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सं॰ 04/STA (विविध)-31/2018 परि॰-5732—दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन के विकास, वहां रहने वाले लोगों को परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने, ऐसे क्षेत्रों में रोजगार के सृजन एवं इनकेे विकास को दृष्टिगत रखते हुए सरकार के द्वारा ''मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना'' लागू की जाती है।
1. संक्षिप्त नाम, आरंभ एवं विस्तार - (i) सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को प्रखण्ड मुख्यालय से जोड़ने की इस योजना का नाम-''मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना''होगा।
(ii) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (iii) यह तुरंत प्रवृत होगी। 2. इस योजना के तहत 4 सीट से लेकर 10 सीट तक के नये सवारी वाहनों को योग्य माना जायेगा जिसका परिचालन पंचायत से प्रखण्ड मुख्यालय तक किया जायेगा। इस योजना के अधीन प्रत्येक पंचायत के लिए 05 (पाँच) योग्य वाहनों के खरीद पर, जिसमें तीन अनुसूचित जाति/जनजाति तथा दो अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लाभुकों हेतु होंगे, अनुदान दिया जाएगा। अनुदान की राशि वाहन के खरीद मूल्य के 50 प्रतिशत तक की राशि अथवा अधिकतम 1.00 (एक) लाख रुपये होगी। वाहन के खरीद मूल्य से अभिप्राय है-वाहनका एक्स-शोरूम मूल्य, तृतीय पक्ष बीमा एवं वाहन टैक्स तीनों को जोड़कर कुल राशि। वाहन को 05 वर्ष तक बिना अनुमण्डल पदाधिकारी की लिखित स्वीकृति के बिक्री नहीं किया जाएगा। वाहन परिवारिक उत्तराधिकार के तहत हस्तांतरित हो सकेगा। यदि वाहन की खरीद किसी वित्तीय संस्थान से ऋण लेकर किया गया है तो अनुदान की राशि का उपयोग आवेदक द्वारा ऋण के भुगतान में ही किया जायेगा।
3. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लोग ही इसका लाभ उठा सकते हैं। लाभुक की उम्र, आवेदन आमंत्रण की तिथि को 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए एवं उसके पास कम-से-कम हल्के मोटरयान के चालक की अनुज्ञप्ति होना चाहिए। लाभुक को सरकारी सेवा में नियोजित नहीं होना चाहिए एवं उसके पास पूर्व से कोई व्यवसायिक वाहन नहीं होना चाहिए। किसी पंचायत के लिए लाभ प्राप्त करने हेतु लाभुक को उस पंचायत का निवासी होना अनिवार्य है।2 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 िसत(cid:22)बर 2018 4. इस योजना हेतु आवेदन करने का कार्यक्रम, तिथि सहित परिवहन विभाग के द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। लाभुक, अनुदान प्राप्ति हेतु ऑनलाईन आवेदन करेंगे। इस हेतु लिंक परिवहन विभाग की वेबसाइट www.transport.bih.nic.in पर उपलब्ध रहेगा। आवेदक को ऑनलाईन माध्यम से निम्नलिखित कागजातों को अपलोड करना अनिवार्य होगा :-
(i) जाति प्रमाण पत्र, (ii) आवासीय प्रमाण पत्र, (iii) उच्चतम योग्यता का प्रमाण पत्र एवं अंक पत्र, (iv) उम्र संबंधित प्रमाण पत्र, (v) मोटरयान चलाने की अनुज्ञप्ति की प्रति,
प्रत्येक ऑनलाईन आवेदन के लिए एक यूनिक नम्बर सिस्टम द्वारा जेनरेट किया जायेगा। आवेदक सिस्टम के द्वारा जेनरेट किए गए पावती रसीद को भविष्य के पत्राचार के लिए सुरक्षित रख्ेांगे।
5. प्रखण्ड विकास पदाधिकारी अपने कार्यालय के एक आई0टी0 असिस्टेंट/ऑपरेटर को इस कार्य के लिए विशेष रूप से चिन्हित करेंगे। उनकी जवाबदेही होगी कि ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों को डाउनलोड कर उसे अग्रेतर कार्रवाई हेतु प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के समक्ष ससमय प्रस्तुत करेंगे। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के द्वारा आवेदन की जांच की जाएगी एवं सही पाये गए आवेदनों की पंचायतवार वरीयता सूची बनायी जाएगी। वरीयता निर्धारण का आधार निम्नवत होगा :-
(i) लाभुक की शैक्षणिक योग्यता। (ii) समान शैक्षणिक योग्यता रहने पर अधिकतम योग्यता के अंक के आधार पर। (iii) समान योग्यता एवं समान अंक होने पर अधिक उम्र वाले आवेदक को प्राथमिकता दी जायेगी। 6. ऑनलाईन प्राप्त आवेदनों के आधार पर लाभुकों के चयन हेतु द्विस्तरीय समिति का गठन किया जायेगा। (i) प्रखण्ड स्तरीय समिति।
यह समिति निम्नरूपेण गठित होगीः-
(क) प्रखण्ड विकास पदाधिकारी - अध्यक्ष (ख) प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी - सदस्य सचिव (ग) ग्राम पंचायत पर्यवेक्षक - सदस्य
प्रखण्ड कल्याण पदाधिकारी का पद रिक्त रहने पर ग्राम पंचायत पर्यवेक्षक सदस्य सचिव के कार्य का निर्वहन करेंगे। आवेदनों की पंचायतवार बनायी गयी वरीयता सूची इस समिति के समक्ष विचारार्थ रखी जाएगी। लाभुकों की योग्यता के आधार पर वरीयता सूची का परीक्षण समिति के द्वारा किया जायेगा एवं उसे विचारोपरांत अनुशंसा के साथ अंतिम चयन हेतु अनुमंडल स्तरीय समिति को भेजा जाएगा।
(ii) अनुमंडल स्तरीय समिति का गठन निम्नवत होगाः-
(क) अनुमण्डल पदाधिकारी - अध्यक्ष (ख) अनुमण्डल कल्याण पदा0 - सदस्य सचिव (ग) कार्यपालक दण्डाधिकारी - सदस्य (घ) मोटरयान निरीक्षक - विशेष आमंत्रित सदस्य
अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी का पद रिक्त रहने पर कार्यपालक दण्डाधिकारी सदस्य सचिव के दायित्व का निर्वहन करेंगे। प्रखण्ड कार्यालय से प्राप्त लाभुकों की पंचायतवार वरीयता सूची को अनुमंडल स्तरीय समिति के समक्ष रखा जाएगा।
अनुमण्डलीय समिति के द्वारा पंचायतवार आवेदनों पर विचार किया जायेगा। रिक्ति एवं योग्यता के अनुसार पंचायतवार लाभुक के चयन को स्वीकृति दी जाएगी। स्वीकृत लाभुक के अतिरिक्त अन्य आवेदनों की योग्यता के आधार पर घटते क्रम में एक प्रतीक्षा सूची बनायी जायेगी। स्वी—त लाभुकों की सूची एवं प्रतीक्षा सूची को संबंधित प्रखंड कार्यालय में पंचायतवार प्रकाशित किया जाएगा तथा दस दिनों की समय सीमा में इसपर आपत्ति आमंत्रित की जायेगी। प्राप्त आपत्तियों की सुनवाई अनुमंडल स्तरीय समिति के द्वारा की जायेगी। आपत्ति निराकरण के पश्चात अंतिम सूची तैयार की जाएगी। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी उपरोक्त चयनित लाभुकों को स्वी—ति पत्र निर्गत करेंगे और विकास मित्र के माध्यम से इसका तामिला लाभुक को करायेंगे।
7 अनुमण्डलीय समिति द्वारा अंतिम रुप से चयनित तथा स्वीकृति पत्र प्राप्त लाभुक अपनी स्वेच्छा से निर्धारित मॉडल का कोटेशन वाहनों के अधिकृत डीलर से प्राप्त कर प्रखण्ड कार्यालय में प्रस्तुत करेंगे। प्रखण्ड विकास पदाधिकारी के द्वारा प्रत्येक लाभुक के लिए अलग-अलग अभिलेख का संधारण किया जायेगा। इस अभिलेख में आवेदन पत्र के साथ लाभुक को निर्गत स्वी—ति पत्र, वाहन का कोटेशन, जाति प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाता संख्या, वित्त पोषण हेतु वित्तीय संस्थान का सहमति पत्र एवं अन्य आवश्यक कागजात संलग्न किये जायेंगे। लाभुक को यह अधिकार होगा कि वित्त पोषण हेतु एजेन्सी (बैंक/वित्तीय संस्था) का चयन वह स्वयं करे। बैंक/संस्था मान्यता प्राप्त होना चाहिए। यदि इस मामले में उसे कठिनाई हो तो प्रखण्ड विकास पदाधिकारी उस क्षेत्र के व्यवसायिक बैंक या अन्य मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थान से वित्त पोषण के लिए पहल करेंगे। आवश्यक जांचोपरांत प्रखण्ड विकास3 ॢबह(cid:4)र गजट (cid:10)[स(cid:4)ध(cid:4)रण(cid:15)(cid:16) 5 िसत(cid:22)बर 2018 पदाधिकारी के द्वारा वाहन का प्रकार योजना में विहित श्रेणी के अनुरूप होने पर अनुमान्यता के अधीन अनुदान की राशि लाभुक के खाते में RTGS के माध्यम से अंतरित कर देंगे। जिला पदाधिकारी सभी प्रखण्डों को इस कार्य हेतु राशि का आवंटन करेंगे।
8. इस योजना के तहत राशि का प्रावधान परिवहन विभाग के योजना व्यय मद से किया जायेगा। विभाग के द्वारा आवश्यकतानुसार सभी जिला पदाधिकारियों को आवंटन उपलब्ध कराया जाएगा। जिला पदाधिकारी के द्वारा आवश्यकतानुसार राशि प्रखण्डों को उपावंटित की जा सकेगी। इस योजना को दो वर्षों में राज्य के प्रत्येक पंचायत में लागू कर दिया जायेगा।
9. इस योजना के तहत खरीद की गई गाड़ियों के लिए परमिट स्वी—ति हेतु प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार की बैठक कैम्प कार्यालयों में भी की जाएगी एवं प्राथमिकता के आधार पर परमिट निर्गत किया जायेगा।
10. राज्य स्तर पर इस योजना का अनुश्रवण राज्य परिवहन आयुक्त के द्वारा किया जायेगा। योजना की नोडल एजेंसी राज्य स्तर पर परिवहन विभाग एवं जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी नोडल पदाधिकारी होंगे। वाहन का सत्यापन प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं विकास मित्र द्वारा समय-समय पर किया जायेगा।
11. जिला स्तर पर इस योजना का अनुश्रवण जिला पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा। इस योजना की निरन्तर समीक्षा हेतु एवं इससे संबंधित किसी विवाद यथा लाभुक का चयन, अनुदान की राशि निर्धारित करने, अनुदान की राशि का वितरण इत्यादि की सुनवाई हेतु एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। जिला स्तरीय समिति निम्नवत होगीः-
(i) जिला पदाधिकारी - अध्यक्ष (ii) उप विकास आयुक्त - सदस्य (iii) जिला परिवहन पदाधिकारी - सदस्य (iv) जिला कल्याण पदा0 - सदस्य सचिव (v) आग्रणी बैंक जिला प्रबंधक - सदस्य
विवाद की स्थिति में जिला पदाधिकारी का निर्णय अंतिम माना जायेगा। जिला स्तरीय समिति इस योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगी एवं अधीनस्थ कार्यालयों को उचित निदेश एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस योजना की किसी कंडिका के विवेचन हेतु परिवहन विभाग, बिहार, सक्षम प्राधिकार होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संजय कुमार अग्रवाल, सरकार के सचिव।
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