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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 01 August 2018

Published 01 August 2018

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2018-08-01.744
Languages
English, Hindi

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श्री प्रदीप कुमार, बिहार लेखा सेवा, कोटि क्रमांक-92/2017 तत्कालीन जिला भविष्य निधि पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, सीतामढ़ी को निगरानी धावा दल द्वारा दिनांक 09.12.2014 को परिवादी श्री सुनील कुमार से रू॰ 20,000/-(बीस हजार रुपये) रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया एवं निगरानी थाना कांड सं॰-097/2014 दिनांक 09.12.2014 दर्ज किया गया।

2. पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेक्षण ब्यूरो, बिहार, पटना के पत्रांक-2916 अप॰शा॰ दिनांक 11.12.2014 द्वारा प्रतिवेदित सूचना के आधार पर विभागीय अधिसूचना ज्ञापांक 12228 दिनांक 24.12.2014 द्वारा हिरासत में जाने की तिथि दिनांक 09.12.2014 के प्रभाव से श्री कुमार को निलंबित किया गया। प्रतिवेदित आरोपों के आधार पर श्री कुमार के विरुद्ध आरोप प्रपत्र-'क' गठित कर विभागीय पत्रांक 2813 दिनांक 19.03.2015 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री कुमार द्वारा पत्रांक शून्य दिनांक 29.07.2015 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। 3. श्री कुमार के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9939 दिनांक 02.12.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।

4. संयुक्त सचिव-सह-संचालन पदाधिकारी, वित्त विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 36/सं॰स॰ कोषांग दिनांक 04.08.2016 द्वारा उपलब्ध कराये गये जाँच प्रतिवेदन में आरोपित पदाधिकारी पर लगाए गए आरोप संख्या-02 निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दिनांक 09.12.2014 को परिवादी श्री सुनील कुमार से रू॰ 20,000/- रंगे हाथों रिश्वत लेते आरोपित पदाधिकारी को उनके आवास से गिरफ्तार करने एवं आरोप संख्या-03-निगरानी द्वारा गिरफ्तारी के पश्चात्‌ आरोपित पदाधिकारी को शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर में भेजने तथा उनके विरुद्ध निगरानी थाना काण्ड संख्या-097/2014 दर्ज किये जाने संबंधी आरोप प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

5. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(2) के संगत प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-7762 दिनांक 28.09.2016 द्वारा श्री कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा समर्पित करने का निदेश दिया गया।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अगःत 2018 6. श्री कुमार के विरुद्ध प्रतिवेदित आरोप, समर्पित स्पष्टीेकरण एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के सम्यक्‌ समीक्षोपरांत पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। समीक्षा के क्रम में निगरानी विभाग के धावा दल के प्रभारी श्री पारसनाथ सिंह, पुलिस उपाधीक्षक का बयान प्राप्त किया गया, जिसमें उनके द्वारा प्री-टै्रप मेमोरन्डम/पोस्ट ट्रैप मेमोरन्डम में उल्लिखित तथ्यों को पुष्ट किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी विभागीय कार्यवाही में सम्यक्‌ जाँचोपरांत आरोपित पदाधिकारी के पास से राशि का बरामद होना तथा श्री प्रदीप कुमार, आरोपित पदाधिकारी के हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धुलवाने पर घोल के गुलाबी हो जाने के आधार पर आरोपों को सही पाया गया।

7. उपरोक्त तथ्यों के आलोक में श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं होने के कारण अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा इसे अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(xi) के तहत्‌ सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिये जाने का विनिश्चय किया गया। 8. विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति की मांग किये जाने पर आयोग द्वारा विनिश्चित दंड पर सहमति संसूचित की गयी।

9. बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति प्राप्त होने के उपरान्त श्री प्रदीप कुमार, बिहार लेखा सेवा, तत्कालीन जिला भविष्य निधि पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, सीतामढ़ी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के प्रावधानों के तहत्‌ सेवा से बर्खास्तगी का दंड देने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया, जिस पर मंत्रिपरिषद्‌ की स्वीकृति प्राप्त कर संकल्प संख्या-32 दिनांक 03.01.2018 के द्वारा बर्खास्तगी का दण्ड संसूचित किया गया है।

10. सेवा से बर्खास्तगी आदेश के विरुद्ध श्री प्रदीप कुमार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर CWJC No.-554/2018 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 06.04.2018 को पारित आदेश का कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :-

''For the reasons aforesaid as also considering the law laid down by the Hon'ble Apex Court, as discussed hereinabove, I am of the view that the punishment order of dismissal dated 03.01.2018 as contained in Memo. No.-32 passed by the Additional Secretary, Finance Department, Government of Bihar, cannot be sustained since the same has been erroneously passed by the disciplinary authority by (i) considering inadmissible evidence, which has influenced the impugned finding; (ii) by disabling itself from reaching a fair conclusion by taking into account considerations extraneous to the evidence and merits of the case and (iii) by allowing itself to be influenced by irrelevant and extraneous evidence which were never part of the departmental enquiry/enquiry report, hence the punishment order of dismissal dated 03.01.2018 is hereby quashed, however, with liberty to the disciplinary authority to pass a fresh order considering the reply of the petitioner herein to the second show cause notice dated 28.09.2016 as also the enquiry report submitted by the Enquiry Officer, in its true perspective,

The writ petition is allowed to the aforesaid extent." 11. माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा श्री पारसनाथ सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, धावा दल के प्रभारी पदाधिकारी द्वारा दिये गये बयान को irrelevant and extraneous evidence मानते हुए उपरोक्त आदेश पारित किया गया है।

12. CWJC No.-554/2018 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 06.04.2018 को पारित उपर्युक्त न्यायादेश के विरुद्ध विधि विभाग द्वारा सूचित किया गया कि महाधिवक्ता द्वारा LPA दायर किये जाने के योग्य नहीं पाये जाने का परामर्श दिया गया है।

13. इस बीच CWJC No.-554/2018 में पारित आदेश का अनुपालन नहीं होने के कारण श्री प्रदीप कुमार द्वारा MJC No.-1915/2018 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उक्त अवमाननावाद में दिनांक 11.07.2018 को पारित आदेश निम्नवत्‌ है :-

"Four weeks time is granted for filing the show cause. List there after"

14. अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा CWJC No.-554/2018 में दिनांक 06.04.2018 को पारित न्यायादेश के अनुपालन के क्रम में :-

(i) विभागीय संकल्प ज्ञापांक 32 दिनांक 03.01.2018 को इसके निर्गत तिथि से निरस्त करते हुए श्री प्रदीप कुमार, बिहार लेखा सेवा, कोटि क्रमांक-92/2017, तत्कालीन जिला भविष्य निधि पदाधिकारी-सह-राष्ट्रीय बचत कार्यपालक पदाधिकारी, सीतामढ़ी सम्प्रति बर्खास्त को सेवा में पुर्नस्थापित किया जाता है।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 1 अगःत 2018 (ii) माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा CWJC No.-554/2018 श्री प्रदीप कुमार बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 06.04.2018 को पारित न्यायादेश के आलोक में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर पर विचार करते हुए नये सिरे से आदेश पारित करने का निर्णय लिया जाता है।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जयन्त कुमार सिंह, सरकार के अपर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 01 August 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2018-08-01.744/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2018-08-01.744.