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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 06 August 2018

Published 06 August 2018

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2018-08-06.751
Languages
English, Hindi

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सं॰ 22/नि॰सि॰(भाग॰)-09-08/2015/48—श्री उमाशंकर प्रसाद, तत्कालीन तदर्थ कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, लखीसराय संप्रति सहायक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल, सहरसा के विरूद्ध निगरानी थाना कांड सं0-89/2006 के अप्राथमिकी अभियुक्त होने के कारण संपर्क पथ निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9651 दिनांक 23.08.2010 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 के तहत्‌ विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।

विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा यह पाए जाने पर कि श्री प्रसाद, तत्कालीन तदर्थ कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सहायक अभियंता, जल संसाधन विभाग में पदस्थापित है, संबंधित मूल संचिका को अग्रेतर कार्रवाई हेतु जल संसाधन विभाग को उपलब्ध कराया गया। इस विभाग द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की सम्यक समीक्षोपरांत विभागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन से असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 1996 दिनांक 04.09.2015 द्वारा आरोपित पदाधिकारी से द्वितीय कारण पृच्छा किया गया।

श्री उमाशंकर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, लखीसराय सम्प्रति सहायक अभियंता द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का उार समर्पित किया गया जिसमें निम्न तथ्यों को प्रस्तुत किया गया :-

(i) संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में दोनों आरोप प्रमाणित नहीं माना गया है एवं निगरानी थाना कांड सं0-89/2006 में माननीय न्यायालय के फैसले पर आरोप की प्रमाणिकता निर्भर होने का मंतव्य दिया गया।

(ii) संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष पर असहमति, अभिलेख मे उल्लिखित साक्ष्य के आधार पर व्यक्त नहीं की गयी, अपितु आरक्षी उपाधीक्षक, निगरानी के दिनांक 09.10.2006 के स्थलीय जाँच का उल्लेख किया गया। निगरानी जाँच दल के साथ तकनीकी सदस्य के रूप में कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, मुंगेर द्वारा समर्पित स्वतंत्र जाँच प्रतिवेदन की चर्चा अपने बचाव-बयान में की गई है, जिसमें यह भी उल्लिखित है कि मेरे द्वारा दी गई औद्योगिक स्वीकृति पर अनुसंधानकर्ता एवं कार्यपालक अभियंता द्वारा कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की गई है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 6666 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 (iii) आरोप मे वर्णित दोनों योजनाओं मे रू 16,68,185/- का कथित गबन मे वह परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से सम्बद्ध नही है और न ही कार्यान्वयन से सीधे संबंधित है। इन दोनों योजनाओं का निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, अग्रिम दिया जाना, अग्रिम का समायोजन, अभिकर्ता की नियुक्ति एवं मास्टर रौल/अभिश्रव का संधारण प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, सूर्यगढ़ा द्वारा की गई। कार्यपालक अभियंता के रूप में सम्पादित मदों की मापियों की आंशिक जाँच की गई, जिसमें अनुसंधानकर्ता एवं कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, मुंगेर द्वारा कोई त्रुुटि नही पायी गयी।

(iv) भगतपुर मुशहरी के लठिया कोड़ासी तक सम्पर्क पथ की स्वीकृत लम्बाई 8200'-0'' के विरूद्ध मापी पुस्त मे अंकित मेटल (GR-I) 8260'-0'' मे से 1600' (छोटी पहाड़ी से लठिया कोड़ासी तक) में GR-I कार्य नही पाए जाने का उल्लेख है। वस्तुतः भगतपुर से छोटी पहाड़ी की दूरी 8260'-0'' है जिसमें मिट्टी एवं GR-I कार्य विशिष्टि के अनुरूप सम्पादित था। छोटी पहाड़ी से कोड़ासी की दूरी 1600'-0'' की कोई प्रासंगिकता नही है क्योंकि छोटी पहाड़ी एवं कोढ़ासी मिलाजुला टोला है। स्थलीय आवश्यकतानुसार 8260'-0'' में कार्य कराया गया।

मिट्टी की मापी पिट्‌स के आधार पर की गई है जो 10.02.2003 तक मापी पुस्त सं0-17/05-06 के पृ0 1-7 पर कनीय अभियंता द्वारा अंकित है। अनुसंधानकर्ता द्वारा बरसात बाद दिनांक 09.10.2006 को स्थल जाँच की गयी। ऐसी स्थिति में आस-पास मिट्टी का खंता अनुसंधानकर्ता द्वारा नहीं पाए जाने के आधार पर रू 3,81,371/- के गबन का कोई आधार/औचित्य नहीं है। अनुसंधानकर्ता द्वारा स्टोन मेटल GR-I की गुणवाा जाँचफल नहीं देने का उल्लेख है। मजदूरों का बयान दोषारोपण का आधार मानना युक्ति संगत एवं सभीचीन नहीं है। GR-I मेटल की पूरी मात्रा शेखपुरा खदान से लाकर कार्य में लगाया गया है।

आरोप सं0-02 में बरियारपुर के गरीब यादव के घर से बरियारपुर सौतारी टोला तक सम्पर्क पथ के निर्माण के स्वीकृति प्राक्कलन में 8200'-0' लम्बाई में 2'-0'' औसत मिट्टी का प्रावधान है। इस आरोप मे मिट्टी की खुदाई एवं पत्थर की ढुलाई में कथित रूपये 9,59,572/- के गबन से संबंधित विपत्र की झूठी जाँच का लांछन उनके विरूद्ध है। नेेत्रानुमान के आधार पर GR-I को Oversize एवं GR-II को Undersize करार देना युक्ति युक्त एवं समीचीन नहीं है। खासकर वैसी परिस्थिति में जब जाँच के पूर्व परत का निर्माण हो चुका था।

श्री उमाशंकर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, लखीसराय सम्प्रति सहायक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभिंयत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल सहरसा द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा के उार मे प्रस्तुत उपर्युक्त तथ्यों की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गयी एवं समीक्षोपरांत निम्न तथ्य पाए गए :-

(i) भागलपुर मुसहरी से लठिया कोड़ासी तक सम्पर्क पथ के निर्माण कार्य मे पथ निर्माण छोटी पहाड़ी तक किया गया है एवं छोटी पहाड़ी से लठिया कोड़ासी की दूरी 1600'-0'' करीब है। आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान से स्पष्ट है कि पथ का निर्माण छोटी पहाड़ी तक ही किया गया है। परन्तु छोटी पहाड़ी तक ही पथ की दूरी 8260'-0'' होने के संदर्भ में अन्य कोई साक्ष्य नही दिया गया है। उक्त से यह स्पष्ट नहीं होता है कि पथ का निर्माण स्वीकृत लम्बाई मे किया गया है अथवा उससे कम लम्बाई में किया गया है।

(ii) मिट्टी भराई कार्य में कमी पाई गई। इस संदर्भ में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि मिट्टी की मापी खंता के आधार पर की गयी है एवं बरसात बाद खेत जुताई मे खंता का विलुप्त होना अवश्यंभावी है। आरोपित पदाधिकारी का कथन स्वीकार योग्य माना जा सकता है क्योंकि खंता की गहराई 1'-0'' से 2'-0'' तक ही है। परन्तु कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल, मुंगेर के जाँच प्रतिवेदन में GR-I का कार्य जमीन तल पर अर्थात मिट्टी का कार्य नही होने का उल्लेख है जबकि पूरे पथ मे औसतन 3'-0'' मिट्टी भराई का कार्य किया जाना है। उक्त से विदित होता है कि कनीय अभियंता द्वारा काल्पनिक मिट्टी के खंता की प्रविष्टि मापी पुस्त में की गई एवं आरोपित पदाधिकारी द्वारा काल्पनिक मिट्टी के खंता की जाँच की गयी।

(iii) आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि जाँच प्रतिवेदन में मेटल के Oversize एवं Undersize माना जाना युक्ति संगत नही है। कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, मुंगेर ने अपने जाँच प्रतिवेदन मे मेटल GR-I का साइज बड़ा एवं GR-II का साइज छोटा होने का उल्लेख किया गया है। मेटल के Sieve Analysis साक्ष्य के रूप में जाँच पदाधिकारी ने संलग्न नहीं किया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा भी तत्संबंधी जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध नही कराया गया है जिससे उनके कथन की पुष्टि की जा सके।

(iv) श्री प्रसाद द्वारा दोनों योजनाओं के कथित गबन में परोक्ष/प्रत्यक्ष रूप मे और कार्यों के कार्यान्वयन में अपने सीधे सम्बद्धता को नकारा गया है। परन्तु आरोपित पदाधिकारी का यह कथन सही नहीं है क्योंकि कार्य मे स्थानीय मेटल का उपयोग, मिट्टी कार्य मे ंकमी, मेटल Oversize और Undersize तथा मोरम कार्य नही किया हुआ पाया गया है। जिला पदाधिकारी, लखीसराय का3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 6666 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 स्वीकृत्यादेश एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के कार्यादेश के अनुसार योजना का निर्माण, स्वीकृत प्राक्कलन, नक्शा, गुणवाा एवं विशिष्टि के अनुसार कराने की जवाबदेही कार्यपालक अभियंता को भी दी गयी है एवं इनके द्वारा मापी की जाँच भी की गई है। इस प्रकार कार्यान्वयन से इनकी सम्बद्धता का बोध होता है।

उपर्युक्त पाए गए तथ्यों के आलोक मे श्री उमाशंकर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता सम्प्रति सहायक अभियंता का द्वितीय कारण पृच्छा का उार स्वीकार योग्य नहीं है और इनके विरूद्ध गठित आरोप प्रमाणित पाया गया। फलस्वरूप उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री उमाशंकर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, लखीसराय सम्प्रति सहायक अभियंता को निम्न दण्ड देने का निर्णय सरकार के स्तर पर लिया गया है :-

1. ''पाँच वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक''। 2. ''प्रोन्नति की देय तिथि से चार वर्षों तक प्रोन्नति पर रोक''। 3. अकार्य कोटि में अगले पाँच वर्ष तक पदस्थापन''। उक्त निर्णीत दण्ड पर माननीय मंत्री का अनुमोदन एवं बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति प्राप्त है। सरकार के स्तर पर लिए गए उक्त निर्णय के आलोक में श्री उमाशंकर प्रसाद, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, लखीसराय सम्प्रति सहायक अभियंता, स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल सहरसा को निम्न दण्ड अधिरोपित कर संसूचित किया जाता है :-

1. ''पाँच वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक''। 2. ''प्रोन्नति की देय तिथि से चार वर्षों तक प्रोन्नति पर रोक''। 3. अकार्य कोटि में अगले पाँच वर्ष तक पदस्थापन''।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राकेश मोहन, सरकार के संयुक्त सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 06 August 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2018-08-06.751/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2018-08-06.751.