियम 21, 2017 की धारा-11 का संशोधन । -बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग अधिनियम, 2017 की धारा- 11 की उपधारा (1) के बाद निम्नलिखित परंतुक जोड़ा जाएगा :-
''परंतु इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के पश्चात् भी, बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा पूर्व में प्रकाशित विज्ञापन के आधार पर सहायक प्राचार्य के पद पर वर्तमान में की जा रही नियुक्ति की प्रक्रिया बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ही पूर्ण की जाएगी।''
उद्देश्य एवं हेतु
बिहार राज्य के विश्वविद्यालयों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदाें पर नियुक्ति के लिए एक अलग बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग का गठन करने हेतु अधिनियम (बिहार अधिनियम 21, 2017) अधिसूचित हो चुका है। इस अधिनियम की धारा 11 में वर्णित प्रावधान के आलोक में अधिनियम के प्रभावी होने पर बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राचार्य के रिक्त पदों पर नियुक्ति हेतु वर्तमान मेें की जा रही कार्रवाई स्वतः समाप्त हो जाएगी। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक प्राचार्य के रिक्त पदों पर की जा रही नियुक्ति की कार्रवाई को बीच में बाधित किया जाना छात्रहित में नहीं हैं। अतः बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग अधिनियम, 2017 (बिहार अधिनियम 21, 2017) की धारा-11 में संशोधन किया जाना अनिवार्य है। इसलिए इस विधेयक को अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है जिसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ट है।
((((कृष्णनन्दन प्रसाद वर्मा)))) भार-साधक सदस्य ।