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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 27 August 2018

Published 27 August 2018

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2018-08-27.792
Languages
English, Hindi

(cid:1)नबंधन सं(cid:8)या पी0ट(cid:15)0-40 ॢबह(cid:4)र गजट

[स(cid:3)ध(cid:3)रण [(cid:8)क ॢबह(cid:4)र सरक(cid:4)र ह(cid:4)र(cid:4) (cid:13)क(cid:4)०शत 5 भ(cid:4)(cid:19) 1(cid:21)4(cid:23) (cid:24)श(cid:23)(cid:25)

(स(cid:26)(cid:23) पटन(cid:4) (cid:29)(cid:21)2) पटन(cid:4)(cid:31) स मव(cid:4)र(cid:31) 27 अग(cid:24)त 2018 सं॰ अ॰स॰क॰ 07-15(नई योजना)-03/2017-1203 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ——— संकल्प 14 vxLr 201814 vxLr 201814 vxLr 201814 vxLr 2018

विषय :- बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के अन्तर्गत निबंधित औकाफ के सम्पत्ति के विकास से संबंधित राज्य सम्पोषित 'बिहार राज्य वक्फ विकास योजना' एवं संबंधित मार्ग-निर्देशिका की स्वीकृति के संबंध में। वक्फ मुस्लिम जनसमुदाय के कल्याण हेतु दान की गयी सम्पत्तियाँ होती हैं। परन्तु धन के अभाव में इन वक्फ सम्पत्तियों का समुचित विकास नहीं हो पाया है। सच्चर कमिटि ने मुस्लिम समुदाय के कल्याण में वक्फ इस्टेट की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इनके विकास हेतु कई सुझाव दिए हैं, जिसके आधार पर केन्द्र एवं अन्य राज्यों में वक्फ विकास की योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड से निबंधित औकाफ के विकास हेतु आय-सृजक एवं जन उपयोगी संरचनाएं जैसे- बहुद्देशीय भवन, मुसाफिर खाना, विवाह भवन, वक्फ कार्यालय भवन, व्यवसायिक भवन, दुकान, मार्केट कॉम्पलेक्स आदि के निर्माण एवं रख-रखाव, सुरक्षा तथा समवर्द्धन हेतु राज्य सम्पोषित ''बिहार राज्य वक्फ विकास योजना (BIHAR STATE WAQF DEVELOPMENT SCHEME)'' एवं इससे संबंधित मार्ग-निर्देशिका का निर्माण किया गया है जिसपर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त है।

(2). यह योजना शत-प्रतिशत राज्य योजना है जिसका क्रियान्वयन संलग्न मार्ग-निर्देशिका के अनुसार किया जाएगा जो निम्न प्रकार हैः-

1. पृष्ठभूमि :- वक्फ मुस्लिम जनसमुदाय के कल्याण हेतु दान की गयी सम्पतियाँ होती हैं। बिहार राज्य में कुल 3500 निबंधित वक्फ सम्पतियाँ हैं। बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड क्रमशः सुन्नी एवं शिया औकाफ की देख-रेख एवं सुचारू प्रबंधन हेतु गठित किये गये हैं। परन्तु धन के अभाव में इन वक्फ सम्पतियों का समुचित विकास नहीं हो पाया है, जिससे औकाफ के कल्याणकारी उद्देश्यों की प्राप्ति पूर्णरूपेण नहीं हो पायी है। संशोधित वक्फ अधिनियम, 1995 में औकाफ के विकास हेतु विशेष प्रावधान किये गये हैं। वक्फ संबंधित विभाग में पूर्व से दो शीर्ष- वक्फ सम्पत्ति के विकास हेतु वक्फ बोर्ड को रिवाल्विंग फण्ड के रूप में अनुदान एवं वक्फ सम्पत्ति के रख-रखाव, सुरक्षा तथा2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27272727 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 समवर्द्धन हेतु, उपलब्ध हैं। इस मार्गनिर्देषिका में उक्त उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु योजना की विस्तृत रूप-रेखा उल्लेखित की जा रही है।

2. उद्देश्यः- बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड से निबंधित औकाफ के विकास हेतु आय-सृजक एवं जन उपयोगी संरचनाएं जैसे- बहुद्देशीय भवन, मुसाफिर खाना, विवाह भवन,वक्फ कार्यालय भवन, व्यवसायिक भवन, दुकान, मार्केट कॉम्पलेक्स आदि के निर्माण एवं रख-रखाव, सुरक्षा तथा समवर्द्धन हेतु योजना को ''बिहार राज्य वक्फ विकास योजना (BIHAR STATE WAQF DEVELOPMENT SCHEME)'' के नाम से जाना जायेगा।

3. प्रस्ताव हेतु शीर्षः- योजना का कार्यान्वयन विभाग में पूर्व से संधारित दो शीर्ष में प्राप्त बजटीय आवंटन से संचालित होगा, जो निम्न हैंः-

(क) मुख्य शीर्ष 2250-अन्य सामाजिक सेवाएँ, उपमुख्य शीर्ष 00, लघु शीर्ष-800- अन्य व्यय उपशीर्ष-0107- वक्फ सम्पत्ति के रख-रखाव, सुरक्षा तथा सम्वर्द्धन हेतु।

(ख) मुख्य शीर्ष 2250-अन्य सामाजिक सेवाएँ, उपमुख्य शीर्ष 00, लघु शीर्ष-800- अन्य व्यय उपशीर्ष-0108- वक्फ सम्पत्ति के विकास हेतु वक्फ बोर्ड को रिवॉल्विंग फण्ड के रूप में अनुदान देने के संबंध में।

4. योजना के संचालन हेतु प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर समुचित उद्‌्‌व्यय एवं बजट प्राप्त किया जाएगा।

5. योजना का क्रियान्वयन :

5.1 योजना का क्रियान्वयन सुन्नी एवं शिया वक्फ सम्पतियों के लिए क्रमशः बिहार राज्य सुन्नी वक्फ बोर्ड एवं बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड के माध्यम से निबंधित औकाफ के विकास के लिये किया जायेगा। इसके लिए विभाग दोनों वक्फ बोर्डों को प्रतिवर्ष बजटीय आकलन के आधार पर दोनों शीर्षों में राशि उपलब्ध कराएगा। दोनों शीर्षों में प्राप्त आवंटन का लेखा-जोखा पृृथक संधारित किया जाएगा।

5.2. राज्य सरकार द्वारा वक्फ बोर्डों को मुख्य शीर्ष 2250-अन्य सामाजिक सेवाएँ, उपमुख्य शीर्ष 00, लघु शीर्ष-800- अन्य व्यय उपशीर्ष-0108- वक्फ सम्पत्ति के विकास हेतु वक्फ बोर्ड को रिवाल्विंग फण्ड के रूप में अनुदान राशि वक्फ विकास कोष (Waqf Development Fund) के रूप में संधारित की जाएगी। इस निमित बैंक खाता एवं आय-व्यय का ब्यौरा अलग से संधारित किया जायेगा। उक्त कोष रिवालविंग फंड (Revolving fund) के रूप में संचालित होगा, जिसका उपयोग वक्फ सम्पतियों के विकास हेतु किया जाएगा एवं सृजित सम्पतियों से होने वाली आय से कोष की पुनः पूर्ति की जाएगी।

5.3. वक्फ सम्पतियों के विकास हेतु वक्फ अधिनियम, 1995 के तहत वक्फ बोर्ड किसी वक्फ की विकास योग्य सम्पत्ति को ग्रहण कर संरचना का निर्माण ''वक्फ विकास कोष'' की राशि से करायेगा। विकसित सम्पत्ति की आय से प्रशासनिक व्यय, Cess, कर, वक्फ इस्टेट की प्रतिपूर्ति राशि एवं अन्य आवश्यक व्यय को छोड़कर शेष राशि से कोष की पुनः पूर्ति की जायेगी। बोर्ड द्वारा संबंधित वक्फ को पूर्व से प्राप्त आय की प्रतिपूर्ति वक्फ अधिनियम/नियामावली के अनुसार की जानी होगी। विकास में लागत राशि की प्रतिपूर्ति के पश्चात विकसित सम्पति संबंधित वक्फ इस्टेट को सौंप दी जाएगी। वक्फ बोर्ड द्वारा प्रस्तावित सम्पति के विकास एवं कुशल प्रबंधन हेतु एक समिति गठित की जायेगी।

5.4. योजना के क्रियान्वयन के लिए वक्फ इस्टेट की जमीन सरकार के नाम से निबंधित/ हस्तांतरित करने की बाध्यता नहीं होगी एवं योजना के क्रियान्वयन वक्फ अधिनियम/ नियमावली के अनुसार किया जाएगा।

5.5. मुख्य शीर्ष 2250-अन्य सामाजिक सेवाएँ, उपमुख्य शीर्ष 00, लघु शीर्ष-800- अन्य व्यय उपशीर्ष-0107- वक्फ सम्पत्ति के रख-रखाव, सुरक्षा तथा समवर्द्धन हेतु प्राप्त राशि का उपयोग वक्फ बोर्डों द्वारा अवश्यकतानुसार किया जाएगा।3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 6. योजना हेतु वक्फ इस्टेट का चयन ।- योजना का क्रियान्वयन ऐसे निबंधित औकाफ में किया जायेगा जो निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते होंः-

(क) वक्फ इस्टेट के वर्तमान मोतावल्ली/प्रबंध समिति को विगत तीन वर्षों में कोई

अनुशासनात्मक कार्रवाई में दोषी नहीं पाया गया हो।

(ख) योजना हेतु पर्याप्त विकास योग्य भूमि उपलब्ध हो। (ग) वक्फ इस्टेट के विगत तीन वित्तीय वर्ष के आय-व्यय का अंकेक्षण चार्टेड

एकाउन्टेन्ट द्वारा किया गया हो।

(घ) संबंधित वक्फ इस्टेट द्वारा विगत तीन वर्ष का वक्फ अधिनियम के तहत रिटर्न समर्पित किया गया हो एवं कोई भी देय सेस (Cess) बकाया नहीं हो।

इसके लिए बिहार राज्य शिया/सुन्नी वक्फ बोर्ड पात्र वक्फों की सूची

जारी करेगा।

7. प्रस्ताव प्रतिवेदन ।- वक्फ इस्टेट के मोतवल्ली/प्रबंध समिति, वक्फ में आवश्यक आय-सृजक एवं जन उपयोगी संरचना के निर्माण हेतु प्रस्ताव प्रतिवेदन तैयार करेगी। प्र्रतिवेदन में प्रस्तावित कार्य की रूप-रेखा के साथ भूमि का खाता, खेसरा एवं रकवा का विवरण शामिल होगा। साथ ही भूमि विवाद रहित एवं विकास हेतु पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने का उद्‌्‌घोषणा पत्र भी शामिल होगा। प्रस्ताव को जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी के कार्यालय में जमा किया जायेगा।

किसी वक्फ इस्टेट के विकास क्षमता को देखते हुए, वक्फ बोर्ड स्वयं भी सर्वेक्षण के आधार पर उक्त वक्फ इस्टेट की सहमति से विकास हेतु प्रस्ताव तैयार कर एवं आवश्यक जाँच करवाकर, प्रस्ताव को विभागीय अनुमोदन समिति के समक्ष उपस्थापित कर सकता है। 8. जिला अनुमोदन समिति :-

8.1 वक्फ के विकास हेतु प्राप्त प्रस्तावों के अनुमोदन के लिए जिला स्तर पर जिला

अनुमोदन समिति कार्यरत होगी, जिसके निम्नलिखित सदस्य होंगेः-

जिला पदाधिकारी - अध्यक्ष कार्यपालक अभियंता/सहायक अभियंता, भवन निर्माण विभाग - सदस्य अध्यक्ष/सचिव जिला औकाफ समिति - सदस्य संबंधित वक्फ के मोतवल्ली/प्रबंध समिति के सचिव - आमंत्रित सदस्य जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी - सदस्य सचिव

कोरम तीन सदस्यों से पूर्ण होगा जिसमें जिला पदाधिकारी/उप विकास आयुक्त, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी एवं संबंधित वक्फ के मोतवल्ली/प्रबंध समिति के सचिव की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

8.2 संक्षिप्त प्राक्कलन एवं स्थल जाँच ः- जिला अनुमोदन समिति के विचार से पूर्व, औकाफ द्वारा प्राप्त प्रस्तावों का स्थल जाँच दो सदस्यीय दल द्वारा किया जाना आवश्यक होगा। जाँच दल में सम्बंधित जिले के भवन निर्माण विभाग के एक सहायक अभियंता एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी होगें। जाँच के समय संबंधित वक्फ के मोतवल्ली/प्रबंध समिति के सचिव की उपस्थिति अनिवार्य होगी। स्थल जाँच के क्रम में भूमि विवाद रहित एवं विकास योग्य हो कि भी जाँच की जानी होगी। जाँच एक महीने में पूरा किया जाना आवश्यक होगा। जाँच दल अन्य बिन्दुओं के अतिरिक्त प्रस्तावित कार्य की विस्तृत रूप-रेखा एवं मानक दर/एस ओर आर (Schedule of Rate) के आधार पर लागत का संक्षिप्त प्राक्कलन भी उपलब्ध करायेगा। 8.3 जिला अनुमोदन समिति सभी प्रस्तावों को अपनी अनुशंसा के साथ मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार राज्य सुन्नी/शिया वक्फ बोर्ड, पटना को उपलब्ध करायेगी। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी प्राप्त प्रस्तावों को संबंधित बोर्ड की सहमति प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई हेतु अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को प्रेषित करेंगे।

9. विभागीय अनुमोदन समिति :

9.1 बोर्ड द्वारा अनुशंसित प्रस्तावों के अनुमोदन हेतु राज्य स्तर पर विभागीय अनुमोदन

समिति कार्यरत होगी, जिसमें निम्नांकित सदस्य होगें :-

प्रधान सचिव/सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग - अध्यक्ष निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग - उपाध्यक्ष भवन निर्माण विभाग के प्रधान सचिव/सचिव या इनके प्रतिनिधि - सदस्य विभाग में पदस्थापित वक्फ के प्रभारी पदाधिकारी - सदस्य संबंधित वक्फ के मोतवल्ली/प्रबंध समिति के सचिव - आमंत्रित सदस्य संबंधित बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी - सदस्य सचिव4 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27272727 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 कोरम तीन सदस्यों से पूर्ण होगा जिसमें प्रधान सचिव/सचिव तथा मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। 9.2 विभागीय समिति व्यवहार्यता विश्लेषण तथा उपलब्ध आवंटन के आधार पर प्रस्तावों पर आंशिक या पूर्ण अनुमोदन प्रदान करेगी एवं क्रियान्वयन की प्राथमिकता निर्धारित करेगी। समिति योजना के कार्यान्वयन में आ रही प्रक्रियागत और अन्य खामियों को दूर करने के लिए नीतिगत बदलाव के सुझाव पर भी विचार करेगी।

9.3 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग क्रियान्वयन एजेंसी का चयन करेगा तथा उसे विस्तृत योजना प्राक्कलन एवं नक्शा तैयार करने को निदेशित करेगा। प्राक्कलन प्राप्ति के पश्चात्‌ आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति हेतु विभागीय कार्रवाई की जाएगी। निर्माण का कार्य राज्य एजेंसियाँ यथा भवन निर्माण विभाग, बिहार राज्य शिक्षा आधारभूत संरचना विकास निगम, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम आदि के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।

9.4 अगले आवंटन हेतु पूर्व आवंटित राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किया जाना आवश्यक होगा। आंशिक उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा किये जाने की स्थिति में अगले आवंटन में समानुपातिक कटौती की जाएगी।

10. योजना क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक व्यय एवं संरचना : -

10.1 वक्फ बोर्ड के स्तर पर योजना के कार्यान्वयन, देख-रेख एवं निरीक्षण के लिए एक Project Management Unit (PMU) का गठन किया जाना आवश्यक होगा। PMU संबंधित वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के अन्तर्गत कार्यरत रहेगा एवं योजना सम्बंधी प्रगति से उन्हें समय-समय पर अवगत कराएगा। योजना संचालन में सहयोग हेतु निर्माण कार्य के एक विशेषज्ञ यथा Architect/ Civil Engineer/Consultant अनुबंध पर अथवा राज्य/केन्द्र सेवा से प्रतिनियुक्त पर बोर्ड में पदस्थापित होंगे। इसके अतिरिक्त PMU के अन्तर्गत एक योजना प्रबंधक एवं एक एकाउटेन्ट को संविदा पर अनुबंधित किया जायगा। संविदा की अवधि एक वर्ष की होगी जिसे कार्य के मूल्यांकण के पश्चात्‌ विस्तृत किया जा सकेगा। योग्यता एवं पारिश्रमिकी का निर्धारण विभागीय अनुमोदन समिति द्वारा किया जाएगा। PMU के कर्मीयों का चयन संविदा के आधार पर सरकारी एजेंसी/एच0 आर0 एजेंसी से किया जाएगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक आई0टी0 सक्षम प्रणाली का विकास किया जाएगा।

10.2 योजना संचालन हेतु प्रत्येक जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में एक अतिरिक्त सहायक तथा एक कम्प्यूटर ऑपरेटर जो कि उर्दू साक्षर हाें की सेवा प्रारंभ में संविदा/बाह्‌्‌य सेवा के आधार पर उपलब्ध करायी जाएगी। कालांतर में नियमित पदों के सृृजन की कार्रवाई की जाएगी।

10.3 इस योजना के बजट राशि का 3 प्रतिशत तक व्यय प्रशासनिक मद यथा संविदा सेवा, क्षमता वर्धन, प्रचार-प्रसार, सेमिनार आयोजन, प्रशिक्षण, बाह्‌य सेवा प्रदात्ता द्वारा परामर्शी एवं कार्यालय कार्य हेतु अन्य सेवा, यात्रा एवं दैनिक भत्ता आदि में अवंटित किया जा सकेगा।

11. निरीक्षण एवं निगरानीः।-

11.1 बाह्‌य एजेंसियों के विशेषज्ञों/गणमान्य व्यक्तियों/अल्पसंख्यक समदुाय के सामाजिक संस्था द्वारा योजना की प्रगति एवं प्रभावकारिता का अंकेक्षण कराया जा सकता है। औकाफ समितियॉ अपने क्षेत्र में अवस्थित औकाफों में किये गये कार्यो का मूल्यांकण आदि हेतु नियमित बैठक करेंगे तथा प्रतिवेदन संबंधित जिला अल्पंख्यक कल्याण पदाधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। वक्फ बोर्ड द्वारा योजना की प्रगति समीक्षा हेतु त्रैमासिक सम्मेलन/बैठक का आयोजन करेगा।

11.2 योजना से सम्बद्ध विभागीय अधिकारी/वक्फ बोर्ड के अधिकारी/जिला पदाधिकारी/उप विकास आयुक्त/जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी आदि, योजना के प्रभावी कार्यान्वयन एवं निगरानी रखने में आवश्यक दायित्व निभायेंगे और किसी भी शिकायत की प्राप्ति पर जाँचोंपरान्त आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।5 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 27 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को सर्वसाधारण की जानकारी हेतु बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित कराया जाय और इसकी प्रति सभी संबंधित विभाग/ पदाधिकारी एवं कार्यालय को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु उपलब्ध करायी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, आमिर सुबहानी, सरकार के प्रधान सचिव।

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ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 792%5'1+100%ड(cid:17)+ट,+प(cid:17)+? Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 27 August 2018. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2018-08-27.792/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2018-08-27.792.