िनबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट
[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 11111111 ौावणौावणौावणौावण 1(cid:18)4(cid:20) (cid:21)श(cid:20)(cid:22)
((((स(cid:23)(cid:20) पटन(cid:4) (cid:26)4(cid:26)) ) ) ) पटन(cid:4)(cid:27) व५ह(cid:30)पॢवत(cid:4)र(cid:27) 2222 अगःतअगःतअगःतअगःत 2018201820182018 सं॰ 05/स्था0(मुकदमा)-11/2014-4927 परिवहन विभाग ——— संकल्प 31 tqykbZ 2018
श्री नरेष पासवान, तत्कालीन, जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के धावादल द्वारा रंगे हाथों रू0 45000/- (पैंतालीस हजार रूपये) मात्र रिष्वत लेते पकडे जाने एवं न्यायिक हिरासत में लिये जाने के बाद इनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-048/2008 दर्ज किया गया। इसकी सूचना जिला पदाधिकारी, नवादा से प्राप्त होते ही कार्यालय आदेष सं0-4771, दिनांक 30.07.2008 द्वारा श्री पासवान को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया तथा निम्न आरोपों के लिए इनके विरूद्ध आरोप प्रपत्र 'क' गठित किया गया :-
(i) इन्होंने जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा के पद पर पदस्थापन अवधि में दिनांक 30.07.2008 को निगरानी विभाग, बिहार, पटना की जाँच टीम द्वारा परिवादी श्री पिन्टू सिंह से रू0 45000/- (पैंतालीस हजार रूपये) मात्र रिष्वत लेते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा को नवादा स्थित इनके आवास पर रंगे हाथ पकड़ा गया। साथ ही इनके सरकारी आवास की तलाषी के क्रम में रू0 9,000/- (नौ हजार रूपये) मात्र नकद एवं तीन जमीन का केबाला एवं भारतीय स्टेट बैक, खगड़िया शाखा के खाता सं0-01190019586 का पासबुक मिला।
(ii) इनके द्वारा घूस के रू0 45000/- (पैंतालीस हजार रूपये) मात्र को स्वीकार करने के पश्चात निगरानी जाँच टीम द्वारा इनके चितकोहरा, पटना स्थित घर की तलाषी ली गयी जहाँ से अन्य सामानों के अतिरिक्त रू0 4,14,300/- (चार लाख चौदह हजार तीन सौ रूपये) मात्र नकद की बरामदगी हुई।
(iii) उक्त घटना के संबंध में इनके विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना काण्ड सं0 048/2008 में ये प्राथमिकी अभियुक्त है। इनके विरूद्ध धारा-7/13(2)-सह-पठित धारा-13 (1) (डी) भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम 1988 के तहत् उक्त काण्ड दर्ज किया गया है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2 अगःत 2018 (iv) बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976 के नियम-3 (1) (i),(ii),(iii) का इन्होंने उल्लंघन किया है।
(v) श्री पासवान एक भ्रष्ट पदाधिकारी है और सरकारी सेवा में रखे जाने के योग्य नहीं है। 2. उक्त आरोपों के लिए विभागीय आदेष सं0-5797, दिनांक 16.09.2008 द्वारा इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु श्री संत प्रसाद उपाध्याय, संयुक्त सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा श्री राजीव नयन कुमार, प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-5, परिवहन विभाग, बिहार, पटना को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
3. जमानत पर रिहा होने के बाद श्री पासवान को विभाग में योगदान स्वीकृत करते हुए निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय राज्य परिवहन आयुक्त का कार्यालय, बिहार, पटना निर्धारित किया गया।
4. श्री पासवान दिनांक 31.07.2009 को वार्धक्य सेवानिवृत्त होने वाले थे इसके मद्देनजर विभागीय आदेष सं0-3497, दिनांक 31.07.2009 द्वारा इन्हे निलंवन मुक्त किया गया।
5. संचालन पदाधिकारी का अधिगम दिनांक 30.03.2009 को विभाग को प्राप्त हुआ। अधिगम से असहमत होते हुए कार्मिक एवं प्रषासनिक सुधार विभाग के परिपत्र सं0-2324, दिनांक-10.07.2007 के प्रावधानानुसार पुनः विभागीय कार्यवाही चलाने का निर्णय लिया गया। इसी बीच संचालन पदाधिकारी श्री संत प्रसाद उपाध्याय, संयुक्त सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना सेवानिवृत्त हो गए। तत्पष्चात् कार्यालय आदेष सं0-4996, दिनांक 09.10.2009 द्वारा श्री पासवान के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु श्री एम0 एच0 रहमान, सचिव, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, गया को संचालन पदाधिकारी तथा विभागीय आदेष सं0-6556, दिनांक 18.12.2009 द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी, नवादा को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
6. चूँकि श्री पासवान दिनांक 31.07.2009 को सेवानिवृत्ति हो चुके थे, फलस्वरूप विभागीय आदेष सं0-1785, दिनांक-27.04.2011 द्वारा इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली के नियम 43 (ख) के अन्तर्गत संचालित करने की स्वीकृति दी गई।
7. मगध क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार, गया के पत्रांक- 536, दिनांक 30.12.2011 द्वारा संचालन पदाधिकारी का अधिगम विभाग को प्राप्त हुआ। प्राप्त अधिगम में श्री पासवान के विरूद्ध गठित सभी आरोप प्रमाणित पाये गये। प्रमाणित आरोपों पर विभागीय पत्रांक-5000, दिनांक 20.12.2012 द्वारा श्री पासवान से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। उक्त पत्र के आलोक में श्री पासवान द्वारा कारण पृच्छा का लिखित उार समर्पित किया गया। इनके द्वारा समर्पित लिखित उार से असहमत होते हुए बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 (ख) एवं नियम-139 के तहत इन्हें अनुमान्य पेंषन पूर्णरूपेण रोके जाने संबंधी सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की मांग की गई।
8. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन जिसमें सभी आरोप प्रमाणित पाये गये थे, के सम्यक् समीक्षोपरांत विभाग द्वारा श्री पासवान को बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 (क) के तहत विभागीय आदेष सं0-880, दिनांक 12.02.2014 द्वारा निम्न दण्ड संसूचित किया गया :-
(i) पूर्ण पेंषन पर सदा के लिए रोक,
(ii) निलंबन अवधि 30.07.2008 से 31.07.2009 तक में इनकों जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा।
9. बिहार लोकसेवा आयोग के पत्रांक-2640, दिनांक 28.02.2014 द्वारा श्री पासवान को दिए गए उक्त दण्ड के अनुरूप ही आयोग द्वारा सहमति दी गई।
10. उक्त दण्डादेष के विरूद्ध श्री पासवान द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में CWJC No- 11185/2014 नरेष पासवान बनाम बिहार राज्य तथा अन्य दाखिल किया गया। माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा उक्त वाद की सुनबाई करते हुए दिनांक 03.01.2018 को न्यायादेष पारित किया गया जिसमें विभागीय कार्यवाही के संचालन को प्रक्रियात्मक दोष मानते हुए विभाग द्वारा पारित दण्डादेष सं0- 880, दिनांक 12.02.2014 को निरस्त कर दिया गया। साथ ही माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह आदेष पारित किया गया की " However, it would be open to the disciplinary authority to proceeed afresh in accordance with the procedure prescribed in the Bihar CCA Rules after giving due opportunity to the petitioner applying the principles of natural justice." इस न्यायादेष के आलोक में नैसर्गिक न्याय के तहत विभागीय पत्रांक-4564 दिनांक 11.07.2018 द्वारा आवेदन के माध्यम से अपना पक्ष रखने हेतु श्री पासवान को निदेष दिया गया। श्री पासवान द्वारा आवेदन के माध्यम से दिनांक 16.07.2018 को अपना पक्ष विभाग के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा इनके स्पष्टीकरण3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 2 अगःत 2018 को तथ्यहीन मानते हुए यह निर्णय लिया गया है कि श्री पासवान के विरूद्ध संलग्न आरोपों की वृहद जाँच बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 (ख) एवं नैसर्गिक न्याय के तहत करायी जाय।
11.उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संचालन पदाधिकारी, अपर सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना को एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, उप सचिव, परिवहन विभाग, बिहार, पटना को नियुक्त किया जाता है। 12. श्री पासवान से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दे उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे।
आदेषः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प के प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, षिव बचन सिंह, सरकार के अवर सचिव।
———— [ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 747%5'1+10%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in