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——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 28282828 अगस्त 2018अगस्त 2018अगस्त 2018अगस्त 2018
स्कीमों की स्वीकृति हेतु शक्त्तियों का प्रत्यायोजन ।योजन ।योजन ।योजन । विषय :-विषय :-विषय :-विषय :- स्कीमों की स्वीकृति हेतु शक्त्तियों का प्रत्या स्कीमों की स्वीकृति हेतु शक्त्तियों का प्रत्या स्कीमों की स्वीकृति हेतु शक्त्तियों का प्रत्या
दिनांक 01.04.2017 से योजना एवं गैर योजना स्कीमों का विलय हो जाने के कारण मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग की अधिसूचना संख्या-306, दिनांक 17.03.2017 द्वारा वित्तीय मामलों में प्रत्यायोजित वित्तीय शक्तियों के आलोक में वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3758, दिनांक 31.05.2017, 4573, दिनांक 04.07.2017 एवं 8236 दिनांक 17.10.2017 एवं 4443 दिनांक 14.06.2018 द्वारा स्कीमों की स्वीकृति हेतु शक्तियों का प्रत्यायोजन किया गया है ।
2. वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3758, दिनांक 31.05.2017 की कंडिका-5(क) में किये गए प्रावधान के अनुसार 20 प्रतिशत से कम अथवा 20 प्रतिशत तक की वृद्धि के फलस्वरूप पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति में विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जाना आवश्यक है। कई बार कम मूल्य के राशि के पुनरीक्षित प्राक्कलन हेतु भी विभागीय मंत्री से अनुमोदन प्राप्त करना पड़ता है । 3. कार्यपालिका नियमावली की तृतीय अनुसूची के मद संख्या-53 टिप्पणी (III) के प्रावधान के अनुसार किसी भी स्वीकृत योजना के मूल प्राक्कलन में 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभावित है, तो ऐसी योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन में, विहित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए मंत्रिपरिषद् अथवा सक्षम प्राधिकार का पुनः अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होगा । किसी भी स्वीकृत योजना के मूल प्राक्कलन में, 20 प्रतिशत से कम या 20 प्रतिशत तक की वृद्धि के संबंध में, पुनः प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने का कोेई प्रावधान कार्यपालिका नियमावली में उल्लेखित नहीं है । 2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 28282828 vxLrvxLrvxLrvxLr 2018 5. वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3758, दिनांक 31.05.2017 की कंडिका-5(क) में 6. उपरोक्त के आलोक में प्रस्ताव है कि वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3758, दिनांक 31.05.2017 की कंडिका-5(क) को निम्न से प्रतिस्थापित किया जाता है :-
"किसी भी स्वीकृत योजना के मूल प्राक्कल"किसी भी स्वीकृत योजना के मूल प्राक्कल"किसी भी स्वीकृत योजना के मूल प्राक्कल"किसी भी स्वीकृत योजना के मूल प्राक्कलन में, न में, न में, न में, 20 प्रतिशत से कम या 20 प्रतिशत तक 20 प्रतिशत से कम या 20 प्रतिशत तक 20 प्रतिशत से कम या 20 प्रतिशत तक 20 प्रतिशत से कम या 20 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की स्थिति में, संबंधित योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन के लिये पुनः प्रशासनिक स्वीकृति की वृद्धि होने की स्थिति में, संबंधित योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन के लिये पुनः प्रशासनिक स्वीकृति की वृद्धि होने की स्थिति में, संबंधित योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन के लिये पुनः प्रशासनिक स्वीकृति की वृद्धि होने की स्थिति में, संबंधित योजना के पुनरीक्षित प्राक्कलन के लिये पुनः प्रशासनिक स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी,किंतु राशि का व्यय वित्तीय प्रावधानों का पालन कर किया जायेगा ।" की आवश्यकता नहीं होगी,किंतु राशि का व्यय वित्तीय प्रावधानों का पालन कर किया जायेगा ।" की आवश्यकता नहीं होगी,किंतु राशि का व्यय वित्तीय प्रावधानों का पालन कर किया जायेगा ।" की आवश्यकता नहीं होगी,किंतु राशि का व्यय वित्तीय प्रावधानों का पालन कर किया जायेगा ।" 7. उपरोक्त के आलोक में बिहार लोक निर्माण विभाग संहिता के संगत नियम में संशोधन करना, संहिता का प्रशासी (पथ निर्माण) विभाग सुनिश्चित करेगा ।
8. संकल्प में निर्धारित अन्य व्यवस्थायें यथावत् रहेंगी । वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में पूर्व निर्गत संकल्प/परिपत्र भी इस हद तक संशोधित समझे जायेंगे ।
बहार राजपत्र के असाधारण अंक में आदेशः- आदेशः- आदेशः- आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को आिदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को आिदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को आिदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के असाधारण अंक में बहार राजपत्र के असाधारण अंक में बहार राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशितप्रकाशितप्रकाशितप्रकाशित किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, किया जाय एवं इसकी प्रतिलिपि सरकार के सभी विभागों एवं महालेखाकार, बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय । बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय । बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय । बिहार, पटना को सूचनार्थ भेजी जाय ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से राहुल सिंहराहुल सिंहराहुल सिंहराहुल सिंह,,,, सचिव(व्यय) ।
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[ध(cid:17)¡क(cid:16) स०चव(cid:4)लय म१(cid:27)ण(cid:4)लय(cid:16) ॢबह(cid:4)र(cid:16) पटन(cid:4) ह(cid:4)र(cid:4) (cid:31)क(cid:4)०शत eव# म१ॢ(cid:27)त? ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15) 800%5'1+1*%ड(cid:17)*ट,*प(cid:17)*? Website: http://egazette.bih.nic.in